BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

राज्यसभा चुनाव: 10 घंटे के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आधे वोट से जीते पटेल

राज्यसभा चुनाव: 10 घंटे के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आधे वोट से जीते पटेलगांधीनगर। गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार कांग्रेस की जीत हुई और बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत हार गए। 10 घंटे चले हाई वोलटेज ड्रामे के बाद कांग्रेस के अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए। वहीं शेष दो सीटों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को जीत मिली। ज्ञातव्य है कि गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए कुल 176 वोट किए गए। इनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 वोटों की काउंटिंग की गई। 

 

अहमद पटेल को 44 वोट मिले और बीजेपी के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले। वहीं अमित शाह और स्मृति ईरानी को 46-46 वोट मिले। जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले हैं। नतीजे आने के बाद अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि सत्य की जीत हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि सत्ता, पैसे और स्टेट मशीनरी के दुरुपयोग की हार है। 

ऐसे चला हाईवोल्टेज ड्रामा: 

ज्ञातव्य है कि कल मंगलवार शाम को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है। साथ ही चुनाव आयोग में दोनों विधायकों के वोट रद्द करने की बात कही। आखिरकार रात करीब 12 बजे आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया। इसके बाद वोट काउंटिंग हुई और अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए। 

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More