नई दिल्ली । पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर से बेनकाब हुआ है। भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तानी दावे की पोल खुली है। पाकिस्तान की पोल खोलने वाला आईएसआई का ही पूर्व अधिकारी है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अमजद शोएब ने माना है कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में नहीं बल्कि ईरान में पकड़ा गया था और उन्हें वहां से लेकर बलूचिस्तान में फर्जी गिरफ्तारी दिखाई गई। इस बयान का इस्तेमाल भारत अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई में कर सकता है। ज्ञात रहे कि पाकिस्तानी सेना जाधव पर जासूसी और आतंकवाद का आरोप लगा चुकी है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी दोनों मानते हैं कि जाधव फर्जी पहचान के तहत ईरान में रह रहे थे और उनका असल मकसद कराची और बलूचिस्तान में आतंकवाद को हवा देना था। आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब जाधव को लेकर पाकिस्तान की कलई खुली है। पाकिस्तान में जर्मनी के पूर्व राजदूत गुंटर मुलक भी अपने सूत्रों के हवाले से यही बात कह चुके हैं। मुलक का कहना था कि जाधव को ईरान से तालिबान ने अगवा किया और उसके बाद आईएसआई को बेच दिया था। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तानी संसद को बताया था कि जाधव के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद नहीं हैं। साभार-khaskhabar.com
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