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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर लगातार आलोचना झेल रही केंद्र सरकार अब छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए आज जीएसटी काउंसिल की बैठक है। इस बैठक में सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों को जीएसटी रिटर्न फाइल करने में राहत मिल सकती है। आपको बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी, वित्तमंत्री अरुण जेटली और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच सभी चिंताओं को लेकर बैठक हुई थी।    इस बैठक में छोटे व्यापारियों को तिमाही आधार पर जीएसटी भरने की छूट दी जा सकती है। छोटे व्यापारियों को जीएसटी के अनुपालन में भी राहत मिल सकती है। इसके चलते जीएसटी का अनुपालन मार्च 2018 तक टाला जा सकता है। इसके अलावा निर्यातकों को भी राहत मिल सकती है।   इन पर चीजों पर हो सकता है फैसला- छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, छूट की स्लैब को 75 हज़ार से बढ़ाकर 1.5 करोड़ तक किया जा सकता है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिल सकती है। पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के अंदर लाने की प्रक्रिया पर विचार हो सकता है। छोटे टैक्सपेयर पर बोझ को कम करने पर विचार। कम्पोज़िशन स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन को दोबारा खोला जा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु आज निर्यातकों से भी मुलाकात करेंगे। ऐसे में निर्यातकों को छूट का ऐलान हो सकता है। सरकार निर्यात को बढ़ाने के लिए भी कुछ राहत दे सकती है। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी की पूर्ण बैठक में जीएसटी नेटवर्क के कामकाज में सुधार का भी आकलन किये जाने की संभावना है। परिषद की यह 22वीं बैठक होगी। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने निर्यातकों के कई राउंड की वार्ता की है।   आपको बता दें कि गुरुवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के गोल्डन जुबली ईयर समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने जीएसटी में बदलाव करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि जीएसटी से व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार कदम उठाएगी।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने गुरुवार को कहा कि चीनी सैनिक अभी भी डोकलाम क्षेत्र के चुंबी घाटी में तैनात हैं और उम्मीद है कि वे जल्द ही वापस चले जाएंगे। डोकलाम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा के किनारे तिब्बत के दक्षिणी इलाकों में चीनी सेना चुंबी घाटी में छिपे हुए हैं।   धनोआ ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों के आमने सामने के दौरान कोई शारीरिक मुकाबला नहीं हुआ है। हालांकि चुंबी घाटी में अभी भी चीनी सैनिक तैनात हैं।’’वायुसेना दिवस के 8 अक्टूबर को होने वाले वार्षिक प्रेस सम्मेलन से पहले उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देश इस क्षेत्र में प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक शक्तियां हैं, मुझे उम्मीद है कि वे मुद्दों को सुलझाने में परिपक्वता दिखाएंगे। ऐसे मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान दोनों देशों के हित में होंगे और मुझे विश्वास है कि ऐसा राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर किया जा रहा है।’’    वायुसेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि डोकलाम में डेढ़ महीने की लंबी अवधि के दौरान कोई कानून का उल्लंघन नहीं हुआ, जबकि तिब्बती पठार में दो हवाई क्षेत्रों पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी मौजूद थी। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक पता चला है, हमारे पास ये उपाय थे कि सशस्त्र लड़ाकों को कथित एलएसी से 20 किलोमीटर से अधिक नहीं जाना है, जिसका उल्लंघन दोनों तरफ से ही नहीं किया गया था।’’ धनोआ ने कहा, ‘‘हमारे बीच गतिरोध जमीन पर था, लेकिन हवा में कोई गतिरोध नहीं था।’’   उन्होंने कहा कि स्टैंड-ऑफ के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका खुफिया, निगरानी और पैमाइश तक सीमित थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा बुनियादी जोर विभिन्न माध्यमों से आईएसआर पर था और हम यह जानना चाहते थे कि क्या हो रहा है। हमने इस सीमा का उल्लंघन नहीं किया।’’ भारतीय वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना हमेशा किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहती है।वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत, चीन की तरफ से उत्पन्न होने वाले किसी भी खतरे और दो मोर्चो पर एक साथ युद्ध का सामना करने के लिए भी तैयार है। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अगर दो मोचरें पर युद्ध की स्थिति बनती है तो उनके पास अपनी ताकत की कमी को पूरा करने के लिए प्लान बी है। दो मोर्चो के युद्ध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, पूर्ण विस्तारित अभियान के लिए हमें 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम दो मोर्चो पर नहीं लड़ सकते। हमारे पास प्लान बी है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान के भूराजनीतिक परिदृश्य में दो मोर्चो पर युद्ध की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पूर्वी (चीन) दिशा से किसी भी खतरे का सामना करने की पर्याप्त क्षमता है।   साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। आईआरसीटीसी होटल घोटाले मामले में आज राजद प्रमुख लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव को सीबीआई के सामने पेश होना है। ज्ञातव्य है कि सीबीआई ने लालू यादव पर रेल मंत्री रहते हुए दो आईआरसीटीसी की होटलों को गलत ढंग से लीज देने और मुनाफा कमाने के आरोप में केस दर्ज किया है। सीबीआई ने इस मामले में लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव को भी आरोपी बनाया है। अब इस मामले में सीबीआई आज लालू यादव और तेजस्वी से पूछताछ करेगी। सीबीआई ने पूछताछ के लिए चार दर्जन सवालों की सूची बनाई है। सूत्रों के अनुसार लालू से पूछे जाने वाले इन सवालो में रेलवे के दस्तावेजों को दिखा कर किए जाने वाले वो सवाल भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों पर खुद रेलमंत्री रहते हुए लालू यादव और उनके सहयोगियो के हस्ताक्षर हैं।    ज्ञातव्य है कि इस मामले में सीबीआई पहले भी लालू यादव को तीन बार नोटिस दे चुकी थी लेकिन वे सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। अब सीबीआई ने हाल ही में लालू यादव व तेजस्वी को फिर से नोटिस देकर 5 अक्टूबर को सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा था।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीबीआई ने लालू यादव को लेकर एक आंतरिक रिपोर्ट तैयार की है। सीबीआई ने इस रिपोर्ट में मुकदमा दर्ज होने से लेकर अब तक सिलसिलेवार तरीके से बताया गया है कि लालू के खिलाफ गैर जमानती वारंट ले सकती है।  क्या है मामला:  लालू यादव पर आरोप है कि वर्ष 2006 में जब वे रेल मंत्री थे तो उन्होंने आईआरसीटीसी के दो होटलों को गलत तरीके से लीज पर दिया था। लालू ने इन होटलों को बेनामी कंपनी को लीज पर दिया था। ये दोनों होटल रांची और पुरी में थे।  साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पहली बार अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने आलोचकों से कहा कि वे नकारात्मकता न फैलाएं और साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने का वादा किया। मोदी ने कहा, पिछले तीन सालों में 7.5 प्रतिशत विकास दर के बाद गिरावट आई है। मैं इससे इंकार नहीं कर रहा। सरकार अर्थव्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। हम निर्णय लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हमने कई सारे कदम उठाए हैं। वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जाएगी। हम निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेकेट्ररीज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।   पीएम मोदी ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि कई वर्षों से लटका जीएसटी लागू किया और नोटबंदी लागू करने की हिम्मत भी हमारी सरकार ने ही दिखाई। पीएम मोदी ने कहा, पिछली सरकार में 8 बार ऐसे मौके आए जब विकास दर 5.7 या उससे नीचे गिरी थी। देश की अर्थ व्यवस्था ने ऐसी तिमाही भी देखी है, जब विकास दर 0.2 फीसदी, 1.5 फीसदी तक गिरी थी। ऐसी गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए और ज्यादा खतरनाक होती है, क्योंकि उस वक्त भारत संकट की घड़ी में था। 2014 के पहले 2 साल 2012-13, 13-14 देखें तो औसत वृद्धि 6 फीसदी के आसपास थी।   कुछ लोग ये कह सकते हैं कि आपने दो ही साल क्यों लिए? दो साल का संदर्भ मैंने इसलिए लिया क्योंकि इस सरकार के 3 साल और पिछली सरकार के आखिरी के 2 सालों में जीडीपी का डाटा तय करने का तरीका एक रहा है। अब तुलना स्वाभाविक और सरल होती है। ष्टस्ह्र ने इस सरकार के दौरान 7.4 वृद्धि का डाटा दिया तो इन्हीं लोगों ने डाटा खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राउंड रियालिटी में ऐसा नहीं लग रहा है। हमारी जो शल्य वृत्ति है, उसमें ये फिट नहीं हो रहा है। 5.6 हुआ तो इसी इंस्टीट्यूट को अच्छा कहने लगे।     सरकार बनते ही एसआईटी गठित   मोदी ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही एसआईटी बनाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने कई साल पहले इसके लिए कहा था और हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में ये काम कर दिया। विदेश में जमा कालेधन के लिए कठोर कानून बनाए गए, नए देशों के साथ टैक्स ट्रीटी की गई और पुराने समझौतों में बदलाव किया गया। बैंकरप्सी कोड बनाए गए। 28 साल से अटका हुआ बेनामी संपत्ति कानून लागू किया गया। कई सालों से लटका हुआ जीएसटी लागू किया गया। डिमोनेटाइजेशन का फैसला लेने की हिम्मत भी इसी सरकार ने की।    सरकार ने देश में संस्थागत ईमानदारी को मजबूत करने के लिए काम किया है। ये सरकार के अथक परिश्रम का नतीजा है कि देश की अर्थव्यवस्था कम कैश में चल रही है। कैश टू जीडीपी रेशिओ 9 फीसदी हो गया है। 8 नवंबर इतिहास में भ्रष्टाचार मुक्ति के अभियान का प्रारंभ दिवस माना जाएगा। इस तारीख से पहले ये रेशियो 12 फीसदी था। अगर देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी का नया दौर शुरू नहीं हुआ होता तो क्या ये संभव था? आपसे अच्छा ये कौन जानता है कि पहले कितनी आसानी से ब्लैकमनी का लेन-देन होता था। अब ऐसा करने में 50 बार सोचना होता है।   इकोनॉमी की आलोचना करने वालों पर कसा तंज   इकोनॉमी की आलोचना करने वाले लोगों पर एक और तंज कसते हुए मोदी ने कहा, शल्य महाभारत में थे। ये कर्ण के सारथी थे। ये हतोत्साहित करने का काम ही करते थे। शल्य इंसान नहीं ये एक वृत्ति है, जो महाभारत ही नहीं, आज के युग में भी है। जब डोकलाम हुआ तो लोग यही बोले। लोग बोले कुछ नहीं कर सकते हैं। कुछ लोगों को निराशा फैलाने में आनंद आता है, ऐसा करके वे रात को अच्छी नींद सोते हैं। ऐसे लोगों के लिए आजकल एक क्वॉर्टर की ग्रोथ कम होना, जैसे सबसे बड़ा ख्वाब पूरा हो गया है। इन लोगों को पहचाने की जरूरत है। जब डाटा अनुकूल होता है तो इंस्टीट्यूट भी अच्छे लगते हैं और प्रॉसेस भी सही लगता है। उनकी उम्मीदों के खिलाफ डाटा जाते ही संस्थान और वहां के लोग भी खराब लगने लगते हैं। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले ऐसे लोगों को पहचानना जरूरी है। शल्य वृत्ति को जब तक नहीं पहचानेंगे, तब तक सच के रास्ते में मुश्किलें आएंगी। क्या आपको लगता है कि देश में जीडीपी की ग्रोथ किसी तिमाही में 5.7 फीसदी तक पहुंची है।   मोदी बोले-मैं अर्थशास्त्री नहीं   मोदी ने कहा, इन चंद लोगों ने प्रचार शुरू कर दिया कि जीडीपी तय करने के तरीके में ही गड़बड़ है। तब डाटा के आधार पर नहीं फीलिंग के आधार पर बात कर रहे थे। साथियों, जैसे ही पिछली दो तिमाही में दर कम हुई तो उन्हें अच्छा लगने लगा कि कुछ हमारे मन का हो रहा है। मैं ना कोई अर्थशास्त्री हूं ना ऐसा ही कभी दावा किया है। लेकिन आज फ्लैशबैक में ले जाना चाहता हूं।  जीएसटी की कमियां दूर करेंगे   जीएसटी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, जीएसटी को तीन महीने हुए, हमने बारीक से बारीक चीजों का फीडबैक लिया है। हमने जीएसटी काउंसिल से कहा कि जो कठिनाइयां हैं व्यापारियों को उनका रिव्यू करें। सभी पार्टियां और सभी राज्य सरकारें मिलकर इसके बदलाव पर बात करें और उसे करें। मैं व्यापारियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम लकीर के फकीर नहीं है और ना ही ये दावा करते हैं कि सारा ज्ञान हमें ही है। नई दिशा में जाना हमारी मंशा है, तीन महीने के भीतर जो भी बदलाव करने होंगे, उनके लिए सरकार साथ है। मोदी ने कहा, 49 वर्ष की यात्रा में जिसने योगदान दिया उनका अभिनंदन। आज मुझे खुशी है कि विशिष्ट प्रकार के विद्वानों के बीच में आया हूं, जो इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि देश में हर कंपनी कानून का पालन करे, गड़बड़ी ना करे, पारदर्शिता रखे। आप अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाते हैं, उसी से देश का कॉरपोरेट कल्चर कैसा होगा, ये तय होता है। आपकी संस्था का मोटो है सत्य बोलो और नियम-कानून का पालन करो। आपकी दी हुई सही या गलत सलाह देश की कॉरपोरेट गवर्नेंस को प्रभावित करके रहती है। कई बार ऐसा होता है कि शिक्षा एक दी गई हो, लेकिन ग्रहण करने वालों का आचरण भिन्न भिन्न हो। जैसे एक ही शिक्षा युधिष्ठिर ने भी ली थी और दुर्योधन ने भी ली। लेकिन, दोनों का बर्ताव एकदम अलग था।    महाभारत का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा महाभारत में दुर्योधन ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मुझे धर्म और अधर्म को नहीं जानता, लेकिन धर्म पर चलना मेरी प्रवृत्ति नहीं बन पाई और अधर्म को छोड़ नहीं पाया। ऐसे ही आप लोगों को सही दिशा में ले जाने की राह दिखाते हैं। देश में पारदर्शिता और ईमानदारी को संस्थागत करने में आपके संस्थान की बड़ी भूमिका है। आचार्य चाणक्य ने कहा है- जैसे पूरे वन में अगर एक ही वृक्ष में आग लग जाए तो पूरा वन जल जाता है। परिवार में कोई एक गड़बड़ हो जाए तो पूरे परिवार की मर्यादा धूल में मिट जाती है। ये बात संस्था और देश के लिए भी शत-प्रतिशत लागू होती है। देश में मु_ीभर लोग ऐसे हैं जो प्रतिष्ठा और ईमानदार सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम करते हैं। इन लोगों को हटाने के लिए सरकार ने पहले ही दिन से स्वच्छता अभियान शुरू किया हुआ है।     साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। रेप केस में सजा काट रहे राम रहीम की सबसे बडी राजदार हनीप्रीत आखिरकार सामने आ ही गई। ज्ञातव्य है कि हनीप्रीत पिछले डेढ माह से फरार चल रही है। पुलिस उसको ढूंढ रही है लेकिन अभी तक हनीप्रीत उनके हाथ नहीं आई। लेकिन अब हनीप्रीत सामने आ गई है और उसने न्यूज चैनल आजतक को दिए एक साक्षात्कार में खुद को निर्दोष बताया है। साथ ही हनीप्रीत ने राम रहीम और उसके संबंधों पर चुप्पी भी तोडी। हनीप्रीत ने चैनल को बताया कि मेरे और मेरे पाप के बीच पवित्र रिश्ता है। जब हनीप्रीत से इतने दिन गायब रहने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।   हनीप्रीत ने कहा कि वह बहुत डर गई थी। साथ ही उसने बताया कि वह किसी तरह हरियाणा से दिल्ली गई। हनीप्रीत ने कहा कि अब वह हरियाणा-पंजाब कोर्ट जाएगी। जब हनीप्रीत से सरेंडर के बारे में सवाल पूछा गया तो उसने कहा कि वह इस बारे में कानूनी सलाह लेगी। हनीप्रीत से जब राम रहीम के साथ हेलीकॉप्टर में रोहतक जाने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वह कोर्ट की इजाजत से गई थी।    पंचकुला में दंगा भडकाने के आरोप पर हनीप्रीत ने कहा कि कुछ लोगों को साजिश के तहत दंगा भडकाने के लिए भेजा गया था। साथ ही उसने कहा कि आप कोई एक क्लिप ऐसी दिखा दीजिए जिसमें मैं ऐसा कुछ कह रही हूं या कर रही हूं। राम रहीम पर लगे आरोपों के सवाल पर उसने कहा कि जिन दो लडकियों ने आरोप लगाए हैं क्या वे कभी सामने आई। सिर्फ चिट्ठियों के आधार पर दोषी बना दिया। हनीप्रीत ने उसके व राम रहीम के संबंधों पर चुप्पी तोडते हुए कहा कि उनका रिश्ता काफी पवित्र है। उसने कहा कि हमारा रिश्ता उतना ही पाक है, जितना बाप-बेटी का रिश्ता होता है। उसने कहा कि क्या बेटी अपने पिता से लाड नहीं कर सकती। ज्ञातव्य है कि हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता ने आरोप लगाए थे कि हनीप्रीत और राम रहीम के बीच अवैध संबंध हैं। इस पर हनीप्रीत ने कहा कि वह विश्वास गुप्ता के बारे में बात भी नहीं करना चाहती।     साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलुरू। वरिष्ठ कन्नड़ पत्रकार और कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी की आलोचना करते हुए दक्षिण भारत के लोकप्रिय अभिनेता प्रकाश राज ने कहा है कि यह निराशाजनक है कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर उन लोगों को फालो करते हैं, जो लंकेश की हत्या का जश्न मनाते हैं। बेंगलुरू में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवायएफआई) की 11वीं राज्यस्तरीय बैठक में राज ने कहा, गौरी के हत्यारों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है। लेकिन निराशाजनक बात यह है कि लोग सोशल मीडिया पर उनकी मौत का जश्न मना रहे हैं और घृणा फैला रहे हैं।    उन्होंने कहा, कुछ लोग जो गौरी की हत्या का जश्न मना रहे हैं, उन्हें ट्वीटर पर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फालो भी करते हैं। हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जो इस घटना पर आंखें बंद कर लेता है। राज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, जब आप आदित्यनाथ के बयानों को सुनते हैं, तब आप यह नहीं समझ पाते कि वह एक मुख्यमंत्री हैं या एक पुजारी हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक भावना से कहा, आदित्यनाथ मुझसे भी अच्छा अभिनेता है। मैं सोच रहा हूं कि मुझे अपने सारे राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें दे देने चाहिए। राज के वक्तव्य को साफ करते हुए, डीआईएफआई के राज्य अध्यक्ष मुनीर कटिपल्ला ने कहा, यह केवल एक व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी थी, जिसमें प्रकाश राज ने उल्लेख किया था कि आदित्यनाथ कैसे मुख्यमंत्री की तरह काम करने की कोशिश कर रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com         

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नई दिल्ली। गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान के तीन साल पूरे होने पर विज्ञान भवन पहुंचे हैं। यहां स्वच्छता अभियान के तीन साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। इससे पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी थी। पीएम मोदी ने राजघाट पर पहुंच राष्ट्रपति को श्रद्धासुमन अर्पित किए।    कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तीन साल पहले मैं अमेरिका में था, 1 अक्टूबर रात देर से आया और 2 अक्टूबर को झाड़ू लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उस समय मेरी काफी आलोचना की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर छुट्टी का दिन होता लेकिन छुट्टी खराब की थी। पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने जो कहा वह गलत नहीं हो सकता है, इसलिए हमने इस रास्ते को चुना।   स्वच्छता हर भारतीय को पसंद है। उन्होंने कहा कि एक हजार महात्मा गांधी और 1 लाख मोदी मिलकर भी स्वच्छ भारत का सपना पूरा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह सपना तभी पूरा होगा जब जनता साथ जुडेगी। पीएम मोदी ने कहा कि अब यह मिशन सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का है। श्रेष्ठ भारत का मंत्र स्वच्छता है। उन्होंने कहा कि पांच साल उसकी खबर बनेगी जो गंदगी करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता की रैकिंग के कारण अब राजनेताओं पर दबाव कर रहा है। इस कारण शहरों में स्वच्छ रहने की रेस लग रही है। पीएम ने कहा कि ये खबरें बुरी हैं कि टॉयलेट बनाते हैं तो उपयोग नहीं होता है, लेकिन इससे सभी को सीखना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने संगठन में रहकर भी सफाई का काम किया था। गुजरात के एक गांव को गोद लिया था और स्वच्छता की व्यवस्था करवाई। पूरे गांव में हमने टॉयलेट बनवाए थे, लेकिन बाद में जब मैं गया तो देखा वहां पर बकरियां बंधी हुई थी।   इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर राष्ट्रपिता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री दोनों की जयंती पर भावनाएं व्यक्त की थीं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता के लिए लिखा, 'गांधी जयंती पर बापू को शत्-शत् नमन! ' गांधी जयंती पर बापू को शत्-शत् नमन! मैं गांधी जयंती पर प्रिय बापू को झुक कर प्रणाम करता हूं। उनके महान आदर्श दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं।'   वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर उन्होंने लिखा, 'जवानों एवं किसानों के प्रणेता एवं देश को कुशल नेतृत्व प्रदान करने वाले शास्त्री जी को नमन! लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें याद करते हैं।'   साभार-khaskhabar.com       

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लास वेगस। अमेरिका के लास वेगास के एक कसीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग 20 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों घायल हो गए। बताया जा रहा है कसीनों में म्यूजिक के दौरान हमला किया गया। शुरुआती खबरों के अनुसार फायरिंग में 20 लोगों की मौत, जबकि घायलों की तादाद 100 बताई जा रही है। एक हमलावर के मारे जाने की भी खबर है। जानकारी के मुताबिक एक हमलावर अभी भी फायरिंग कर रहा है।   बताया जा रहा है कि दो हमलवार कसीनो में घुसे और उन्होंने 32वीं मंजिल से फायरिंग शुरू कर दी। इससे वहां भगदड़ मच गई। कसीनों के फुटेज में लोगों को बदहवास इधर से उधर भागते देखा गया। यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर हॉस्पिटल के प्रवक्ता के मुताबिक 14 घायलों की हालत नाजुक है। सभी को गोलियां लगी हैं। चश्मदीदों ने सोशल साइट्स पर बताया कि कसीनो में जिस जगह गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं, वहां पुलिस की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। हमलावर कौन हैं, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कंसर्ट वेन्यू पर गोलियों की बौछार हो रही थी। लोग इधर उधर भाग रहे थे। उनमें से कुछ लोग ट्रोपिकाना होटल-कसीनो के बेसमेंट में छिप गए। घटनास्थल पर पहुंची के कुछ ऑफिसर ने अपनी गाडय़िों के पीछे से निशाना साधा, तो कुछ हथियारों के साथ मांडले बे होटल और कसीनो की तरफ बढ़े. फायरिंग की सूचना के बाद लास वेगास स्ट्रिप और इंटरस्टेट 15 के ज्यादातर हिस्से को बंद करा दिया गया।   स्थानीय प्रशासन ने मैकैरेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आने वाली फ्लाइट्स को डायवर्ट कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि घटना के वक्त जेसोन एल्डिन परफॉर्म कर रहे थे।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढी कीमतों को लेकर देशभर में सरकार की आलोचना हो रही है। इसी बीच खबर आ रही है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी दायर में लाने पर विचार किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम उत्पाद को जीएसटी (गुड्स और सर्विस टैक्स) के दायरे में लाने को लेकर कहा कि ये फैसला जीएसटी कमिटी करेगी।   प्रधान ने कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने से उपभोक्ताओं को ज़्यादा लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रधान शनिवार को दशहरा के मौके पर पंजाब पहुंचे थे। जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये बात कही।   उन्होंने कहा, धीरे-धीरे पेट्रोलियम उत्पादों के दाम स्थिर होंगे। राज्य सराकर और केंद्र सरकार की मदद से इस मामले को जीएसटी काउंसिल में ले जाया जाएगा। जिससे की उपभोक्ताओं को ज़्यादा से ज़्यादा लाभ मिल सके। प्रधान ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में देश निर्णायक मोड़ की तरफ पहुंच रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर लड़ाई शुरू की गई है। जो रावण से लडऩे जैसा ही है। भारत विकासशील देश है, आगे और भी विकास होगा।   ज़ाहिर है अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट के बावजूद जिस तरह से देश के अंदर मंहगे दामों पर डीजल और पेट्रोल बेचे जा रहे हैं उसको लेकर मोदी सरकार की हाल में बहुत किरकिरी हुई है। सभी ने इस मामले को काफी जोर-शोर से उठाया कि जब सभी सामान पर जीएसटी लागू है तो पेट्रोलियम पदार्थों पर ये क्यों नहीं लागू किया जा सकता। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। आज एक अक्टूबर से देश में पांच बडे नियमों में बदलाव होने जा रहे है। एसबीआई बैंक के खाताधारकों को अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने के मामले में फोरी राहत मिली है, वहीं आज से देश के सभी नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की शुरूआत होने जा रही है।    एसबीआई ने घटाई मिनिमम बैलेंस लिमिट- एसबीआई बैंक ने मेट्रो शहरों में मिनिमम बैलेंस लिमिट 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिए है। इस बदलाव से करीब पांच करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा। जुर्माना भी घटा दिया गया है। पहले मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माने के रूप में 40 से 100 रुपये तक वसूले जाते थे और उस पर सर्विस टैक्स भी लगाया जाता था लेकिन अब उसे घटाकर 30 से 50 रुपये कर दिया गया है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने पर 25 से 75 रुपये का जुर्माना लगता था जिसे घटाकर 20 से 40 रुपये कर दिया गया है।    लगातार विरोध और सरकार की अपील के बाद एसबीआई ने यह फैसला किया है। एसबीआई ने पेंशन खाता धारकों, सरकार की सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों और नाबालिगों के खातों को मिनिमम एवरेज बैलेंस की जरूरत से बाहर रखने का भी फैसला किया है।   अकाउंट बंद करवाने पर फीस नहीं- एसबीआई में अकाउंट बंद करवाने पर कोई फीस नहीं लगेगी, बशर्ते खाता एक साल पुराना हो। अगर कोई खाता खोलने के 14 दिन बाद और एक साल से पहले अकाउंट बंद करवाता है तो उसे 500 रुपये और जीएसटी देना होगा। पुराने चेक मान्य नहीं होंगे- जिन लोगों के पास एसबीआई में मर्ज हो चुके बैंकों की चेकबुक हैं। इन बैंकों की पुरानी चेक बुक और आईएफएससी कोड 30 सितंबर के बाद मान्य नहीं होंगे।   नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन आज से नेशनल हाईवे के सभी लेन पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की शुरुआत हो रही है। यानी अगर आपने अपनी गाड़ी पर आरएफआईडी टैग लगाया है तो आपको टोल पर रूकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।   कॉल रेट होगी सस्ती - आज से कॉल रेट सस्ता होने की भी उम्मीद है, क्योंकि ट्राई ने पिछले दिनों जो इंटरकनेक्शन चार्ज घटाया था वो आज से लागू हो रहा है। इंटरकनेक्शन चार्ज 14 पैसे प्रति मिनट से घटकर 6 पैसे प्रति मिनट हो जाएगा। इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज वो फीस होती है, जिसे टेलिकॉम कंपनियां उस दूसरी कंपनी को देती है, जिसके नेटवर्क पर कॉल खत्म होती है। आईयूसी चार्ज कम होने पर उम्मीद की जा रही है कि अब टेलीकॉम कंपनियां कॉल रेट भी कम करेंगी।   साभार-khaskhabar.com     

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नागपुर। देशभर में आज दशहरा मनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित शस्त्र पूजन पर देशवासियों को आरएसएस संगठन के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि संघ राजनीतिक नहीं सांस्कृतिक संगठन है। इस मौके पर भागवत ने मोदी सरकार की नीतियों की जमकर तारीफ करते हुए कई मुद्दों पर सरकार के रुख का समर्थन किया। रोहिंग्या मुद्दे पर पूरे देश में चल रहे विवाद पर भागवत ने कहा, अगर हमने इन लोगों को यहां रहने दिया तो वह न केवल हमारे रोजग़ार को प्रभावित करेंगे बल्कि देश की सुरक्षा भी प्रभावित होगी। मानवता के नाम पर हम अपनी मानवता नहीं खो सकते।   आगे उन्होंने रोहिंग्या के आने पर सवाल खड़े करते हुए कहा, वह यहां क्यों आए हैं। वहां क्यों नहीं रह सके। क्योंकि उनके संबंध जेहादी ताक़तों के साथ उजागर हो गए हैं। इसलिए उनके देश के शासन का रवैया भी उनके लिए कड़ा है। उन्होंने कहा कि जब उनके बारे में सारी जानकारी ली जाती है तो पता चलता है कि उनकी अलगाववादी, हिंसक और अपराधिक गतिविधियों में भूमिका रही है। भागवत ने कहा, अभी हम बांगलादेश अतिक्रमण का मुद्दा पूरी तरह से सुलझा भी नहीं पाए थे कि म्यानमार का मुद्दा हम पर थोप दिया गया।   भागवत ने मोदी सरकार की तारीफ़ करते हुए कहा कि हम 70 साल से स्वतंत्र हैं फिर भी पहली बार अहसास हो रहा है कि भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। भारत और चीन के बीच काफी समय से चल रहे डोकलाम विवाद पर बोलते हुए कहा, देखिए कैसे हमने डोकलाम के मुद्दे पर बिना अपने आत्मसम्मान से समझौता किए देश को बचाया।   वहीं पाकिस्तान पर बोलते हुए भागवत ने कहा, पाकिस्तान बार बार ख़ुराफ़ातें करता है, जिसकी वजह से सीमा पर रह रहे हमारे भाईयों को बार बार बेदख़ल होना पड़ता है। उनका खेती करना और तमाम चीजें दूभर हो जाती हैं। वहां आज भी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं होनी चाहिए, वैसी पहुंची नहीं है। राज्य प्रशासन को इसकी कोशिश करनी चाहिए।     भागवत ने कहा, कश्मीर की बात करें तो 2-3 महीने पहले लग रहा था कि वहां क्या होगा। लेकिन जिस तरह वहां आतंकियों का बंदोबस्त हुआ, सेना को पूरी ताकत दे दी गई और आतंकियों की शक्तिधारा को बंद कर दिया गया। हमारा कोई शत्रु नहीं लेकिन अपने से शत्रुता रखने वालों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा, बीते कई सालों में जम्मू, कश्मीर घाटी और लद्दाख में विकास हुआ ही नहीं। उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया। कुछ तो भारत स्वतंत्र के बाद दो देश बने- भारत-पाकिस्तान। भारत में सब प्रकार के लोग आए।   कार्यक्रम की शुरुआत में भागवत ने शस्त्र पूजन से की और फिर परंपरा के मुताबिक परेड की सलामी ली। खास बात है कि विजयादशमी के मौके पर ही 27 सितंबर, 1925 को आरएसएस की स्थापना की गई थी। स्थापना मोहिते के बाड़े नामक स्थान पर केशवराव बलिराम हेडगोवर के हाथों हुई थी। शुरुआत में आरएसएस की शाखा में 5 लोग थे और आज इसकी 50 हजार से ज्यादा शांखाएं हैं और लाखों लोग इससे जुड़े हुए हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्ति किए है। राष्ट्रपति ने ज्यादार उन राज्यों के राज्यपाल बदले है जहां, केन्द्र में सत्तारूढ बीजेपी के करीब स्थाई सरकारें है। इसमें भी अधिकतर पूर्वोंतर के राज्य शामिल है।    चीन से लगी अंतराष्ट्रीय सीमा के चलते सुरक्षा के लिहाज से हमेशा संवेदनशील अरुणाचल प्रदेश में ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। आपको बता दें कि सत्यपाल मलिक बीजेपी की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।   पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे तमिलनाडु में सरकार ने बनवारी लाल पुरोहित को राज्यपाल नियुक्त किया है। बता दें कि बनवारी लाल नागपुर लोकसभा सीट से चार बार सासंद रहे हैं। तीन बार कांग्रेस के टिकट पर और एक बार बीजेपी के टिकट पर। प्रोफेसर जगदीश मुखी को असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया है। आपको बता दें कि प्रोफेसर जगदीश मुखी इससे पहले अंडमान निकोबार द्वीप समूह केंद्र शासित क्षेत्र के उप-राज्यपाल थे। अब उनकी जगह एडमिरल (सेवानिवृत्त) देवेंद्र कुमार जोशी लेंगे।   साभार-khaskhabar.com     

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