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लखनऊ । सीबीआई की विशेष कोर्ट अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने की साजिश मामले में आज आरोप तय करेगा। ज्ञातव्य है कि 25 मई को लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और साध्वी ऋतंभरा तथा विष्णु हरि डालमिया को 30 मई को होने वाली अगली सुनवाई में इनवार्य रूप से मौजूद रहने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनको पेशी से छूट नहीं दी जा सकती, उनको पेश होना होगा। इन सभी नेताओं पर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने के षडय़ंत्र में शामिल होने के आरोप हैंं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि अगली सुनवाई में आरोप तय होंगे, लिहाजा सभी आरोपियों को अगले हफ्ते सुनवाई में मौजूद रहना होगा। इसके साथ ही जज ने यह भी कहा कि किसी को पेशी से छूट नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने निर्देश दिया था कि 1992 के बाबरी विध्वंस केस में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य पर षडय़ंत्र के आरोपों को लेकर मुकदमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ केस को रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का ट्रायल एक महीने के भीतर शुरू करने और सुनवाई हर करने का आदेश देते हुए इस मामले में दो साल के भीतर निर्णय देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के प्रमुख नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत विहिप के कई नेताओं पर ट्रायल चलाए जाने की याचिका मंजूर कर ली थी और ढांचा विध्वंस को देश के संविधान के धर्मनिरपेक्ष तत्व को झकझोर देने वाला कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने ढांचा विध्वंस के समय यूपी के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को फिलहाल राजस्थान के राज्यपाल पद पर होने के कारण मुकदमे से अलग रखा है। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि कल्याण सिंह के राज्यपाल पद से हटते ही ट्रायल कोर्ट उन पर आरोप तय करेगा। इस मामले में आरोपी गिरिराज किशोर और अशोक सिंघल की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा फरवरी 2001 के निर्णय में आडवाणी और अन्य पर आरोप हटाने के फैसले को त्रुटिपूर्ण माना था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विशेष अदालत ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की रोजाना सुनवाई 20 मई से शुरू की, तब पांच विहिप नेताओं को जमानत दे दी। पूर्व सांसद राम विलास वेदांत (59) एक अलावा शनिवार को सीबीआई कोर्ट से विहिप नेताओं चंपत राय (71), बैकुंठलाल शर्मा (88), महंत नृत्यगोपाल दास (79) और धरमदास महाराज (68) को भी जमानत मिल गई। छठे आरोपी प्रधान उस दिन अदालत में नहीं पेश हो सके थे। बुधवार को छठे आरोपी सतीश प्रधान को भी जमानत दे दी गई। अयोध्या में 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढांचा ढहाए जाने के बाद दो एफआईआर दर्ज की गई थी। तब सीबीआई ने जांच के बाद 49 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की थी, लेकिन 13 आरोपी मुकदमा शुरू होने से पहले ही बरी हो गए, वहीं इस मामले में आरोपी रहे अशोक सिंघल और गिरिराज किशोर का पहले ही निधन हो चुका है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से 4 देशों की यात्रा पर जाएंगे। पीएम मोदी जर्मनी, स्पेन, रूस और फ्रांस की यात्रा पर रवाना होंगे। इस विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगें। पीएम मोदी सरकार के विभिन्न सुधार कार्यक्रमों के मद्देनजर भारत में निवेश के अवसर को पुरजोर तरीके से रख सकते हैं। पीएम के 6 दिनों के इस दौरे के बारे में विदेश मंत्रालय से जारी एक विज्ञप्ति में कई व्यापार कार्यक्रमों को सूचीबद्ध किया जहां प्रधानमंत्री इन देशों के शीर्ष उद्योगपतियों से मिलेंगे।  आज मर्केल से मिलेंगे पीएम मोदी: पीएम मोदी अपनी इस 6 दिनों की विदेश यात्रा पर आज सबसे पहले जर्मनी पहुंंचेंगे। यहां जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल मेसेबर्ग कंट्री र्रिटीट में उनका स्वागत करेंगी। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही मंगलवार 30 मई को दोनों नेता चौथे भारत-जर्मनी अंतरसरकारी विमर्श में हिस्सा लेंगे। इस दौरान पीएम मोदी और एजेंला संयुक्त रूप से एक व्यापार कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।  31 मई को स्पेन में होंगे पीएम मोदी: विदेश मंत्रालय के अनुसार जर्मनी के बाद पीएम मोदी स्पेन जाएंगे। पीएम मोदी 31 मई को स्पेन पहुंचेंगे। यहां पीएम मोदी राष्ट्रपति मैरिआनो राजॉय से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय हित के और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही पीएम मोदी स्पेन के राजा फिलिप-6 से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी स्पेन के अग्रणी उद्योगपतियों के साथ गोलमेज बैठक करेंगे जो भारत में निवेश को लेकर इच्छुक हैं।  1 जून को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे पीएम मोदी: विदेश मंत्रालय के अनुसार पीएम मोदी 1 जून को स्पेन से रूस के सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे जहां वह रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ 18वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन के बाद मोदी 2 जून को सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल एकोनामिक फोरम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे।  2 जून को पेरिस में होंगे पीएम मोदी: रूस की यात्रा के बाद पीएम मोदी 2 जून को पेरिस पहुंचेंगे। तीन जून को पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मेक्रोन के साथ द्विपक्षीय हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इस वार्ता का मकसद भारत-फ्रांस रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाना है। ज्ञातव्य है कि मेक्रोन के साथ पीएम मोदी की यह पहली मुलाकात होगी। ज्ञातव्य है कि मेक्रोन इस महीने की शुरूआत में फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गये। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के मामले में मुंबई की विशेष अदालत टाडा अबू सलेम सहित 7 लोगों के खिलाफ आज सजा का ऐलान कर सकती है। ज्ञातव्य है कि इस मामले में 25 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि इस मामले में 29 मई को सजा या सजा की तारीख का ऐलान किया जा सकता है। गौरतलब है कि 1993 में मुंबई में सीरीयल बम ब्लास्ट हुए थे। मुंबई में हुए 13 बम धमाकों में करीब 257 लोगों की मौत हो गई थी।  साथ ही इन धमाकों में 713 लोग घायल हो गए थे। मुंबई बम धमाकों में आरोपी मुस्तफा डोसा और अबु सालेम सहित रियाज सिद्दीकी, करिमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल राशिद, ताहिर मर्चेंट, अब्दुल कैयूम के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दर्ज कर टाडा कोर्ट में मामला चलाया था। इन धमाकों के बाद अंडरवलर््ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टायगर मेमन, अबू सलेम, मुस्तफा डौसा को फरार घोषित किया था। 2003 में सीबीआई ने मुस्तफ़ा को गिरफतार कर लिया था। वहीं अबू सलेम को 2006 में पुर्तगाल से भारत लाकर गिरफतार किया गया था, जबकि दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन अब भी फरार हंै।  सीबीआई चार्जशीट के अनुसार ये सभी आरोपी बम धमाकों की योजना बनाने, हथियार लाने, बम बनाने से लेकर धमाकों को अंजाम देने तक मे शामिल थे।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली वालों को दिल्ली मेट्रों ने एक नया तोहफा दिया है। दरअसल रविवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई मेट्रो लाइन का उद्धाटन किया है।ये हेरिटेज लाइन है जो आईटीओ से कश्मीरी गेट को जोड़ेगी।  ये लाइन पुरानी दिल्ली के एेतिहासिक स्थलों के बीच से गुजरने की वजह से इसका नाम हेरिटेज लाइन ऱखा गया है। इस लाइन पर दिल्ली गेट, जामा मस्जिद और लाल किला समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन है। रविवार को वेकैंया नायडू और अरविंद केजरीवाल को मेट्रो भवन में रिमोट कंट्रोल से इस रेल लाइन का उद्घाटन किया है। नायडू ने कहा कि इस लाइन से लोगों की काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार से मिले सहयोग का धन्यवाद जताया है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 32वीं बार रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। पीएम मोदी के मन की बात को बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह भी लोगों के बीच जाकर रेडियो पर सुना। अमित शाह दिल्ली के आरके पुरम इलाके में गरीब लोगों के साथ रेडियो पर इस कार्यक्रम को सुना। उनके साथ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत कई नेतागण मौजूद रहे। अपने संबोधन में सबसे पहले पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी।वहीं पीएम मोदी ने योग दिवस पर इस बार तीन पीढ़ियों के साथ योग करने की तस्वीर उन्हें भेजने को कहा है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता पर खुशी जताते हुए पीएम ने देशवासियों से गीले और सूखे कचरे को अलग अलग रखने का आह्वान किया, ताकि इनका इस्तेमाल खाद बनाने में इस्तेमाल किया जा सके। पीएम ने कहा कि सरकार की तीसरी सालगिरह पर कई सर्वे हुए है जिसमें लोगों ने खासी दिलचस्पी दिखाई जिसे देखकर मुझे काफी खुशी हुई।सरकार की जवाबदेही जरूरी होती है वहीं मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है उन्होंने कहा मुझे ऐसा प्रतीत होता है मैं आप सबसे परिवार की सदस्य की तरह बैठक बात कर रहा हूं। मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर 26 मई को मन की बात को किताब के रूप में लॉन्च किया गया। मन की बात : ए सोशल रिवोल्युशन ऑन रेडियो’ और ‘मार्चिंग विद ए बिलियन- एनालाइजिंग नरेन्द्र मोदी गवर्नमेंट एट मिडटर्म’ के नाम राष्ट्रति भवन में दो किताबों का अनावरण किया गया। दोनों किताबों की पहली प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सौंपी गई। पिछली बार मन की बात में पीएम मोदी ने लोगों के दिमाग में भीतर तक घुसी वीआईपी संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने और सभी भारतीयों को महत्व देने की जरूरत पर बल दिया था। मोदी ने कहा था कि समय आ गया है, जब वीआईपी संस्कृति को बदलकर ईपीआई (हर व्यक्ति महत्वपूर्ण) कर दिया जाए। मोदी ने कहा, हमारे देश में वीआईपी संस्कृति के लिए एक प्रकार की नफरत है, लेकिन जब सरकार ने अधिकारियों की गाडियों से लाल बत्ती हटाने का फैसला किया तब मैंने महसूस किया कि यह नफरत कितनी भीतर तक घुसी है। यह लाल बत्ती वीआईपी संस्कृति की सूचक बन गई है, जो हमारे दिमाग में भीतर तक घुसी है। लाल बत्ती को हटाना केवल हमारी प्रणाली का एक हिस्सा भर है, लेकिन हमें इस संस्कृति को अपने दिमागों से हटाने का प्रयास करना होगा। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । मॉरीशस के प्रधानमंत्री के स्वागत के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से दिए जाने वाले भोज में शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे। हालांकि, नीतीश ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विपक्ष की एकता को प्रदर्शित करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया हो, लेकिन आज मोदी की ओर से दिए जाने वाले भोज में शामिल होने के लिए हां कर दी है।  जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने यहां शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शनिवार दोपहर को भोज का आायोजन किया गया है, जिसमें मुझे भी आमंत्रित किया गया है। इस भोज में मैं बतौर बिहार के मुख्यमंत्री शामिल होऊंगा। उन्होंने कहा कि मॉरीशस के 50 प्रतिशत लोग बिहार के ही मूल निवासी हैं, इस कारण वहां के लोगों को बिहार से अगाध प्रेम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोज के बाद वह प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह गंगा में गाद की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री से बात करेंगे और इसके समाधान के लिए अनुरोध करेंगे। आपको बता दें कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भारत की तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं।  इससे पहले, शुक्रवार को सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी दलों की बैठक में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। जद (यू) की ओर से इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष शरद यादव शामिल हुए। सोनिया की बुलाई बैठक में नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर पार्टी की ओर से कहा गया कि कई सरकारी कार्यो में व्यस्तता के कारण नीतीश इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। साभार-khaskhabar.com  

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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जनता दरबार में आए एक सिख शिकायतकर्ता के साथ हुई बदसलूकी पर सुरक्षाकर्मियों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री योगी जनता दरबार में पीडि़तों की फरियाद सुन रहे थे। इसी दौरान धर्मशाला बाजार निवासी सरदार तेजपाल सिंह भी उसने मिलने के लिए आए थे, लेकिन जनता दरबार के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और तलाशी के दौरान उन्हें कृपाण निकालने के लिए कहा। सरदार तेजपाल सिंह ने जब विरोध जताया, तब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। तेजपाल सिंह ने सोचा कि कृपाण निकाल देने से काम चल जाएगा और उन्होंने मन मारकर कृपाण निकाल दिया और अंदर जाने लगे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें फिर रोक दिया और पगड़ी उतारकर जांच कराने को कहा। पगड़ी उतारने का हुक्म तेजपाल को बर्दाश्त नहीं हुआ। उन्होंने कड़ा विरोध जताया, तब कतार में लगने दिया गया। जब मुख्यमंत्री से मिलने की बारी आई, तब सरदार तेजपाल ने उनसे सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए दुव्र्यवहार की शिकायत की। योगी ने मामले को गंभीरता से लिया और अपने ‘सेवकों’ से उन्हें चेतावनी देने और समझाने को कहा। मुख्यमंत्री से मिलकर आने के बाद भावुक हुए तेजपाल सिंह ने कहा कि देश में सिखों के साथ इस तरह की घटना, वह भी गोरखनाथ मंदिर परिसर में होना काफी कष्टदायक है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कई पुश्तों से मंदिर में आ रहा है। वह भी योगी आदित्यनाथ के सांसद रहने के दौरान अक्सर ही मिलने आते थे, लेकिन पहले कभी ऐसा नहीं हुआ जो आज हुआ। तेजपाल सिंह ने कहा, ‘‘कभी सोचा नहीं था कि अपने ही शहर में मुझे पगड़ी उतारने के लिए कहा जाएगा। मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों को इतना भी पता नहीं है कि संविधान में सिखों को कृपाण रखने और पगड़ी पहनने का अधिकार दिया गया है।’’ साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार आज अपने तीन साल पूरे कर रही है। इसी दिन पूर्वोत्तर राज्यों असम और अरूणाचल प्रदेश को जोडने वाले देश के सबसे लंबे ढोला-सादिया ब्रह्मपुत्र पुल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह साढे दस बजे उद्घाटन करेंगे। ये पुल ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी लोहित पर बना है। इस पुल से सुदूर उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए आने जाने की सुविधा हो जाएगी, कारोबार को बढावा भी मिलेगा, साथ ही सेना को असम से अरूणाचल-चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी होगी। ढोला-सादिया ब्रह्मपुत्र पुल की लंबाई 9.15 किमी है। इस लिहाज से ये बांद्रा-वर्ली सी-लिंक से भी 30 फीसदी लंबा है। पुल की चीन सीमा से हवाई दूरी 100 किमी से कुछ कम है। अभीतक इस इलाके में नदी के आरपार सारे कारोबार नावों के जरिए ही होते रहे हैं। पुल बनाने का काम मनमोहन सिंह सरकार के काल में 2011 में शुरू हुआ और इसकी लागत 950 करोड रूपए है। ये पुल 182 खंभों पर टिका है। पुल इतना मजबूत बनाया गया है कि इस पर 60 टन वजनी युद्धक टैंक भी गुजर सकें व भूकंप के झटके भी ये आसानी से झेल सके। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पाकिस्तानी शख्स से कथित तौर पर निकाह को मजबूर की गई भारतीय महिला उज्मा अहमद गुरुवार सुबह वतन लौट आईं। भारत लौटने के बाद उज्मा पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उज्मा ने कहा कि पाकिस्तान मौत का कुआं है।  पाकिस्तान से लौटीं उज्मा अहमद और उनके परिजनों से मिलने के लिए खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उनके घर पहुंची। इस दौरान सुषमा स्वराज ने कहा, उज्मा वेलकम होम भारत की बेटी, तुम्हें जिन हालात से गुजरना पड़ा, उसका मुझे दुख है। इसके बाद उज्मा और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  हमारा देश भारत बहुत अच्छा, ना जाए कोई पाकिस्तान... उज्मा ने बताया, पाकिस्तान मौत का कुआं है, वहां जाना आसान है लेकिन आना मुश्किल है। मैं सभी को सलाह दूंगी कि कभी पाकिस्तान ना जाना। पाकिस्तान को लेकर मेरे मन में खौफ बैठ गया है। हमारा देश भारत बहुत अच्छा है। हमारे पास सुषमा मैम जैसी विदेश मंत्री हैं। मैंने दो-तीन देश देखे हैं लेकिन मुझे गर्व है कि मैं भारतीय हूं। उज्मा ने कहा कि मेरे पास धन्यवाद के अलावा कोई और शब्द नहीं हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी को भी शुक्रिया कहना चाहती हूं।  उज्मा ने कहा कि पाकिस्तान मौत का कुआं है, वहां जाना आसान है लेकिन निकलना मुश्किल है। वहां सबकुछ बहुत अजीब था, रोज फायरिंग होती थी। विदेश से लड़कियां लाकर सप्लाई की जाती थीं। सुषमा स्वराज मैम मुझे रोज फोन करती थी और कहती थी कि तुम जल्द ही वापस आओगी। पाकिस्तान में दूतावास ने मेरी मदद की। उन्होंने तुरंत मेरी बात सुनने के बाद ऐक्शन लिया। मैं पाकिस्तान सिर्फ घूमने गई थी, लेकिन वहां पर स्थिति बदल गई। किसी ने मुझे नींद की गोली दे दी। इससे पहले उज्मा अहमद गुरुवार सुबह वतन लौट आईं थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले ही उज्मा को भारत लौटने को मंजूरी दी थी। उज्मा वाघा सीमा पार कर अमृतसर पहुंचीं। उनके आने के बाद विदेश मंत्री विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उनका स्वागत किया। सुषमा ने ट्वीट में कहा, उज्मा, घर में तुम्हारा स्वागत है भारत की बेटी। मुझे खेद है कि तुम्हें यह सब झेलना पड़ा। उज्मा इस्लामाबाद से लाहौर पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ भारतीय उप उच्चायुक्त जे. पी. सिंह भी थे, जिन्होंने उज्मा को वाघा सीमा तक छोड़ा। वह 25 दिनों तक पाकिस्तान में रहीं। महिला का दावा है कि उन्हें बंदूक की नोक पर पाकिस्तान के बुनेर के रहने वाले ताहिर अली से निकाह के लिए मजबूर किया गया। सुनवाई के दौरान पाकिस्तानी न्यायाधीश मोहसिन अख्तर कयानी ने उज्मा से पूछा था कि क्या वह उनके चैम्बर में अपने शौहर से मिलना चाहती हैं? इस पर उज्मा ने इससे इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि उज्मा अपने देश जा सकती हैं और इस मामले की सुनवाई उनकी अनुपस्थिति में होगी। उज्मा ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में शरण ले रखी थी। वह वतन लौटना चाहती थीं। अली ने याचिका दायर कर कहा था कि उज्मा को जबरन भारतीय उच्चायोग में रखा गया है और यह भी कहा था कि शादी जबरन नहीं हुई है। नई दिल्ली की रहने वाली उज्मा को मलेशिया में अली से प्यार हो गया था, जिसके बाद वह वाघा सीमा से होते हुए एक मई को पाकिस्तान पहुंची थीं। साभार-khaskhabar.com  

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अमृतसर/नई दिल्ली। पाकिस्तान में बंदूक की नोंक पर जबरन शादी का शिकार हुई भारतीय युवती उजमा भारत लौट आई हैं। उजमा को दो भारतीय अधिकारियों ने वाघा बॉर्डर से रिसीव किया। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की है। सुषमा ने लिखा, ‘उजमा, भारत की बेटी का अपने घर में स्वागत है। तुम्हें जिन तकलीफों से गुजरना पड़ा उसके लिए मुझे खेद है।’ इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बुधवार को दिए गए फैसले के बाद उजमा की भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि उजमा भारत वापस भारत जा सकती है। साथ ही, पाकिस्तान पुलिस को भी कोर्ट की ओर से निर्देश दिया गया था कि वह उजमा को वाघा सीमा तक सुरक्षित पहुंचाए। इस्लामाबाद कोर्ट के जज मोहसिन अख्तर कयानी ने उजमा का मूल आव्रजन प्रपत्र वापिस लौटा दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कहा कि वह इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी देखकर आगे के कदम पर फैसला करेगा। उजमा का मामला उस समय सामने आया था, जब उसके पति ताहिर ने अदालत में एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास उसकी पत्नी उजमा को अपने परिसर से बाहर नहीं निकलने दे रहा है। ताहिर का कहना था कि वह और उजमा वीसा लेने के लिए दूतावास गए थे। इसके बाद उजमा ने आरोप लगाया कि ताहिर से उसकी जबरन शादी करवाई गई थी। उजमा ने आरोप लगाया था कि ताहिर ने उसे अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तान बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे शादी के लिए मजबूर किया गया। उजमा के मुताबिक, बंदूक की नोंक पर डरा-धमकाकर जबरन उसके शादी कराई गई। उजमा ने यह भी कहा कि निकाहनामे पर भी उससे जबरन दस्तखत कराया गया। मामला बढऩे के बाद से उजमा इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में ही रह रही थीं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में अंतिम फैसला सुनाए जाने से पहले ताहिर ने कहा था कि उसे एक बार अकेले में उजमा से मिलने की इजाजत दी जाए, लेकिन उजमा इसके लिए राजी नहीं हुईं। बता दें कि उजमा एक भारतीय महिला है। उसने पिछले दिनों भारतीय उच्चायोग में शरण ली थी। उसने भारतीय अफसरों को बताया था कि कैसे एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ शादी करने के लिए बंदूक तानकर मजबूर किया। हिंसा एवं यौन उत्पीडऩ का सामना करना पड़ा था। उजमा ने इस्लामाबाद अदालत में अपने पति ताहिर अली के खिलाफ याचिका दायर की है, उसने अपने पति पर प्रताडऩा और धमकाने का आरोप लगाया है। महिला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराया, जिसमें उसने मजिस्ट्रेट से कहा कि वह शादी के लिए नहीं, बल्कि अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान आई थी। साभार-khaskhabar.com  

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इस्लामाबाद । इस्लमाबाद हाईकोर्ट से इजाजत मिलने के बाद भारतीय महिला उज्मा आज पाकिस्तान से भारत पहुंचेंगी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उज्मा को बाघा बॉर्डर तक सुरक्षा भी दी जाए। आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रहने वाली उज्मा इस महीने पाकिस्तान आई थी। उसने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक ताहिर अली ने बंदूक का डर दिखाकर उसे जबरन शादी की थी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट में जज मोहसिन अख्तर कियानी उज्मा और अली की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। उज्मा ने अनुरोध किया था कि उसे भारत भेजा जाए जबकि अली ने कहा था कि उसे अपनी पत्नी से मिलने दिया जाए। पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ की खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने नई दिल्ली की रहने वाली उज्मा को आश्वासन दिया कि वह किसी भी समय भारत लौटने के लिए स्वतंत्र हैं और उसे पुलिस सुरक्षा के साथ वाघा बार्डर पर भेजा जाएगा। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उज्मा से पूछा कि क्या वह अपने पति से बात करना चाहती है लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि उसके यात्रा दस्तावेज अली ने चुरा लिए थे। उज्मा ने 12 मई को अदालत में याचिका दायर की थी और एक मेडिकल रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें उसने दिखाया था कि उसकी बेटी थलीसीमिया से पीडित है और उसे तुरंत भारत भेजे जाने की जरूरत है। खबरों के अनुसार, उज्मा और अली की मुलाकात मलेशिया में हुई थी और उन दोनों को प्यार हो गया था जिसके बाद वह वाघा बार्डर के रास्ते से एक मई को पाकिस्तान आयी। दोनों ने तीन मई को निकाह किया था। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । मोदी सरकार अब अधिकारियों के रेकॉर्ड पर ऑनलाइन नजर रखेगी। इसके लिए सरकार ने एक सिस्टम तैयार किया है। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अधिकारियों के कामकाज का आंकलन होगा। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले या कम ईमानदार अधिकारियों पर सरकार एक्शन लेगी और उनके रिटायर करने पर भी फैसला किया जागएा। अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग ने अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम का नाम ऑनलाइन प्रोबिटी मैनेजमेंट सिस्टम है। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अधिकारियों के काम काज का आंकलन होगा।  रिपोर्ट के अनुसार सरकार 50-55 वर्ष की आयु वाले या नौकरी में 30 वर्ष पूरे कर चुके सभी अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन कर रही है। इन अधिकारियों के कामकाज के प्रदर्शन के आधार पर इन्हें आगे नौकरी पर रखने या अनिवार्य तौर पर रिटायर करने का फैसला किया जाएगा। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जिन जन अधिकारियों की समीक्षा की जानी है उनकी संख्या बहुत अधिक होने के कारण इसमें मंत्रालयों को काफी पेपरवर्क करने के साथ ही नियमित तौर पर रिपोर्ट्स जमा करनी पडती। अब नए सिस्टम से यह सारा काम ऑनलाइन हो जाएगा। ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अब मंत्रालय अपनी रिपोर्ट्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगी और सरकार को एक ही पोर्टल पर पूरी जानकारी मिल जाएगी। मंगलवार को मंत्री जितेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया था कि पिछले कुछ महीनों में ग्रुप ए के 30 और ग्रुप बी के 99 अधिकारियों को रिटायरमेंट दी गई है। साथ ही उन्होनें बताया था कि सरकार ने इस तरह की अनिवार्य रिटायरमेंट देने से पहले ग्रुप ए के 24,000 और ग्रुप बी के 42,251 अधिकारियों के रेकॉर्ड की जांच की थी।  साथ ही उन्होनें बताया था कि सरकार खराब प्रदर्शन करने वालों की जांच के लिए अधिकारियों के सर्विस रेकॉर्ड देख रही है। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए सरकार उन अधिकारियों की पहचान करेगी जो संवेदनशील पदों पर लंबे समय से मौजूद हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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