देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
पेरिस । फ्रांस के राष्ट्रपति चुनावों में इमैनुअल मैक्रो ने जबरदस्त जीत दर्ज की है। मैक्रो ने अपनी प्रतिद्धंदी मैरी ल पेन को राष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है। 39 साल के मैक्रो फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति होंगे। मीडिया रिपोर्ट ने मैक्रों के लगभग 64 फीसदी वोटों के साथ जीतने का संभावना जताई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने फोन पर मैक्रो को बधाई दी। मैक्रो ने इस मौके पर कहा कि फ्रांस के लंबे इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। साथ ही उन्होनें कहा कि वे चाहते हैं कि यह एक आशा और विश्वास बनकर उभरे।
कौन है इमैनुअल मैक्रो:
मैक्रो का जन्म उत्तरी फ्रांस में हुआ था। मैक्रो एक पूर्व बैंकर हैं और उन्होनें पहली बार चुनाव लडा है। मैक्रो को वर्ष 2012 में राष्ट्रपति ओलांद का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2014 में इन्हें वित्त मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया।
पहले चुनाव में ही कि जीत हासिल:
मैक्रो नंवबर 2016 में पहली बार राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के रूप में सामने आए। ज्ञातव्य है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराम ओबामा ने भी मैक्रो को अपना समर्थन दिया था। ज्ञातव्य है कि फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान में उतरे 11 उम्मीदवारों में से मैक्रो पहले चरण में शीर्ष पर रहे और दूसरे दौर के रन ऑफ चुनाव में शामिल मैरी ल पेन और मैक्रों ने मतदाताओं के समक्ष फ्रांस से जुडे अलग-अलग मुद्दों को उठाया था। दोनों ही बिल्कुल अलग नजरिए वाले हैं। उदार मध्यमार्गी मैक्रों व्यापार समर्थक और यूरोपीय संघ के समर्थक हैं। पहले चरण में मध्यममार्गी इमैनुअल मैक्रों विजेता रहे थे।
मैक्रों और दक्षिणपंथी मरी ल पेन ने फ्रांस की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। उन्होंने काफी समय से फ्रांस की राजनीति में हावी रिपब्लिकन पार्टियों की जड़ें हिला दीं।
मैक्रो का एजेंडा:
मैक्रो का एजेंडा था कि वह 5000 बॉर्डर गार्ड्स की फोर्स बनाएंगे। साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रीयता हासिल करने के लिए फ्रैंच भाषा जाननी जरूरी होगी। इसके अलावा फ्रांस में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का विस्तार उनके एजेंडे में था।
हैकिंग अटैक का दावा:
वोटिंग खत्म होने के बाद मैक्रों की कैंपेन टीम ने दावा किया था कि उनके दस्तावेजों को लीक करके उनपर हैकिंग अटैक किया गया है। मैक्रों ने रूस पर हैकिंग अटैक का आरोप लगाया था। अमेरिका में चुनाव के दौरान हिलरी क्लिंटन ने भी रूस पर हैकिंग का आरोप लगाया था।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
केरल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हेलीकॉप्टर की लैडिंग के दौरान टला हादसा, सुरक्षा में चूक उजागर
युवा भारत भाषा में लचीलापन चाहता है
किसान, युवा, महिला एवं मजदूर के उत्थान में कारगर हो रहा पखवाड़ा, ग्रामीणों की राह हो रही आसान : भजनलाल शर्मा