BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

स्मृति ईरानी के पति पर गलत ढंग से करोडों की जमीन खरीदने का आरोप

स्मृति ईरानी के पति पर गलत ढंग से करोडों की जमीन खरीदने का आरोपनई दिल्ली । जमीनों के सौदे राजनेताओं के लिए अक्सर बदनामी लाते हैं। केंद्रीय कपडा मंत्री स्मृति ईरानी भी ऎसे ही विवादों में आई हैं। इस बार विवाद की वजह उनके पति जुबिन ईरानी हैं। आरोप है कि स्मृति के पति जुबिन ईरानी ने मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ टाइगर रिजर्व के पास करोडों की जमीन की कथित फर्जीवाडे से अपनीे फर्म के नाम रजिस्ट्री करा ली है। 

मामले का खुलासा तब हुआ जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तीन दिनों के लिए गुपचुप तरीके से बांधवगढ पहुंची। इस दौरान जमीन की सीमाबंदी कराई जाने लगी लेकिन जिस जमीन की सीमाबंदी हो रही थी उसमें स्कूल की जमीन भी शामिल थी। इंडिया न्यूज के मुताबिक ये जमीन उमरिया जिले के ग्राम कुचवाही के खसरा नंबर 75 की है जिस पर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर ने भी स्कूल का दावा ठोक दिया। 

बकौल हेडमास्टर जिस जमीन की सीमाबंदी केंद्रीय मंत्री के लोग करा रहे हैं वह स्कूल का खेल मैदान है। भू-माफिया ने हेराफेरी और कागजात में फर्जीवाडा कर विवादित जमीन को जुबिन ईरानी की फर्म मार्केज हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड को बेच दी। हेडमास्टर जानकी तिवारी ने मीडिया को बताया कि जब केंद्रीय मंत्री के लोग जमीन की घेराबंदी कराने आए तो उन्होंने स्कूल की जमीन निकालकर घेराबंदी करने को कहा लेकिन उनलोगों ने उनकी नहीं सुनी। स्कूल के हेडमास्टर का दावा है कि सरकारी विभाग से उस जमीन को स्कूल के नाम रजिस्ट्री करने के लिए पत्राचार चल रहा था, तभी इस बीच उसे भूमाफिया ने फर्जीवाडा कर हाई प्रोफाइल लोगों को बेच दिया। बता दें,जिस जमीन पर विवाद हो रहा है उसके मालिकाना हक की कहानी दिलचस्प है। इस जमीन के असली मालिक की मौत हो चुकी थी। उनका कोई वारिस नहीं था। लिहाजा, वो जमीन शासन की जमीन हो गई लेकिन बहुत दिनों बाद भू-माफिया ने जमीन के असली मालिक के छोटे भाई और भतीजे को खडा कर उस जमीन का मालिकाना हक हासिल कर लिया और कुछ दिनों बाद उसे बेच दिया। हैरत की बात यह है कि असली मालिक के छोटे भाई की उम्र दिवंगत बडे भाई की उम्र से ज्यादा थी। इसके अलावा इस जमीन को बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों का पता एक ही है। यह पता रीवा का है जो किसी दिवंगत भाजपा नेता का है। इंडिया न्यूज के मुताबिक वो पता भी फर्जी है क्योंकि वहां रिहायश नहीं है।

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More