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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम पर मुहर बीजेपी विधायक दल की बैठक में लगाई गई है। शनिवार शाम इस बारे में औपचारिक रूप से ऎलान हो गया। योगी रविवार को शपथ लेंगे। यूपी में दो डिप्टी सीएम होंगे। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे।
इस बैठक में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। शनिवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक तौर पर योगी आदित्यनाथ का नाम रख उन्हें नेता चुन लिया गया। योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार से सांसद हैं और यूपी में बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति के चेहरे माने जाते हैं।
बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था।
शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर से लोकसभा सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम इसलिए चुना है क्योंकि आरएसएस ने मनोज सिन्हा के नाम के साथ सहमति नहीं जताई है। ऐसी खबर है कि पीएम मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने जूनियर टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के नाम का समर्थन किया था।
यूपी में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं - दिनेश शर्मा जो वर्तमान में लखनऊ के मेयर हैं और केशव प्रसाद मौर्य जो कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हैं। मौर्य को बीजेपी में पिछड़ी और दलित जाति के एक अहम चेहरे की तरह भी देखा जाता है।
इससे पहले की खबर के अनुसार
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए विधायक दल की बैठक से पहले तक भाजपा नेतृत्व को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। राज्य के प्रभारी ओम माथुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जबकि केशव प्रसाद मौर्य अमित शाह से मिले। योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली पहुंचे, लेकिन उनकी शाह से मुलाकात नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही बनारस और फिर गाजीपुर आए हैं और शाम को दिल्ली वापस लौट जाएंगे। लेकिन ऐन वक्त पर मनोज सिन्हा का कार्यक्रम बदल गया। अब वे गाजीपुर से दिल्ली न जाकर बाबतपुर एयरपोर्ट से चार्टर प्लेन से लखनऊ जा रहे हैं। इससे पहले बनारस में काल भैरव और फिर काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। गाजीपुर जाते समय वह कैथी में मरक डेय महादेव के भी दर्शन किए। इसके बाद वह गाजीपुर में बरेजी गांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम चार बजे विधायक दल की बैठक के बाद उप्र के मुख्यमंत्री को लेकर संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी। अटकल लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में मनोज सिन्हा के अलावा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हैं।
साभार-khaskhabar.com













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