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नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने गुरुवार को भारतीय सेना के लिए अमेरिका से छह अपाचे जंगी हेलीकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इन छह अपाचे जंगी हेलीकॉप्टरों की खरीद पर कुल 4,168 करोड़ का खर्च आएगा। चीन के साथ सिक्किम के डोकलाम को लेकर जारी तनातनी के बीच इस मंजूरी को काफी अहम माना जा रहा है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह मंजूरी प्रदान की गई। भारत इस एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर के साथ अमेरिका से संबद्ध उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण एवं गोला-बारूद भी लेगा। डीएसी ने इसके अलावा यूक्रेन से दो गैस टर्बाइन सेट भी खरीदने को मंजूरी दे दी। ये गैस टर्बाइन सेट रूस में भारत के लिए तैयार किए जा रहे दो ग्रिगोरोविच पोतों के लिए खरीदे जाएंगे। इन गैस टर्बाइन सेट की कीमत 490 करोड़ रुपये होगी।   2015 में अमेरिकी कंपनी बोइंग से 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी गई थी। ये हेलिकॉप्टर वायुसेना को दिए गए थे। इस सौदे के प्रावधानों के तहत 11 और हेलिकॉप्टर खरीदे जा सकते थे। इसी के तहत भारतीय सेना ने अपने लिए हेलिकॉप्टरों की मांग की थी। सेना के पास अब तक बिना हथियार वाले हेलिकॉप्टर रहे हैं। अब वह हथियारबंद हेलीकॉप्टर चाहती है। अपाचे हेलीकॉप्टर मिसाइल और रेडार से लैस होते हैं। इसके अलावा रक्षा खरीद परिषद ने नौसेना के युद्धपोतों के लिए यूक्रेन से 490 करोड़ रुपये की लागत से दो गैस टर्बाइन इंजन खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। आपको बता दें कि पिछले साल गोवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान भारत ने रूस से 4 ग्रिगोरोविच क्लास के युद्धपोत खरीदने को मंजूरी दी थी। ग्रिगोरोविच क्लास के युद्धपोत पर ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती की जा सकती है। इनमें से दो युद्धपोतों का निर्माण भारत रूस में किया जा रहा है जबकि दो का निर्माण भारत में किया जाएगा। रूस में इन युद्धपोतों के निर्माण का काम अभी अधूरा पड़ा है। बताया जा रहा है कि नकद की कमी और यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय समस्याओं के चलते काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। बाकी दो युद्धपोतों का निर्माण गोवा में किया जाएगा। यूक्रेन से इन टर्बाइन्स को खरीदने के बाद भारत उन्हें रूस को भेजेगा।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा बुलंद किए हुए हैं। इसके लिए वह हर मौके और स्तर पर सक्रिय रहते हैं। बीजेपी ने अब ‘मिशन 2019’ की तैयारी शुरू कर दी है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 350 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस सिलसिले में गुरुवार को एक बैठक की जिसमें वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों से कहा गया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी जिन सीटों पर हारी थी, वहां मेहनत से जुटना होगा।    बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि अमित शाह ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में 350 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इस मीटिंग में उन सीटों को लेकर 10 मिनट का एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया जहां बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। प्रेजेंटेशन में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीटों का जिक्र किया गया। इन तमाम राज्यों में पार्टी अपना प्रदर्शन सुधारना चाहती है। ऐसे में इन राज्यों की सीटों पर पूरा फोकस करने को कहा गया है। अमित शाह ने कहा है कि इन सीटों पर अगले दो साल पार्टी नेताओं को पूरा जोर लगाना होगा।    आपको बता दें कि बीजेपी ने 2014 के लोकसभा में 300 से ज्यादा सीटे जीतने का लक्ष्य रखा था। 2014 के लोकसभा में बीजेपी ने 284 सीटें जीतकर परचम लहराया था। अमित शाह का मानना है कि कमजोर और बिखरे हुए विपक्ष के चलते 2019 पार्टी आसानी से 350 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हर चार महीने में पार्टी की संभावनाओं को टटोलने के लिए सर्वे भी करवा रहे हैं। अमित शाह ने हर एक नेता को 4-5 सीटों को जिम्मा सौंपा है।    मीटिंग में ये मंत्री और नेता हुए शामिल   बीजेपी मुख्यालय में हुई इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, जेपी नड्डा, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, अर्जुन मेघवाल और मनोज सिन्हा शामिल हुए। मीटिंग में कैलाश विजयवर्गीय, राम माधव, अनिल जैन, मुरलीधर राव और अरुण सिंह, बीजेपी संगठन महामंत्री रामलाल और अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए।इस बैठक के एजेंडे को गुप्त रखा गया था। बैठक में शामिल होने से पहले मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को भनक तक नहीं थी कि इसमें 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बात की जाएगी। बैठक के बाद भी किसी पार्टी नेता ने इस संबंध में माडिया से कोई बात नहीं की। शाह ने सभी मंत्रियों से उनके मंत्रालय की योजनाओं के जमीनी स्तर पर हुए असर के संबंध में जानकारी ली। संगठन से जुड़े नेताओं से भी जमीनी हालात की जानकारी मांगी गई।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर किए गए हमले के बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी भाषण नहीं देते बिलखते हैं। ज्ञातव्य है कि राहुल गांधी ने आज शरद यादव के साझा विरासत बचाओ कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसएस पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने कहा था कि सत्ता में आने के बाद आरएसएस ने तिरंगे को सलामी देना सीखा है। साथ ही राहुल गांधी ने कहा था कि संघ जानता है कि आरएसएस की विचारधारा इंडिया में चुनाव नहीं जिता सकती, इसलिए वह हर इंस्टिट्यूशन में अपने लोगों को डाल रहे हैं। इस पर बीजेपी के केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि कभी राहुल की दादी इंदिरा गांधी ने इमर्जेंसी काल में कमिटेड जुडिशरी की बात कही थी। ऐसे में राहुल को ऐसा बयान देना शोभा नहीं देता। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल आजकल भाषण नहीं देते, बल्कि बिलखते हैं।    रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल ने कहा है कि एक तरफ देश को लूटने वाले हैं तो दूसरी ओर देश को बचाने वाले। आगे उन्होंने कहा कि राहुल ने सही कहा देश को लूटने वालों को जनता ने बाहर कर दिया। रविशंकर प्रयाद ने कहा कि देश के लोग संघ का सम्मान करते हैं। आज बीजेपी 70 प्रतिशत देश पर राज करती है, अब राहुल गांधी नहीं समझते तो उन पर दया करने का मन करता है।  रविशंकर ने लेफ्ट पर भी बोला हमला:   रविशंकर प्रसाद ने लेफ्ट पर निशाना साधते हुए एमपी और पश्चिम बंगाल निकाय चुनाव में मिली जीत के लिए सूबे की बीजेपी टीम को बधाई दी। लेफ्ट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिन सात जगहों पर चुनाव हुआ, वहां तृणमूल जीती लेकिन नंबर दो पर बीजेपी रही और लेफ्ट का कुछ अता-पता नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि केरल के कन्नूर में संघ के कार्यकर्ता सीपीएम के लोगों के द्वारा मारे जा रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने आज दिल्ली में 17 राजनीतिक दलों का साझा विरासत बचाओ सम्मेलन बुलाया। इस सम्मेलन में कई विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में बोलते हुए बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस ने सत्ता मिलने के बाद तिरंगे को सलामी दी। राहुल गांधी ने कहा कि संघ ने तिरंगे को सलामी देना सत्ता में आने के बाद सीखा। साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस संविधान को बदलना चाहता है। वहीं राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा।    राहुल गांधी ने कहा कि मेक इन इंडिया तो फेल हो चुका है। अब सब तरफ मेक इन चाइना है। साथ ही राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि 15-15 लाख अभी तक लोगों के अकाउंट में नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि संघ के लोग सब जगह बैठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस चुनाव नहीं जीत सकती। राहुल गांधी ने कहा कि आज हर राज्य में किसानों को हाल बुरा है। हर राज्य में किसान रो रहे है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने खूब वादे किए।    गुलाम नबी और फारुख अब्दुल्ला ने भी साधा निशाना:  कार्यक्रम में बोलते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शरद यादव के नेतृत्व वाली जेडीयू ही असली जेडीयू है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश वाली जेडीयू बीजेपी की जेडीयू है। आजाद ने बीजेपी पर वार करते हुए कहा कि आज अंग्रेज तो नहीं है लेकिन उनके समर्थक हैं, जो भारत छोडो आंदोलन के समय में शामिल नहीं हुए थे।साथ ही आजाद ने कहा कि यह जो समय चल रहा है वो इमरजेंसी का बाप है। वहीं फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे फक्र है कि मैं एक हिंदुस्तानी मुसलमान हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि ये लोग बात जोडने की करते हैं लेकिन काम तोडने का कर रहे हैं। फारुख अब्दुल्ला ने हमला बोलते हुए कहा कि एक पाकिस्तान तो बना दिया, अब कितने पाकिस्तान बनाओगे। अब्दुल्ला बोले कि हम पर आरोप लगाते हैं कि हम वफादार नहीं हैं, पर सच ये है कि तुम लोग दिलदार नहीं हो। अब्दुल्ला बोले कि मैं उस घाटी से आया हूं जहां पर लोगों को पाकिस्तानी कहा जाता है लेकिन हम पकिस्तानी नहीं हिंदुस्तानी मुसलमान हैं।    साभार-khaskhabar.com       

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 नई दिल्ली। 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय झंडा फहरायेंगे। ध्वजारोहण के बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सशस्त्र सेना कर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों के सदस्यों को 112 शौर्य पुरस्कार देने की स्वीकृति दी है। इनमें 5 कीर्ति चक्र, 17 शौर्य चक्र, 85 सेना मेडल (शौर्य), 3 नौसेना मेडल(शौर्य) तथा 2 वायु सेना मेडल (शौर्य) शामिल हैं। वहीं, इस बार कोई अशोक चक्र नहीं दिया गया। सीआरपीएफ के कमांडेंट चेतन चीता, शहीद कमांडेंट प्रमोद कुमार, आर्मी के दो मेजर समेत 3 सैनिकों को दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार (शांतिकाल में) कीर्ति चक्र से नवाजा है।    इन्हें कीर्ति चक्र   -मेजर प्रीतम सिंह कुअर, चौथी बटालियन गढ़वाल राइफल - हवलदार गिरिस गुरुंग, चौथी बटालियन प्रथम गोरखा राइफल (मरणोपरांत) -मेजर डेविड, नगा रेजिमेंट, 164 इंफेन्टरी बलाटिलयन (प्रादेशिक सेना) (घर और पृथ्वी), नगा (मरणोपरांत) -कमांडेंट प्रमोद कुमार, 49 बटालियन, सीआरपीएफ (मरणोपरांत)  -कमांडेंट चेतन कुमार चीता, सीआरपीएफ     इन्हें शौर्य चक्र   - मेजर सतीश दहिया, एएससी, 30 आरआर (मरणोपरांत) - मेजर गोसावी कुनाल मुन्नागिर, एआरटीवाई 166 मेडिकल रेजिमेंट (मरणोपरांत) - सूबेदार शबीर अहमद, 17 जेएके राइफल - नायब सूबेदार सुरेन्द्र सिंह, 4 पारा (एसएफ) -नायक चन्द्र सिंह, कुमांयू स्काउट्स, 13 आरआर (मरणोपरांत) - लांस नायक रघुबीर सिंह, महार, 1 आरआर (मरणोपरांत) - लांस नायक कश्मीर सिंह, जेएके राइफल - लांस नायक भंदोरिया गोपाल सिंह मुनिमसिंह, एसआईजीएस, 1 आरआर (मरणोपरांत) - सिपाही वेंकटराव अबोतुला, 8 मद्रास - सिपाही आरिफ खान, जीआरईएन, 55 आरआर - कांस्टेबल मनजूर अहमद नाइक, जम्मू कश्मीर पुलिस, 42 आरआर (मरणोपरांत) - लांस नायक दीपक एले, प्रथम बटालियन तीन गोरखा राइफल  - गनर ऋषि कुमार रे, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलेरी/155 फील्ड रेजिमेंट -चंदन कुमार, असिसटेंट कमांडेंट, (आईआरएलए : 9056), सीआरपीएफ - अमर नाथ मिश्रा, कांस्टेबल - पी त्रिनध राव, सहायक एसॉल्ट कमांडर, आंध्र प्रदेश -सीएच जी. वी. रामचंद्र राव, सीनियर कमांडो (59 66), आंध्र प्रदेश   इन्हें सेना पदक (शौर्य)   - कर्नल समरजित रे, 4 बटालियन, गढ़वाल राइफल - मेजर अमित चमोली, कुमांयू, 50 आरआर - लेफ्टिनेंट कर्नल अरूण कुमार एम, 21 सिख रेजिमेंट - मेजर भरगू राज जानी, गढ़वाल राइफल, 14 आरआर - मेजर वरुण मांडी, पंजाब, 22 आरआर - मेजर सौरभ चौधरी, 2/5 जीआर - मेजर सुनील सिंह, कुमांयू, 13 आरआर - मेजर अभिजीत देवरी, 20 डोगरा -एल मेजर परिणय बंसल, सिख एलआई, 19 आरआर -एल मेजर अनोघ कुमार चंद्र, असम, 35 आरआर - मेजर शेखर कुमार, ईएमई, 5 आरआर - मेजर मोहित ग्रेवाल, एएससी, 18 आरआर - मेजर आदित्य विक्रम सिंह, मेक इन्फेंट्री, 13 एआर - मेजर दीपक कुमार उपाध्याय, एससी, 9 पारा (एसएफ) - मेजर एस अरूण, जेएके राइफल, 3 आरआर - मेजर ऋषि आर, मेक इन्फेंट्री, 42 आरआर - मेजर मलय वैद्य, कुमांयू, 13 आरआर - मेजर बिशाल सिंह थापा, कुमांयू, 13 आरआर - मेजर प्रदीप कुमार निगम, महार, 1 आरआर - मेजर मनीष कुमार यादव, इंजीनियर्स, 3 आरआर - मेजर अंकित हरजाई, आर्म्ड, 22 आरआर - मेजर जसबीर सिंह, आर्म्ड, 38 एआर - मेजर सुमीर सिंह, 9 पैरा (एसएफ) - मेजर पीयूष पांडे, इंजीनियर्स, 1 आरआर - कैप्टन प्रसून शर्मा, 9 पारा (एसएफ) - कैप्टन सरंगथेम श्याम, 2 पारा (एसएफ) - कैप्टन मितेंदर यादव, 21 महार - कैप्टन जयदीप रावत, 20 डोगरा -एल कैप्टन जसदीप सिंह, 1/1 जीआर -एल कैप्टन मनोज़ मलिक, एएडी, 107 एडी रेजिमेंट - कैप्टन राकेश नायर, आर्म्ड, 22 आरआर - कैप्टन उमेश लाम्बा, 1 पारा (एसएफ) - कैप्टन अजीत लिंबू, 1/5 जीआर (एफएफ) - सूबेदार शीतल प्रसाद पुन्न, 1/1 जीआर - एल नायब सूबेदार बलविंदर सिंह, 22 सिख - नायब सूबेदार रविन खंडाल, पहली बटालियन तीसरा गोरखा राइफल - एल हवलदार प्रदीप कुमार, 21 पंजाब - हवलदार मदन लाल, 20 डोगरा (मरणोपरांत) - हवलदार बृजेंद्र लाल, गढ़वाल राइफल चौथी बटालियन - एल हवलदार पोंगचाइ कोनयक, असम, 35 आरआर - हवलदार दमर बहादुर पुन्न, चौथी बैटालियन पहली गोरखा राइफल्स (मरणोपरांत) - हवलदार मोहम्मद हुसैन, 17जेएके राइफल - हवलदार ईश्वर सिंह, जेएके राइफल, 3 आरआर - हवलदार अशोक कुमार, 9 पारा (एसएफ) - एल/हवलदार दविन्दर सिंह, 17 सिख (मरणोपरांत) - एल एल/हवलदार राम कुमार, 20 डोगरा - एल/हवलदार रायशम सिंह , जेएके राइफल, 52 आरआर - नायक तुपारे राजेंद्र नारायण, 22 एमएलआई (मरणोपरांत) - एन के कुलदीप सिंह, 18 जाट - एल नायक राधा कृषण, डोगरा, 62 आरआर - लांस नायक सुखपाल सिंह, 4 बटालियन गढ़वाल राइफल - नायक भगवान सिंह रौतेला, कुमाऊँ, 50 आरआर - नायक प्रमोद कुमार कन्याल, कुमाऊँ, 13 आरआर - नायक हरिश सिंह चुफल, कुमांयू13 आरआर - नायक रेवत सिंह, महार, 1 आरआर - नायक रामबीर सिंह राजपूत, महार, 30 आरआर - एल नायक जावेद अहमद भट, 9 पैरा (एसएफ) - नायक नासिर अहमद मीर, टीए, 163 आईएनएफ बटालियन (टीए) (एच एंड एच) - नायक नंदा प्रसाद, 4 पैरा (एसएफ) - नायक दिलीप कुमार सिंह, मेक इन्फेंट्री, 5 आरआर  - नायक चितरंजन देबबर्मा, 51 ईएनजीआर आरईजीटी (मरणोपरांत) - लांस/नायक पंजाब सिंह, 21 पंजाब - एल लांस/नायक हंस राम, 3 राजपुत - लांस/नायक राकेश कुमार, 20 डोगरा - लांस/नायक लाल बहादुर थापा, 4/1 जीआर (35 आरआर के साथ) - लांस/नायक राजू छेत्री, 1/5 जीआर (एफएफ) - लांस/नायक इखेडे सागर अशोक, एआरटीवाई, 13 आरआर - सिपाही परमजीत, पंजाब, 54 आरआर - सिपाही भाग सिंह, 3 राजपूत - सिपाही पंकज सिंह राजपूत, 44 आरआर - सिपाही विशाल चौधरी, 18 जाट (मरणोपरांत) - सिपाही बब्लू सिंह, 18 जाट (मरणोपरांत) - एल सिपाही विक्की, 18 जाट - सिपाही अजय सरकार, एएससी,30 आरआर - सिपाही नीरज कुमार, मेक इन्फेंट्री, 35 आरआर - राइफल मैन रबिन शर्मा, चौथी बटालियन पहली गोरखा राइफल्स (मरणोपरांत) - राइफल मैन बेद सिहं राणा पहली बटालियन 3 गोरखा राइफल्स - आरएफएन अंगराज सिंह, जेएके राइफल, 52 आरआर - आरएफएन रवि कुमार, जेएके राइफल, 31 आरआर (मरणोपरांत) - एल आरएफएन अबिनाश राय, 17 जेएके राइफल - आरएफएन रुहितेश्वर चंगमइ, 16 असम राइफल्स - आरएफएन खंपई वांगसु, 13 असम राइफल्स (मरणोपरांत) - आरएफएन अमरनाथ एस, 28 असम राइफल्स - पीटीआर विक्रांत परिहार, 1 पारा (एसएफ) - पीटीआर जयवीर सिंह, 9 पारा (एसएफ)   इन्हें नौसेना मेडल (शौर्य)   -लेफ्टिनेंट पुष्पिंदर त्यागी -जशकरण सिंह, सीएच मेक -अजहर अजहरुद्दीन, नेवी   इन्हें वायु सेना मेडल (शौर्य)  विंग कमांडर सुभाष सिंह राव  -विंग कमांडर रविन्दर अहलावत    राष्ट्रपति ने सेना/वायु सेना कर्मियों को 40 मेंशन इन डिसपैचेज से सैन्य कार्रवाइयों में उनके महत्वपूर्ण कार्रवाहियों के लिए सम्मानित किया। इसमें ऑपरेशन मेघदूत के लिए 2, ऑपरेशन रक्षक के लिए 32, ऑपरेशन आर्चिड के लिए 4 तथा सेना मुख्यालय तथा वायु सेना के लिए 1 -1 शामिल है।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों के बारे में बात करते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक अस्पताल में हुई बच्चों की मौत पर शोक जताया। पीएम मोदी ने इस मामले में लाल किले की प्राचीर से चुप्पी तोडते हुए कहा कि ये काफी संवेदनशील मामला है. हमे संवेदनशील होकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं चुनौती बन जाती हैं। ज्ञातव्य है कि घटना के बाद पीएमओ से ट्वीट किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटना पर नजर बनाए हुए है। साथ ही मोदी ने पीडितों के प्रति सवेंदना व्यक्त की थी।   पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जलवायु परिवर्तन ने देश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश देश को फलने-फूलने में मदद करती है। मोदी ने कहा कि भारत के लोग प्राकृतिक आपदाओं और गोरखपुर में त्रासदी से प्रभावित हुए लोगों के साथ साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी गोरखपुर मामले में बयान दिया है। अमित शाह ने कहा कि गोरखपुर हादसा एक प्रकार की गलती थी, जिसकी जांच चल रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक इसकी जांच पूरी नहीं हो जाती है, हमें किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सिर्फ गरीबों की मदद करने की है। अमित शाह ने कहा कि इतने बडे देश में बहुत सारे हादसे हुए और ये कोई पहली बार नहीं हुआ, कांग्रेस के कार्यकाल में भी हुए।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 71वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि मैं देशवासियों को 71वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देता हूं। साथ ही उन्होंने जन्माष्टमी के पर्व की भी शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही गोरखपुर में हुए बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए संवेदना जताई। आगे पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में अभी पांच साल हैं, आजादी के दीवानों का सपना पूरा करने के लिए ये वक्त काम आ सकता है।    मिलकर त्याग, तपस्या से न्यू इंडिया बनाना है:  मोदी ने कहा कि सवा सौ करोड़ देश वासियों के संकल्प से, पुरुषार्थ से, त्याग और तपस्या से न्यू इंडिया बनाना है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्जुन के सवाल पूछने पर कृष्ण ने कहा था कि मनुष्य का मन जैसा होता है, परिणाम भी वैसा ही आता है। हम पहले निराशा से पले-बढे, अब हमें आत्मविश्वास से आगे बढना है। निराशा से उबरना है। चलता है का जमाना चला गया, अब आवाज यही उठे कि बदला है, बदल रहा है और बदल सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि जब साधक, साधन और सामर्थ्य त्याग और तपस्या से जुड जाते हैं, कर गुजरने के इरादे से जुड जाते हैं तो संकल्प सिद्धि में बदल जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर न्यू इंडियरा बनाना है जो सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली हो। जहां हर किसी को समान अवसर मौजूद हो। जहां आधुनिक विज्ञान और तकनीकि में भारत का दबदबा हो। आजादी का संग्राम हमारे लिए भावना से जुडा हुआ है। आगे उन्होंने कहा कि आजादी की लडाई के वक्त किसान, शिक्षक और मजदूर अपना काम करते थे। लेकिन उनके मन में भाव था कि जो भी काम कर रहे हैं वो आजादी के लिए कर रहे है। पीएम मोदी ने कहा कि परिवार में भी खाना रोज पकता है, व्यंजन सभी बनते हैं, लेकिन जब ये खाना भगवान के सामने चढा दिया जाता है, तो वो प्रसाद बन जाता है। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां भारती के लिए हम हमारे हर काम को राष्ट्रभाव और भक्ति से समर्पित कर देते हैं तो परिणाम की ताकत बढ़ जाती है। हम सब उस बात को लेकर आगे चलें। पीएम मोदी ने कहा कि 2018 की 1 जनवरी सामान्य एक जनवरी नहीं होगी। 21वीं शताब्दी में जन्म लेने वालों के लिए, नौजवानों के लिए ये निर्णायक वर्ष है। वो 18 साल के जब-जब होंगे, वे 21वीं सदी के भाग्यविधाता होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि सवा सौ करोड देशवासियों में कोई छोटा-बडा नहीं है। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए नए इंडिया का संकल्प ले।    आजादी के पर्व के साथ जन्माष्टमी का पर्व भी:   पीएम मोदी ने कहा कि आज देश पूरा देश आजादी के पर्व के साथ जन्माष्टमी का पर्व भी मना रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे सामने बाल कन्हैया भी बैठे हैं। आगे उन्होंने कहा कि सुदर्शन चक्र धारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक हमारी सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत के हम सभी धनी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 75 साल पूरे किए, ये वर्ष साबरमती आश्रम की शताब्दी का वर्ष है, ये वर्ष लोकमान्य तिलक का के जज्बे का 125 वां वर्ष है। हम आजादी का 70वां वर्ष और 2022 में आजादी के 75 साल, 1942 से 1947 से देश ने सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया अंग्रेजों को भारत छोड कर जाना पडा।    सर्जिकल स्ट्राइक से दुनिया ने पहचानी भारत की ताकत: पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सेनाओं समेत सभी सुरक्षा एंजेसियों ने हर मौके पर अपना कर्तब दिखाया, बलिदान करने में ये कभी पीछे नहीं रहे हैं। मोदी बोले कि उन्होंने हर जगह अपना काम किया चाहे आतंकवाद हो या घुसपैठ हो। आगे उन्होंने कहा कि जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तब दुनिया ने हमारी ताकत को पहचाना। मोदी बोले की आतंरिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें हर प्रकार की सुरक्षा करनी है समंदर हो या सीमा हो, साइबर हो या स्पेस हो। उन्होंने कहा कि भारत इसे करने में सक्षम है, देश के खिलाफ कुछ भी होने के हौसले परस्त करने में हम सक्षम हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज ईमानदारी का महोत्सव मनाया जा रहा है। गरीबों को लूट कर तिजोरी भरने वाले लोग आज भी चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं, ईमानदारों को अब विश्वास बढ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अभी तक 800 करोड रुपए की संपत्ति जब्त की है, जिससे लोगों को विश्वास मिला है।    काम की रफ्तार दोगुनी हुई: पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 40 साल से वन रैंक वन पेंशन का मामला अटका हुआ था, हमनें इस मसले को निपटाया। जीएसटी पूरी तरह से सफल हुआ है, विश्व के लोगों को अजूबा लगता है कि जीएसटी इतना सफल कैसे हो पाया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज दोगुनी रफ्तार से सडकें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल की पटरियां बन रही हैं। 14 000 गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी हैं। 29 करोड लोगों को बैंक खाते खोले गए। उन्होंने कहा कि 9 करोड से ज्यादा किसानों के सॉयल हेल्थ कार्ड बने हैं, 2.5 करोड से ज्यादा गैस चूल्हे दिए गए हैं, इससे गरीब व्यक्ति मुख्य धारा से जुडा है। 8 करोड से ज्यादा युवाओं को लोन दिया गया, महंगाई पर रोक लगी है। हमने नौकरियों में इंटरव्यू खत्म किया, कई व्यवस्थाओं को बदला है, हमने गुड गवर्नेंस से काम किया है। पीएम मोदी ने कहा कि वक्त बदल चुका है। सरकार ने जो कहा वह करके भी दिखाया।    कश्मीर की समस्या का हल गोली और गाली नहीं: पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत की साख बढ रही है। आतंकवाद के खिलाफ लडाई में पूरी दुनिया हमारे साथ हैं। मोदी ने कहा कि हम विश्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास, उन्नति और उनके सपनों को पूरा करना हमारा संकल्प है और इसे फिर से स्वर्ग बनाना है। मोदी ने कहा कि कश्मीर में जो कुछ भी होता है, बयानबाजी होती है, लोग एक दूसरे को गाली भी देते हैं। मुठ्ठी भर अलगाववादी लडते है, लेकिन ये समस्या ना गाली से सुलझेगी ना ही गोली से सुलझेगी ये समस्या सुलझेगी तो सिर्फ हर कश्मीरी को गले लगाने से ही सुलझेगी। मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी, हमनें बार-बार उन्हें कहा है कि मुख्यधारा में आइए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से कई नौजवान मुख्यधारा में भी आए हैं।    तकनीक की मदद से देश में ईमानदारी को बल देंगे: मोदी ने कहा कि भारत सरकार ऐसी वेबसाइट लॉन्च कर रही है, जहां पर गैलेंटरी अवॉर्ड प्राप्त करने वाले लोगों की जानकारी मिलेगी। मोदी ने कहा कि तकनीक की मदद से हम लोग देश में ईमानदारी को बल देंगे, काले धन-भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लडाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढी है, जब सरकार किसी काम में विलंब हो जाता है तो वह प्रोजेक्ट का विलंब नहीं होता है उससे गरीब लोगों को नुकसान होता है। पीएम मोदी ने कहा कि हम 9 महीने में मंगलयान पहुंच सकते हैं, लेकिन 70 किमी का रेल प्रोजेक्ट 42 साल से अटका हुआ था। मोदी बोले कि हमने इनमें बदलाव किया।    राज्यों की समस्या और महत्तव जानता हूं: एक समय था पहले राज्य और केंद्र के बीच में यूरिया, कैरोसिन के लिए तनाव होता था। ऐसा लगता था कि केंद्र बडा भाई है, राज्य छोटा भाई है। मोदी ने कहा कि मैं सीएम रहा हूं इसलिए राज्यों की समस्या और राज्य के महत्व को जानता हूं। अब सारे निर्णय मिलकर हो रहे हैं। हम कॉपरेटिव कैपिटिलिज्म से अब कंपेटेटिव कॉपरेटिव कैपिटिलिज्म की ओर आगे बढ रहे हैं। पीएम मोदी बोले कि जीएसटी के साथ स्मार्ट सिटी, स्वच्छता के निर्माण हो उस पर हर कोई साथ काम कर रहा है। मोदी बोले कि लोकतंत्र मतपत्र तक सीमित नहीं हो सकता है, हम इसमें बदलाव चाहते हैं। मोदी बोले कि तंत्र से लोक नहीं बल्कि लोक से तंत्र चले इसकी व्यवस्था करना चाहते हैं।    किसानों पर बोले पीएम मोदी:     मोदी नेकहा कि इस बार रिकॉर्ड फसल उत्पादन हो रहा है, हिंदुस्तान में कभी भी सरकार में दाल खरीदने की परंपरा नहीं थी। इस बार हमने सीधे किसानों से दाल खरीदी है। मोदी ने कहा कि तीन साल पहले 3.5 करोड किसान फसल बीमा योजना से जुडे थे, अब ये संख्या पौने छ करोड तक पहुंच गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान को पानी पहुंचाने वाली 21 योजनाओं को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमनें एफडीआई को बढावा दिया, भारत सरकार ने पीएम किसान संपदा योजना लागू की।    तीन तलाक पर बोले पीएम: पीएम मोदी ने तीन तलाक पर बोलते हुए कहा कि तीन तलाक के कारण कुछ महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड रही हैं, तीन तलाक से पीडि़त बहनों ने देश में आंदोलन खडा किया, मीडिया ने उनकी मदद की। तीन तलाक के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली बहनों का मैं अभिनंदन करता हूै, पूरा देश उनकी मदद करेगा।    आस्था के नाम पर हिंसा नहीं होनी चाहिए: पीएम मोदी ने कहा कि कभी-कभी आस्था के नाम पर धैर्य के अभाव में कुछ लोग ऐसी चीजें करते हैं जो समाज के ताने-बाने को बिगाडती हैं। मोदी ने कहा कि आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दे सकते हैं। अस्पताल को जला दिया जाए, गाडियों को जला दिया जाए इस प्रकार नहीं कर सकते हैं। आस्था के नाम पर हिंसा का रास्ता स्वीकार नहीं किया जा सकता है, पहले भारत छोड़ो का नारा था, अब भारत जोड़े का नारा है।     नोटबंदी पर बोले पीएम: पीएम मोदी ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि जब नोटबंदी की बात आई तो लोगों ने कहा कि अब मोदी गया लेकिन देशवासियों ने हमारा साथ दिया, जिससे भ्रष्टाचार को रोका गया है। नोटबंदी के द्वारा छुपा हुआ धन मुख्यधारा में वापस आ गया, नोटबंदी के बाद करीब 3 लाख करोड़ रुपए मुख्यधारा में वापस आया है। मोदी ने कहा कि हमने कई निर्णय किए हैं, कुछ चीजों को नोटिस किया गया लेकिन कुछ को नहीं। हम देश का ट्रैक बदल रहे हैं, लेकिन स्पीड में कमी नहीं आने दी है। मोदी ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के बल को आगे बढाया है, पिछले 3 साल में करीब सवा लाख करोड का कालेधन को हमने पकडा है। बैंकों में जमा की गई राशि में पौने दो लाख करोड रुपए का काला धन बैंकों तक पहुंचा है। हमने कालेधन का कारोबार करने वाली 3 लाख शेल कंपनियों में से पौने दो लाख कंपनियों को बंद कर दिया। नोटबंदी के कारण बैंकों के पास पैसा आया है, जिससे ब्याज दरें कम हो रही हैं।   आयकर रिर्टन भरने वालों की संख्या 56 लाख पहुंची:  पीएम मोदी ने कहा कि 1 अप्रैल से 5 अगस्त तक आयकर भरने वालों नए लोगों की संख्या 56 लाख पहुंची है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचान लिया गया है जिनकी आय ज्यादा है, 4.5 लाख लोगों ने अपनी गलती सुधारी है। एक लाख लोगों ने कभी जिंदगी में इनकम टैक्स का नाम भी नहीं लिया था, लेकिन अब वह इसमें आए हैं।     साभार-khaskhabar.com       

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पटना। बिहार में पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश और बाढ ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। राज्य में लाखों लोगों पर अचानक आसमान से संकट मंडरा गया है। पिछले 24 घंटों में यहां ऐसी बारिश हुई की जैसे आसमान फट गया। बिहार के कई जिलों में गांव के गांव बाढ़ में डूब गए। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अनुमान लगाया है। अगले दो दिन भी बिहार पर भारी है। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हवाई दौरा करेंगे।   बिहार में दरभंगा के अस्पताल डीएमसीएच के वॉर्ड में पानी भर गया है। अस्पताल में बारिश के पानी के बीच ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं बारिश से दवाईयां भी खराब हो गई हैं। वहीं, अस्पताल की कई मशीने पानी की वजह से काम करना बंद कर दिया है। इन हालातों में इमरजेंसी वाले मरीजों का इलाज करने की कोशिश जारी है।   बिहार के मोतिहारी में ने इलाके में भी बाढ से लोगों की हालत खराब है। पूर्वी चंपारन का मोतिहारी वो इलाका है जो नेपाल के बॉर्डर से सटा है। नेपाल में भारी बारिश से वहां की नदियां उफान पर है और नेपाल की नदियों का पानी यहां बिहार के इलाकों में बाढ़ ला रहा है। मोतिहारी के साथ रक्सौल में बारिश की वजह से कहर बरपा है। उफनते पानी को पार करने के लिए लोगों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। तेज बारिश की वजह से बिहार के सीतमढ़ी और शिवहर जिले में बाढ़ जैसे हालात हैं। सबसे ज्यादा बुरे हालात सीतमढ़ी के बथनाह प्रखंड की हैं। यहां दर्जनों गांवों में पानी भर गया है और लोगों पलायन करना पड़ रहा है। सीतमढ़ी के सुरसंड का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। नेशनल हाइवे 104 पर कई फीट पानी जमा हुआ है।   बिहार के अररिया जिले के दर्जनों गांव तेज बारिश की वजह से बाढ़ की चपेट में हैं। बारिश ऐसी आफत लेकर आई है कि लोगों के घर छिन गए। अररिया में तेज बारिश की वजह से रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। नॉर्थ ईस्ट जाने वाली सभी ट्रेन रूट ठप पड़े हैं। कटिहार समेत कई स्टेशनों पर इन ट्रेनों को रोककर रखा गया है। कई एक्सप्रेस और पैंसेजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है।   साभार-khaskhabar.com     

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पिथौरागढ। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से कुदरत का कहर जारी है। पिथौरागढ के पास बादल फट गया जिसके बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा रोक दी गई है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार 4 एसएसबी के जवान और 3 स्थानीय लोग लोग लापता है। मालपा में 3 लोगों के शव भी बरामद किए गए है। एसएसबी के 4 जवान और एक जेसीओ पंगाटी नाला से बचाए गए हैं। धारचुला से सेना बचाव दल मौके पर पहुंच गया है। वहीं मांगती में 2 पुल पानी में बह गए है, 1 सिमखौला में बह गया। आपको बता दें कि काली नदी खतरे के निशाने से ऊपर है।    प्राकृतिक आपदा का असर देश के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में भी भूस्खलन की चपेट में आने से कई लोगों की जान चली गई है। अब तक मरने वालों की संख्या 46 हो गई है। आपको बता दें कि यह हादसा इतना भयानक है कि अभी और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। रविवार देर शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद राहत बचाव का काम रोक दिया गया है।   बताया जा रहा है कि हादसा शनिवार देर रात हुआ था। जब एक बस चंबा से मनाली जा रही थी, जबकि दूसरी मनाली से जम्मू की तरफ जा रही थी। बताया जा रहा है कि मंडी-पठानकोट राजमार्ग पर कोटरूपी के पास रोडवेज की दो बसें रुकी हुई थीं। इसी दौरान बादल फटने और भूस्खलन के चलते एक बड़ा पत्थर मनाली से कटरा जाने वाली बस के ऊपर आ गिरा। जिसके चलते ये बस लुढक़ते हुए 200 मीटर गहराई में जा गिरी। आपको बता दें कि अपने पडोसी देश नेपाल में भी मानसून की भारी बारिश की वजह से बाढ और भूस्खलन में 55 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब एक हजार लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ से कई बस्तियां प्रभावित हुई हैं। नदियों के खतरे के निशान से ऊपर होने की वजह से कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए। नेपाल के चितवन जिले के सौराहा इलाके में बाढ़ की वजह से करीब छह सौ पर्यटक फंसे हुए हैं। इनमें 200 भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।     साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से लोगों का जीना दुश्वार हो रखा है। बिहार के अररिया और सुपौल जिले में बारिश और बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। वहीं, असम के 19 जिले में 1752 गांव बाढ की चपेट में है और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी बाढ अपना विकराल रूप दिखा रहा है।  असम के राज्य के 19 जिलों के करीब 12 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य में बाढ़ से मौतों का सिलसिला भी जारी है। अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। त्रिपुरा के अगरतला में भी बारिश मुसीबत बनकर आई है। गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नदी का पानी खतरे के निशान से करीब पहुंच चुका है। असम के कोकराझार के बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत और बचाव की टीम बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटी है। लोग जुगाड़ से बनी नाव से नदी को पार करने के लिए मजबूर हैं। असम के 19 जिले और 1752 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 जिलों में 11 लाख लोग बाढ़ में घिरे हुए हैं। बाढ़ में मरने वालों की ताजा संख्या पांच है। अब तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढक़र 89 हो चुकी है।बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में बाढ की स्थिति पैदा कर दी है। उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार, पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुडी, दार्जिलिंग और दिनाजपुर जिलों में बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। घरों में पानी भरने की वजह से लोग बेघर हो गए हैं। नदियों में पानी भरने की वजह से पास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सरकार की तरफ से राहत सामग्री भेजने समेत और भी कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।   बिहार में स्थिति आगे और विकराल होने वाली है, क्योंकि बिहार पर अगले चार दिन भारी पडऩे वाले हैं। अररिया जिले में कल हुई जोरदार बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। शहर में जगह-जगह बंद पड़ी गाडियों को धक्का देकर आगे बढ़ा रहे हैं।   बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी ने सुपौल में अपना कहर दिखा रही है। सुपौल जिले के कई गांव में कोसी नदी की चपेट में आ गए हैं। सुपौल के घुरन गांव में लोग जान जोखिम में डालकर नदी को पार करने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि नेपाल में भारी बारिश की वजह से पानी छोड़ा गया है, जिसकी वजह से कोसी नदी में बाढ़ आ गई है। ये गांव भी बाढ़ की चपेट में है। गावं के बच्चे जुगाड़ से बनी नाव से बाढ़ को पार करने की कोशिश में हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में अगले 4 दिन भारी बारिश की आशंका है।   साभार-khaskhabar.com   

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में हिजबुल आतंकियों के साथ मुठभेड में दो जवान शहीद हो गए जबकि तीन अन्य घायल हो गए है। पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित सुरक्षा बलों ने शोपियां के अवनीरा गांव में उन्हें घेर लिया, जिसके बाद आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।    इस बीच एक आतंकी के मारे जाने की भी खबर हैं। मीडियाई खबरों के अनुसार सुरक्षाबल अभी मारे गए आतंकी का शव अपने कब्जे में नहीं कर पाए हैं। इसलिए अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।     पुलिस के अनुसार घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। गांव में अभी भी मुठभेड़ जारी है। अनवीरा गांव से मिली खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की घेरेबंदी तोडऩे के लिए स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में सात नागरिकों के पैलेट गन से घायल होने की खबर है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।   पुलिस ने उन अफवाहों को सख्ती से खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के दौरान एक मस्जिद क्षतिग्रस्त हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, सुरक्षा बलों ने जैसे ही गांव घेर कर सुरक्षा घेरा कसना शुरू किया, आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी और मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है। पुलिस ने बताया कि गांव में तीन आतंकवादियों के घिरे होने की सूचना है।आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय चौकियों पर पाकिस्तानी सैनिकों के शनिवार शाम बिना किसी उकसावे के गोली चलाने से भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया और एक महिला की मौत हो गई। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने शाम पांच बजे भारतीय चौकियों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।    उन्होंने कहा, भारतीय सेना ने मजबूती से और प्रभावी रूप से जवाब दिया। प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी में मध्यप्रदेश निवासी नायब सूबेदार जगराम सिंह तोमर (42) गंभीर रूप से जख्मी हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।   कश्मीर में आतंकियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन ऑलआउट के तहत सेना, सीआरपीएफ और एसओजी ने 250 से अधिक आतंकियों की लिस्ट बनाई है। पिछले 7 महीने में सेना ने घाटी में 125 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है। शुक्रवार को अलकायदा आतंकी जाकिर मूसा भी त्राल में घिरा था, लेकिन पत्थरबाजी की आड़ में वह बच निकला।   साभार-khaskhabar.com     

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) में ऑक्सीजन की कमी हुई 36 बच्चों की मौत पर अब राजनीतिक शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इन बच्चों की मौत के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और सीएम योगी और स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी गोरखपुर पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। ये राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा है। मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। जांच के लिए सांसदों की टीम बने और स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा सौंपे।   इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी गोरखपुर जाएंगे। सीएम के साथ दोनों मांत्रियों की बैठक हुई है। वहां से आने के बाद दोनों मंत्री सीएम को घटना की पूरी रिपोर्ट देंगे। आपको बता दें कि 36 बच्चों की मौत हो चुकी है। शनिवार सुबह इंसेफेलाइटिस से पीडि़त 11 साल के एक और बच्चे की मौत हो गई।   यह घटना गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की है, जहां मरने वालों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी। खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में 62 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इंकार किया है।घटना पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जो घटना हुई है बहुत ही दुखद है। परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार ने इसकी चर्चा की है कि ऐसे दोबारा घटना ना घटे। ऑक्सीजन की जो कमी हुई है उस मामले की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए।   कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा ने मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक का इस्तीफा मांगा है। महाबल मिश्रा ने कहा कि यह कुशासन है। 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। इसकी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। योगी और मोदी इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते रहते हैं और अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है। नैतिकता के आधार पर योगीजी को खुद इस्तीफा देना चाहिए। केंद्र से लेकर राज्य तक भाषण और दबाव की राजनीति चल रही है। जातिगत राजनीति चल रही है और जमीनी स्तर पर यह घटना बयां कर रही है कि कोई काम नहीं हो रहा है।   साभार-khaskhabar.com     

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