देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreआज का विचार : मानव अगर अपने जीवन में संतुलन बना ले तो इस कलिकाल में उसकी राह आसान हो सकती है... वरना कलयुग सभी का सच्चा साथी है वो अपने अवगुण से सभी मानवी जीवों पर अपनी छाप जरूर छोड़ता इस से कोई नहीं बच सकता वरदान ही ऐसे मिल हुए है इसे...…इसलिए हमारे गोविंद ने कहा की जीवन को संतुलित किया जाए तो आप बड़ी से बड़ी परेशानी से भिड़ सकते हो...जय श्रीहरिहर की













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