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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध बूचडख़ानों को बंद करने और मनचलों के खिलाफ एंटी रोमियो अभियान के दौरान कुछ लोगों द्वारा कानून हाथ में लेने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों को गोरक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों और मॉरल पुलिसिंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया।    मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हाथरस जिले में मीट की दुकानों को आग लगाए जाने की घटना के बाद दिया। इसके अलावा मॉरल पुलिसिंग की भी कई रिपोट्र्स मिलीं जब एंटी रोमियो स्क्वॉड में शामिल पुलिस वालों ने दोस्ताना बातचीत कर रहे निर्दोष लडक़ों-लड़कियों का कथित तौर पर उत्पीडऩ किया।   ऐसी घटनाओं पर अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को हिदायत दी कि अगर इस तरह के मामले सामने आएं तो कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव (गृह) देबाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद समेत शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए योगी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अवैध बूचडख़ानों की जांच के नाम पर आगजनी की घटनाएं फिर से ना हों।   साभार-khaskhabar.com    

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लखनऊ । यूपी में सीएम पद संभालते ही योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए हैैं। योगी के सीएम बनते ही सबसे पहली गाज राज्य के अवैध बूचडखानों पर गिरी। साथ ही महिलाओं और लडकियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड भी सक्रिय हो गया है। एंटी रोमियो स्क्वॉड ने कई मनचलों को हिरासत में लिया।  सीएम आदित्यनाथ आज सचिवालय एनेक्सी पहुंचे। यहां वह पान की पीक देखकर नाराज हो गए। इतने नाराज कि उन्होंने सरकारी दफ्तरों में पान, पान मसाला व गुटखा खाने पर बैन लगा दिया। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी में शराबबंदी भी लागू हो सकती है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शराब पर भी सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आबकारी सचिव के साथ बैठक की।  वहीं डीआईजी रेंज ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ शराब की दुकानों में सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।  करीब 15 लोगों को हिरासत में भी लिया गया और दर्जनों गाडियों का चालान किया गया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले शराब ठेकेदारों और दुकानदारों के खिलाफ कडी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। सीएम कार्यालय में योगी का पहला दिन और निर्देश:  ज्ञातव्य है कि यूपी के सीएम पद का कार्यभार संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ का बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पहला दिन है। सीएम कार्यालय में पहले ही दिन योगी आदित्यनाथ ने सुबह राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव से मुलाकात की। इसके साथ ही सीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कई निर्देश दिये।  बैठक में बूचडखानों को लेकर एक्शन प्लान मांगा गया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गो तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाये। साथ ही कहा गया है कि इस मामले में वह जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनायें।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में दुनिया के 188 देशों की सूची में 131वें स्थान पर है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह कहा गया है। एशिया की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था वाला देश भारत इस मामले में पाकिस्तान, भूटान और नेपाल जैसे दक्षिण एशियाई पडोसी देशों की श्रेणी में शामिल है। वर्ष 2015 की इस मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार भारत की रैकिंग पिछले साल के बराबर ही है। हालांकि, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में चीन और भारत जैसे देशों को ही तरजीह मिल रही है।  संयुक्त राष्ट्र की 2014 की मानव विकास सूचकांक रिपोर्ट में भी भारत 131वें पायदान पर था। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 63 प्रतिशत भारतीय 2014-15 में अपने जीवन-स्तर को लेकर संतुष्ट बताये गये हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम सालाना आधार पर रिपोर्ट जारी करता है। इसमें कहा गया है कि भारत का 131वां स्थान इसे मध्यम मानव विकास श्रेणी में रखता है जिसमें बांग्लादेश, भूटान, पाकिस्तान, केन्या, म्यांमा और नेपाल जैसे देश शामिल हैं। भारत का एचडीआई रैंक मूल्य 2015 में 0.624 रहा जो 2010 में 0.580 था।  रिपोर्ट के मुताबिक इसमें जीवन प्रत्याशा 2015 में 68.3 रही तथा प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय 5,663 डालर रही। सुरक्षित महसूस करने की धारणा के आधार पर 69 प्रतिशत ने हां में जवाब दिया। विकल्प की आजादी के मामले में 72 प्रतिशत महिला प्रतिभागियों ने संतुष्टि जतायी जबकि पुरूषों के मामले में यह 78 प्रतिशत था। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने जीवन संतुष्टि के मामले में 1-10 के पैमाने पर 4.3 अंक प्राप्त किया। बता दें,मानव विकास सूचकांक एक सूचकांक है जिसका उपयोग देशों को मानव विकास के आधार पर आंकने के लिए किया जाता है। इस सूचकांक से इस बात का पता चलता है कि कोई देश विकसित है,विकासशील है,अथवा अविकसित है। मानव विकास सूचकांक का इस्तेमाल किसी देश के मानव विकास के स्तर को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। इसके जरिए किसी देश में बुनयादी मानवीय सुविधाओं की औसत प्राçप्त को मानव विकास सूचकांक द्वारा नापा जाता है।  मानव विकास सूचकांक का आकलन जीवन प्रत्याशा, शिक्षा का स्तर व प्रति व्यक्ति आय आदि के आधार पर किया जाता है। इसे सबसे पहले 1990 में पाकिस्तान के प्रोफेसर महबूब उल हक ने पेश किया। हालांकि इस सूचकांक पर कई सवाल भी उठे हैं। कई लोग इसे नहीं मानते। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उसके संकल्प पत्र पर अमल शुरू हो गया है। किसानों के कर्ज पर भले ही अभी तक कोई फैसला न हुआ हो, मगर मंगलवार को एंटी रोमियो स्क्वाड बनाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यूपी पुलिस ने लखनऊ जोन के 11 जिलों में छेडखानी को रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड बनाने को कहा है।  लखनऊ जोन के आईजी सतीश गणेश ने कहा, छेडखानी और महिलाओं-लडकियों पर भद्दे कमेंट करने वालों को रोकने के लिए, पुलिस थाना स्तर पर एंटी रोमियो दल बनाए जाएंगे। यह स्क्वाड गुंडा एक्ट के तहत आरोपियों पर कार्रवाई करेगा। आईजी के आदेश में कहा गया है कि गो-हत्या और जानवरों की तस्करी पकडने की कोशिश होनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि अगर बीजेपी यूपी में चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो वह एंटी रोमियो स्क्वाड बनाएगी जो स्कूल कॉलेजों आदि में पढने वाली युवतियों की सुरक्षा करेगा। आईजी ने कहा है कि जिन मामलों में जांच पूरी हो चुकी है, आखिरी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जानी चाहिए और गंभीर अपराधों की समीक्षा होनी चाहिए ताकि अपराधियों को जेल भेजा जा सके।  आईजी ने पुलिस को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर नियंत्रण, इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट में निरूद्ध मामलों का फॉलो-अप, भूमि माफिया की गतिविधियों की जांच और अवैध शराब पर लगाम लगाने के भी निर्देश दिए हैं। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । हिंदू महाकाव्य महाभारत पर अभिनेता कमल हासन के दिए बयान पर बवाल मच गया है। उनके खिलाफ कोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई है। हासन ने एक बयान में कहा था कि भारतीय एक किताब (महाभारत) को बहुत इज्जत देते हैं, जिसमें यह साफ जाहिर है कि जुए के चक्कर में एक महिला को दांव कर लगा दिया गया था।  गत12 मार्च को एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में हासन ने यह बयान दिया था, जिसके बाद एक संगठन हिंदू मुनानी काटची ने उनके खिलाफ 15 मार्च को चेन्नै पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को तिरूनवेल्ली के रहने वाले और हिंदू मुनानी काटची के सदस्य आदिनाथ सुंदरम ने महाभारत और उसके मुख्य किरदारों का अपमान करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर पीआईएल दाखिल कराई है। इस केस में जल्द ही सुनवाई होगी।  इंटरव्यू में हासन ने कहा था कि महाभारत में पांचाली को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया गया जबकि जुआ पुरूष खेल रहे थे। लेकिन भारत वह देश है जहां इस किताब को बहुत इज्जत दी जाती है, जो पुरूषों के इर्द-गिर्द घूमती है और एक महिला को दांव पर लगा दिया जाता है, जैसे वह कोई वस्तु हो।  हिंदू मुनानी काटची के अध्यक्ष अर्जुन संपत ने बताया कि कमल हासन लगातार हिंदू विरोधी बयान देते रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में इसमें इजाफा देखने को मिला है। उन्होंने बेवजह ही महाभारत की आलोचना की है, जिसे रामायण के बाद हिंदुओं की भावनाएं जुडी हैं। क्या वह इतनी शर्मनाक टिप्पणी इस्लाम, कुरान, ईसाई धर्म या बाइबिल पर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कमल हासन ने माफी नहीं मांगी और अपने शब्द वापस नहीं लिए तो उनके खिलाफ एक बडा अभियान चलाया जाएगा। असल में वह एक बडे अपराधी हैं और हम यह मांग करेंगे कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।  हिंदू मुनानी काटची के अध्यक्ष ने कहा कि हासन जन्म से ब्राह्मण जरूर हैं, लेकिन वह ब्राह्मण विरोधी, हिंदू विरोधी हैं और वह उस हर चीज के विरोधी हैं जो तमिलनाडु और भारत के लिए अच्छी हैं। उन्होंने कहा कि विश्वरूपम विवाद के वक्त हासन ने मुस्लिम संगठनों के सामने हथियार डाल दिए थे, लेकिन जब बात हमारी आई तो उन्होंने रंग ही बदल लिया। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। यूपी के सीएम का कामकाज संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश के साथ चेतावनी भी दे दी है। गौरतलब है कि बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब योगी आदित्यनाथ ने यूपी सीएम का पद संभालते ही इस पर फोकस किया है। योगी राज ने राज्य के डीजीपी जावीद अहमद से 15 दिन के अंदर राज्य में पुलिस व्यवस्था सुधारने का ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा है।    इसके अलावा उन्होनेें अधिकारियों को चेतावनी दी है कि गोहत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सांप्रदायिक तनाव भडकने से रोकेने में असफल रहे तो कडी कार्रवाई होगी। रविवार को इलाहाबाद में हुई बीएसपी नेता की हत्या को लेकर भी उन्होनें पुलिस को जरूरी निर्देश जारी किए हैं।    सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद राज्य के प्रिसिंपल सेक्रेटरी (होम) देबाशीष पांडा और डीजीपी अहमद ने सीनियर अफसरों को आदेश दिया कि वे उन घटनाओं से निपटने के लिए स्थाई रणनीति बनाएं, जिनसे राज्य का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड सकता है। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर प्रभावी ढंग से नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। इस बैठक में सीएम ने बीजेपी के संकल्प पत्र के अनुसार काम करने का निर्देश दिया।    इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। अधिकारियों ने साल में 100 घंटे स्वच्छता अभियान के लिए देने की शपथ ली। ज्ञातव्य है कि योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण के पहले से ही शनिवार रात को राज्य के डीजीपी से मुलाकात करके यह निर्देश दे दिया था कि जश्न के बहाने प्रदेश में कोई उपद्रव न मचा सके। साभार-khaskhabar.com  

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित भूमिका की जांच अब एफबीआई करेगी। एफबीआई के निदेशक जेम्स कॉमे ने इस बात की पुष्टि की है कि राष्ट्रपति चुनावों में रूस की कथित भूमिका की जांच एफबीआई को सौंप दी गई है। कॉमे ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने में रूस की भूमिका की जांच अब एफबीआई करेगी।    साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप के चुनाव अभियान और रूस की पुतिन सरकार के बीच किसी भी तरह के संभावित संबंधों की भी जांच करेगी। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार एफबीआई के निदेशक कॉमे का कहना है कि आमतौर पर एफबीआई कभी अपनी जांच के बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं बताता,    लेकिन असाधारण परिस्थितियों में कभी-कभी जांच के बारे में बात की जाती है। उन्होनें कहा कि जब मामला राष्ट्रीय और जनहित से जुडा हो तो कई बार जांच एजेंसी इसके बारे में खुलकर बोलती है। ज्ञातव्य है कि ओबामा प्रशासन ने आरोप लगाया था कि नंवबर में हुए राष्ट्रपति चुनावों में रूस ने डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलरी क्लिंटन के चुनाव अभियान को प्रभावित कर रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप को फायदा पहुंचाने की कोशिश की।   साथ ही उन्होनें रूस पर चुनावों के दौरान डेमोक्रैटिक पार्टी के कंप्यूटर्स हैक करने और हिलरी के ईमेल्स लीक करने का भी आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि चुनावों के दौरान ट्रंप की चुनावी टीम के सदस्य पुतिन प्रशासन और रूस के कुछ आला अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में थे। इन आरोपों के चलते ही ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन को इस्तीफा देना पडा।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । सभी में मन में एक ही सवाल है कि क्या योगी आदित्यनाथ भी यूपी में मोदी के स्टाइल में काम करेंगे। क्योंकि शपथ ग्रहण के बाद विभाग के बंटवारे से पहले योगी ने सभी मंत्रियों से उनकी संपत्ति का ब्योरा मांग लिया है। रविवार को अपने मंत्रियों के साथ औपचारिक मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां उन्होंने मीडिया के कुछ सवालों का जवाब देते हुए कहा, हम सबका विकास करेंगे। सब वादे पूरे होंगे।  इस दौरान योगी सरकार की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया। यूपी की बीजेपी सरकार ने अपने सभी मंत्रियों से 15 दिन के भीतर प्रॉपर्टी का पूरा ब्यौरा मांगा है। बता दें कि योगी के साथ लखनई में 46 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। यूपी सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए योगी ने श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थ नाथ सिंह को प्रवक्ता नियुक्त किया है। दोनों मंत्री भी हैं। योगी के जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमने अपने सभी मंत्रियों से प्रॉपर्टी सार्वजनिक करने के लिए कहा है। इसके लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । कहना गलत नहीं होगा कि अविवाहित होना राजनेताओं के लिए अतिरिक्त गुण माना जाने लगा है। भारत की राजनीति में कुंवारे मुख्यमंत्रियों के समूह में नवीनतम एंट्री योगी आदित्यनाथ की है। योगी (44)रविवार को देश के सबसे बडी आबादी वाले राज्य यूपी के सीएम बने हैं जो गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं व अब तक अविवाहित हैं।  इसी के साथ जान लें, उत्तराखंड के सीएम बने 56 वर्षीय त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कुंवारे हैं। इससे पहले हरियाणा के सीएम बने मनोहर लाल खट्टर (62), असम के सीएम बने सर्बानंद सोनोवाल (54) व ओडिशा में साल 2000 से सीएम पद पर बैठे नवीन पटनायक भी कुंवारे हैं। पटनायक तो अपनी सभाओं में कहते रहे हैं कि वह कुंवारे हैं इसलिए उनकी सरकार में परिवारवाद का कोई झगडा ही पैदा नहीं हो सकता। कट्टर हिंदुत्व के लिए जाने गए योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के पहले कुंवारे सीएम हैं। नवीन पटनायक व बंगाल की 62 वर्षीय सीएम ममता बनर्जी को छोडें तो यह संयोग ही है कि शेष सभी कुंवारे सीएम भाजपा से हैं। त्रिवेंद्र रावत,जिन्होंने शनिवार को सीएम पद की शपथ ली थी व हरियाणा के सीएम खट्टर आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी फायरब्रांड नेता के तौर पर मशहूर हैं जिन्होंने बंगाल में वाम मोर्चे की बरसों से जमी सरकार को उखाडा। वह कहती हैं कि उनके लिए खुद के परिवार की कोई चिंता नहीं है, पूरा राज्य ही उनका परिवार है जिसकी उन्हें चिंता रहती है। इनके अलावा कुंवारे राजनेताओं का जिक्र करें तो कांग्रेस में 46 वर्षीय राहुल गांधी हैं। बसपा में 61 वर्षीय मायावती हैं और भाजपा में 57 वर्षीय पूर्व सीएम उमा भारती हैं। मायावती अपनी सभाओं में कहती रही हैं कि वह नीची जाति से हैं और अविवाहित हैं इसलिए जनता को समर्पित हैं।  यहां ये भी बता दें, गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर तथा बिहार के सीएम नीतीश कुमार हालांकि कुंवारे नहीं, विधुर हैं। आरएसएस के अनेक प्रचारकों के अलावा आरएसएस चीफ मोहन भागवत,पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी शादी नहीं की। तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता भी अविवाहित रहीं। कुंवारों में सबसे अधिक मशहूर देश के राष्ट्रपति रहे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को कभी नहीं भुलाया जा सकता। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। उनके नाम पर मुहर बीजेपी विधायक दल की बैठक में लगाई गई है। शनिवार शाम इस बारे में औपचारिक रूप से ऎलान हो गया। योगी रविवार को शपथ लेंगे। यूपी में दो डिप्टी सीएम होंगे। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे। सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ और दो डिप्टी सीएम के अलावा 44 और मंत्री भी लेंगे शपथ। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की लिस्ट अमित शाह ने फाइनल की है। इस बैठक में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। शनिवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक तौर पर योगी आदित्यनाथ का नाम रख उन्हें नेता चुन लिया गया। योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार से सांसद हैं और यूपी में बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति के चेहरे माने जाते हैं। स्मृति उपवन में शपथ... वरिष्ठ भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि योगी आदित्यनाथ रविवार को अपराह्न् 2.15 बजे यहां स्मृति उपवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। नायडू ने कहा कि आदित्यनाथ के साथ ही पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और लखनऊ के महापौर दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। नायडू ने कहा कि यहां भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की हुई बैठक में आदित्यनाथ को सर्वसम्मति से पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया। कौन कौन बन सकता योगी का मंत्री--------- बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था। शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था। यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। उनके साथ केशव मौर्य और दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ से पहले योगी आदित्यनाथ पूजा के लिए गोरखपुर जाएंगे। गोरखपुर रवाना होने से पहले उन्होंने डीजीपी जावेद अहमद और एसएसपी लखनऊ के साथ लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। योगी के साथ कई विधायक भी मंत्री की शपथ लेंगे, जिनमें राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा, सिद्धार्थ नाथ सिंह जैसे कई नाम संभावित हैं। दोपहर 2 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा के कई बडे नेता और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा 50 हजार लोगों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद की जा रही है।  इससे पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया है। योगी की छवि एक कट्टर हिंदूवादी नेता के रूप में है। वैसे में इस फैसले पर नेताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लेकिन इसके इतर योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दे दिया है कि मोदी सरकार का नारा सबका साथ, सबका विकास की राह पर ही वो चलेंगे। योगी ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि यूपी में उनकी सरकार सबका विकास करेगी और राज्य में शांति और सौहार्द का माहौल बनायेगी। योगी आदित्यनाथ आज दोपहर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन उससे पहले ही योगी सीएम अवतार में आ गये हैं। उन्होंने कल ही यूपी के डीजीपी सहित आला अफसरों को मिलने के लिए बुलाया और साफ कर दिया की जश्न के माहौल में उपद्रव कतई बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि वे अपने जिले में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर नजर रखें। साथ ही उपद्रव किसी भी स्थिति में न होने दें। योगी और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य आज दोपहर सवा दो बजे शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा और राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी, उनके साथ चुने गये दो उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता नाईक से मिलने राजभवन गये और सरकार बनाने का दावा पेश किया। नाईक ने औपचारिक रुप से योगी को सरकार बनाने का न्यौता दिया। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । योगी आदित्यनाथ बस थोडी देर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, रवि शंकर प्रसाद और अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे। अखिलेश यादव भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल, अरुणाचल के सीएम, मनोज तिवारी,रविशंकर प्रसाद, केशव मौर्य मंच पर पहुंच चुके हैं। -मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत, राज्यपाल नाईक, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और नव नियुक्त सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुलदस्ता भेंट कर किया, डिप्टी सीएम स्वामी प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा भी फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। -मुलायम सिंह मंच पर पहुंचे। - केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उमा भारती शपथग्रहण समरोह में शिरकत के लिए पहुंची। यूपी में दो डिप्टी सीएम होंगे। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे। सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ और दो डिप्टी सीएम के अलावा 44 और मंत्री भी लेंगे शपथ। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की लिस्ट अमित शाह ने फाइनल की है। बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था। शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था। यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है। साभार-khaskhabar.com  

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