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लखनऊ । गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बडे सूबे यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राज्यपाल राम नाइक ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ। केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लखनऊ के पूर्व मेयर दिनेश शर्मा ने भी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यूपी में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, रवि शंकर प्रसाद और अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे। अखिलेश यादव भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल, अरुणाचल के सीएम, मनोज तिवारी,रविशंकर प्रसाद, केशव मौर्य मंच पर पहुंच चुके हैं। -मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत, राज्यपाल नाईक, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और नव नियुक्त सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुलदस्ता भेंट कर किया, डिप्टी सीएम स्वामी प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा भी फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। -मुलायम सिंह मंच पर पहुंचे। - केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उमा भारती शपथग्रहण समरोह में शिरकत के लिए पहुंची। बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था। शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था। यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बडे सूबे यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राज्यपाल राम नाइक ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ। केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लखनऊ के पूर्व मेयर दिनेश शर्मा ने भी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यूपी में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। शपथ-ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मौजूद हैं। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, रवि शंकर प्रसाद और अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे। अखिलेश यादव भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल, अरुणाचल के सीएम, मनोज तिवारी,रविशंकर प्रसाद, केशव मौर्य मंच पर मौजूद हैं। LIVE अपडेट्स:----- -योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद की शपथ ली -केशव प्रसाद मौर्य ने ली शपथ -दिनेश शर्मा ने भी ली शपथ -केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा दोनों उप मुख्यमंत्री हैं -सूर्य प्रताप शाही ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -सुरेश खन्ना ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -स्वामी प्रसाद मौर्य ने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ -सतीश महाना ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -राजेश अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -रीता बहुगुणा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -दारा सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -धरम पाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -एसपी सिंह बघेल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -सत्यदेव पचौरी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -रमापति शास्त्री ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -जयप्रकाश निषाद ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -रमापति शास्त्री ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -जयप्रकाश निषाद ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -चेतन चौहान ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -जय प्रताप सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - ओम प्रकाश राजबहार ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - ब्रजेश पाठक ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - राजेंद्र प्रताप सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -मुकुंत बिहारी वर्मा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - आशुतोष टंडन ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली - नंद कुमार नंदी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली -अनुपमा जयसवाल ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली - सुरेश राणा ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली - डॉ. महेंद्र कुमार सिंह ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली - उपेंद्र तिवारी ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली - स्वतंत्र देव ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था। शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था। यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । यूपी सीएम के नाम पर चल रहा सस्पेंस आज खत्म हो जाएगा। आज बीजेपी की विधायक दल की बैठक होने वाली है। इस बैठक में यूपी के सीएम का नाम तय हो जाएगा। बैठक के बाद यूपी को नया सीएम मिल जाएगा। कल लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह होगा। ज्ञातव्य है कि रविवार शाम पांच बजे लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में यूपी के नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे।  वैसे तो यूपी सीएम की रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं लेकिन मनोज सिन्हा के नाम की अटकलें सबसे तेज हैं। यूपी सीएम के लिए मनोज सिन्हा का नाम लगभग तय माना जा रहा है।  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्टी में मनोज सिन्हा के नाम पर आम सहमति बन गई है और पीएमओ ने भी मनोज सिन्हा के नाम पर सहमति दे दी है। मनोज सिन्हा के अलावा यूपी सीएम की रेस में केशव प्रसाद मौर्य और योगी आदित्यनाथ भी हैं। पहले केशव प्रसाद मौर्य को यूपी सीएम के नाम सुझाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन शुक्रवार को केशव प्रसाद मौर्य ने खुद सीएम पद के लिए दावेदारी जताई। लेकिन मोदी सरकार में संचार और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा सबसे मजबूत दावेदार हैं।  आज मनोज सिन्हा ने सुबह कालभैरव मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे गाजीपुर में अपने पैतृक गांव जाएंगे। योगी आदित्यनाथ को भी यूपी सीएम पद का दावेदार माना जा रहा है लेकिन योगी आदित्यनाथ इस बारे में अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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देहरादून । आज त्रिवेंद्र रावत उत्तराखंड के सीएम पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी है। शुक्रवार को देहरादून के होटल पैसेफिक में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में त्रिवेंद्र रावत को सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री चुना गया। बैठक के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजभवन जाकर राज्यपाल डॉक्टर कृष्णकांत पाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया और भाजपा विधायकों के समर्थन का पत्र पेश किया।  शपथ ग्रहण समारोह परेड ग्राउंड में दोपहर तीन बजे बाद होगा। ज्ञातव्य है कि रावत उत्तराखंड के नौवें मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद रावत ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि वे पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा के सभी विधायकों और सांसदों का आभार जताते हैं।  रावत ने कहा कि वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और सूबे की जनता के विश्वास पर खरे उतरने का पूरा प्रयास करेंगे और पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करेगें। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह के अलावा पार्टी के कई बडे नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि रावत ने डोइवाला सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट के मुकाबले 24,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक रावत, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। रावत वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ सक्रिय थे। उन्हें झारखंड में भाजपा की जीत का श्रेय भी जाता है।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम पर मुहर बीजेपी विधायक दल की बैठक में लगाई गई है। शनिवार शाम इस बारे में औपचारिक रूप से ऎलान हो गया। योगी रविवार को शपथ लेंगे। यूपी में दो डिप्टी सीएम होंगे। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे। इस बैठक में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। शनिवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक तौर पर योगी आदित्यनाथ का नाम रख उन्हें नेता चुन लिया गया। योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार से सांसद हैं और यूपी में बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति के चेहरे माने जाते हैं।   बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था। शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था।   यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है।     इससे पहले की खबर के अनुसार  उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए विधायक दल की बैठक से पहले तक भाजपा नेतृत्व को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। राज्य के प्रभारी ओम माथुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जबकि केशव प्रसाद मौर्य अमित शाह से मिले। योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली पहुंचे, लेकिन उनकी शाह से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही बनारस और फिर गाजीपुर आए हैं और शाम को दिल्ली वापस लौट जाएंगे। लेकिन ऐन वक्त पर मनोज सिन्हा का कार्यक्रम बदल गया। अब वे गाजीपुर से दिल्ली न जाकर बाबतपुर एयरपोर्ट से चार्टर प्लेन से लखनऊ जा रहे हैं। इससे पहले बनारस में काल भैरव और फिर काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। गाजीपुर जाते समय वह कैथी में मरक डेय महादेव के भी दर्शन किए। इसके बाद वह गाजीपुर में बरेजी गांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम चार बजे विधायक दल की बैठक के बाद उप्र के मुख्यमंत्री को लेकर संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी। अटकल लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में मनोज सिन्हा के अलावा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com    

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लखनऊ। यूपी में कौन बनेगा सीएम, इस सवाल के जवाब को लेकर सस्पेंस बरकरार है। मीडिया चल रही खबरों के अनुसार मोदी सरकार में संचार मंत्री मनोज सिन्हा सीएम की रेस में सबसे आगे निकल गए है।    सूत्रों के अनुसार कल लखनऊ में होने वाली विधायक दल की बैठक में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य मनोज सिन्हा के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। विधायक दल की बैठक में मौजूद केंद्रीय पर्यवेक्षक वेंकैया नायडू और भूपेंद्र यादव मनोज सिन्हा के नाम पर विधायकों की सहमति लेंगे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को इसकी जानकारी देंगे। इसके बाद अमित शाह नए मुख्यमंत्री का ऐलान कर देंगे।   चुनाव के बाद से ही मुख्यमंत्री के लिए जिन नामों की चर्चा हो रही थी, उनमें राजनाथ सिंह के बाद मनोज सिन्हा का नाम लिया जा रहा था। मीडिया खबरों के अनुसार अब मनोज सिन्हा आगे हो गए हैं। इसके पीछे वजह ये है कि मनोज सिन्हा पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी मनोज सिन्हा के नाम पर सहमति जता दी है। आपको बता दें कि सीएम की रेस में सबसे आगे माने जा रहे गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा जल संसाधन मंत्री उमा भारती, पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा, शिक्षा राज्य मंत्री महेंद्र पांडे ने भी मनोज सिन्हा के नाम को हरी झंडी दे दी है।   मनोज सिन्हा के मुख्यमंत्री बनने की संभावना इसलिए भी ज्यादा प्रबल मानी जा रही है, क्योंकि मोदी के राज में जहां जहां भी बीजेपी की सरकार बनी है ज्यादातर जगहों पर जाति-पाति देखकर सीएम का फैसला नहीं किया गया है। अब नजर कल लखनऊ में होने वाली विधायक दल की बैठक पर है, जिसमें औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी और इसके बाद अमित शाह मुख्यमंत्री के नाम का एलान करेंगे। साभार-khaskhabar.com    

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देहरादून। उत्तराखंड में आज मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने जा रहा है। वहीं यूपी में इसका फैसला कल होगा। आपको बता दें कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद गोवा, मणिपुर और पंजाब में सरकारे बन चुकी है। पंजाब में गुरुवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार गठित हो गई है।    उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तीन-चौथाई से बहुमत पाने के पांच दिन बाद भी भाजपा मुख्यमंत्री के नामों की घोषणा नहीं कर सकी है। अब मुख्यमंत्री चुनने के लिए उत्तराखंड में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक देहरादून में आज तीन बजे बुलाई गई है। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र तोमर और सरोज पांडेय के अलावा प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री बनने वाले नेता का नाम तो तय कर दिया है लेकिन इसकी घोषणा विधायक दल की बैठक के बाद ही होगी। मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर गुरुवार शाम देहरादून लौट आए। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दावे भी बदलते रहे। कभी पूर्व मंत्री व पार्टी के झारखंड प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत को दौड़ में अव्वल बताया गया तो कभी पूर्व मंत्री प्रकाश पंत को। वैसे सतपाल महाराज और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के नाम भी चलते रहे। साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। यूपी विधानसभा नतीजों के बाद अब सबकी नजरे इस ओर टिकी है कि यूपी का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। यूपी सीएम के नाम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। गुरुवार को अमित शाह ने यूपी सीएम पद के लिए नाम सुझाने की जिम्मेदारी यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को सौंपी।   इससे यह माना जा रहा था कि केशव प्रसाद मौर्य यूपी सीएम की रेस से बाहर हो गए हैं लेकिन अब खुद केशव प्रसाद मौर्य ने सीएम पद के लिए खुलकर दावेदारी जताई। साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया कि यूपी में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण रविवार को होगा।    मौर्य ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए सीएम पद के लिए दावेदारी जताई। मौर्य ने कहा कि इसके लिए कई नाम आलाकमान को भेजे गए हैं और उन्होंने खुद अपना नाम भी भेजा है। मौर्य के अलावा सीएम रेस में मनोज सिन्हा के नाम की अटकलें सबसे तेज हैं। साथ ही स्पष्ट हो गया है कि यूपी में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों का शपथग्रहण रविवार को होगा। शनिवार को शाम 4 बजे बीजेपी विधायक दल होगी और अगले दिन यानी रविवार को शपथग्रहण समारोह शाम 5 बजे राजधानी लखनऊ के स्मृति उपवन में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत तमाम बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।   साभार-khaskhabar.com    

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पणजी। रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री बने भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित कर दिया है। पर्रिकर सरकार के पक्ष में 22 मत पड़े जबकि विपक्ष में 16 विधायकों ने वोट डाले हैं। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गुरुवार को ही विधानसभा में बहुमत साबित करना था। राज्य में भाजपा के बहुमत से काफी पीछे रह जाने के बाद राज्यपाल के फैसले के मुताबिक, पर्रिकर ने मंगलवार को चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में 13 सीटें हासिल करने वाली भाजपा ने अन्य दलों के सहयोग से बहुमत के लिए जरूरी 21 विधायकों का आंकड़ा पार कर लिया। गोवा फारवर्ड पार्टी और एमजीपी ने पर्रिकर सरकार को समर्थन का ऐलान किया है। शक्ति परिक्षण को देखते हुए कांग्रेस खेमे में भी हलचल है। वोटिंग से पहले कांग्रेस के नाराज विधायक विश्वजीत राणे ने 5 युवा विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक एक होटल में हुई। विश्वजीत कुछ कांग्रेस नेताओं से नाराज हैं और वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिलकर इनकी शिकायत कर सकते हैं। कांग्रेस का आरोप- 1,000 करोड़ में खरीदे गए विधायक उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गैर कांग्रेसी विधायकों को लुभाने और खरीद-फरोख्त पर भाजपा ने इस सप्ताह गोवा में 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव गिरीश चोडनकर ने पणजी से 2 बार विधायक निर्वाचित हुए सिद्धार्थ कुनकोलिनकर को गोवा विधानसभा का अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुनकोलिनकर की निष्पक्षता संदेहास्पद है, क्योंकि वह 2012-2014 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के राजनीतिक सहायक और संयुक्त सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। चोडनकर ने कहा है कि भाजपा ने विधायकों को खरीदने के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए। इस बयान के बाद भाजपा महासचिव ने कहा कि मुझे तो 1,000 करोड़ रुपये लिखने तक नहीं आता, मेरे पास एक छोटी-सी कार है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फ्लोर टेस्ट राज्यपाल ने पर्रिकर सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पर्रिकर को आज ही बहुमत साबित करना होगा।  कम सीटों के बावजूद भाजपा की सरकार चालीस सदस्यीय गोवा विधानसभा में 17 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ा दल है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया था कि उन्हें सरकार गठन का पहले मौका मिलना चाहिए था। कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गई थी और कहा था कि इससे विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है। कोर्ट ने कांग्रेस को फटकार लगाते हुए कहा था कि पहले उन्हें संख्याबल के साथ गवर्नर के पास जाना चाहिए था। हालांकि अदालत ने पर्रिकर सरकार को 15 दिन की बजाय 16 मार्च को बहुमत साबित करने का भी निर्देश दिया था।   साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री कौन होगा। इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। दिल्ली में गुरुवार को संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। लेकिन, सीएम के नामों पर मुहर नहीं लग पाई है। अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का सीएम बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी नेताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि मैं ना तो बैठूंगा और ना बैठने दूंगा। जिस पेड़ पर फल लगते हैं वो झुक जाता है इसलिए कार्यकर्ता विनम्र बनें।   बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा कि चुनाव में जीत को लेकर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार के अच्छे कामों के लिए युवाओं को एंबेसेडर बनाया जाए। वहीं, अमित शाह ने कहा कि हमारे लिए 2019 के लोकसभा चुनाव अहम हैं। उनके लिए तैयार रहना है, जो जीत हुई है उसे आगे बढ़ाना है। इससे पहले सभी सांसदों ने पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का तलियों से स्वागत किया और सभी सांसदों को तिरुपति मंदिर के प्रसाद के रूप में लड्डू दिया गया। आपको बता दें कि इससे पहले यह बैठक बीते शनिवार को होने वाली थी, हालांकि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की उत्साहजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी ने तय किया कि रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया जाएगा और उसके बाद संसदीय बोर्ड की बैठक होगी।   साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। यूपी की अखिलेश सरकार में मंत्री रहे और सपा नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति को गैंगरेप केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी पुलिस ने गायत्री प्रजापति को लखनऊ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद प्रजापति को लखनऊ की सत्र अदालत मे पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गैंगरेप का केस दर्ज होने के बाद से ही प्रजापति फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। प्रजापति ने अपना नारको टेस्ट कराने की मांग की है। अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी खास बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद भी प्रजापति का रसूख कम नहीं पड़ा। समर्थक आलमबाग थाने से उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल और फिर कचहरी पुलिस जीप की बजाय फोच्र्युनर से ले गए। इस मामले में प्रजापति समेत अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यूपी के एडीजी (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने प्रजापति की गिरफ्तारी की पुष्टि की। दलजीत ने बताया कि लखनऊ से बुधवार सुबह प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एडीजी के मुताबिक, पुलिस को प्रजापति के मामले में खुफिया जानकारी मिली थी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारह कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को भी इस मामले में तीन सहआरोपियों को गिरफ्तार किया था। दरअसल, गैंगरेप मामले में केस दर्ज होने के बाद गायत्री प्रसाद प्रजापति कई दिनों से फरार था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था, जहां अदालत ने गायत्री को जल्द गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। संरक्षण देने वालों की होगी जांच- भाजपा गैंगरेप आरोपी प्रजापति को लखनऊ के देशबंधु अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है। प्रजापति की गिरफ्तारी पर भाजपा के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में भाजपा को जनादेश मिला है, उसमें महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदित्यनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रजापति को गिरफ्तार किया गया जबकि यह काम सरकार को करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन की लापरवाही की भी जांच की जाएगी। बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में भी गायत्री का मामला खूब गूंजा था। भाजपा के कई नेताओं ने कहा था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो जल्द गायत्री जेल के भीतर होंगे। अब यूपी में चुनाव के बाद हालात बदल चुके हैं। गायत्री की गिरफ्तारी यूपी पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। प्रजापति के बेटे-भतीजे को पुलिस ने उठाया था पिछले कई दिनों से फरार चल रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा कसने के लिए इससे पहले लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को उनके बेटे और भतीजे को हिरासत में ले लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि गायत्री के बेटों ने आरोपियों को शरण दी थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी पुलिस ने गायत्री और उनके सहयोगी अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास शर्मा, चंद्रपाल, रूपेश और आशीष शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 376डी, 511, 504, 506 और पॉक्सी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पीडि़त महिला ने आरोप लगाया था कि साल 2014 में गायत्री के आवास पर उसके साथ गैंगरेप हुआ था। पीडि़ता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का भी आरोप लगाया था। इसके बाद पीडि़ता ने एम्स में इलाज के दौरान धमकी मिलने की शिकायत भी दी थी। महिला का आरोप है कि वह प्रजापति से लगभग तीन साल पहले मिली थी। उस समय मंत्री ने उसकी चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया और उसकी तस्वीरें भी ले ली। इसके बाद प्रजापति ने उसको कई बार तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करते हुए रेप किया। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों नतीजों के बाद अब सबकी जुबान पर एक ही चर्चा है कि यूपी का अगला सीएम कौन होगा। इसके लिए कई नामों की चर्चा है लेकिन केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नाम की अटकलें सबसे तेज हैं। लेकिन राजनाथ की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। बुधवार को संसद भवन के बाहर मीडियाकर्मियों ने राजनाथ सिंह से बात की।    जब मीडियाकर्मियों ने राजनाथ सिंह से पूछा कि उनका नाम यूपी के नए मुख्यमंत्री के तौर पर खबरों में चल रहा है। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सब अनावश्यक और फालतू की बातें हैं। ज्ञातव्य है कि यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 325 पर जीत हासिल की है जो पार्टी की अबतक की सबसे बडी जीत है। गौरतलब है कि इस मामले में गुरुवार को बीजेपी के 325 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक है। इस विधायक दल की बैठक में ही यूपी के सीएम पर फैसला होगा। हांलांकि आखिरी फैसला पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का ही होगा।    साभार-khaskhabar.com    

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