नई दिल्ली । आयकर (आईटी) विभाग ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ कथित बेनामी संपत्ति के सिलसिले में उनके 22 ठिकानों पर छापेमारी की। इसके बाद सियासी पारा काफी ऊपर चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राजद के साथ गठबंधन तोड़कर राज्य में ताजा चुनाव कराने की मांग की है।
भाजपा ने आयकर विभाग की छापेमारी का स्वागत किया और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मांग के बाद ही केंद्र सरकार ने कार्रवाई शुरू की है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा था कि अगर राजद प्रमुख और उनके परिवार के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत हैं, तो केंद्र सरकार को मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उनका यह बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के उस बयान के प्रतिक्रिया स्वरूप आया था, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद तथा उनके परिवार के सदस्यों पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था।
भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद नारायण झा ने यहां संवाददाताओं से कहा, नीतीश कुमार के पास राजद के साथ गठबंधन से अलग होने तथा ताजा चुनाव कराने का यह सही समय है। छापे के बाद भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में उनके कथन की पुष्टि हुई।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद, उनकी बड़ी बेटी तथा दो बेटों की बेनामी संपत्ति से जुड़े सारे सबूतों को उन्होंने सार्वजनिक कर दिया था। पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था, कोई नहीं जानता कि 27 अगस्त को होने वाली राजद की रैली के वक्त लालू प्रसाद जेल में होंगे या बाहर। इससे पहले, सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद व उनके परिवार तथा जेल में बंद कारोबारी सुरेंद्र जैन तथा वीरेंद्र जैन के बीच के संबंधों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की थी। सुशील मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को नई दिल्ली के बिजवासन इलाके में खरीदे गए फॉर्महाउस के फंड के स्रोत का खुलासा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पैसे लालू के हैं और 1,000 करोड़ के चारा घोटाले का हिस्सा हैं।
भाजपा ने केंद्र सरकार से इस लेनदेन की जांच का आग्रह किया था। केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि ये भूमि सौदे उस समय हुए, जब लालू संयुक्त प्रगतिशलील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रेल मंत्री थे। उन्होंने नीतीश कुमार को लालू के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती दी।
रवि शंकर प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि राजद प्रमुख की बेटी मीसा भारती ने निर्वाचन आयोग को इन कथित संपत्तियों की जानकारी नहीं दी। प्रसाद ने निर्वाचन आयोग से मीसा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की।
राजद बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार का घटक है, जिसमें जद (यू) तथा कांग्रेस भी शामिल हैं। लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री हैं, जबकि बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बिहार के स्वास्थ्य मंत्री हैं। नवीनतम घटनाक्रम पर जद (यू) तथा कांग्रेस ने देखो और इंतजार करो की नीति अपना रखी है। कांग्रेस नेता पी.सी.मिश्रा ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ आयकर के छापों में कोई नई बात नहीं हैं।
उन्होंने कहा, आज सीबीआई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के चेन्नई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। चलिए देखते हैं कि इन छापेमारियों में आयकर विभाग को क्या मिलता है या फिर यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आवाज उठाने वाले लालू प्रसाद यादव सहित अन्य नेताओं के खिलाफ दवाब बनाने का हिस्सा मात्र है। कांग्रेस अपने रुख पर अटल है कि अगर किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जद (यू) के प्रवक्ता अजय आलोक ने पूछा कि भाजपा इतनी जल्दबाजी में क्यों है और आयकर विभाग की छापेमारी का नतीजा क्यों निकाल रही है। उन्होंने कहा, "यह आयकर विभाग का मामला है। जबतक विभाग को पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक इसका कोई मतलब नहीं निकलता।
राजद के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भाजपा की राजनीति बदले की भावना का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा, लालू प्रसाद के मुखर होने तथा साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई दलों को एकजुट करने के प्रयास के कारण भाजपा उनके खिलाफ साजिश कर रही है। आयकर विभाग की छापेमारी के बाद राजद के एक दर्जन से अधिक नेता लालू प्रसाद के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचे। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने कहा, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अभी भी आवास में मौजूद हैं और लालू उनके साथ बंद कमरे में मंत्रणा कर रहे हैं। लालू प्रसाद के वकील चितरंजन सिन्हा सबसे पहले लालू के आवास पर पहुंचे और इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से कुछ कहे बिना बाहर निकल गए।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मीडिया ने खुलासा किया था कि किस तरह दिल्ली में लालू की बेटी मीसा और उनके दामाद ने संप्रग सरकार के दौरान करोड़ों की जमीन मुखौटा कंपनियों के जरिए बहुत ही कम दाम में खरीदी थी। यह काम मुखौटा कंपनियों के शेयर खरीदने और बेचने की आड़ में किया गया था। आरोपों के घेरे में लालू की सबसे बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार हैं। यह खुलासा भी किया गया था कि जिस कंपनी के जरिए यह कथित स्कैम किया गया, उसका रजिस्टर्ड पता लालू का सरकारी आवास था। बाकायदा कागजी सबूतों के साथ किए गए इस खुलासे को राजद ने सुपारी पत्रकारिता बताया था।
राजद प्रवक्ता मनोज झा ने कहा था, इसमें गैरकानूनी क्या है? हमें सुपारी पत्रकारिता के तहत फंसाया जा रहा है, जिसका मकसद विपक्ष की छवि को खराब करना और उसकी आवाज को दबाना है। अगर स्वाभाविक और सही ट्रांजैक्शन में भी मीडिया को साजिश और गड़बड़ी नजर आ रही है, तो इससे पता चलता है कि सब ठीक नहीं है।
साभार-khaskhabar.com
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