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पटना। बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडेय की खुदकुशी के मामले में एक नया मोड आ गया है। सुसाइड करने से पहले मुकेश पांडेय ने एक वीडियो तैयार किया था। इस वीडियो में मुकेश पांडेय ने सुसाइड करने की वजह बताई है। यह वीडियो मुकेश पांडेय ने सर्किट हाउस में रिकॉर्ड किया था। ज्ञातव्य है कि बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडेय ने 10 अगस्त को गाजियाबाद के निकट ट्रेन से कट कर अपनी जान दे दी थी। आइए आपको बताते हैं मुकेश पांडेय ने इस वीडियो में क्या कहा और सुसाइड की क्या वजह बताई।  इस वीडियो की शुरूआत में मुकेश पांडेय ने अपना परिचय देते हुए बताया कि मेरा नाम मुकेश पांडेय है और मैं आइएस 2012 बैच का ऑफिसर हूं बिहार कैडर का। आगे उन्होंने कहा कि मेरा घर गुवाहाटी असम में पडता है। पिताजी का नाम सुदेश्वर पांडेय और माताजी का नाम गीता पांडेय है। मेरे सास-ससुर का नाम राकेश प्रसाद सिंह और पूनम सिंह है और वाइफ का नाम आयुषी शांडिल्य है। आगे उन्होंने कहा कि ये जो मैसेज आप देख रहे हैं, मेरे सुसाइड और मौत के बाद का मैसेज है। जो कि मैं पहले से रिकॉर्ड कर रहा हूं। आगे वीडियो में मुकेश कहते नजर आ रहे हैं कि मैनें निर्णय लिया है कि दिल्ली जा कर मैं अपने जीवन का अंत कर दूंगा। मैं अपने जीवन से खुश नहीं हूं। मेरी वाइफ और माता-पिता के बीच तनातनी है और हमेशा वे एक दूसरे से उलझते रहते हैं, जिससे कि मेरा जीना दुश्वार हो गया है। साथ ही उन्होंने वीडियो में कहा कि दोनों की गलती नहीं है। दोनों मुझसे अत्यधिक प्रेम करते हैं   बताई सुसाइड की यह वजह: वीडियो में डीएम मुकेश पांडेय ने सुसाइड की वजह बताते हुए कहा कि मैं एक शांतिप्रिय आदमी हूं, पीस लविंग लेकिन जब से मेरी शाादी हुई है, बहुत उथल पुथल चल रहा है। मैं ऐसे भी जीवन से तंग आ चुका हूं। वीडियो में मुकेश कहते नजर आ रहे हैं कि मेरी वाइफ मुझसे बहुत प्यार करती है और मेरी एक छोटी बच्ची भी है। हमलोग किसी न किसी बात पर झगडते रहते हैं, दोनों की पर्सनालिटी बिल्कुल अलग-अलग है। उसका नेचर एस्ट्रोवर्ट और एग्रेसिव नेचर है और मेरा मीक और इंट्रोवर्ट नेचर है। किसी चीज में हमारा मेल नहीं खाता है। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने सुसाइड के लिए किसी को जिम्मेवार नहीं मानता हूं.मैं खुद को जिम्मेवार मानता हूं। आगे उन्होंने वीडियो में कहा कि मेरे ऊपर न तो कोई प्रेशर है, न दबाव है। न ही किसी के द्वारा कोई ऐसा काम किया गया कि मैं उनके ऊपर आरोप लगाऊं कि उसने मुझे सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया है। मैं खुद ही जिंदगी से फ्रस्टेट हो चुका हूं। अब इस जीवन से मेरा मन भर गया है और मुझे अब बिल्कुल भी जीने की इच्छा नहीं रह गयी है। इसी कारण मैं यह एक्सट्रीम स्टेप ले रहा हूं. एक कावर्डली स्टेप है, जो मुझे भी पता है. स्केपिस्ट स्टेप है।    आगे वे कहते नजर आ रहे हैं कि मुझे लगता है कि मेरे अंदर जीने की कोई फिलिंग ही नहीं बची है जीने की, तो जीने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है. इसीलिए मैं ये स्टेप ले रहा हूं. अगर ये वीडियो आपको मिलता है तो कृपया मेरे मम्मी-पापा, सास-ससुर मेरी वाइफ, मेरे भईया सभी लोगों का नंबर इस मोबाइल में दर्ज है। किसी को भी आप नंबर पर कॉल करके बता दिजीयेगा कि उनका बेटा मुकेश पांडेय अब इस दुनिया में नहीं रहा और उसने दिल्ली में अपना सुसाइड कर लिया है।    साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। वेंकैया नायडू शुक्रवार को देश के 13वें उपराष्ट्रपति बने है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खास बता यह है कि वेंकैया ने हिंदी में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार संभाला। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेंकैया नायडू को बधाई दी।    पीएम मोदी ने कहा है कि ये 10 साल आपने संविधान के दायरे में काम किया, हो सकता है कुछ बातें आपके मन में रही हों लेकिन अब आपको मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों की तरफ से मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं, संविधान के मर्यादाओं के अनुकूल आपका निर्दश मिलता रहेगा, ऐसी मेरी कामना है। पीएम मोदी ने कहा कि वेंकैया देश के पहले ऐसे उपराष्ट्रपति जिन्होंने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया। बतौर उपराष्ट्रपति अपना पहला भाषण भी देंगे। आपको बता दें कि 5 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव हुआ था। नायडू ने यूपीए कैंडिडेट गोपालकृष्ण गांधी को हराया था। बता दें कि शुक्रवार को हामिद अंसारी का उपराष्ट्रपति के तौर पर आखिरी दिन था।प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं समझता हूं कि वो पहले ऐसे नेता हैं जो इतने सालों तक इसी परिसर में इन्हीं सब के बीच में पले-बढ़े। शायद ही देश को ऐसे उप राष्ट्रपति मिले जो सदन की बारीकियों से परिचित हैं। खुद इस प्रक्रिया से निकले। छात्र जीवन में जेपी के आव्हान को लेकर शुचिता और सुशासन के लिए जो राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला आंध्र प्रदेश में विद्यार्थी नेता के रूप में उन्होंने खुद को झोंक दिया। व्यक्तित्व और कार्यक्षेत्र का विकास किया। हमने उन्हें इसलिए यह गौरवपूर्ण जिम्मेदारी दी। वेंकैया किसान के बेटे हैं। कई वर्षों तक उनके साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है। पीएम मोदी ने कहा है कि गांव किसान गरीब पर बारीकी से अध्ययन करते हुए हमेशा इनपुट देते रहे। कैबिनेट में वह अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर थे। उससे ज्यादा रुचि से वे किसान रूरल विषय पर बात रखते थे। यह उनके बैकग्राउंड की वजह से थे। साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। आज नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कार्यभार संभाल लिया। राज्यससभा में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष ने भी उनका स्वागत किया। विपक्ष की ओर से नायडू को स्वागत में नसीहत भी मिली। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने नए उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के नए सभापति एम. वैंकेया नायडू का स्वागत करते हुए उन्हें कहा कि उम्मीद है कि निष्पक्षता की परंपरा कायम रहेगी। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नायडू एक साधारण पृष्ठभूमि से आए हैं और अपने जीवन के शुरुआती समय में उन्होंने काफी संघर्ष किया। और, आज वह देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का एक बेहतरीन हिस्सा है। आजाद ने कहा, आप इस कुर्सी पर बैठने का अवसर पाने वाले बहुत ही चुनिंदा लोगों में से हैं, आप जमीन से उठे हैं और बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से आए हैं, यह हमारे लोकतंत्र और संविधान के बेहतरीन भाग को दर्शाता है। समूचे विपक्ष की तरफ से नए सभापति का स्वागत करते हुए आजाद ने कहा कि ऊपरी सदन को चलाना एक दोहरी जिम्मेदारी है क्योंकि सदस्यों को उन विधायकों की आशाओं को पूरा करना होता है, जिन्होंने उन्हें चुना है और उन लोगों की आशाओं को भी जिन्होंने विधायकों को चुना है। उन्होंने कहा, न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष व राज्यसभा के सभापति जैसे लोगों के पास जो पैमाना होता है, वह हमें याद दिलाता है कि वे निष्पक्ष हैं। उन्हें सही और निष्पक्ष होना चाहिए जिससे सदन उचित तरीके से चले। आजाद ने कहा, हमारे सदन की जिम्मेदारी दोहरी है, इस वजह से यह परंपरा बनी रहनी चाहिए कि कोई विधेयक इस सदन से शोरगुल में पारित नहीं हो..आशा है कि परंपरा बनी रहेगी। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी को गुरुवार को राज्यसभा से विदाई दी गई। येचुरी के भी बेहद आम परिवार से उठकर यहां तक आने का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि यह लोकतंत्र की शक्ति है कि एक व्यक्ति की क्षमताएं उसकी गरीबी या कमजोर पृष्ठभूमि से बधी हुई नहीं हैं। आजाद ने कहा, सदन में ऐसे लोग हैं जो जमीनी स्तर से शीर्ष पदों पर पहुंचे है। ऐसे लोग जो गरीब हैं व समृद्ध नहीं है वे अपने कार्यो के दम पर शीर्ष पर पहुंचे हैं। यह लोकतंत्र की सबसे अच्छी बात है, यह संविधान की ताकत है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे लोगों को भी नहीं भूलना चाहिए जो एक समृद्ध पृष्ठभूमि से आए और अपना जीवन राष्ट्र के लिए बलिदान कर दिया।   उन्होंने कहा, हमें उन लोगों को भी नहीं भूलना चाहिए जो समृद्ध थे और अपनी संपत्ति, परिवार और बच्चों को बलिदान कर दिया। हमें उन्हें आज नहीं भुलाना चाहिए। मोती लाल नेहरू, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटले व मौलाना आजाद सभी समृद्ध थे, फिर भी इन सभी ने सभी चीजें छोडक़र अपना जीवन देश को दे दिया।   साभार-khaskhabar.com       

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अकबरगंज रेलवे स्टेशन पर अकाल तख्त ट्रेन में बम की सूचना मिलने से यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। दरअसल कलकत्ता से अमृतसर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 12317 अकाल तख्त ट्रेन के एसी कोच में बम की सूचना मिली। इस पर ट्रेन को अमेठी के इन्हौना के पास स्थित अकबरगंज हाल्ट के पास रोका गया। बम की सूचना आग की तरह ट्रेन के यात्रियों में फैल गई। इससे यात्रियों में दहशत और अफरा तफरी का माहौल हो गया। जानकारी मिलते के बाद अमेठी पुलिस और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया।    बम निरोधक दस्ते ने कथित बम को बरामद कर लिया है। घटना लगभग रात 1 बजे की है। अमेठी पुलिस तो घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंच गई लेकिन बम निरोधक दस्ता सुबह 4 बजे तक पहुंचा। बम ट्रेन के बी 3 एसी कोच के टॉयलट में मिला। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंच कर उस संदिग्ध चीज को बरामद कर लिया है।यह कम तीव्रता वाला बम बताया जा रहा है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रेन की तलाशी ली। आरपीएफ कमांडेंट के अनुसार ठीक से ट्रेन की जांच करने के बाद ट्रेन को स्टेशन से रवाना किया गया। इस घटना से ट्रेन 7 घंटे से भी ज्यादा लेट हो गई।    साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल आज गुरुवार को पूरा हो रहा है। वहीं हामिद अंसारी ने राज्यसभा टीवी पर दिए एक साक्षात्कार में कहा कि देश के मुस्लिमों में घबराहट और असुरक्षा की भावना है। ज्ञातव्य है कि हामिद अंसारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में कथित गोरक्षकों की गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही कुछ नेताओं ने भी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बयान दिए हैं। हामिद अंसारी ने साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने अपनी चिंताओं से पीएम मोदी को अवगत कराया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने केन्द्रीय मंत्रियों के सामने भी इस मुद्दे को उठाया है।    हामिद अंसारी ने इसे परेशान करने वाला विचार बताते हुए कहा कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया के सवाल के पर उन्होंने कहा कि एक स्पष्टीकरण होता है और एक तर्क होता है। अब यह तय करने का मामला है कि आप स्पष्टीकरण स्वीकार करते हैं कि नहीं, आप तर्क स्वीकार करते हैं कि नहीं।   साथ ही हामिद अंसारी ने भीड द्वारा पीट-पीटकर लोगों को मार डालने, घर वापसी और तर्कवादियों की हत्याओं का हवाला देते हुए कहा कि यह भारतीय मूल्यों का बेहद कमजोर हो जाना है। साथ ही उन्होनें कहा कि इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात किसी नागरिक की भारतीयता पर सवाल उठाया जाना है।    तीन तलाक पर बोले हामिद अंसारी: हामिद अंसारी ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि यह एक सामाजिक विचलन है, कोई धार्मिक जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि अदालतों को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सुधार समुदाय के भीतर ही होंगे। उन्होंने कहा कि धार्मिक जरूरत बिल्कुल स्पष्ट है, इस बारे में कोई दो राय नहीं है, लेकिन पितृसत्ता, सामाजिक रीति-रिवाज इसमें घुसकर हालात को ऐसा बना चुके है जो अत्यंत अवांछित है। वहीं कश्मीर के मुद्दे पर हामिद अंसारी ने कहा कि यह राजनीतिक समस्या है और इसका राजनीतिक समाधान ही होना चाहिए।      साभार-khaskhabar.com   

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गांधीनगर। गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार कांग्रेस की जीत हुई और बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत हार गए। 10 घंटे चले हाई वोलटेज ड्रामे के बाद कांग्रेस के अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए। वहीं शेष दो सीटों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को जीत मिली। ज्ञातव्य है कि गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए कुल 176 वोट किए गए। इनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 वोटों की काउंटिंग की गई।    अहमद पटेल को 44 वोट मिले और बीजेपी के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले। वहीं अमित शाह और स्मृति ईरानी को 46-46 वोट मिले। जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले हैं। नतीजे आने के बाद अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि सत्य की जीत हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि सत्ता, पैसे और स्टेट मशीनरी के दुरुपयोग की हार है।  ऐसे चला हाईवोल्टेज ड्रामा:  ज्ञातव्य है कि कल मंगलवार शाम को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है। साथ ही चुनाव आयोग में दोनों विधायकों के वोट रद्द करने की बात कही। आखिरकार रात करीब 12 बजे आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया। इसके बाद वोट काउंटिंग हुई और अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए।    साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। आज मुुंबई में मराठा समाज के विशाल मोर्चे से मुंबई थमने वाली है। गौरतलब है कि मराठा समाज सरकार नौकरियों और शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सरकार को झकझोरने के लिए आज मुंबई में अति विशाल मोर्चा निकाल रहा है। मराठा समाज की इस रैली के चलते आज भागती-दौडती मुंबई की रफ्तार थम-सी जाएगी। हांलांकि इस मोर्चे में कोई नारेबाजी और भाषणबाजी नहीं होगी। ना ही इस मोर्चे में किसी राजनीतिक दल का बैनर होगा। हांलांकि मराठा समाज के इस मोर्चे को सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। इस मोर्चे के जरिए समाज की वर्षों से प्रलंबित मांगों को उठाया जाएगा।    जाम होगी मुंबई:  मराठा समाज के इस मोर्चे में शामिल होने के लिए मंगलवार से ही राज्यभर के लोगों का मुंबई पहुंचना शुरू हो गया था। मोर्चे में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के हर हिस्से से लोग मुंबई आ रहे हैं। मुंबई की तरफ आने वाले लगभग सभी रास्तों पर रोज की अपेक्षा ज्यादा गाडियां दिखाई दीं। साथ ही मुंबई आने वाली बसों और ट्रेनों से भी लोग बडी संख्या में मुंबई पहुंच रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और अन्य प्रदेशों में भी मराठा समाज के लोग भी मोर्चे में शामिल होने के लिए मुंबई पहुंच रहे हैं।   यहां पूरी तरह बंद रहेगा यातायात: मराठा समाज के विशाल मोर्चे को देखते हुए कई मार्गों को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। मेट्रो चौक से मुंबई महानगर पालिका की तरफ आने वाले रास्ते पर भी यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। जेजे उड्डाण पुल से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस आने वाले रास्ते पर भी यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। वहीं हजारीमल सोमानी मार्ग पर भी यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। कर्नाक बंदर चौक से कर्नाक पुल की तरफ जाने वाला यातायात भी पूरी तरह से बंद रहेगा। भाटिया बाग से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक तक जाने वाले रास्ते पर दांई ओर मुडने वाला यातायात बंद रहेगा।मोर्चे के आयोजकों का दावा है कि इस मोर्चे में कम से कम 20 लाख लोग शामिल होंगे। मराठा समाज के मोर्चा की शुरुआत भायखला स्थित जीजामाता उद्यान से होगी और मोर्चा जेजे उड्डाणपुल से होता हुआ आजाद मैदान पहुंचेगा। इतनी बडी संख्या में लोगों के आने की संभावना ने मुंबई के नागरिक और पुलिस प्रशासन की नींद उडा रखी है। पूरा प्रशासन इस मोर्चे को बिना किसी गडबडी से संवन्न कराने के लिए प्रयासरत है। मोर्चे के दौरान किसी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए शहर भर में बडी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही पुलिस के खुफिया दस्ते पल-पल की खबर रख रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बरती जा रही है।    साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन चीनी सामानों के विरोध में देशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रहा है, और इसके तहत नौ अगस्त को इस देशव्यापी कार्यक्रम का आयोजन नागपुर में किया जा रहा है। इस मौके पर प्रसिद्ध विचारक गोविंदाचार्य उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के बयान के मुताबिक, गोविंदाचार्य ने कहा है, चीनी माल घटिया है और भारतीय राष्ट्रीय भावना के विपरीत हैं, इसलिए चीनी माल का बहिष्कार करना है, जिससे स्वावलंबन और स्वाभिमान दोनों पुष्ट होंगे। उसके लिए विचारात्मक, संगठनात्मक, आंदोलनात्मक ब्यूह रचना राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन कर रहा है। इसमें सभी लोग आगे आएं। हिस्सा लें और अपने विचार रखें। जिसका शंखनाथ नागपुर से हो रहा है।     आंदोलन के संयोजक पवन श्रीवास्तव ने कहा, जिस प्रकार से रक्षाबंधन के मौके पर चीनी राखी का बहिष्कार बहनों ने किया है, ऐसे ही अब इसे आंदोलन का रूप देना है। यह आंदोलन देशव्यापी होग, जिसमें आम आदमी अब चीनी सामानों की होली जलाएंगे। इसकी शुरुआत नागपुर से की जा रही है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसवराज पाटील ने कहा, नागपुर में स्वाभिमान संवाद, संकल्प मार्च और स्वाभिमान सभा का आयोजन किया गया है। सभा के बाद चीनी उत्पाद दहन का कार्यक्रम होगा, जिसमें स्थानीय जनता अपने घर से लाए गए चीनी सामनों की आहूति देगी। बयान के अनुसार, दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन स्वाभिमान सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें कूटनीतिक, सैन्य एवं आतंकवाद पर खुली चर्चा होगी। इसके साथ ही चीनी सामान का भारतीय बाजार पर कब्जा कितना घातक है एवं यह हमारे देश के व्यापार व उद्योगों को किस प्रकार तबाह कर रहा है, इस पर खुली परिचर्चा होगी।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार को जम्मू कश्मीर में मुस्लिमों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई होगी। ज्ञातव्य है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में जम्मू-कश्मीर में रह रहे मुस्लिमों के अल्पसंख्यक दर्जे को चुनौती दी गई है। यह याचिका अंकुर शर्मा की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को एक साथ बैठकर इस मामले को सुलझाने का दावा किया था। साथ ही कोर्ट ने फरवरी में केंद्र पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। दरअसल केन्द्र ने याचिका में उठाए गए मसले का जवाब नहीं दिया था।    याचिका में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर में रह रहे मुस्लिम बहुसंख्यक हैं लेकिन वे अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि याचिकाकर्ता अंकुर शर्मा जम्मू कश्मीर के वकील हैं। अंकुर शर्मा ने याचिका में आरोप लगाया है कि जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यकों को दी जाने वाली सुविधा मुस्लिम उठा रहे हैं, जबकि राज्य में वह बहुसंख्यक हैं।साभार-khaskhabar.com   

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अहमदाबाद। गुजरात राज्य सभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों में घमासान जारी है। राज्य सभा चुनाव से पहले बेंगलुरु शिफ्ट किए गए कांग्रेस विधायक सोमवार को वापस अहमदाबाद लौट आए है। आपको बता दें कि विधायकों को 29 जुलाई से ईगलटर्न रिसॉर्ट में ठहराया गया था जहां से वो बीती रात अहमदाबाद के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार को राज्य सभा चुनाव के लिए गुजरात विधानसभा में वोटिंग होनी है।   कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु के जिस रिसॉर्ट में ठहरे थे वह कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार का है। उनकी संपत्ति पर 4 दिन तक छापेमारी के बाद जांच एजेंसियों ने 10 करोड़ से ज्यादा की रकम भी बरामद की है। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी जिनमें से 3 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों बेंगलुरु शिफ्ट कर दिया था। कांग्रेस ने बीजेपी पर राज्य सभा चुनाव से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त और उन्हें डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। इस बाबत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग में अपनी शिकायत भी दर्ज करा चुका है।   अहमदाबाद पहुंचने के बाद विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखा जाएगा ताकि वह अपने परिजनों के साथ राखी का पर्व मना सके। इसी रिसॉर्ट से सभी कांग्रेस विधायक मंगलवार को सीधे विधानसभा जाकर राज्य सभा चुनाव के लिए मतदान करेंगे कांग्रेस में बगावत से पार्टी के मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाल ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष शकर सिंह बाघेला को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया और उसके बाद विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। कांग्रेन ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को गुजरात से राज्य सभा का उम्मीदवार बनाया है लेकिन पार्टी में बगावत के बाद उनके सामने कड़ी चुनौती है। पटेल साल 1993 से राज्य सभा में चुनकर आते रहे हैं और यह उनका 5वां कार्यकाल होगा। अगर वह यह चुनाव हार जाते हैं तो गुजरात में कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है क्योंकि इसी साल दिसंबर में यहां विधानसभा चुनाव भी होने हैं। साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। मुंबई की दूसरी लाइफ लाइन कही जाने वाली बेस्ट बस के करीब 36 हजार कर्मचारी रविवार रात 12 बजे से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे। आज रक्षाबंधन के दिन बस कर्मचारियों का हड़ताल पर जाना आम जनता के लिए भारी मुश्किल का सामना करना पड सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेन के बाद दूसरी सबसे बडी पल्बिक ट्रांसपोर्ट में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से परिवहन सेवा पर बुरा असर पडेगा।    बस यूनियन ने कई मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। वेतन मिलने में हो रही देरी को केलर बेस्ट कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का एलान किया है। हालांकि बेस्ट कर्मचारियों के संगठन के नेताओं और महापौर, मनपा आयुक्त अजोय मेहता के बीच बैठक जारी है जिसमें कर्माचारियों को मनाने की कोशिश की जा रही है।   इससे पहले महापौर ने कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख को वेतन मिल जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारी यह आश्वासन लिखित में दिए जाने की बात कर रहें हैं।बेस्ट की हड़ताल में 11 यूनियनों के करीब 36 हजार कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से मुंबई के लोगों का पूरा दबाव लोकल ट्रेनों के साथ-साथ ऑटो और टैक्सी पर पड़ेगा। बेस्ट के कर्मचारियों की मुख्य दो मांगे हैं जिनमें, बेस्ट को बीएमसी पूरी तरह से अंडरटेक कर ले और 3 महीने से बकाया सैलरी कर्मचारियों को दी जाना शामिल है। इसके अलावा यूनियन चाहती है कि प्राइवेस बसों को किराए पर लेने की रोक लगाई जाए। बेस्ट यूनियन का आरोप है कि पिछली मीटिंग में बेस्ट के कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि हर महीने की 10 तारीख को उन्हें सैलरी मिल जायेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के 35 दिन बाद जीएसटी काउंसिल ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बडी राहत दी गई है। टेक्सटाइल जॉब वर्क पर लगन वाले जीएसटी में बडी कटौती की गई है। कपडे से जुडे सभी जॉब वर्क पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई।    आपको बता दें कि पिछले महीने की पहली तारीख से जीएसटी लागू होने के बाद से गुजरात के सूरत के कपड़ा व्यापारी कपड़ा के क्षेत्र में पांच फीसदी जीएसटी लगाये जाने के विरोध में दो हफ्ते तक हड़ताल पर थे। वित्त मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया गया था, जिसे अब पूरा करने का दावा अरुण जेटली ने किया है।   शनिवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में ट्रैक्टर के कुछ कल पुर्जों, कम्प्यूटर और अगरबत्ती जैसे कई सामानों पर भी जीएसटी की दर को कम कर दिया गया है। ट्रैक्टर के कल-पुर्जों पर जीएसटी की दर जो पहले 28 फीसदी थी उसे घटाकर 18 फीसदी कर दी गई।रबर बैंड और कम्प्यूटर के 20 इंच तक के मॉनिटर पर भी जीएसटी की दर 28 से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई। मिट्टी की मूर्तियों पर जीसएटी की दर 28 से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई। झाड़ू को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया।   ज्ञात रहे कि जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स की दरों में ये अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है। अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक 9 सितंबर को हैदराबाद में होगी, जिसमें कई और वस्तुओं पर लगने वाले जीएसटी की दर की समीक्षा होगी। साभार-khaskhabar.com   

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