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नई दिल्ली । राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने चार लडकों के खिलाफ शिकायत दी है। चारों लडकों पर आरोप है कि वह अपनी कार से स्मृति ईरानी की सरकारी गाडी का पीछा कर रहे थे। चारों आरोपी दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।  घटना शनिवार शाम लगभग 5 बजे की है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एयरपोर्ट से अपने आवास की ओर जा रही थी। उसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि एक कार काफी वक्त से उनका पीछा कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी गाडी का पीछा होते देख साहसिक फैसला लिया और खुद उन लडकों की कार का पीछा करना शुरू कर दिया। उन लडकों को पकडने के बाद केंद्रीय मंत्री ने 100 नंबर पर कॉल की और पुलिस को मौके पर बुलाया।  केंद्रीय मंत्री द्वारा शिकायत मिलने के बाद पुलिस महकमा हिल गया। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने खुद थाने में आकर इसकी शिकायत दी। पुलिस ने चारों लडकों को हिरासत में ले लिया है। मिली जानकारी के अनुसार चारों लडके दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। आरोपियों का मेडिकल करवाया जा रहा है। बता दें,स्मृति ईरानी ने ठीक दो साल पहले पहले चेंजिंग रूम में लगे खुफिया कैमरे को पकडा था। स्मृति ने 3 अप्रैल, 2015 को गोवा के फैब इंडिया के शोरूम में खुफिया कैमरा पकडे जाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उस वक्त स्मृति ईरानी केंद्र सरकार में मानव संसाधन मंत्री थीं। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पिछले कुछ दिनों से भारत और ईरान के बीच संबंध पहले जैसे नहीं रहे हैं। गौरतलब है कि ईरान से तेल खरीदने वाले देशों में चीन के बाद भारत दूसरे नंबर पर है। लेकिन अब भारत ने ईरान से तेल की खरीद में 20 फीसदी तक कटौती करने का फैसला लिया है। फरजाद गैस फील्ड को भारतीय कंपनियों को दिए जाने में ईरान की अरुचि को देखते हुए भारत की सरकारी तेल रिफाइनर्स ने वर्ष 2017-18 में ईरान से तेल की खरीद में 20 फीसदी तक की कटौती करने का फैसला लिया है।  माना जा रहा है कि ईरान की ओर से अपने तेल और गैस की अधिक कीमत हासिल करने के प्रयासों के चलते ऐसा हुआ है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार धीरे धीरे खाडी देश से किए जाने वाले तेल आयात में भारत कटौती कर रहा है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र का कहना है कि यदि हमारी कंपनी को लेकर फरजाद बी गैस फील्ड पर कोई प्रगति नहीं हुई तो यह कटौती और अधिक बढ़ाई जा सकती है।  गौरतलब है कि न्यूक्लियर प्रोग्रोम के चलते ईरान पर जिस दौर में पश्चिमी देशों ने तमाम प्रतिबंध लगा दिए थे। उस दौर में भी भारत उन कुछ देशों में से था, जिन्होंने ईरान से तेल की खरीद लगातार जारी रखी थी। ज्ञातव्य है कि ईरानी कंपनी के साथ मीटिंग में भारतीय अधिकारी ने कहा कि हम फिलहाल 2,40,000 बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन खरीदते हैं, जिसे अब हम 1,90,000 बैरल तक ही सीमित करने जा रहे हैं। इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन, मैंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन की ओर से आयात में प्रतिदिन 20,000 बैरल तक की कमी करने की योजना है। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम भी आयात में प्रतिदिन 10,000 बैरल तक की कमी की योजना बना रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सरकार ने व्यक्तियों के लिए आयकर विवरण दाखिल करने का एक नया और ज्यादा आसान फार्म आईटीआर-1 शुRवार (31 मार्च) को अधिसूचित किया। यह फार्म आकलन वर्ष 2017-18 के लिये कल से उपलब्ध होगा।  इसके साथ ही नोटबंदी के बाद दो लाख रूपए या अधिक राशि की जमाएं करने वाले करदाताओं को इसका खुलासा नये आयकर रिटर्न (आईटीआर) फार्म में करना होगा। फिलहाल सहज (आईटीआर 1) फार्म वेतनभोगी कर्मचारी और आईटीआर-2 ऎसे व्यक्ति और हिंदू विभाजित परिवार (एचयूएफ) भरते हैं जिनकी आय में व्यापार से प्राप्त आय शामिल नहीं होती है।  सरकार ने आईटीआर-2-ए फार्म खत्म कर दिया है जिसका इस्तेमाल वे व्यक्ति तथा एचयूएफ करते थे जिनकी व्यवसाय या पेशे और पूंजी लाभ से कोई आय नहीं थी और न विदेश में कोई संपत्ति थी। फिलहाल देश में 29 करोड लोगों के पास स्थायी खाता संख्या (पैन) है लेकिन फिलहाल केवल छह करोड पैनधारक ही आयकर रिटर्न भरते हैं। आईटीआर-1 के लिये ई-फाइलिंग की सुविधा एक अप्रैल से चालू होगी और आईटीआर निर्धारित समयसीमा 31 जुलाई तक तक भरा जा सकता है। फार्म फाइल करते समय करदाता को पैन, आधार संख्या, व्यक्तिगत सूचना और कर भुगतान के संदर्भ में सूचना भरनी पडेगी। टीडीएस के बारे में फार्म में स्वत: जानकारी आ जाएगी। संसद में वित्त विधेयक में संशोधन के तहत एक जुलाई के बाद करदाता के लिये आधार संख्या रसीद उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अगर उसके पास आधार नहीं है तो उसे आईटीआर में प्राçप्त रसीद की संख्या देनी होगी जिससे यह लगे कि उसने आधार के लिये आवेदन किया है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में आज इस बात का फैसला हो जाएगा कि राम जन्मभूमि विवाद पर रोजाना सुनवाई होगी या नहीं। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जल्द सुनवाई की अर्जी दी है। आपको बता दें कि शीर्ष कोर्ट भी कह चुका है कि विवाद पर आपसी सहमति से फैसला हो।  बीजेपी सासंद सुब्रमण्यम स्वामी की अर्ज़ी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। स्वामी ने इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग वाली अर्ज़ी सुप्रीम कोर्ट में दी थी। उधर राम जन्मभूमि विवाद के मुख्य याचिकाकर्ता रहे हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को एक चिट्ठी लिखी है। अपनी इस चिट्ठी में इकबाल अंसारी ने सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से मामला उठाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने लिखा है, सुब्रमण्यम स्वामी इस विवाद में पक्ष नहीं हैं। उन्होंने पक्षकारों को बगैर जानकारी दिए चीफ जस्टिस की बेंच में ये मामला रखा। उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। 21 मार्च को ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी पक्ष आपसी सहमति से इस विवाद का हल निकालने की कोशिश करें और अगर सभी पक्ष सहमत हैं तो मध्यस्थता के लिए किसी जज की नियुक्ति की जा सकती है। लेकिन सवाल ये है कि क्या राम जन्मभूमि विवाद के सभी पक्षों में सहमति होगी। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने गुरूवार को सदन में सचिन तेंदुलकर और रेखा की कम उपस्थिति पर सवाल खडे किए। उन्होंने कहा कि अगर सचिन और रेखा की सदन में दिलचस्पी नहीं तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से सवाल राज्यसभा में उठाया। उन्होंने आगे कहा कि मैंने सेशन की शुरूआत से ही दोनों को सदन में नहीं देखा है। दोनों को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। ये सही नहीं है। जिस समय अग्रवाल सदन में बोल रहे थे, उस समय वहां मौजूद कई सदस्यों ने उनका समर्थन भी किया।  इसपर डिप्टी चेयरमैन पीजे कुरियन ने कहा कि सदन में कुछ दिन हाजिर होने के लिए नरेश अग्रवाल को मनोनीत सदस्यों को राजी करना चाहिए। डिप्टी चेयरमैन के इस सुझाव पर नरेश अग्रवाल ने जवाब दिया कि यदि डिप्टी चेयरमैन का यही सुझाव है तो मैं मनोनीत सदस्यों को सदन में हाजिर रहने के लिए चिटी लिखेंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ आज कान्हा उपवन जाकर गोशाला देखेंगे। सपा के संरक्षक मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव के आग्रह पर योगी आदित्यनाथ कान्हा उपवन जा रहे हैं। कान्हा उपवन नाम की यह गोशाला लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में स्थित है। इस गोशाला को अपर्णा यादव का ही एक एनजीओ संचालित करता है।    ज्ञातव्य है कि मुलायम सिंह यादव की बहू और प्रतिक यादव की पत्नी अपर्णा यादव जीव आश्रय नाम से एक एनजीओ चलाती है। अपर्णा इस एनजीओ को पिछले 4 सालों से चला रही है। अपर्णा की यह एनजीओ लावारिश पशु जैसे गाय, भैंस और कुत्तों को कान्हा उपवन ले जाती है और वहां इनकी देख रेख होती है। योगी आज इसी गोशाला को देखने जाएंगे। वहां पर अपर्णा और प्रतिक भी मौजू रहेंगे। ज्ञातव्य है कि अपर्णा यादव और उनके पति प्रतिक यादव पिछले सप्ताह सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे थे। उन्होनें योगी को एक गुलदस्ता भी भेंट किया था। गौरतलब हैॅ कि अपर्णा ने इस बार हुए विधानसभा चुनावों में लखनऊ कैंट से चुनाव लडा था लेकिन रीता बहुगुणा जोशी ने उन्हें हरा दिया।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । यूपी के महोबा शहर के पास कुलपहाड़ में महाकौशल एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 12 यात्रियों के घायल होने की खबर आ रही है। हादसा गुरुवार सुबह हुआ। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीएम हालात का जायजा लेने के लिए हादसास्थल पर पहुंच गए हैं। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक जबलबुर से दिल्ली जा रही इस ट्रेन के डिब्बे करीब 2.30 बजे पटरी से उतर गए। फिलहाल रेल हादसे की वजह का पता नहीं चल पाया है। इस बारे में ज्यादा जानकारी का इंतजार है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में देश में कई बड़े रेल हादसे हुए हैं। जनवरी में आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में जगदलपुर-हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पिछले साल नवंबर में कानपुर में बड़ी रेल दुर्घटना हो गई थी जिसमें 150 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। कहा जा रहा था इन रेल हादसों में आईएसआई का हाथ था।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । जीएसटी से जुड़े चार बिल लोकसभा में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। मोदी ने ट्वीट किया कि नया साल, नया कानून, नया भारत। लोकसभा से जीएसटी के पास होने के बाद सरकार पहली जुलाई से यह नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू करना चाहती है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, जीएसटी बिल पास होने पर सभी देशवासियों को बधाई। नया साल, नया कानून, नया भारत! पीएम मोदी जीएसटी पर हुई बहस के दौरान लोकसभा में मौजूद थे। इससे पहले लोकसभा ने बहुप्रतीक्षित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी विधेयक, एकीकृत जीएसटी विधेयक, मुआवजा जीएसटी विधेयक और केंद्र शासित क्षेत्र जीएसटी विधेयक, 2017 बुधवार को पारित कर दिया। इस दौरान विपक्ष की तरफ से पेश किए गए सभी संशोधनों को अस्वीकार कर दिया गया। निचले सदन में आठ घंटे चली लंबी बहस के बाद चारों विधेयकों को पारित किया गया। जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद सभी अन्य कर हटा दिए जाएंगे और इसके बाद सामान थोड़े सस्ते हो जाएंगे। लोकसभा में जीएसटी से जुड़े चारों विधेयकों पर बहस के दौरान उन्होंने कहा कि सभी अन्य कर जैसे राज्यों में प्रवेश कर को जीएसटी को लागू करने के बाद हटा दिया जाएगा।  उन्होंने कहा, एक बार जब सभी किस्म के करों को हटा दिया जाएगा तो वस्तुएं थोड़ी सस्ती हो जाएंगी। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जीएसटी लागू करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों अपनी संप्रभुता को बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक राजनीतिक इकाई होने के बावजूद राज्यों में करों की दरें अलग-अलग है। मंत्री ने कहा, भारत आर्थिक रूप से अभी भी अलग-अलग इकाई बना हुआ है। राज्यों की सीमाओं पर कर चुकाने के इंतजार में ट्रकों की बड़ी-बड़ी लाइनें लगी होती हैं। यहां सामानों की मुक्त आवाजाही नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि खाद्य पदार्थो पर कोई कर नहीं वसूला जाएगा। नई दिल्ली। जीएसटी से जुड़े चार बिल लोकसभा में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। मोदी ने ट्वीट किया कि नया साल, नया कानून, नया भारत। लोकसभा से जीएसटी के पास होने के बाद सरकार पहली जुलाई से यह नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू करना चाहती है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, जीएसटी बिल पास होने पर सभी देशवासियों को बधाई। नया साल, नया कानून, नया भारत! पीएम मोदी जीएसटी पर हुई बहस के दौरान लोकसभा में मौजूद थे। इससे पहले लोकसभा ने बहुप्रतीक्षित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी विधेयक, एकीकृत जीएसटी विधेयक, मुआवजा जीएसटी विधेयक और केंद्र शासित क्षेत्र जीएसटी विधेयक, 2017 बुधवार को पारित कर दिया। इस दौरान विपक्ष की तरफ से पेश किए गए सभी संशोधनों को अस्वीकार कर दिया गया। निचले सदन में आठ घंटे चली लंबी बहस के बाद चारों विधेयकों को पारित किया गया। जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद सभी अन्य कर हटा दिए जाएंगे और इसके बाद सामान थोड़े सस्ते हो जाएंगे। लोकसभा में जीएसटी से जुड़े चारों विधेयकों पर बहस के दौरान उन्होंने कहा कि सभी अन्य कर जैसे राज्यों में प्रवेश कर को जीएसटी को लागू करने के बाद हटा दिया जाएगा।  उन्होंने कहा, एक बार जब सभी किस्म के करों को हटा दिया जाएगा तो वस्तुएं थोड़ी सस्ती हो जाएंगी। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जीएसटी लागू करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों अपनी संप्रभुता को बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक राजनीतिक इकाई होने के बावजूद राज्यों में करों की दरें अलग-अलग है। मंत्री ने कहा, भारत आर्थिक रूप से अभी भी अलग-अलग इकाई बना हुआ है। राज्यों की सीमाओं पर कर चुकाने के इंतजार में ट्रकों की बड़ी-बड़ी लाइनें लगी होती हैं। यहां सामानों की मुक्त आवाजाही नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि खाद्य पदार्थो पर कोई कर नहीं वसूला जाएगा। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से जुड़े 4 विधेयकों को लोकसभा ने बुधवार को मंजूरी दे दी। अब यह 1 जुलाई से लागू होना तय माना जा रहा है। आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार कहे जाने वाले जीएसटी का उद्देश्य पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं की दर को एक समान रखना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया नारा दिया- नया साल, नया कानून, नया भारत। टैक्स ऑन टैक्स खत्म होगा। नए बिल में केंद्र और राज्य मिलकर मैक्सिमम 40 प्रतिशत तक टैक्स लगा सकते हैं। रिटर्न तीन महीने के बदले हर महीने भरना होगा। साथ ही कर चोरी या गलत रिफंड जैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। बिल में टैक्स अफसरों पर भी अंकुश लगाया गया है।    छोटी-मोटी गलतियों के लिए वे पेनाल्टी नहीं लगा सकते। काउंसिल ने सालाना 20 लाख रु. तक के कारोबारियों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है। जीएसटी से जुड़ी बहुत सी बातें नियम तय होने के बाद साफ होंगी। इसके लिए 31 मार्च को काउंसिल की बैठक होनी है। पूरा देश एक मार्केट हो जाएगा जहां के तमाम राज्यों के बीच सामानों की बेरोकटोक ढुलाई हो पाएगी। टैक्स कम्प्लायंस तेज और आसान तो होगा ही। इस पर लागत भी कम आएगी। कुछ टैक्स में छूट और कुछ के पूरी तरह खात्मे की वजह से टैक्स कलेक्शन का दायरा बढ़ेगा और सरकारी खजाने में आमदनी बढ़ेगी। गरीब राज्यों को ज्यादा आमदनी होगी। दायरे में क्या नहीं - पेट्रोलियम उत्पाद - पंचायत/नगरपालिका/जिला परिषद द्वारा वसूले जाना वाला एंटरटेनमेंट और एम्यूजमेंट टैक्स। - एल्कोहल/शराब पर टैक्स। - स्टाम्प ड्यूटी, कस्टम ड्यूटी। - बिजली की खपत और बिक्री पर टैक्स।   जीएसटी लागू होने के बाद जीएसटी राज्यों के स्थानीय और केंद्र के करों को एक में समाहित कर देगा। सभी सामान और सेवाओं पर एक कर वसूला जाएगा। मान लें कि जीएसटी की दर 18 फीसदी है तो केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी में 9-9 फीसदी का बंटवारा होगा। हालांकि बिल पारित होने के बाद भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यथा- - सर्विस सेक्टर इसका विरोध कर सकता है, क्योंकि उन्हें केंद्र के साथ हर राज्य में पंजीकरण कराना होगा। इस तरह हर बिजनेस को अखिल भारतीय स्तर पर 60 रजिस्ट्रेशन कराने होंगे, जबकि इस वक्त सिर्फ एक रजिस्टे्रशन से काम चल जाता है। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी। - रिटेल सेक्टर इसका विरोध कर सकता है, क्योंकि उनके टैक्स में बढ़ोतरी होगी और उन्हें राज्यों के साथ केंद्र सरकार के नियमों का पालन भी करना होगा। - दोहरे नियंत्रण से बिजनेसमैन को प्रताडि़त करने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। - जीएसटी नेटवर्क शुरुआती दौर में कुछ ऑपरेशनल परेशानियां बढ़ा सकता है। - जीएसटी लागू होने के बाद विनिर्मित वस्तुओं पर भी समान दर से कर लगेगा, जो वर्तमान से सस्ता होगा।   नकारात्मक पक्ष - सेवाओं पर टैक्स 15 से बढकऱ 18 फीसदी हो जाएगा। - रिटेल पर टैक्स लगभग दोगुना हो जाएगा। - हर बिजनेस पर केंद्र और राज्य के टैक्स का दोहरा नियंत्रण होगा, जिससे बिजनेस की अनुपालन लागत बढ़ जाएगी। - टैक्स से जुड़े सारे क्रेडिट जीएसटी नेटवर्क से ऑनलाइन कनेक्टिविटी के बाद ही हासिल हो पाएंगे। इससे छोटे बिजनेसमैन को सिस्टम का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।  अंतरराज्यीय स्तर पर सामान मंगवाना फायदेमंद। - आपूर्तिकर्ता/वेंडर के लिए अवसर खुलेंगे। - सामान लेना और उसका डिस्ट्रीब्यूशन सस्ता। - सामान खरीदने और बेचने के वर्तमान नेटवर्क के ढांचे में बदलाव लाना होगा। - टैक्स कम होने से उत्पादों की कीमतें फिर से तय करनी होंगी। - सामान को कारखाने से निकालने के समय लगने वाला एक्साइज टैक्स हटने के बाद सिर्फ बिक्री और आपूर्ति के समय टैक्स। - बिजनेस के एकाउंटिंग तथा आई सिस्टम में बदलाव होगा। - वर्तमान ओपन ट्रान्जेक्शन और बैलेंस का सही तरीके से समायोजन करना होगा। - कर्मचारी प्रशिक्षण और उपभोक्ता जागरूकता पर खर्च बढ़ाना होगा जीएसटी के फायदे। - कई स्तर पर लगने वाले टैक्स खत्म होंगे। - भारत एक बाजार का रूप ले लेगा। - निर्माताओं पर टैक्स का बोझ कम होगा तो इससे वे अपना व्यापार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रतियोगी रूप से बढ़ा पाएंगे। - सामान और सेवाओं पर एक दर से टैक्सों की वसूली को लेकर चल रहे विवादों में कमी आएगी। - विदेशी निवेशकों में भारत की छवि सुधरेगी और यहां कारोबार करना ज्यादा आसान हो जाएगा। साभार-khaskhabar.com      

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वाशिंगटन। अमेरिकी की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर हिंसा का युग अब खत्म हो गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका उन देशों के खिलाफ चौकस बना रहेगा जो महिलाओं के अधिकारों का उचित तरीके से संरक्षण नहीं करते। मेलानिया ने विदेश विभाग द्वारा आयोजित इंटरनेशनल वुमेन ऑफ करेज अवॉर्ड गाला 2017 के दौरान कहा, नेता के रूप में हमें लैंगिक समानता और सभी जातियों को सम्मान देने की दिशा में काम करना जारी रखना होगा। हमें हमेशा यह याद रखना होगा कि हम एक ही वर्ग के लोग हैं और वह है मानवता। इस कार्यक्रम में मेलानिया ने महिलाओं को पुरस्कार भी दिए जबकि राजनीतिक मामलों के अंडरसेक्रेटरी थॉमस शैनन ने इन सम्मानित महिलाओं के जीवन की आत्मकथाओं का उल्लेख किया। इन सम्मानित महिलाओं में कोलंबिया की नतालिट पोंस डी लियोन भी थीं जो कोलंबिया में महिलाओं पर तेजाब हमलों के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बन गई। साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली । पीएम नरेंद्र मोदी इस साल के आखिर तक अमेरिका दौरे पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्यौता दिया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप को पीएम मोदी की मेजबानी का इंतजार है। ट्रंप सरकार की ये घोषणा इस बात का संकेत है कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में गर्मजोशी अब भी कायम है। आपको बता दें कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद वीजा मसले पर भारत की अपनी चिंताएं हैं। ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद मोदी और ट्रंप दो बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं। आखिरी बातचीत सोमवार रात को हुई थी। इसमें ट्रंप ने मोदी को यूपी चुनाव में जीत की बधाई दी थी। पहली बार जनवरी में मोदी ने ट्रंप को राष्ट्रपति बनने पर बधाई देने के लिए फोन किया था। इसी बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया था। चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रंप ने मोदी को ग्रेट मैन कहा था। उन्होंने मोदी को ऐसा नेता बताया था जो भारत की अफसरशाही को बदलने में पूरी ऊर्जा लगा रहे हैं। मोदी भी ट्रंप को जीत की बधाई देने वाले दुनिया के सबसे पहले नेताओं में से एक थे। मोदी ने ट्विटर पर लिखा था कि उन्हें अमेरिका दौरे का इंतजार है। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज सीएम हाउस में गृह प्रवेश करेंगे। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ का नवरात्र व्रत भी आज से ही शुरू हो रहा है और उन्होनें इसलिए आज का दिन सीएम हाउस के गृह प्रवेश के लिए चुना है। वैसे तो नवरात्र की शुरूआत मंगलवार से हो चुकी है लेकिन गोरखनाथ मंदिर में आज से नवरात्र की शुरुआत मानी जा रही है, इसलिए नवरात्र के मौके पर पूजा पाठ के बाद योगी का सीएम आवास में प्रवेश करेंगे।  ज्ञातव्य है कि योगी आदित्यनाथ के गृह प्रवेश के एक दिन पहले यानी मंगलवार को सीएम हाउस की नेम प्लेट बदली गई। पहले नेम प्लेट पर सीएम आदित्यनाथ योगी लिखा था, जिसे कल बदलकर योगी आदित्यनाथ कर दिया गया। ज्ञातव्य है कि 19 मार्च को यूपी के सीएम पद की शपथ लेने के बाद से योगी आदित्यनाथ लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। यहीं पर वे मीटिंग भी ले रहे हैं। अब आज योगी आदित्यनाथ सीएम हाउस में प्रवेश करेंगे।  नवरात्र में उपवास रखते हैं योगी: नवरात्र के मौके पर योगी आदित्यनाथ भी उपवास रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं। वे नौ दिन तक सिर्फ फलाहार पर रहते हैं। आज योगी ने सीएम हाउस में फलाहार पार्टी भी रखी है, जिसमें बीजेपी के नेता तो शामिल होंगे ही गोरखपुर से भी लोगों को बुलाया गया है।  साभार-khaskhabar.com  

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