देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध बूचडख़ानों को बंद करने और मनचलों के खिलाफ एंटी रोमियो अभियान के दौरान कुछ लोगों द्वारा कानून हाथ में लेने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों को गोरक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों और मॉरल पुलिसिंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हाथरस जिले में मीट की दुकानों को आग लगाए जाने की घटना के बाद दिया। इसके अलावा मॉरल पुलिसिंग की भी कई रिपोट्र्स मिलीं जब एंटी रोमियो स्क्वॉड में शामिल पुलिस वालों ने दोस्ताना बातचीत कर रहे निर्दोष लडक़ों-लड़कियों का कथित तौर पर उत्पीडऩ किया।
ऐसी घटनाओं पर अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को हिदायत दी कि अगर इस तरह के मामले सामने आएं तो कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव (गृह) देबाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद समेत शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए योगी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अवैध बूचडख़ानों की जांच के नाम पर आगजनी की घटनाएं फिर से ना हों।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
प्रगति’ नए भारत की कार्यसंस्कृति का प्रतीक, यूपी बना इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री योगी
खराब कानून व्यवस्था के कारण हरियाणा के हालात बेहद चिंताजनक, पुलिस पर सीएम की पकड़ नहीं : दुष्यंत चौटाला
52 के हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीएम योगी और मायावती ने दी जन्मदिन की बधाई