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नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनावों को लेकर कांग्रेस की मुश्किलें और बढ गई है। ज्ञातव्य है कि बिहार के सीएम और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान बुधवार को कर दिया। नीतीश के इस फैसले से कांग्रेस को झटका लगा है। वहीं राष्ट्रपति चुनावों को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी दलों की बैठक आज होने वाली है। कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी पार्टियों की बैठक तो हो रही है, लेकिन अब विपक्ष के पास अपना राष्ट्रपति बनाने की ताकत नहीं बची है। ज्ञातव्य है कि नीतीश कुमार के समर्थन के बाद एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के लिए उससे ज्यादा वोट जुट चुके हैं, जितने में जीत होती है।
ऐसे में रामनाथ कोविंद का राश्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आज शाम 4.30 बजे कांग्रेस की अगुवाई में जब 17 विपक्षी दल राष्ट्रपति चुनाव पर मंथन करेंगे तो उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं होंगे। मायावती बैठक में शामिल तो होंगी लेकिन वह पहले ही दलित के नाम पर कोविंद को समर्थन देने की बात कह चुकी हैं। वहीं उद्धव ठाकरे ने भी ना नुकर करने के बाद कोविंद के समर्थन में आ गए। एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनने के लिए अभी पांच लाख 32 हजार वोट हैं। बीजेडी ने कोविंद का समर्थन कर दिया है। बीजेडी के पास 37 हजार 257 वोट हैं। साथ ही वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस का समर्थन भी रामनाथ कोविंद को हासिल है और अब नीतीश की पार्टी के भी 20 हजार 779 वोट एनडीए के खाते में आ गए।
इस हिसाब से एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के समर्थन में छह लाख 29 हजार 658 वोट हो गए हैं। वहीं जीत के लिए पांच लाख 49 हजार 422 वोटों की जरूरत है। ऐसे में रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। साभार-khaskhabar.com













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