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कश्मीर: लेफ्टिनेंट की हत्या, शवयात्रा पर पत्थरबाजी, सेना दोषियों को छोडेगे नहीं: जेटली

कश्मीर: लेफ्टिनेंट की हत्या, शवयात्रा पर पत्थरबाजी, सेना दोषियों को छोडेगे नहीं: जेटलीश्रीनगर । जम्मू—कश्मीर में शोपियां के हरमेन चौक से बुधवार को सेना के एक अधिकारी का शव मिला है, जिनके शरीर पर गोलियों के निशान हैं। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को मंगलवार रात आतंकियों ने अगवा कर लिया था। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज कश्मीर के कुलगाम के रहने वाले थे।

सूचना मिलते ही सुरक्षाबल एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके शव को अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। 

पत्थरबाजों ने मंगलवार रात आतंकियों के हाथों मारे गए लेफ्टिनेंट उमर फयाज की शवयात्रा को भी निशाने पर ले लिया। जब कुलगाम में फयाज के शव को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी इस पर पत्थरबाजी की गई। 

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि शोपियां में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को अगवा कर हत्या की है, जो एक कायराना हरकत है। जम्मू—कश्मीर का रहने वाला यह अफसर युवाओं के लिए एक रोल मॉडल था। उन्होंने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फैयाज शोपियां में अपनी मौसी के घर शादी की दावत में गए थे। कल रात आतंकियों ने उनकी मौसी के घर पर धावा बोला और फैयाज को अगवा कर साथ लेते गए। 

फैयाज के अगवा होने की जानकारी तत्काल ही पुलिस को दे दी गई थी और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था। लेकिन आज सुबह फैयाज का शव मिलने की खबर मिली। जून 1994 में जन्मे फयाज जम्मू के अखनूर में दूसरी बटालियन, राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। फयाज ने 2015 में एनडीए से पास कर इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया था जहां 10 दिसंबर 2016 को सेना में उनकी कमीशनिंग हुई थी। 8 जून को वह 23 साल के होने वाले थे। 

दक्षिण कश्मीर में आए दिन सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की जा रही है। लेकिन यह अपनी तरह की अलग घटना है जहां एक शहीद सैनिक की शवयात्रा को भी पत्थरबाजों ने नहीं बख्शा। ये घटना बताती है कि सेना और सरकार से जुडे लोगों से किस कदर नफरत की जा रही है। आतंकियों का संदेश साफ है, सेना और पुलिस की नौकरी से दूर रहो।

ज्ञातव्य है कि पिछले हफ्ते शोपियां में आतंकियों ने सेना के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षाबलों के दो जवान शहीद हो गए थे। साथ ही इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। इसके बाद आतंकियों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 

साभार-khaskhabar.com

 

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