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पटना । राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देकर सभी को चौंकाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। नीतीश ने शुक्रवार को विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जब रामनाथ का जीतना तय है, तो बिहार की बेटी का चयन हारने के लिए क्यों किया गया? पटना में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के घर पर इफ्तार पार्टी में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने बिहार की बेटी का चयन हारने के लिए किया है। नीतीश ने मीडियाकर्मियों से कहा, मैं मीरा कुमार का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन क्या बिहार की बेटी का चयन हराने के लिए किया गया? जिताने के लिए क्यों नहीं किया गया? दो बार मौका था, तब क्यों नहीं याद आईं बिहार की बेटी। यदि सच में सम्मान करना है, तो 2019 में जीत की रणनीति बनाइए। हम लोगों ने हर पहलू पर गौर करके निर्णय लिया है। यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है। जहां तक जेडीयू की बात है, पार्टी स्वतंत्र निर्णय लेती है। पिछली बार जब प्रणव मुखर्जी और हामिद अंसारी उम्मीदवार थे, तो बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ बयानबाजी की थी, तो मैंने उसकी मुखालिफत की थी। एनडीए में रहते हुए हमने उनका समर्थन किया था। वहीं, शुक्रवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि पता नहीं क्या खिचड़ी पकी कि नीतीश आरएसएस की राह चल दिए। इस दौरान लालू ने कहा था कि वे इस इफ्तार पार्टी के दौरान नीतीश से मुलाकात करेंगे, लेकिन नीतीश के बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि लालू भी नीतीश को समझाने में नाकाम हो गए हैं। इससे पहले गुरुवार को लालू ने कहा था, उनके सहयोगी जदयू द्वारा एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का निर्णय एक गलत निर्णय है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनका समर्थन कर ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं। आपको बात दें कि राजद बिहार में नीतीश कुमार के जदयू और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार में शामिल है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार से चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हो गए। इस चार दिन की विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी तीन देश जाएंगे। आज पीएम मोदी पुर्तगाल पहुंचेंगे। पीएम मोदी आज पुर्तगाल के लिस्बन में पीएम अंतोनियो कोस्टा से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि पुर्तगाल के पीएम के साथ मोदी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, विशेष रूप से आर्थिक सहयोग, विज्ञान एवं तकनीक, अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद 25 और 26 जून को अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। सोमवार 26 जून को पीएम मोदी यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। मोदी, ट्रंप के साथ आतंकवाद, एच-1बी वीजा नियमों में संभावित बदलावों को लेकर भारतीय चिंताओं समेत कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि मोदी और ट्रंप के बीच रक्षा संबंधों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। एक-दूसरे को जानने के लिए उनके पास करीब पांच घंटे का समय होगा। दोनों साथ में व्हाइट हाउस में डिनर भी करेंगे। ज्ञातव्य है कि मोदी अमेरिका दौरे पर जाने वाले ऐसे पहले विदेशी लीडर होंगे, जिनको ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में डिनर का मौका मिल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों लीडर्स मीडिया को संक्षिप्त बयान देंगे, लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देंगे। अमेरिका यात्रा के बाद मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री मार्क रेता और राजा विलम अलैक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से औपचारिक भेंट होगी। भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्वपूर्ण सीईओ से मिलेंगे। साभार-khaskhabar.com  

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पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति चुनावों के दौरान एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देगी। इसके बाद बिहार के राजनीतिक क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या नीतीश एनडीए में अपनी वापसी का विचार बना रहे हैं। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी के साथ बिहार में गठबंधन की सरकार चला रहे नीतीश आगे भी महागठबंधन का हिस्सा रहेंगे, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सब कयासों के बीच नीतीश कुमार आज लालू प्रसाद से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। दरअसल लालू ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया है, जिसमें नीतीश कुमार शिरकत करेंगे। एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को बुधवार को अपने समर्थन का ऐलान करने के बाद नीतीश की लालू से यह पहली मुलाकात है। आपको बता दें कि 17 जून को नीतीश कुमार ने भी अपने सरकारी आवास एक, अणे मार्ग पर इफ्तार का आयोजन किया था, जिसमें लालू प्रसाद के अलावा और उनकी पत्नी राबड़ी देवी और दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप ने भी शिरकत की थी। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद आज नामांकन दाखिल करेंगे। बताया जा रहा है कि इस अवसर पर भाजपा और उसके सहयोगी दल शक्ति प्रदर्शन करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोविंद के नामांकन को एक मेगा पावर शो बनाने के लिए NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित कई हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है। इस दौरान पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के सभी 13 मुख्यमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती, आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री टी.ई.के. पलानीस्वामी सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे। वहीं राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। गुरूवार को विपक्ष के 16 दलों ने राष्ट्रपति पद को लेकर बैठक की, जिसमें एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ यूपीए ने पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार का नाम अपने उम्मीदवार के रूप में तय किया। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होना हैं। साथ ही वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। रामनाथ कोविंद अगस्त 2015 से बिहार के राज्यपाल थे। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में अपने नाम का ऐलान होने के बाद ही उन्‍होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को नामांकन-पत्र दाखिल किया। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी बड़े नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविंद के पहले प्रस्तावक बने। कोविंद के नामांकन में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी संसद भवन पहुंचे। इससे पहले बीजेपी ने शक्ति प्रदर्शन किया।   नामांकन-पत्र दाखिल करने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश में राष्ट्रपति पद सर्वाधिक गरिमा का पद होता है और वह इस पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। कोविंद ने नामांकन-पत्र दाखिल करने के बाद संसद से बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘हमारे देश में संविधान सर्वोपरि है। इसकी गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।’   कोविंद ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए। कुछ महीनों में हम देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। ऐसे में देश का निरंतर विकास होता रहे, हम इसके प्रयास करते रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘पूर्व में इस पद को कई लोगों ने सुशोभित किया है, जिसमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृष्णन और ए.पी.जे अब्दुल कलाम जैसे महानुभाव हुए।’ कोविंद ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नामांकन किया। दूसरे घटक दलों ने भी मेरा समर्थन किया। इसके लिए सभी का हृदय से आभारी हूं।’ आपको बता दें कि रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। एनडीए के साथ-साथ जेडीयू, टीआरएस, बीजेडी जैसे दलों ने उन्हें समर्थन का ऐलान किया है। ऐसे में रामनाथ कोविंद को 61 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अकेले एनडीए का वोट प्रतिशत ही 48.6 फीसदी है। नामांकन के मौके पर समर्थन देने वाले तमिलनाडु के सीएम पलनीसामी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और ओडिशा के मंत्री सूर्यनारायण पात्रा भी मौजूद थे।   वहीं राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने मीरा कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। गुरूवार को विपक्ष के 16 दलों ने राष्ट्रपति पद को लेकर बैठक की, जिसमें एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ यूपीए ने पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार का नाम अपने उम्मीदवार के रूप में तय किया। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनावों को लेकर कांग्रेस की मुश्किलें और बढ गई है। ज्ञातव्य है कि बिहार के सीएम और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान बुधवार को कर दिया। नीतीश के इस फैसले से कांग्रेस को झटका लगा है। वहीं राष्ट्रपति चुनावों को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी दलों की बैठक आज होने वाली है। कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी पार्टियों की बैठक तो हो रही है, लेकिन अब विपक्ष के पास अपना राष्ट्रपति बनाने की ताकत नहीं बची है। ज्ञातव्य है कि नीतीश कुमार के समर्थन के बाद एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के लिए उससे ज्यादा वोट जुट चुके हैं, जितने में जीत होती है।   ऐसे में रामनाथ कोविंद का राश्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आज शाम 4.30 बजे कांग्रेस की अगुवाई में जब 17 विपक्षी दल राष्ट्रपति चुनाव पर मंथन करेंगे तो उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं होंगे। मायावती बैठक में शामिल तो होंगी लेकिन वह पहले ही दलित के नाम पर कोविंद को समर्थन देने की बात कह चुकी हैं। वहीं उद्धव ठाकरे ने भी ना नुकर करने के बाद कोविंद के समर्थन में आ गए। एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनने के लिए अभी पांच लाख 32 हजार वोट हैं। बीजेडी ने कोविंद का समर्थन कर दिया है। बीजेडी के पास 37 हजार 257 वोट हैं। साथ ही वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस का समर्थन भी रामनाथ कोविंद को हासिल है और अब नीतीश की पार्टी के भी 20 हजार 779 वोट एनडीए के खाते में आ गए।    इस हिसाब से एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के समर्थन में छह लाख 29 हजार 658 वोट हो गए हैं। वहीं जीत के लिए पांच लाख 49 हजार 422 वोटों की जरूरत है। ऐसे में रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। साभार-khaskhabar.com  

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ और आतंकवादी हमले गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया। बताया जा रहा है कि यह मुठभेड करीब छह घंटे तक चली।    एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बुधवार को खुफिया रिपोर्ट मिली थी कि घनी आबादी वाली इलाके के एक घर में लश्कर में शामिल हुए नए तीन आतंकी छिपे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने पुलवामा के काकापोरा इलाके की घेरेबंदी कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। पुलवामा इलाके में यह पहला सफल आतंकरोधी अभियान था। माना जाता है कि इस इलाके में बड़ी संख्या में स्थानीय आतंकी मौजूद हैं। यह सफल ऑपरेशन लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका है। हाल ही में इसके कमांडर जुनैद मट्टू को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। तीन दिनों के अंदर लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ यह दूसरा सफल ऑपरेशन है। साभार-khaskhabar.com    

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मुम्बई। महाराष्ट्र के कल्याण में नेवी के जमीन अधिग्रहण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों ने गुरुवार सुबह हिंसक प्रदर्शन किया। किसानों ने कल्याण क्षेत्र के नेवली गांव के पास सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान जब पुलिस ने उनको हटाने का प्रयास किया तो किसान आक्रोशित हो गए और उन्होने तोड़-फोड़ शुरू कर दी। किसानों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट की गाड़ियों सहित पुलिस के वाहनों में जबरदस्त तोड़-फोड़ की और कई वाहनों में आग लगा दी।    इस दौरान आक्रोशित किसानों की पुलिस से भी झड़प हो गई। लोगों ने पुलिस की गाड़ी को घेरते हुए पुलिसकर्मियों पर ही धावा बोल दिया। इस हमले में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, दो सब इंस्पेक्टर सहित कुछ कांस्टेबल के घायल होने की भी खबर है।   आपको बता दें कि किसानों द्वारा किया जा रहा यह प्रदर्शन नेवी की ओर से किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में हो रहा है। गौरतलब है कि इस गांव में विश्व युद्ध के दौरान की एक एयर स्ट्रिप बनाया गया था और इसके आसपास की जमीन रक्षा मंत्रालय की है। कई वर्षों से खाली पड़ी जमीन को लोग अपनी बताकर लगातार खेती करते आ रहे हैं। लेकिन अब नेवी जब इस पर अधिग्रहण करती दिख रही है तो किसान भड़क गए। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में ट्रैफिक पुलिस में सब-इंस्पेक्टर निजलिंगप्पा ने शहर के ट्रिनिटी जंक्शन पर पिछले दिनों राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी के कॉनवॉय के गुजरने से पहले एक मरीज को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस को गुजरने दिया।  बताया गया कि निजलिंगप्पा ने एम्बुलेंस को दूर से देखा और तुरंत अन्य पुलिसवालों को सूचित किया कि वो एम्बुलेंस को आगे जाने दें। इस तरह निजलिंगप्पा ने एक मरीज की जान बचाई। इस काम के लिए उन्हें हर तरफ से ढेरों शाबासियां मिलीं, और पुलिस विभाग के आला अफसरों ने उन्हें पुरस्कृत भी किया है। अब निजलिंगप्पा को पूरा सोशल मीडिया सलाम कर रहा है।  घटना 17 जून की है, जब राष्ट्रपति बेंगलुरू मेट्रो की ग्रीन लाइन का उद्घाटन करने शहर में आए थे। निजलिंगप्पा तब शहर के ट्रिनिटी सर्कल पर तैनात थे और उन्होंने एम्बुलेंस को पहले जाने का आदेश दिया और उनके इस फैसले के लोग मुरीद हो गए। बता दें, ये ऎसे समय में देखने को मिला है जब आएदिन किसी न किसी राजनेता या वीवीआईपी के काफिले की वजह से ट्रैफिक जाम लग जाने या आम लोगों को परेशानी होने की खबरें पढने में आती हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । आज भारत सहित पूरी दुनिया में योग दिवस मनाया जा रहा है। योग दिवस के अवसर पर भारत के कई शहरों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी लखनऊ में हैं और वे आज सुबह योग कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। पीएम मोदी के साथ राज्यमंत्री राम नाइक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। यह कार्यक्रम लखनऊ के रमाबाई पार्क में आयोजित किया गया है। यहां सुबह तेज बारिश हुई और पीएम मोदी बारिश के बीच ही योग कार्यक्रम में पहुंचे। लखनऊ में रमाबाई पार्क में पीएम मोदी योग कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद अब योग कर रहे हैं। बारिश के बीच पीएम मोदी के साथ योगी आदित्यनाथ, राम नाइक समेत अन्य लोग भी योग कर रहे हैं। वहां पर बारिश के बावजूद लोगों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। योग दिवय के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मन को स्थिर रखने में योग का महत्व है। उन्होंने कहा कि आज योग जन-जन और घर-घर का हिस्सा बन रहा है। पीएम बोले कि विश्व के अनेक देश, जो हमारी संस्कृति को नहीं जानते हैं, लेकिन योग से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में योग पर कोई सवालिया निशान नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में नमक की तरह ही योग का महत्व है। साथ ही उन्होंने देश के कोने-कोने में योग करने वालों को प्रणाम किया। सीएम योगी बोले : पीएम मोदी के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कराने के लिए पीएम योगी का आभारी होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि योग जीवन जीने की कला है। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ 100 दिव्यांग बच्चे भी हिस्सा ले रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । बीजेपी ने सोमवार को बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार ऐलान कर दिया है। बीजेपी के उम्मीदवार का समर्थन करने की बात पर शिवसेना आज इस बारे में अपना अंतिम फैसला लेगी। माटुंगा में शिवसेना के 51वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोविंद को दलित वोट हासिल करने की मंशा से चुना गया है तो शिवसेना उनका समर्थन नहीं करेगी। ठाकरे ने कहा कि हमने कभी किसी को ढाल बनाकर राजनीति नहीं की है। हमने एम. एस. स्वामीनाथन का नाम सुझाया था ताकि किसानों को फायदा मिल सके। हम हमेशा किसानों के हित के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पद के दलित उम्मीदवार को लेकर राजनीति करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अगर ऐसा है तो हम उनका समर्थन करने में दिलचस्पी नहीं रखते। हम आज राजग उम्मीदवार पर अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद ट्वीट किया, मैं आश्वस्त हूं कि श्री रामनाथ कोविंद एक अप्रतिम राष्ट्रपति बनेंगे और गरीबों, वंचितों और हाशिये के समाज के मजबूत आवाज बने रहेंगे। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद बताया कि बीजेपी के सहयोगी दलों को भी रामनाथ कोविंद के उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में सूचित कर दिया गया है और वो राजग के राष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे । राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार की घोषणा से कुछ दिन पहले बीजेपी अमित शाह ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरूण जेटली और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू की एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी जिसे राष्ट्रपति चुनाव पर विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के टीआईआर कन्वेंशन से जुड गया। इसी के साथ भारत टीआईआर कन्वेंशन से जुडने वाला 71वां देश बन गया है। संयुक्त राष्ट्र के टीआईआर कन्वेंशन से भारत को दक्षिण एशिया और उसके बाहर अपने व्यापार को बढाने में सहायता मिलेगी। साथ ही इससे रणनीतिक व्यापारिक केंद्र बनने की भारत की संभावना में भी तेजी आएगी। ज्ञातव्य है कि टीआईआर माल परिवहन के लिए मानक है। इसका प्रबंधन विश्व सडक परिवहन संगठन आईआरयू के हाथों में हैं। ज्ञातव्य है कि अभी तक भारत की कई कनेक्टिविटी परियोजनाओं को अलग-अलग देशों की ट्रांसपोर्ट और कस्टम सिस्टम के अनुरूप नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पडता था।  अब टीआईआर से जुडने के बाद भारत को इन परेशानियों का सामना नहीं करना पडेगा। भारत सोमवार को टीआईआर से जुड गया। इस मौके पर आईआरयू के महासचिव उमबेर्टो डि प्रेटो ने कहा कि वे देशों के टीआईआर परिवार में भारत का स्वागत करते हैं। साथ ही उन्होनें कहा कि यह दक्षिण एशिया में परिवहन, व्यापार और विकास के सिलसिले में तालमेल एवं प्रोत्साहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  भारत को मिलेगा यह फायदा: टीआईआर भारत को म्यांमार, थाइलैंड, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के साथ व्यापारिक समेकन में मदद करेगा। यह उसे ईरान में चाबहार बंदरगाह के मार्फत अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारे में मालढुलाई और अफगानिस्तान एवं तेल समृद्ध यूरेशिया क्षेत्र तक माल परिवहन में भी सहायता पहुंचाएगा। साथ ही इससे भारत के व्यापार पर दूरगामी असर पडेगा। भारत को विभिन्न देशों की सीमा पर कई तरह की प्रक्रियाओं से होकर नहीं गुजरना पडेगा। टीआईआर लागू होने के बाद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर ड्यूटीज और टैक्स का भुगतान किए बगैर मालों का परिवहन हो सकेगा। चीन के वन बेल्ट वन रोड की काट: टीआईआर को चीन के वन बेल्ट वन रोड की काट माना जा रहा है। माना जा रहा है कि चीन के ओबीओआर का सामना करने के लिए भारत के पास यह एक मजबूत हथियार है। इससे भारत के इंटरनेशनल नॉर्थ-साऊथ ट्रांसपॉर्ट कॉरिडोर और चाबहार प्रॉजेक्ट में भारत को मदद मिलेगी।  साभार-khaskhabar.com  

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