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कोलंबो । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से मुलाकात कर वर्षों से दोनों देशों के बीच चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग की सराहना की। भारतीय उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधु ने मीडिया से कहा कि मोदी के साथ राजपक्षे की बातचीत बहुत सौहाद्रपूर्ण रही और वह भारत श्रीलंका के बीच वर्षों से चले आ रहे सहयोग पर प्रसन्न है। उच्चायुक्त ने बताया कि मोदी ने राजपक्षे से मुलाकात उनके अनुरोध पर की है। इससे पहले राजपक्षे ने दावा किया था कि हो सकता है कि भारत और श्रीलंका ने आर्थिक सहयोग पर समझौते पर हस्ताक्षर मोदी के आने के ही पहले ही कर लिये हो। राजपक्षे ने कहा कि मेरे पास जो सूचना है उसके अनुसार सारे समझौतों पर हस्ताक्षर पहले ही हो चुके हैं ऐसे में भारतीय प्रधानमंत्री का आना या नहीं आना कोई मुद्दा नहीं है। इस खबर के इतर श्रीलंका ने कोलंबो में पनडुब्बी खडा करने के चीन के आग्रह को ठुकरा दिया है। चीनी पनडुब्बी को खडा करने की इजाजत को लेकर 2014 में भारत ने कडा विरोध दर्ज कराया था। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने (चीन) 14 मई और 15 मई को पनडुब्बी खडा करने की इजाजत मांगी थी। हमने इनकार कर दिया था। श्रीलंका की ओर से इनकार किए जाने का यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार से श्रीलंका के दौरे पर है। जहां वह शुक्रवार को बैसाख दिवस समारोह में शामिल होंगे। सूत्रों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आग्रहों को ठुकरा दिया जाएगा। भारत अपने इस पडोसी देश में बढते चीनी प्रभाव को लेकर श्रीलंका को अपनी चिंताओं से अवगत कराता रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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फतेहाबाद । एक सैनिक की पत्नी की ओर से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्‌ठी और एक चोली भेजी गई है। सैनिक की पत्नी ने लैटर में पीएम को अपने 56 इंच के सीने पर चोली पहनने और सेना के जवानों के हाथों को खोलने की अपील की गई है। सैनिक की पत्नी सुमन रानी ने आज अपने रिटायर्ड फौजी पति धर्मबीर के साथ जिला सैनिक बोर्ड पहुंची और वहां पर पीएम के नाम एक चोली और एक लेटर भेजा। जिसमें पीएम को चुनाव से पहले उनके 56 इंच के सीने की बात को याद दिलाया गया है। सैनिक की पत्नी ने पीएम को जो पत्र भेजा है, उसमें कहा है कि पहले सैनिक के शहीद होने की बात से उनके परिवार का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता था, लेकिन अब यह डर रहता है कि वहां कश्मीर में कोई लात मरेगा कोई पथ्थर मारेगा या सिर काट कर ले जायेगा।  लैटर में लिखा है कि पिछले दिनों कुछ वीडियो और खबरों में सैनिकों को कुछेक आतंकियों द्वारा बेइज्जत किया जा रहा है। लातें मारी जा रही हैं, पत्थर मारे जा रहे हैं ,सैनिकों के सिर तक काट कर ले गए। गोलियों से शहीद होते तो कोई दिक्कत नहीं, इस तरह सैनिकों के हाथ बंधे हुए हैं, वो सब कुछ कर सकने की स्थिति में भी कुछ नहीं कर सके, ये अपने आप में बहुत बड़ी शर्म की बात है।  सरकार बनने से पहले तो की थी बड़ी बड़ी बातें और अब.... सुमन रानी ने कहा- बीजेपी की सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्रीजी आपने बड़ी बड़ी बातें की थीं कि एक के बदले 10 सिर काट कर लाने चाहिये। प्रेम पत्र नहीं लिखना चाहिए, दुश्मन को उसी की भाषा में जबाब देना चाहिए। इन्हीं बातों से प्रभावित होकर देश की जनता ने बहुमत से सरकार बना दी, तब लगा कि देश के दुश्मनों को तो सबक सिखाया जा सकेगा। अब कोई हेमराज की तरह शहीद नहीं होगा। दुश्मन ऐसा करने की सोच भी नहीं सकेगा। लेकिन ऐसे हादसे कई बार हो गए और प्रधानमंत्री जी दुश्मनों को कभी शाॅल भेंट कर रहे हो कभी उनके साथ चाय पीने और बधाई देने चले जाते हो ऐसी शर्मनाक घटना होने पर वही पहले वाली सरकार की तरह कड़े शब्दों में निन्दा,सख्त धमकी,ओर बातो बातो में करारा जबाब दे देते हो। सैनिकों के हाथ बंधे लग रहे हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए सुमन ने बताया कि उसका पति फौज में था और कई वर्षो तक उसने देश की सेवा की है। अब वह अपने बेटे को भी फौज में भेजना चाहती है, लेकिन जिस प्रकार का सलूक जवानों के साथ हो रहा है, उसे देखकर उसकी रूह कांप उठती है। सुमन ने कहा कि देश के पीएम को उसकी ओर से चोली भेजकर 56 इंच के सीने को ढंकने की बात कही गई है। सुमन ने कहा कि पीएम को चाहिए कि वे सैनिकों को पूरी छूट दे दें या अपने पद से इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि आज उनकी ओर से पीएम को चोली भेजी गई है।  रिटायर्ड फौजी धर्मबीर सिंह ने बताया कि आज उनकी पत्नी की ओर से चोली भेजी गई है। उन्होने कहा कि जब हेमराज का सिर कटा था, उस समय पीएम ने 56 इंच के सीने की बात की थी। इन बातों के बाद बीजेपी सत्ता में आ गई और अब पीएम देश के जवानों को भूल गए। धर्मबीर ने कहा कि पीएम सिर्फ निंदा के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं, जबकि देश के जवानों के सिर काटे जा रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com  

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श्रीनगर । जम्मू—कश्मीर में शोपियां के हरमेन चौक से बुधवार को सेना के एक अधिकारी का शव मिला है, जिनके शरीर पर गोलियों के निशान हैं। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को मंगलवार रात आतंकियों ने अगवा कर लिया था। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज कश्मीर के कुलगाम के रहने वाले थे। सूचना मिलते ही सुरक्षाबल एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके शव को अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।  पत्थरबाजों ने मंगलवार रात आतंकियों के हाथों मारे गए लेफ्टिनेंट उमर फयाज की शवयात्रा को भी निशाने पर ले लिया। जब कुलगाम में फयाज के शव को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी इस पर पत्थरबाजी की गई।  रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि शोपियां में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को अगवा कर हत्या की है, जो एक कायराना हरकत है। जम्मू—कश्मीर का रहने वाला यह अफसर युवाओं के लिए एक रोल मॉडल था। उन्होंने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फैयाज शोपियां में अपनी मौसी के घर शादी की दावत में गए थे। कल रात आतंकियों ने उनकी मौसी के घर पर धावा बोला और फैयाज को अगवा कर साथ लेते गए।  फैयाज के अगवा होने की जानकारी तत्काल ही पुलिस को दे दी गई थी और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था। लेकिन आज सुबह फैयाज का शव मिलने की खबर मिली। जून 1994 में जन्मे फयाज जम्मू के अखनूर में दूसरी बटालियन, राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। फयाज ने 2015 में एनडीए से पास कर इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया था जहां 10 दिसंबर 2016 को सेना में उनकी कमीशनिंग हुई थी। 8 जून को वह 23 साल के होने वाले थे।  दक्षिण कश्मीर में आए दिन सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की जा रही है। लेकिन यह अपनी तरह की अलग घटना है जहां एक शहीद सैनिक की शवयात्रा को भी पत्थरबाजों ने नहीं बख्शा। ये घटना बताती है कि सेना और सरकार से जुडे लोगों से किस कदर नफरत की जा रही है। आतंकियों का संदेश साफ है, सेना और पुलिस की नौकरी से दूर रहो। ज्ञातव्य है कि पिछले हफ्ते शोपियां में आतंकियों ने सेना के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षाबलों के दो जवान शहीद हो गए थे। साथ ही इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। इसके बाद आतंकियों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । तीन तलाक पर आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। तीन तलाक मुदकमे पर पांच जजों की संविधान पीठ सुनवाई करेगी। मामले की सुनवाई आज से रोजाना होगी। गौरतलब है कि पांच जजों की जो संविधान पीठ तीन तलाक पर सुनवाई करेगी, उसकी अध्यक्षता खुद चीफ जस्टिस जे एस खेहर करेंगे। ज्ञातव्य है कि गर्मी की छुट्टी होने के बाद भी मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंच विशेष रूप से इस सुनवाई के लिए बैठ रही है। सिख, ईसाई, पारसी, हिंदू और मुस्लिम समुदाय से जुडे जज इस संविधान पीठ का हिस्सा हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ के इन प्रावधानों पर होगी सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में मुस्लिम पर्सनल लॉ के तीन प्रावधानों पर सुनवाई होनी है। इन प्रावधानों में तीन तलाक, निकाह हलाला और मुस्लिम मर्दों को चार शादी की इजाजत है। इन तीन प्रावधानों में सबसे बडा मुद्दा तीन तलाक का है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तीन तलाक का मुद्दा पूरे देश में गर्माया हुआ है। तीन तलाक के साथ ही निकाह हलाला पर भी सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ सुनवाई करेगी। मुस्लिम समुदाय में तलाक के बाद अगर पति को गलती का एहसास होता है और वह फिर से अपनी पत्नी को अपनाना चाहता है तो पहले उसकी पत्नी को किसी और से शादी करनी होती है, संबंध भी बनाने होते हैं। इसके बाद वह अपने नए पति से तलाक लेकर अपने पूर्व पति से दोबारा शादी कर सकती है। इसके अलावा मुस्लिम मर्दों की चार शादी की इजाजत पर भी सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि मुस्लिम मर्दों को एक साथ चार पत्नियों को रखने की इजाजत दी गई है। हांलांकि कुरान में मर्दों को एक पत्नी के रहते दूसरी शादी की इजाजत दी गई है, लेकिन इसके लिए तमाम शर्तें लगाई गई हैं, लेकिन इन शर्तों का पालन नहीं होता।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के मुस्लिम नेताओं से कहा कि वे तीन तलाक मुद्दे को राजनीतिकरण से बचाकर उसमें सुधार की शुरुआत करें। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के तत्वावधान में मुस्लिम समुदाय के 25 नेताओं से मुलाकात की और कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत सद्भाव तथा मेलजोल है और लोगों के बीच भेदभाव करने का सरकार के पास कोई अधिकार नहीं है। विविधता में एकता को भारत की विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी को विश्व में बढ़ते चरमपंथ का शिकार बनने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए।  विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने दोहराया कि मुस्लिम समुदाय को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए और उन्होंने मौजूद सभी नेताओं से इस संबंध में सुधार शुरू करने की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा।’’विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रुख की प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कश्मीर घाटी के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे का समाधान कर सकते हैं।’ इस बात का उल्लेख करते हुए कि नया भारत बनाने में मुस्लिम समुदाय बराबर की साझेदारी का इच्छुक है, प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने कहा कि आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है और उन्होंने इससे पूरी ताकत के साथ निपटने का संकल्प जताया। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यह मुस्लिम समुदाय की जिम्मेदारी है कि किसी भी हालात में किसी को भी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करने देना चाहिए। विज्ञप्ति के मुताबिक ‘‘प्रतिनिधिमंडल में मौजूद नेताओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भारत के खिलाफ किसी भी साजिश को कभी भी सफल नहीं होने देगा।’’विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य शैक्षणिक संस्थानों से भी थे, जिन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं जैसे स्टार्ट-अप योजना का उनके संस्थान ने भी फायदा उठाया। विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की भी प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है और यह भारतीय समाज के हर तबके की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र को आगे ले जाए। प्रतिनिधिमंडल में जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मनसूरपुरी, संस्था के महासचिव मौलाना महमूद ए. मदनी, मुंबई के अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष जहीर आई. काजी, शिक्षाविद् अख्तरुल वासे तथा मौलाना बदरुद्दीन अजमल भी शामिल थे। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । कुलभूषण जाधव मामले में भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। वहीं, पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। नीदरलैंड के हेग में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने जाधव को फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखकर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा है। भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी करने के आरोप में पिछले महीने पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत ने लगाई थी गुहार भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में 8 मई को अपील की थी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में कहा कि कुलभूषण जाधव को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और ना ही उन्हें भारत के उच्चायोग अधिकारियों से मिलने की इजाजत दी गई। जाधव की मां अवन्ति जाधव ने पिछले महीने पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत में जाधव की फांसी के खिलाफ याचिका दायर की थी। अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि उन्होंने जाधव की मां से बात कर उन्हें इस फैसले के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाधव मामले की पैरवी वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे कर रहे हैं।  पाक ने किया विएना समझौते का उल्लंघन भारत ने अपनी अपील में पाकिस्तान पर विएना समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। भारत ने अपील में कहा कि रिटायर्ड अफसर को ईरान से किडनैप किया गया था जहां वह सेना से रिटायर होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में व्यस्त थे जबकि पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय अधिकारी जाधव को 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया। भारत ने अपनी अपील में यह भी कहा था कि जाधव की गिरफ्तारी के काफी समय बाद तक पाक ने कोई सूचना नहीं दी। भारत ने पाक की निंदा करते हुए कहा कि वह आरोपी के मानवाधिकारों की रक्षा करने में असफल रहा। भारतीय उच्चायोग ने जाधव की गिरफ्तारी के बाद कई बार जाधव से मिलने की इजाजत मांगी थी लेकिन पाकिस्तान ने भारत के सभी अनुरोधों को अस्वीकार करते हुए इजाजत नहीं दी। जाधव को जब पिछले महीने पाक सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी तो भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। भारत ने पाकिस्तान को गंभीर नतीजों की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर जाधव को फांसी होती है तो भारत-पाक संबंधों को बड़ी क्षति पहुंचेगी। पाकिस्तानी सेना ने पिछले महीने एक बयान जारी किया था जिसमें कुलभूषण जाधव को जासूसी करने और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने का दोषी बताया गया था। पाक सेना प्रमुख कमर बाजवा के हस्ताक्षर किए हुए एक आदेश में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई गई थी। पाक का दावा था कि जाधव भारतीय नौसेना के लिए काम कर रहे थे और रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग में तैनात किए गए थे। पाक ने जाधव की गिरफ्तारी के बाद जाधव का कबूलनामा वाला एक विडियो भी जारी किया था। जाधव ने मैजिस्ट्रेट के सामने कबूला था कि वह रॉ के एक प्लान के तहत काम कर रहे थे और पाक के खिलाफ जासूसी कर रहे थे। भारत ने जाधव के रिटायर्ड भारतीय नौसेना अधिकारी होने की बात स्वीकार की है लेकिन भारत सरकार से किसी भी तरह से संबद्ध होने के पाक के आरोप को खारिज कर दिया था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । जमीनों के सौदे राजनेताओं के लिए अक्सर बदनामी लाते हैं। केंद्रीय कपडा मंत्री स्मृति ईरानी भी ऎसे ही विवादों में आई हैं। इस बार विवाद की वजह उनके पति जुबिन ईरानी हैं। आरोप है कि स्मृति के पति जुबिन ईरानी ने मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ टाइगर रिजर्व के पास करोडों की जमीन की कथित फर्जीवाडे से अपनीे फर्म के नाम रजिस्ट्री करा ली है।  मामले का खुलासा तब हुआ जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तीन दिनों के लिए गुपचुप तरीके से बांधवगढ पहुंची। इस दौरान जमीन की सीमाबंदी कराई जाने लगी लेकिन जिस जमीन की सीमाबंदी हो रही थी उसमें स्कूल की जमीन भी शामिल थी। इंडिया न्यूज के मुताबिक ये जमीन उमरिया जिले के ग्राम कुचवाही के खसरा नंबर 75 की है जिस पर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर ने भी स्कूल का दावा ठोक दिया।  बकौल हेडमास्टर जिस जमीन की सीमाबंदी केंद्रीय मंत्री के लोग करा रहे हैं वह स्कूल का खेल मैदान है। भू-माफिया ने हेराफेरी और कागजात में फर्जीवाडा कर विवादित जमीन को जुबिन ईरानी की फर्म मार्केज हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड को बेच दी। हेडमास्टर जानकी तिवारी ने मीडिया को बताया कि जब केंद्रीय मंत्री के लोग जमीन की घेराबंदी कराने आए तो उन्होंने स्कूल की जमीन निकालकर घेराबंदी करने को कहा लेकिन उनलोगों ने उनकी नहीं सुनी। स्कूल के हेडमास्टर का दावा है कि सरकारी विभाग से उस जमीन को स्कूल के नाम रजिस्ट्री करने के लिए पत्राचार चल रहा था, तभी इस बीच उसे भूमाफिया ने फर्जीवाडा कर हाई प्रोफाइल लोगों को बेच दिया। बता दें,जिस जमीन पर विवाद हो रहा है उसके मालिकाना हक की कहानी दिलचस्प है। इस जमीन के असली मालिक की मौत हो चुकी थी। उनका कोई वारिस नहीं था। लिहाजा, वो जमीन शासन की जमीन हो गई लेकिन बहुत दिनों बाद भू-माफिया ने जमीन के असली मालिक के छोटे भाई और भतीजे को खडा कर उस जमीन का मालिकाना हक हासिल कर लिया और कुछ दिनों बाद उसे बेच दिया। हैरत की बात यह है कि असली मालिक के छोटे भाई की उम्र दिवंगत बडे भाई की उम्र से ज्यादा थी। इसके अलावा इस जमीन को बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों का पता एक ही है। यह पता रीवा का है जो किसी दिवंगत भाजपा नेता का है। इंडिया न्यूज के मुताबिक वो पता भी फर्जी है क्योंकि वहां रिहायश नहीं है। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । अपने ही पार्टी नेता द्वारा 2 करोड की घूस लेने के आरोप में घिरे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली विधानसभसा में आरोपों पर अपना जवाब दे सकते हैं। गौरतलब है कि आज दिल्ली विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। आज विधानसभा में अरविंद केजरीवाल आप नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब दे सकते हैं। गौरतलब है कि कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड रुपए की घूस लेने का आरोप लगाया है। पिछले दो दिनों से कपिल मिश्रा लगातार केजरीवाल पर हमला बोल रहे हैं। लेकिन केजरीवाल ने अभी तक इन आरोपों पर कोई सफाई नहीं दी है। हांलांकि पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने कल एक प्रेस कांफ्रेस कर कहा था कि अरविंद केजरीवाल पर लगे ये आरोप बेबुनियाद है और इसके पीछे पार्टी और पार्टी नेताओं को प्रताडित करने की साजिश है। साथ ही उन्होनें कहा कि कपिल मिश्रा बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं। साथ ही उन्होनें कहा था कि मंत्री पद जाने से कपिल मिश्रा बौखला गए हैं। वहीं अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि जीत सत्य की होगी, कल दिल्ली विधान सभा के विशेष सत्र से इसकी शुरुआत। ज्ञातव्य है कि कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सत्येंद्र जैन से दो करोड लिए और साथ ही अपने साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल को फायदा पहुंचाया।  वहीं इस विवाद के बीच कल केजरीवाल के साढ़ू का निधन हो गया। केजरीवाल उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। वहीं केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि मेरे ब्रदर इन लॉ अब नहीं है और ये मूर्ख व्यक्ति बिना दिमाग लगाए लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ रहा है।  साभार-khaskhabar.com

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पेरिस । फ्रांस के राष्ट्रपति चुनावों में इमैनुअल मैक्रो ने जबरदस्त जीत दर्ज की है। मैक्रो ने अपनी प्रतिद्धंदी मैरी ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है। 39 साल के मैक्रो फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति होंगे। मीडिया रिपोर्ट ने मैक्रों के लगभग 64 फीसदी वोटों के साथ जीतने का संभावना जताई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने फोन पर मैक्रो को बधाई दी। मैक्रो ने इस मौके पर कहा कि फ्रांस के लंबे इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। साथ ही उन्होनें कहा कि वे चाहते हैं कि यह एक आशा और विश्वास बनकर उभरे। कौन है इमैनुअल मैक्रो: मैक्रो का जन्म उत्तरी फ्रांस में हुआ था। मैक्रो एक पूर्व बैंकर हैं और उन्होनें पहली बार चुनाव लडा है। मैक्रो को वर्ष 2012 में राष्ट्रपति ओलांद का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2014 में इन्हें वित्त मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया।  पहले चुनाव में ही कि जीत हासिल: मैक्रो नंवबर 2016 में पहली बार राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के रूप में सामने आए। ज्ञातव्य है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराम ओबामा ने भी मैक्रो को अपना समर्थन दिया था। ज्ञातव्य है कि फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान में उतरे 11 उम्मीदवारों में से मैक्रो पहले चरण में शीर्ष पर रहे और दूसरे दौर के रन ऑफ चुनाव में शामिल मैरी ल पेन और मैक्रों ने मतदाताओं के समक्ष फ्रांस से जुडे अलग-अलग मुद्दों को उठाया था। दोनों ही बिल्कुल अलग नजरिए वाले हैं। उदार मध्यमार्गी मैक्रों व्यापार समर्थक और यूरोपीय संघ के समर्थक हैं। पहले चरण में मध्यममार्गी इमैनुअल मैक्रों विजेता रहे थे।  मैक्रों और दक्षिणपंथी मरी ल पेन ने फ्रांस की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। उन्होंने काफी समय से फ्रांस की राजनीति में हावी रिपब्लिकन पार्टियों की जड़ें हिला दीं। मैक्रो का एजेंडा: मैक्रो का एजेंडा था कि वह 5000 बॉर्डर गार्ड्स की फोर्स बनाएंगे। साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रीयता हासिल करने के लिए फ्रैंच भाषा जाननी जरूरी होगी। इसके अलावा फ्रांस में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का विस्तार उनके एजेंडे में था।  हैकिंग अटैक का दावा: वोटिंग खत्म होने के बाद मैक्रों की कैंपेन टीम ने दावा किया था कि उनके दस्तावेजों को लीक करके उनपर हैकिंग अटैक किया गया है। मैक्रों ने रूस पर हैकिंग अटैक का आरोप लगाया था। अमेरिका में चुनाव के दौरान हिलरी क्लिंटन ने भी रूस पर हैकिंग का आरोप लगाया था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर दो करोड रुपए की घूस लेने का आरोप लगाने वाले आप नेता और पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा आज एसीबी यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दफ्तर जाएंगे। कपिल मिश्रा एसीबी में टैंकर घोटाले मामले में केजरीवाल और उनके करीबियों की शिकायत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कपिल मिश्रा एसीबी में दो व्यक्तियों का नाम बताएंगे, जिनका संबंध टैंकर घोटाले से है। बताया जा रहा है कि ये दो नाम आशीष तलवार और विभव पटेल है।  केजरीवाल पर लगाया 2 करोड की घूस लेने का आरोप: ज्ञातव्य है कि कपिल मिश्रा ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा था कि केजरीवाल ने जमीन सौदे में सत्येन्द्र जैन से दो करोड रुपए लिए। साथ ही कपिल मिश्रा का दावा है कि उन्होनें अपनी आंखों से केजरीवाल को पैसे लेते देखा था। कपिल मिश्रा का आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार के लिए 50 करोड की डील कराई। कपिल मिश्रा ने कहा था कि उन्होनें अपनी आंखों से शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल को पैसे लेते देखकर चुप रहना मेरे लिए असंभव था, मैं पूरी रात सो नहीं पाया। कपिल मिश्रा का कहना है कि केजरीवाल इन पैसों के बारे में बताएं ये पैसे किसके हैं और कहां से आए। मिश्रा का कहना है कि जब उन्होनें इस बारे में बोला तो उन्हें पद से हटा दिया गया। कपिल मिश्रा का कहना है कि वे सीबीआई को सब बताएंगे। साथ ही उन्होनें कहा कि वह अपना बयान एलजी के पास ऑन रिकॉर्ड देकर आए हैं।  हालांकि कपिल ने इस आरोप के लिए कोई सबूत नहीं दिए। कपिल मिश्रा का कहना है कि उन्होनें सारी जानकारी एलजी साहब को दे दी है। कपिल मिश्रा का कहना है कि अपनी आंखों से कैश लेनदेन देखने के बाद चुप रहना मुमकिन नहीं था। भले ही पद और प्राण चले जाएं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। इलाज के लिए भारत आने वाले पाकिस्तानियों को वीजा देने पर बैन लगा दिया है। भारत की इस सख्ती से पाकिस्तान भडक़ गया है और उसने भारत के हाई कमिश्नर को तलब किया है। यह जानकारी शनिवार को पाक मीडिया ने दी है। हालांकि, भारत की ओर से वीजा बैन और हाई कमिश्नर को तलब किए जाने पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया । जियो न्यूज चैनल की खबर के मुताबिक यकृत और हृदय संबंधी बीमारियों का उपचार कराने के लिए हजारों पाकिस्तानी नागरिक नई दिल्ली, चेन्नई और दूसरे भारतीय शहर के बड़े अस्पतालों में जाना चाहते हैं, लेकिन मेडिकल वीजा जारी नहीं होने की वजह से वे प्रभावित हुए हैं।   चैनल ने एक अधिकारी के हवाले से कहा, भारत ने पाकिस्तानियों के लिए मेडिकल वीजा हासिल करने को असंभव बना दिया है। चैनल के अनुसार, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावले को सम्मन किया और इस मुद्दे पर अपनी चिंता से अवगत कराया। सूत्रों के मुताबिक, बंबावले इस वक्त भारत में हैं।   पाक न्यूज चैनल दुनिया टीवी के मुताबिक, वीजा प्रक्रिया को और पेचीदा बनाने के लिए भारत नियमों में कई बदलाव कर रहा है। दो महीने से किसी भी पाकिस्तानी को वीजा नहीं दिया गया है। पाकिस्तान इन हालात को भारत की ओर से अनडिक्लियर्ड वीजा बैन बता रहा है। आपको बता दें कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पाकिस्तान ने उन पर जासूसी करने का आरोप लगाया है।  पाक कोर्ट के इस फैसले से भारत काफी खफा है। उसका कहना है कि जाधव पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। उन्हें पाकिस्तान में गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि ईरान से अगवा किया गया था। वहीं, जम्मू-कश्मीर में दो भारतीय जवानों के साथ हुई बर्बरता के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। भारत ने पाकिस्तान सेना पर इस बर्बरता का आरोप लगाया है। वहीं, पाकिस्तान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भातर के सबूत देने के वाबजूद भी पाकिस्तान अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है।  साभार-khaskhabar.com  

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श्रीनगर। कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा किए गए एक हमले में रविवार को एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद हमले में मरने वालों की संख्या बढक़र पांच हो गई है। एक पुलिस अधिकारी ने यह कहा। कुलगाम जिले में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर मीर बाजार इलाके में शनिवार को हुए हमले में एक पुलिसकर्मी और दो नागरिकों की जान चली गई थी। हमले में साथ ही लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक वांछित आतंकवादी भी मारा गया है।   इससे पहले की खबरों में दो पुलिसकर्मियों और दो नागरिकों की मौत की सूचना मिली थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस का एक दल एक सडक़ दुर्घटना की जांच के लिए गया था, जब कार में सवार आतंकवादियों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी।’’अधिकारी के मुताबिक, ‘‘पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें एलईटी आतंकवादी फयाज अहमद मारा गया और एक अन्य घायल हो गया।’’ अधिकारी के मुताबिक, अहमद अगस्त 2015 में उधमपुर राजमार्ग पर सीमा सुरक्षा बल (बीएफएफ) के एक दस्ते पर हुए हमले में शामिल था, जिसमें बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे और एक आतंकवादी मारा गया था।   अधिकारी ने बताया कि घायल आतंकवादी फरार होने में कामयाब रहा और उसकी तलाश जारी है। अहमद राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा वांछित है और उसे पकडऩे पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित था।साभार-khaskhabar.com  

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