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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने जातियों के आधार पर राजनीति और वोट बैंक को लेकर एक नया दांव खेला है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार ने यह फैसला किया कि केन्द्र सरकार की नौकरियों में ओबीसी की भीतर अलग-अलग जातियों को आरक्षण देने के लिए अब हर जाति का कोटा तय किया जाएगा। यानी कि पिछड़ा वर्ग के लिए जो आरक्षण है उसमें अब आरक्षण के भीतर आरक्षण की व्यवस्था होगी। एक और फैसले में कैबिनेट ने आरक्षण का लाभ पाने के लिए क्रीमी लेयर की आमदनी का दायरा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख सालाना कर दिया है। यानी जिन परिवारों की सालाना आमदनी 8 लाख रुपए तक है वह क्रीमी लेयर के भीतर नहीं आएंगे और उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा।    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अन्य पिछड़े वर्गों के उप-श्रेणीकरण के मुद्दे पर संविधान के अनुच्छेद 340 के अंतर्गत एक आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस कदम से अधिक जरूरतमंद व्यक्ति को केंद्र सरकार के आरक्षण लाभ में समावेश करने का मौका मिलेगा। यह आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगा। आयोग को अन्य पिछड़ा वर्गों के उप-श्रेणी की जांच आयोग के रूप में जाना जाएगा।   प्रस्तावित आयोग के कार्यो में केंद्रीय सूची में शामिल ओबीसी के संदर्भ में, ओबीसी की विस्तृत श्रेणी में शामिल जातियों/समुदायों के बीच आरक्षण के लाभ के असमान वितरण की प्रमात्रा की जांच करना शामिल है। साथ ही पिछड़े वर्गों के भीतर उप-श्रेणीकरण के लिए, क्रिया विधि, मानदंड मानकों एवं पैरा-मीटरों का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करना तथा अन्य पिछड़े वर्गों की केंद्रीय सूची में संबंधित जातियों/समुदायों/उप-जातियों/पर्यायों की पहचान करने और उन्हें उनकी संबंधित उप-श्रेणी में श्रेणीकृत करने की कवायद शुरू करना करना शामिल है। वर्तमान में नौ राज्यों- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुदुच्चेरी, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु में पिछड़ी जातियों के उपवर्गीकरण की व्यवस्था है।   आपको बता दें कि बिहार और उत्तरप्रदेश में यादव जाति के ज्यादातर वोटर बीजेपी के मुकाबले लालू यादव की आरजेडी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ ज्यादा मजबूती से खड़े होते हैं। इस फैसले से बीजेपी ओबीसी जातियों में यादव को छोडक़र दूसरे जातियों के बीच अपनी पकड़ को मजबूत बनाएगी। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव से निपटने के लिए सोशल इंजिनियरिंग की थी। गैर यादव समेत सभी पिछड़ी जातियों को एकजुट करने में बीजेपी ने पूरी ताकत लगाई थी। इसमें पार्टी को भरपूर सफलता भी मिली। बीजेपी ने इन जातियों से आने वाले लोगों को लगभग डेढ़ सौ सीटों पर टिकट दिए। बीजेपी की बड़ी जीत में गैर यादव और पिछड़ी जातियों के धु्रवीकरण को सबसे बड़ा कारण माना गया। उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अधिकतर बड़े राज्यों में इन्हीं पिछड़ी जातियों की तादाद सबसे अधिक है। ऐसे में बीजेपी अब यूपी फार्म्युले को देश के सभी राज्यों और 2019 आम चुनाव में भी अपनाना चाहती है।    बिहार में इस फार्म्युले में सबसे बड़े बाधक नीतीश कुमार थे, लेकिन अब जबकि वह खुद एनडीए का हिस्सा हैं तो बीजेपी को बिहार में इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। नीतीश ने बिहार में ओबीसी को अलग-अलग श्रेणी में बांटने की पहल की थी। नीतीश कुमार ने महादलित की श्रेणी भी बनाई, जो बाद में उनका बड़ा वोट बैंक बनी। अब आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में मोदी सरकार ओबीसी की नई श्रेणी बनाकर इसका पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है।केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि उनकी लोक जनशक्ति पार्टी बहुत पहले से ही इसकी मांग करती रही है कि ओबीसी के भीतर आरक्षण का वर्गीकरण किया जाना चाहिए। पासवान ने कहा कि बिहार समेत नौ अन्य राज्यों में पहले से ही अति पिछड़ा के आधार पर वर्गीकरण किया गया था। केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने अन्य ओबीसी के आरक्षण में क्रीमी लेयर तथा जातियों के उप वर्गीकरण के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन वर्गों को न्याय मिल सकेगा जिनके साथ अब तक अन्याय हुआ है।    भारती ने कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं है बल्कि इसे एक विषमता युक्त समाज में समान अवसर उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण विशेष व्यवस्था के तहत लाया गया था। मोदी सरकार आरक्षण की व्यवस्था कायम रखने के लिये प्रतिबद्ध है। आरक्षण की प्रणाली की समीक्षा करने का किसी को अधिकार नहीं है। यह आरक्षण तब तक जारी रहेगा जब तक एक भी व्यक्ति इसकी जरूरत महसूस करेगा। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए इसे खत्म कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह संसद में 6 माह के भीतर तीन तलाक पर काूनन बनाए। इस दौरान तीन तलाक पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इस 6 माह के दौरान कोई भी मुस्लिम व्यक्ति अपनी पत्नी को तीन तलाक नहीं दे सकेगा। साथ ही अगर 6 माह में सरकार तीन तलाक पर कानून नहीं बना पाएगी तो रोक आगे बढ जाएगी। इसका अर्थ है कि संसद में तीन तलाक पर कानून ना बनने तक इस पर रोक जारी रहेगी।    तीन तलाक को पांच में से तीन जजों ने बताया असंवैधानिक:  रिपोर्ट के अनुसार तीन तलाक पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ में से तीन ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है। इसका अर्थ है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस आरएफ नरिमन, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस यूयू ललित तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने के पक्ष में थे। वहीं फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है।    सरकार 6 माह में बनाए कानून:  सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अब गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने फैसला सुनाते हुए सरकार से कहा है कि सरकार 6 माह के भीतर संसद में सरकार तीन तलाक पर कानून बनाए। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को 6 माह के अंदर तीन तलाक पर कानून बनाना होगा। ज्ञातव्य है कि तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई से 18 मई के बीच पांच दिन सुनवाई की थी। उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) भी तीन तलाक को भयावह, गुनाह और अवांछनीय करार दिया है और कुरान तथा शरिया में भी इसकी इजाजत नहीं दी गई है। दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी तीन तलाक गैर कानूनी है।    साभार-khaskhabar.com     

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पेइचिंग। डोकलाम सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले दो महीनों तनातनी बनी हुई है। इस विवाद को सुलझाने की बजाय चीन लगातार भारत को धमकी दे रहा है। भारतीय सीमा ने घुसने पर चीन ने मंगलवार को कहा कहा है कि यदि उसके सैनिक भारत में घुसे तो भयंकर अव्यवस्था फैल जाएगी। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का यह तर्क हास्यास्पद और विद्वेषपूर्ण है। साथ ही कहा है कि डोकलाम में सीमा पर चीन द्वारा सडक़ बनाने से नई दिल्ली को खतरा है।   चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन किसी भी देश या व्यक्ति को अपनी सीमाई संप्रभुता के उल्लंघन की इजाजत नहीं देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चनयिंग ने कहा कि भारतीय पक्ष ने चीन द्वारा रोड बनाने को बहाना बनाकर गैरकानूनी तरीके से सीमा को पार किया है। यह वजह हास्यास्पद और विद्वेषपूर्ण है।   चीनी विदेश के प्रवक्ता ने कहा कि आप इसके बारे में सोच सकते हैं। अगर हम भारत के इस हास्यास्पद तर्क को सहन करते हैं तो कोई भी जिसे अपने पड़ोसी के काम पसंद न हो तो वह अपने पड़ोसी के घर में घुस जाएगा। भारत सीमा पर बड़े पैमाने पर इन्फ्रस्ट्रक्टर डिवेलप कर रहा है जो चीन के लिए खतरा है। तो क्या चीन को भारतीय क्षेत्र में घुस जाना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो बहुत अव्यवस्था फैल जाएगी।आपको बता दें कि बता दें कि भारत और चीन के सैनिक सिक्किम सेक्टर में भूटान-चीन सीमा पर स्थित डोकलाम में जून से ही आमने-सामने हैं। 1987 के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह सबसे लंबा गतिरोध है। 1987 में अरुणाचल प्रदेश के सोमोरडोंग चु घाटी में भी दोनों देशों की सेनाओं के बीच ऐसा ही गतिरोध हुआ था।   डोकलाम में जारी गतिरोध की शुरुआत तब हुई जब भारतीय जवानों ने चीन के जवानों को वहां सडक़ बनाने से रोक दिया क्योंकि यह एक विवादित क्षेत्र है। डोकलाम पर भूटान अपना दावा करता है और उसने चीन द्वारा वहां सडक़ बनाने पर अपना विरोध भी दर्ज कराया है।   साभार-khaskhabar.com     

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बिहार/कोलकाता। बिहार और पश्चिम बंगाल मेें बाढ़ का कहर जारी है। दोनों राज्यों में अब तक बाढ़ 456 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ के कारण बिहार में 1.38 करोड़ से ज्यादा और पश्चिम बंगाल में करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार के सीमांचल जिले सहित राज्य के 18 जिले पिछले 10 दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। राहत की बात है कि कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घटने लगा है। बाढ़ से राज्य की 1.38 करोड़ से ज्यादा आबादी प्रभावित है, जबकि मरने वालों की संख्या बढक़र 304 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, राज्य के 18 जिलों के 178 प्रखंडों की 1़38 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।    राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिस कारण इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार तक 304 तक पहुंच गई है। अररिया में सबसे ज्यादा 71 लोगों की मौत हुई है, जबकि किशनगंज में 11, पूर्णिया में नौ, कटिहार में 26, पूर्वी चंपारण में 19, पश्चिमी चंपारण में 29, दरभंगा में 19, मधुबनी में 22, सीतामढ़ी में 34, शिवहर में चार, सुपौल में 13, मधेपुरा में 15, गोपालगंज में नौ, सहरसा में चार, मुजफ्फरपुर में सात तथा खगडिय़ा और सारण में छह-छह व्यक्ति की मौत हुई है। अधिकारियों का कहना है, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी से घिरे 7़ 34 लाख से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में 1,346 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें करीब 3. 27 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं।    2,219 सामुदायिक रसोई खोली गई है, जिसमें लोगों को लंगर की तरह खाना खिलाया जा रहा है। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को दावा करते हुए कहा कि बाढ़ पीडि़तों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने कहा, जहां तक वाहन अथवा नाव नहीं पहुंच रहे हैं, वहां हेलीकॉप्टर से खाने का सामान गिराया जा रहा है। जैसे ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी उतरेगा पीडि़तों को महीने भर का राशन (खाने के अनाज) समेत अन्य आवश्यक सामग्री दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान बनाने और फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सहयोग देगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को उत्तरी बंगाल के तीन जिलों के दौरे के बाद कहा कि राज्य में बाढ़ से करीब 152 लोगों की मौत हुई व करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तरी बंगाल के तीन जिले बाढ़ में डूबे हुए हैं। ममता ने कहा कि अब तक राज्य में जारी बाढ़ में डूबने, सांप काटने या दूसरी वजहों से 152 लोगों के मौत की सूचना है। बाढ़ से 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हैं। ममता ने कहा कि उत्तरी बंगाल के तीन जिलों में 45 लाख लोग प्रभावित हैं। इसमें मालदा, उत्तरी दिनाजपुर व दक्षिणी दिनाजपुर शामिल हैं। उन्होंने दिन में इन जिलों का दौरा किया। मुख्यमंत्री कई बाढग़्रस्त इलाकों में गईं, प्रभावित लोगों की शिकायतें सुनीं व प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचाने, पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यो का निर्देश दिया।    उत्तरी बंगाल के बाढ़ की स्थिति में मालदा जिले को छोडक़र समग्र सुधार दिखाई दिया। महानंदा नदी में पानी के बढ़े जलस्तर की वजह से मालदा के करीब पांच ब्लॉक अभी भी डूबे हुए हैं। बाढ़ ने कूच बिहार, दक्षिण दिनाजपुर, उत्तरी दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार व मालदा जिलों में कहर बरपाया है। इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही दक्षिणी बंगाल के जिलों में बाढ़ को मानव निर्मित बता चुकी हैं और उन्होंने इस आपदा के लिए केंद्र व दामोदर घाटी निगम को जिम्मेदार ठहराया है। साभार-khaskhabar.com         

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पेइचिंग। चीन ने कहा है कि 15 अगस्त को लद्दाख की पैंगॉन्ग झील में भारत और चीन के सैनिकों के बीच जो हिंसक झड़प हुई थी, उसके लिए भारतीय सेना जिम्मेदार है। हालांकि, पहले चीन ने इस तरह की घटना से साफ इनकार कर दिया है। लेकिन, अब चीन ने भारत पर ही आरोप मढ़ दिया है। चीन ने दावा किया कि भारतीय सैनिकों ने उसके जवानों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की, जिसके चलते हिंसक झड़प हुई। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को कहा कि यह घटना उस वक्त हुई, जब पीएलए के जवान वास्तविक सीमा रेखा के चीनी हिस्से में पैट्रोलिंग कर रहे थे।    हुआ ने दावा किया, इसी प्रक्रिया के दौरान भारतीय सैनिकों ने कुछ हिंसक कार्रवाई की और चीनी सैनिकों को घायल कर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद भारत ने कहा था कि दोनों ओर के स्थानीय आर्मी कमांडर्स ने इस पर चर्चा की थी। हुआ ने कहा, चीन ने इस पर गहरी असहमति जताई है और भारत से अपना तीखा विरोध जाहिर किया है। आपको बता दें कि पैंगॉन्ग झील के पास चीन सीमा पर तैनात भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिशों को असफल कर दिया था। इसके बाद दोनों खेमों की ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें कुछ सैनिकों को मामूली चोटें भी आई हैं।लद्दाख की पैंगॉन्ग झील में यह घटना ऐसे समय में हुई, जबकि सिक्किम के डोकलाम में दो महीने से ज्यादा समय से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने डटी हुई हैं। चीन बार-बार भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है। वहीं, भारत ने अपनी सेना को डोकलाम से साफ इनकार कर दिया है। दोनों ही देश चाहते है कि बातचीत से ही डोकलाम विवाद सुलझाया जा सकता है, लेकिन दोनों ही देश अपनी-अपनी शर्तों पर डटा हुए है।      साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। चीन से गहराए तनाव के बीच सरकार ने सीमाओं पर सडक़ें बनाने के काम में तेजी लाने का फैसला किया है। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को सीमावर्ती इलाकों में सडक़ निर्माण परियोजनाओं में देरी से बचने के लिए सीमा सडक़ संगठन (बीआरओ) को वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार दिए जाने की घोषणा की। रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि यह अधिकार मुख्य इंजीनियर व टास्क फोर्स कमांडर स्तर के अधिकारियों को दी गई हैं, जिससे कि सशस्त्र बलों की जरूरत के मुताबिक परिणाम हासिल करने में कार्य के निष्पादन की गति में सुधार हो। इसमें कहा गया, यह फैसला मुख्य इंजीनियर व मुख्यालय डीजीबीआर (सीमा सडक़ महानिदेशक) व मंत्रालय के बीच संदर्भो के कारण देरी से बचने के मकसद से लिया गया है।    मंत्रालय सशस्त्र बलों से राय मशविरा कर बीआरओ को सौंपी जाने वाली सडक़ों की पहचान करेगा। बीआरओ रक्षा मंत्रालय के तहत आता है। इससे मुश्किल व दुर्गम इलाकों में सडक़ संपर्क स्थापित किया जा सके व सीमावर्ती इलाकों में वार्षिक कार्यक्रम की कार्ययोजना को मंजूरी देकर प्राथमिकताएं तय की जा सकें। आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय के तहत बीआरओ 2015 से सीमावर्ती इलाकों में दुर्गम जगहों को सडक़ से जोडऩे के काम में जुटा हुआ है। लेकिन, अब मंत्रालय ने फैसला किया है कि वह सशस्त्र बलों के साथ मिलकर बीआरओ के लिए प्राथमिकता के तहत प्लान तैयार करेगा। डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर काम होगा। साथ ही जिम्मेदारी तय करने के लिए काम की प्रगति पर ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। डोकलाम में चीन से तनाव के बीच सीमावर्ती सडक़ों की हालत खराब होने की रिपोर्ट आई हैं। कई प्रॉजेक्ट काफी लेट हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत-चीन सीमा के पास जिन 73 सडक़ों की पहचान की गई थी, उनमें से सिर्फ 27 पूरे हो सके हैं, जबकि बाकी 2022 तक पूरे हो सकेंगे। पहले इनके 2012 तक पूरा होने का अनुमान था। इन 73 में से 61 सडक़ों को बनाने का जिम्मा बीआरओ को मिला है। मंत्रालय को उम्मीद है कि अधिकार बढ़ाने से काम में तेजी आएगी। बीआरओ को अब तक जो अधिकार दिए गए थे, उसके मुताबिक चीफ इंजिनियर 10 करोड़ और एडीजी 20 करोड़ रुपये तक के विभागीय कार्य को प्रशासनिक मंजूरी दे सकता है। अनुबंध के आधार पर होने वाले कामों के लिए डीजी की मंजूरी जरूरी थी, जो 50 करोड़ रुपए तक के काम को प्रशासनिक मंजूरी दे सकता था। साभार-khaskhabar.com       

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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शनिवार की शाम को हुए कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसा मामले में रविवार शाम लापरवाही बरतने वाले 8 अधिकारियों पर गाज गिरी है। रेलवे ने रविवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। पीवे डिपार्टमेंट के जेई, एसएसई, सेक्शन के एईएन और दिल्ली के सीनियर डीईएन को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, रेलवे ने चीफ ट्रैक इंजिनियर का तबादला कर दिया है। नॉर्दर्न रेलवे के जीएम आरएन कुलश्रेष्ठ को छुट्टी पर भेज दिया है।    उनकी जगह नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जीएम एमसी चौहान को यहां की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा दिल्ली रीजन के डीआरएम को भी छुट्टी पर भेजा गया है। नॉर्दर्न रेलवे के जीएम और दिल्ली के डीआरएम के अलावा रेलवे बोर्ड के इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट के मेंबर को भी छुट्टी पर भेजा गया है। इधर, एटीएस की जांच के अनुसार मुजफ्फरनगर रेल हादसे में में कोई आतंकी ऐंगल नहीं है।   इससे पहले जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। जीआरपी चौकी इंचार्ज खतौली अजय सिंह की ओर से रेलवे एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुजफ्फरनगर के खतौली में शनिवार की शाम को कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें रविवार को प्रदेश शासन के मुताबिक, 24 लोगों की मौत और 156 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। जहां ट्रेन हादसाग्रस्त हुई थी वहां पर पटरी खराब होने के नाते मरम्मत की जा रही थी, लेकिन चेतावनी का बोर्ड नहीं लगा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दर्जन भर ट्रेनें धीमी रफ्तार से गुजर गई थी, लेकिन उत्कल एक्सप्रेस की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके चलते ट्रेन हादसा हुआ। यही नहीं ट्रेन की दो बोगी बगल के ही एक घर में जा घुसी। इस घर के एक बुजुर्ग इस हादसे में घायल हो गए हैं। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेल हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर आज (रविवार) ही जबावदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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बीजिंग। भारत के साथ डोकलाम में जारी गतिरोध के बीच चीन ने देश के पश्चिमी हिस्से में सैन्याभ्यास किया है। समाचार पत्र लियान्हे जाओबाओ ने एक चीनी सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि यह सैन्य अभ्यास भारत में धाक जमाने के मकसद से किया गया है। सैन्य अभ्यास का संचालन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वेस्टर्न थियेटर कमांड ने किया। अभ्यास के स्थान और समय का खुलासा नहीं किया गया है। चाइना सेंट्रल टेलीविजन के मुताबिक, अभ्यास में पीएलए की 10 इकाईयों ने भाग लिया।    तिब्बत, शिनजियांग, निंगिशया, चिंगहई, सिचुआन और चोंग्किंग नवगठित वेस्टर्न थियेटर कमांड के अधीन आते हैं। जुलाई में पीएलए ने भारत से सटे तिब्बत में सैन्य अभ्यास किया था। चीन का कहना है कि उसकी सेनाएं भारत के साथ सैन्य संघर्ष के लिए तैयार हैं, जिसकी सेनाएं डोकलाम में उसके क्षेत्र में मौजूद हैं। भारत-चीन सीमा पर सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीनी सेनाओं के बीच तीन महीने से गतिरोध जारी है। जून में भारतीय सेनाओं ने डोकलाम में चीन द्वारा किए जा रहे सडक़ निर्माण कार्य को रोक दिया था। भारत का कहना है कि यह विवादित क्षेत्र है। भारत और भूटान का कहना है कि डोकलाम भूटान का है, लेकिन चीन उस पर अपना दावा जताता है। चीन चाहता है कि भारत डोकलाम से अपनी सेनाएं हटा ले, जबकि भारत चाहता है कि भारतीय और चीनी सैनिक इस विवादित क्षेत्र से एक साथ हटें।      साभार-khaskhabar.com     

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लखनऊ। पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में शनिवार की शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा इतना भयानक था कि कई डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। इस हादसे में कम से कम 23 यात्रियों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मेरठ-सहारनपुर रेलखंड में यह भीषण हादसा शाम लगभग 5.45 बजे हुआ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है, 23 लोगों की मौत हुई है और 40 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले जारी विज्ञप्ति में घायलों की संख्या 400 बताई गई थी। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, बोगियों को काटकर शवों को निकाला जा रहा है।    मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है। रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा कि गाड़ी के 14 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। पुलिस और रेलवे के अधिकारी इस हादसे को आतंकवादी घटना मानने से इनकार नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं, राहत एवं बचाव काय्र जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीडि़तों की हर संभव मदद का निर्देश दिया है।   घटना की जानकारी मिलते ही उप्र के मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा और सतीश महाना को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। इस घटना को लेकर योगी ने मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी से बात कर सभी घायलों का अस्पताल में निशुल्क समुचित इलाज करने को कहा है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस हादसे में मरने वालों के परिजन को 3.5-3.5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल यात्रियों के परिजन को 50-50 हजार रुपये और मामूली घायलों को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस हादसे में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर रेल की पटरी टूटी पाई गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पंहुचे गए हैं। यह रेलगाड़ी पुरी से हरिद्वार जा रही थी। इसे रात नौ बजे हरिद्वार पहुंचना था। दुर्घटना के बाद सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।   रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे के पीछे साजिश से भी इनकार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि पटरी टूटी हुई मिली है। इससे पूर्व हादसे के बारे में उप्र के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया, उत्कल एक्सप्रेस के चार डिब्बे पटरी से उतरने की सूचना है। इसमें एक दो डिब्बे नजदीकी घरों में भी घुस गए हैं। सूचना के बाद ही तुरंत जिले के एसएसपी और जिलाधिकारी को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया, अभी यह कह पाना मुश्किल है कि कितने लोग हताहत हुए हैं। हादसे कैसे हुआ, इसकी जांच रेलवे की तरफ से की जाएगी। सभी सरकारी और निजी एंबुलेंस को जल्द से जल्द घटनास्थल पर ले जाने का आदेश दिया गया है। ज्ञात हो कि कानपुर के पास पुखरायां में भी पिछले साल इसी तरह का हादसा हुआ था। इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ सामने आया था। एनआईए इसकी जांच कर रही है।     लाइव अपडेट   -रेल मंत्री ने कहा, मुजफ्फरनगर रेल हादसा का बचाव कार्य पूरा हुआ। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना पर पूरी नजर रखी है। -रेल अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अधिकतर घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। -यूपी में बड़ा रेल हादसा, 23 यात्रियों की मौत, 40 से ज्यादा घायल। -यूपी के सीएम ने भी किया मुआवजे का ऐलान,मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देगी यूपी सरकार। -पीएम मोदी ने कहा, रेल हादसा दुखद, केंद्र और यूपी सरकार कर रही है हर संभव मदद। -जेनरेटर की मदद से रोशनी कर राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी। -बिजली नहीं होने के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा। -इमरजेंसी ब्रेक लगाने के कारण पटरी से उतरे डिब्बे। - जिला स्तर पर कंट्रोल रूम 0131 2436918, 2436103. 2436564 खोले गए हैं। यह कंट्रोल रूम कलक्ट्रेट मुजफ्फरनगर में खोला गया हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हादसे पर दुख जताया। - ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतरे। इस स्थिति में दुर्घटना के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता: अनिल सक्सेना (प्रवक्ता, रेलवे ) - रेलवे ने मृतकों के लिए 3.5 लाख रुपये, घायलों के लिए 50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 25 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की। -राहुल गांधी ने ट्वीट कर हादसे में मरने वालों पर शोक प्रकट किया। आनंद कुमार बोले, इस हादसे में 13 लोगों की मौत और करीब 30-40 लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर ऐम्बुलेंस पहुंच चुकी है। -पीएमओ ने ट्वीट कर हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। पीएमओ ने ट्वीट कर हादसे में घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की। साथ ही कहा, रेल मंत्रालय पूरी घटना पर नजर रखे हुए है। रेल मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार राहत पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। -प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो करीब 20 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए है।  -रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, कोई गड़बड़ी पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। -रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर 9760534054/ 5101 जारी किया। - 44 बचाव कार्यकर्ताओं और 2 खोजी कुत्तों के साथ एनडीआरएफ की टीम रवाना हुई। -उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने ली ट्रेन हादसे की जानकारी, हादसे पर दुख जताया।  -गंभीर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने का काम शुरू। -घायल लोगों का मौके पर ही चल रहा है उपचार। -यूपी एटीएस की टीम डीएसपी अनूप सिंह के नेतृत्व मे रेल दुर्घटना स्थल के लिए रवाना।  -रेल मंत्री का ट्वीट, घटनास्थल पर मेडिकल वैन रवाना की गई हैं। पीडि़तों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। -रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। -अपुष्ट खबरों के मुताबिक 6 लोगों के मरने की खबर। -रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 5 बजकर 46 मिनट पर हादसा हुआ। -घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंच रही है। -रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। -शुरूआत में हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। -ट्रेन हादसे के बाद ट्रेनों का संचालन रोका। -पटरी से उतरकर एक डिब्बा घर में जा घुसा। -राहत और बचाव कार्य मेें जुटे ग्रामीण। -एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य के लिए तैयार। -दो यात्रियों की मौत, 20 से ज्यादा घायल। -ट्रेन के 6 डिब्बे खतौली के पास पटरी से उतरे। -उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में शनिवार की शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा इतना भयानक था कि कई डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। इस हादसे में कम से कम 23 यात्रियों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए, लेकिन कांग्रेस ने रेल हादसे पर भी राजनीति शुरू कर दी है।    कांग्रेस ने रेल हादसों का रिकॉर्ड बनाने वाली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि भाजपा वर्ष 2014 में सत्ता में आई, तब से अब तक 27 रेल हादसे हो चुके हैं, जिनमें 259 यात्रियों की जान गई और 899 घायल हो गए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीटों की झड़ी लगाते हुए कहा, मोदी सरकार मई, 2014 में सत्ता में आई। तब से अब तक 27 रेल हादसे हो चुके हैं, जिनमें 259 यात्रियों की मौत हो गई और 899 घायल हो गए। सरकार कब जागेगी?   एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, उत्कल एक्सप्रेस हादसे में मारे गए यात्रियों के परिवारों के प्रति हार्दिक शोक-संवेदना। निर्दोषों की मौत, रेलवे की सुरक्षा पर गंभीर बादल। सुरजेवाला ने बाद में मीडिया से कहा कि मुआवजे की रकम उन लोगों की जान नहीं लौटा सकती।उन्होंने कहा, अहम सवाल यह है कि हादसों को रोकने के लिए आप कदम क्या उठा रहे हैं। सरकार ने ऐसे क्या उपाय किए हैं, ताकि हादसे न हों। क्या पर्याप्त उपाय किए गए?   पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस शनिवार की शाम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें कम से कम 23 यात्रियों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए।   साभार-khaskhabar.com         

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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 50 रुपये के नए नोट जारी करने का ऐलान कर दिया है। आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि 50 रुपये का नया नोट फ्लोरिसेंट नीले रंग में होगा। नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति होगी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी। नोट पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर होगा। नए नोट महात्मा गांधी सीरीज के होंगे और इसकी साइज पुराने 50 के नोट के जितनी ही है। केंद्रीय बैंक 200 रुपये के नोट भी छाप रही है। साथ ही आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले जारी सभी सीरीज के 50 रुपये के पुराने नोट चलते रहेंगे।    आईये जानें, क्यों खास है 50 रुपये का नया नोट   नोट के आगे होंगे ये फीचर्स  -नए नोट का रंग फ्लोरिसेंट ब्लू है। -नए नोट के बीच में महात्मा गांधी की फोटो होगी। -इसमें देवनागरी में भी 50 लिखा होगा। -इसमें सिक्योरिटी थ्रेड पर भारत और आरबीआई लिखा होगा। -नोट पर माइक्रो लैटर्स में आरबीआई,ख्भारत, इंडिया और 50 लिखा होग। -नोट के एकदम दाहिनी तरफ अशोक स्तंभ होगा। -सबसे ऊपर बांई तरफ नंबर पैनल पर छोटे से बड़े होते हुए नंबर होंगे और दाहिनी तरफ भी छोटे से बड़े होते हुए नंबर छपे होंगे।   नोट के पीछे होंगे ये फीचर्स  - नोट के बांई और नोट के जारी करने का साल लिखा होगा। -नए नोट में स्वच्छ भारत का लोगो होगा। -हम्पी के मंदिर के पहले या बांई तरफ लैंगवेज पैनल होगा। -नए नोट का डाइमेंशन 66 मिमी गुणा 135 मिमी होगा।    क्या है हम्पी कर्नाटक स्थित हम्पी यूनेस्को द्वारा घोषित वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। हम्पी कर्नाटक की तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन गौरवशाली साम्राज्य विजयनगर का अवशेष है। इतिहास और पुरातत्व के लिहाज से हम्पी एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।आपको बता दें कि 8 नवंबर को 500 और 2000 रुपये के नोट जारी करने के बाद ये पहला नया नोट है, जिसको लाने का आरबीआई ने आधिकारिक ऐलान किया है। हालांकि, पिछले साल रिजर्व बैंक ने कहा था कि जल्द ही 50 रुपये के नए नोट जारी होंगे। नए नोट रिजर्व बैंक महात्मा गांधी सीरीज-2005 के तहत होने की बात कही गई थी। आरबीआई ने कहा था कि इसमें दोनों नंबर पैनलों के बीच में इनसेट लेटर नहीं होंगे। इस पर आरबीआई गवर्नर डॉक्टर उर्जित पटेल के दस्तखत होंगे।     साभार-khaskhabar.com             

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं को पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग के मामले में कई सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं। मामले की जांच करने में जुटी एनआईए ने बताया कि पाकिस्तान से मिलने वाली आतंकी फंडिंग में हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी भी बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। एनआईए के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान और दुबई से आतंकी फंडिंग के नाम पर नसीम गिलानी को भी रकम मिला करती थी। एनआईए के मुताबिक कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली आतंकी फंडिंग की रकम दुबई और पाकिस्तान से मिलती थी। उसे यह रकम भारत में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए हासिल होती थी।    एनआईए के मुताबिक वटाली के जरिए ही कश्मीर में सक्रिय अलगाववादियों को गड़बड़ी फैलाने के लिए रकम हासिल होती थी। वह 8 से 9 पर्सेंट तक कमिशन काटने के बाद रकम हुर्रियत के लोगों को ट्रांसफर कर देता था। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक एनआईए ने इस ओर इशारा किया है कि आतंकी फंडिंग केस में अभी और गिरफ्तारियां होंगी। एनआईए ने कहा कि वटाली कश्मीर के राजनेताओं के अलावा पाकिस्तानी नेताओं और साथ ही अलगाववादियों से अपने संबंधों के लिए जाना जाता है।    सूत्रों ने कहा कि वटाली करीब दो महीने से एनआईए की जांच के घेरे में है और उसे गिरफ्तारी से पहले दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एनआईए के सूत्रों ने कहा कि एनआईए ने अदालत से कहा कि उसने कुछ संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं जो संपत्ति, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन से जुड़े हुए हैं। इसमें कुछ ऐसे लोगों के नाम हैं जिन्हें बड़ी मात्रा में नकदी दी गई है।दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को आतंकवाद और पथराव जैसी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए पाकिस्तान से धन लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली को दस दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। बंद कमरे की कार्यवाही में जिला न्यायाधीश पूनम बंबा ने वटाली को 28 अगस्त तक के लिए एनआईए को हिरासत में रखने की इजाजत दे दी।   वटाली को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। वटाली पर कश्मीर घाटी में अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए रकम पहुंचाने का का आरोप है। वह कथित तौर पर पाकिस्तान व प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से धन जुटाता था और उसे कई हुर्रियत नेताओं को भेजता था। एजेंसी ने जुलाई में सात अलगाववादियों को पाकिस्तान के वित्त पोषण से घाटी में अशांति फैलाने के मामले में गिरफ्तार किया था।   साभार-khaskhabar.com     

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