देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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बिहार/कोलकाता। बिहार और पश्चिम बंगाल मेें बाढ़ का कहर जारी है। दोनों राज्यों में अब तक बाढ़ 456 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ के कारण बिहार में 1.38 करोड़ से ज्यादा और पश्चिम बंगाल में करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार के सीमांचल जिले सहित राज्य के 18 जिले पिछले 10 दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। राहत की बात है कि कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घटने लगा है। बाढ़ से राज्य की 1.38 करोड़ से ज्यादा आबादी प्रभावित है, जबकि मरने वालों की संख्या बढक़र 304 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, राज्य के 18 जिलों के 178 प्रखंडों की 1़38 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिस कारण इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार तक 304 तक पहुंच गई है। अररिया में सबसे ज्यादा 71 लोगों की मौत हुई है, जबकि किशनगंज में 11, पूर्णिया में नौ, कटिहार में 26, पूर्वी चंपारण में 19, पश्चिमी चंपारण में 29, दरभंगा में 19, मधुबनी में 22, सीतामढ़ी में 34, शिवहर में चार, सुपौल में 13, मधेपुरा में 15, गोपालगंज में नौ, सहरसा में चार, मुजफ्फरपुर में सात तथा खगडिय़ा और सारण में छह-छह व्यक्ति की मौत हुई है। अधिकारियों का कहना है, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी से घिरे 7़ 34 लाख से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में 1,346 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें करीब 3. 27 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं।
2,219 सामुदायिक रसोई खोली गई है, जिसमें लोगों को लंगर की तरह खाना खिलाया जा रहा है। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को दावा करते हुए कहा कि बाढ़ पीडि़तों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने कहा, जहां तक वाहन अथवा नाव नहीं पहुंच रहे हैं, वहां हेलीकॉप्टर से खाने का सामान गिराया जा रहा है। जैसे ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी उतरेगा पीडि़तों को महीने भर का राशन (खाने के अनाज) समेत अन्य आवश्यक सामग्री दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान बनाने और फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सहयोग देगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को उत्तरी बंगाल के तीन जिलों के दौरे के बाद कहा कि राज्य में बाढ़ से करीब 152 लोगों की मौत हुई व करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तरी बंगाल के तीन जिले बाढ़ में डूबे हुए हैं। ममता ने कहा कि अब तक राज्य में जारी बाढ़ में डूबने, सांप काटने या दूसरी वजहों से 152 लोगों के मौत की सूचना है। बाढ़ से 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हैं। ममता ने कहा कि उत्तरी बंगाल के तीन जिलों में 45 लाख लोग प्रभावित हैं। इसमें मालदा, उत्तरी दिनाजपुर व दक्षिणी दिनाजपुर शामिल हैं। उन्होंने दिन में इन जिलों का दौरा किया। मुख्यमंत्री कई बाढग़्रस्त इलाकों में गईं, प्रभावित लोगों की शिकायतें सुनीं व प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचाने, पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यो का निर्देश दिया।
उत्तरी बंगाल के बाढ़ की स्थिति में मालदा जिले को छोडक़र समग्र सुधार दिखाई दिया। महानंदा नदी में पानी के बढ़े जलस्तर की वजह से मालदा के करीब पांच ब्लॉक अभी भी डूबे हुए हैं। बाढ़ ने कूच बिहार, दक्षिण दिनाजपुर, उत्तरी दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार व मालदा जिलों में कहर बरपाया है। इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही दक्षिणी बंगाल के जिलों में बाढ़ को मानव निर्मित बता चुकी हैं और उन्होंने इस आपदा के लिए केंद्र व दामोदर घाटी निगम को जिम्मेदार ठहराया है।
साभार-khaskhabar.com













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