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मुंबई। भारतीय जेलों पर सवाल उठाने वाले भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को महराष्ट्र सरकार ने आड़े हाथ लिया। हाल ही में माल्या ने कहा था कि भारत की जेलें उसके रहने लायक नहीं है। इसके जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि हमारी जेलें माल्या के रहने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र सरकार ने ऑर्थर जेल रोड की यूनिट 12 की तस्वीर भी भेजी है और बताया है कि इसमें किंग ऑफ गुड टाइम्स के रहने लायक सारी सुविधाएं हैं। इस यूनिट को मुंबई हमलों के आरोपी अजमल कसाब के लिए खास तौर पर तैयार किया गया था।    एडीजी कारागार बीके उपाध्याय ने कहा, हमने केंद्र को सभी जरूरी दस्तावेजों समेत एक महीने पहले अपनी रिपोर्ट भेजी है। अमेरिका के कोर्ट में सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने कहा था कि उसके क्लाइंट को विशेष सुविधाओं की जरूरत है और भारत की जेलें उसके लायक नहीं हैं। माल्या से जुड़े केस में यह बात भी कही गई थी कि उसे वेस्टर्न टॉइलट और एसी की जरूरत है। साथ ही मेडिकल सुविधाएं भी आवश्यक हैं, जो भारत की जेलों में उपलब्ध नहीं हैं। जवाब में माल्या के लिए आतंकी कसाब के लिए विशेष रूप से तैयार की गई जेल की रिपोर्ट तैयार की गई है।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। रेप केस में फंसे जैन मुनि शांति सागर ने कबूल लिया है कि उन्होंने पीडित लडकी के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। जैन मुनि ने मेडिकल जांच के दौरान कहा कि उसने लडकी के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर रेप केस मेंं फंसाया जा रहा है। जैन मुनि शांति सागर ने कहा कि वह लडकी को पिछले 5-6 माह से जानते हैं। उनका कहना है कि लडकी पहली बार सपरिवार उनके मिलने सूरत आई थी। साथ ही उन्होंने बताया कि टीमलियावाड नानपुरा धर्मशाला में लडकी की रजामंदी से उनके बीच शारीरिक संबंध बने थे। जब डॉक्टर ने उनसे पूछा कि आपने साधु होते हुए ऐसा किया तो जैन मुनि ने अपना सिर झुका लिया।    कौन है यह जैन मुनि शांति सागर:  प्राप्त जानकारी के अनुसार जैन मुनि शाति सागर का पहले नाम गिरिराज शर्मा था। गिरिराज शर्मा एक जैन संत के संपर्क में आया और 22 की उम्र में दीक्षा ली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दीक्षा लेने से पहले वह मौज-मस्ती भरी जिंदगी जीता था। गिरिराज शर्मा मध्य प्रदेश के गुना में रहता था। उसके पिता का नाम सज्जनलाल शर्मा था और वे हलवाई थे लेकिन वह अपने पिता से अलग अपने ताऊजी के पास गुना में रहता था। उसे क्रिकेट खेलना पसंद था और वह अपने नए कपडे, हेयर स्टाइल और फैशनेबल लुक के कारण दोस्तों के बीच मशहूर था।  लडकी ने लगाए ये आरोप:रेप पीडिता ने पुलिस को बताया कि वो अपने माता-पिता के साथ शांतिसागर के आश्रम गई थी। उसे मुनि ने मंत्र जाप करने के बहाने रात में रुकने के लिए कहा और उसके माता-पिता को वापस भेज दिया। इसके बाद मुनि ने लडकी को धमकाते हुए रेप किया और किसी को बताने पर उसके माता-पिता को मार डालने धमकी भी दी।   साभार-khaskhabar.com       

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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात गौरव यात्रा के समापन के मौके पर आयोजित गुजरात गौरव महासम्मेलन में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कांग्रेस को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि देश की यह सबसे पुरानी पार्टी भ्रष्टाचार की पोषक है। कांग्रेस को वंशवाद की पार्टी बताते हुए पीएम ने बीजेपी को आदर्शों और सच्चे लोकतंत्र वाली पार्टी बताया। मोदी ने कहा कि यह चुनाव विकासवाद की जंग है और उनके लिए (कांग्रेस) वंशवाद की जंग है। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में विकासवाद जीतने वाला है, वंशवाद हारने वाला है। पीएम ने कांग्रेस को जमानती पार्टी तक बता डाला।   पीएम मोदी ने जीएसटी को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। जीएसटी के फैसले में कांग्रेस सरकारों की रजामंदी थी। मोदी ने नोटबंदी को लेकर कहा कि 8 नवंबर को कांग्रेस ब्लैक डे मनाएगी और मैं ब्लैक मनी से मुक्ति का पर्व मनाऊंगा।   पीएम मोदी ने गुजरात गौरव यात्रा के समापन पर गांधीनगर के भाट गाम में कार्यकर्ताओं की एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी तो राजनीतिक आंदोलन करने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं पर केस कर दिए जाते थे। उन्हें 21 दिन और एक महीने तक की सजा दे दी जाती थी। ऐसे जुल्म और अत्याचार सहकर बिना डरे, बिना झुके बीजेपी के कार्यकर्ता सीना तानकर खड़ा रहे। उन्होंने कहा, आज पूरे देश में बीजेपी का ध्वज फहरा रहा है।   कांग्रेस पर काफी आक्रमक नजर आ रहे पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस यह चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी, लेकिन वह विकास को ही गाली दे रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस विकास के मुद्दे पर हमेशा भागती रही है। वह विकास के मुद्दे पर चुनाव लडऩे की हिम्मत ही नहीं कर सकती है। कांग्रेस सांप्रदायिक तनाव, लोगों को भडक़ाना, जातिवादी जहर, लोगों को बांटना, लोगों को भ्रमित करके चुनाव निकाल देती है। विकास जैसे मजबूत मुद्दे पर कांग्रेस को चुनाव लडऩे की हिम्मत ही नहीं है। कांग्रेस कभी गुजरात का भला नहीं कर सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस कभी भी गुजरात और गुजरातियों को पसंद नहीं करती है। सरदार बल्लभ भाई पटेल का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सभी को पता है कि कांग्रेस ने पटेल के साथ क्या किया। उन्होंने कहा, पटेल की बेटी मनीबेन पटेल के साथ भी कांग्रेस का व्यवहार कैसा रहा यह सबको पता है। पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के खिलाफ कांग्रेस की टोली ने काम किया। मोरारजी को हर प्रकार से नेस्तनाबूद करने के लिए यह परिवार पूरी ताकत से जुट गया था। बाबूभाई जसभाई की सरकार जब गुजरात में बनी थी, उसी दिन कांग्रेस के भ्रष्टाचार का घड़ा फूट गया था। कांग्रेस ने जसभाई को भी हटा दिया। माधव सिंह सोलंकी को भी परिवार को बचाने के लिए इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस गुजरात के नेताओं को खत्म करने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। कांग्रेस को गुजरात के प्रति द्वेष, गुजरातियों के प्रति द्वेष है। सरदार सरोवर बांध की योजना पटेल ने बनाई थी, इसलिए कांग्रेस ने इसे 50 सालों तक पूरा ही नहीं होने दिया था। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें भी जेल में डालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, मुझे जेल में डालने के लिए अमित शाह को जेल में जबतक नहीं डालेंगे, मोदी तक नहीं पहुंच पाएंगे। आज सच सामने है। हम कहां हैं, आप कहां हैं। पीएम ने कहा कि कांग्रेस किसी काम को पूरा करने में रुचि नहीं रहती है। जब कुछ नहीं चला तो कांग्रेस ने विकास को ही गाली देनी शुरू कर दी। कांग्रेस पार्टी के जेहन में विकास से नफरत है। पीएम ने पूछा कि आखिर किसे विकास की जरूरत नहीं है। बिना विकास के देश आगे कैसे बढ़ेगा। दरअसल, कांग्रेस को एक ही चीज की आदत लगी है और वह है भ्रष्टाचार की। उनकी सरकारें, नेता और उनका परिवार सब भ्रष्टाचार में डूबे हैं। जेल से सजा काटकर आए लोगों के साथ कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर चलती है। कांग्रेस जमानती पार्टी है। पीएम ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि गुजरात की जनता बीजेपी को जीत दिलाएगी।   आपको बता दें कि बीजेपी ने पाटीदारों को साधने के लिए गुजरात गौरव यात्रा निकाली थी, अब इसके समापन के जरिये वह अपनी ताकत दिखाना चाहेगी। जनसभा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद हैं। इससे पहले गुजरात विजय रुपाणी खुद पीएम मोदी के स्वागत के लिए हवाई अड्डे पहुंचे।    विजय रुपाणी ने गुजराती में ही जनसभा को संबोधन दिया। रुपाणी ने कहा कि कांग्रेस परिवारवाद वोटबैंक की राजनीति करती है। कांग्रेस ने देश को गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार दिया है। कांग्रेस जहां विकास का मजाक बनाती है, वहीं हम विकास का मिजाज रखते हैं। बीजेपी की सरकार किसानों की सरकार है, गरीबों की सरकार है।   रुपाणी ने कहा, राज्य सरकार पर 700 करोड़ रुपये का कर्ज है। लेकिन राज्य की तिजोरी किसानों के लिए खुली हुई है। बीजेपी के शासन में गुजरात ने जबरदस्त विकास किया है। गुजरात नंबर-1 है। औसत विकास दर के मामले में गुजरात नंबर-1, इंडस्ट्रियल आउटपुट में, कपास उत्पादन में, दरियाई मत्स्य उत्पादन में, कोल्ड स्टोरेज की कैपासिटी में, दुग्ध उत्पादन में, एफडीआई में गुजरात नंबर-1 है।   कांग्रेस को समूल उखाड़ फेंकेंगे : अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, मेरी नजर जहां तक जा रही है, बीजेपी के ही कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं। बीते दिनों एक टेलीविजन से चर्चा हो रही थी, जहां मुझसे पूछा गया कि आप गुजरात विधानसभा चुनाव में 150 सीटें जीतने की बात कह रहे हैं, लेकिन जो यह रैली देख रहे होंगे, वे समझ जाएंगे कि हम 150 नहीं 200 सीटें जीतने जा रहे हैं।   अमित शाह ने कहा कि बीजेपी आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक और कच्छ से असम तक एक मजबूत संगठन बन चुका है। बीजेपी के कार्यकर्ता सामान्य जीत के लिए नहीं लड़ते। मैं बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि गुजरात में वे कांग्रेस को समूल उखाड़ फेंकें। हमारी सरकार ने पूरे देश में विकास की नयी व्याख्या तैयार की। अब पूरे देश में एक ही बात होती है कि नरेंद्र मोदी का गुजरात मॉडल विकास का सर्वश्रेष्ठ मॉडल है।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। गुजरात में 2002 में हुए दंगे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार पर संभवत: सबसे बड़ा धब्बा थे और इसके कारण ही 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह मानना है। अपनी आत्मकथा द कोअलिशन ईयर्स 1996-2012 के तीसरे संस्करण में उन्होंने लिखा है, (वाजपेयी सरकार की) इस पूरी अवधि में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग जोर पकड़ती रही। बढ़े सांप्रदायिक तनाव का गुजरात में काफी बुरा असर पड़ा, जो 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों के रूप में देखने को मिला।   मुखर्जी ने अध्याय फर्स्ट फुल टर्म नॉन कांग्रेस गवर्नमेंट में लिखा है, गोधरा में दंगे शुरू हुए, जिसमें साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में लगी आग में 58 लोग जलकर खाक हो गए। सभी पीडि़त अयोध्या से लौट रहे हिंदू कारसेवक थे। इससे गुजरात के कई शहरों में बड़े पैमाने पर दंगे भडक़ उठे थे। संभवत: यह वाजपेयी सरकार पर लगा सबसे बड़ा धब्बा था, जिसके कारण शायद भाजपा को आगामी चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा। मुखर्जी ने कहा कि वाजपेयी एक उत्कृष्ट सांसद थे। भाषा पर उम्दा पकड़ के साथ वह एक शानदार वक्ता भी थे, जिनमें तत्काल ही लोगों के साथ जुड़ जाने और उन्हें साथ ले आने की कला थी।   राजनीति में वाजपेयी को लोगों का भरोसा मिल रहा था और इस प्रक्रिया में वह देश में अपनी पार्टी, सहयोगियों और विरोधियों सभी का सम्मान अर्जित कर रहे थे। वहीं, विदेश में उन्होंने भारत की सौहार्द्रपूर्ण छवि पेश की और अपनी विदेश नीति के जरिए देश को दुनिया से जोड़ा। प्रभावशाली और विनम्र राजनेता वाजपेयी ने हमेशा दूसरों को उनके कार्यो का श्रेय दिया। अध्याय के अनुसार, सुधार की शुरुआत हमने नहीं की। हम नरसिम्हा राव सरकार द्वारा शुरू की गई और दो संयुक्त मोर्चा सरकारों द्वारा जारी रखी गई प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन हम सुधार प्रक्रिया को व्यापक और गहरा बनाने और इसे गति देने का श्रेय अवश्य लेते हैं।   मुखर्जी के मुताबिक, वाजपेयी ने कभी भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया। उनका कहना है कि 2004 के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस फिर से सत्ता में आ गई। कांग्रेस और कई अन्य गैर-भाजपाई पार्टियों की जीत ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। कई चुनाव विश्लेषकों ने राजग की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की थी। 2004 की फरवरी में इंडिया टुडे-ओआरजी-एमएआरजी सर्वेक्षण में वाजपेयी के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की गई थी। मुखर्जी के मुताबिक, चुनाव सर्वेक्षण का विश्लेषण करते हुए पत्रिका ने लिखा था, प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और अर्थव्यवस्था में तेजी की लहर पर सवार भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन आगामी चुनाव में स्पष्ट जीत हासिल करने को तैयार नजर आ रहा है। मुखर्जी ने लिखा, राजग का आत्मविश्वास हिल गया था। उसके इंडिया शाइनिंग अभियान का नजीता बिल्कुल उलटा निकला था और भाजपा में निराशा की लहर छा गई थी, जिसके कारण वाजपेयी ने दुखी होकर कहा था कि वह कभी भी मतदाता के मन को नहीं समझ सकते।   मुखर्जी ने साथ ही याद किया कि 2004 आम चुनाव अक्टूबर में होने थे, लेकिन भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली जीत को देखते हुए छह महीने पहले ही चुनाव करा लिए थे, हालांकि दिल्ली में उसे कांग्रेस के हाथों हार मिली थी। मुखर्जी ने कहा, महत्वपूर्ण राज्यों में जीत के कारण भाजपा में खुशी की लहर थी। हालांकि कुछ लोगों ने इन परिणामों को राष्ट्रीय रुझान समझने की भूल न करने की सलाह भी दी थी।   साभार-khaskhabar.com     

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वाशिंगटन। भारत के वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यहां अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा एवं वित्तीय समिति (आईएमएफसी) के ब्रेकफास्ट सत्र में भाग लिया और इस दौरान नीतिगत चुनौतियों पर बात की। वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, जेटली ने कहा कि रोजगार सृजन, वैश्विक निवेश में सुस्ती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक स्थितियों को सामान्य करने के कदम के उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर संभावित प्रभाव तीन प्रमुख नीतिगत चुनौतियां हैं। जेटली ने मौजूदा वर्ष और अगले वर्ष वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के आश्वासनपूर्ण रहने के आसार को ध्यान में रखने के साथ-साथ मध्यम अवधि में सावधानी बरतने की सलाह को भी ध्यान में रखा।   उन्होंने पूर्व चेतावनी कवायद के तहत साइबर सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किए जाने की सराहना की और इस बात पर विशेष जोर दिया कि समूची वैश्विक वित्तीय प्रणाली को इससे खतरा है, क्योंकि यह आपस में काफी अधिक जुड़ गई है। जेटली ने इस संबंध में तीन नीतिगत चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, पहली चुनौती यह है कि सामान्य मौद्रिक स्थिति बहाल करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा उठाए जा रहे साहसिक कदमों से उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) के समक्ष जोखिम उत्पन्न हो गए हैं। दूसरी चुनौती निवेश में वैश्विक सुस्ती और तीसरी चुनौती रोजगार को लेकर है।   जेटली ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करेंगे कि वह अल्पकालिक पूंजीगत अस्थिरता को प्रबंधित करने हेतु विभिन्न देशों के लिए उपलब्ध एवं उनके द्वारा अमल में लाए जा रहे वृहद-विवेकपूर्ण और पूंजी प्रवाह प्रबंधन उपायों का उचित एवं निष्पक्ष आकलन करे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की उन कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जहां जनसांख्यिकीय परिवर्तन का अच्छा दौर देखा जा रहा है।   वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता हर साल श्रम बल में शामिल होने वाले 1.2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के तरीके ढूंढऩा है। जेटली ने आईएमएफसी के पूर्ण सत्र में भी भाग लिया, जिसमें संस्थागत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने भारत की व्यापक ढांचागत सुधार पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), विमुद्रीकरण और दिवाला एवं दिवालियापन संहिता शामिल हैं। जेटली ने कोटे की समीक्षा पर आम सहमति सुनिश्चित करने की दिशा में अपेक्षित प्रगति न होने पर मिश्रित भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने विश्व बैंक की समग्र विकास समिति की 96वीं बैठक में भी भाग लिया। बैठक के एजेंडे में विश्व विकास रिपोर्ट 2018 और विकास के लिए वित्त को उच्चतम सीमा तक बढ़ाने सहित कई विषय शामिल थे। वित्तमंत्री ने परामर्श और सहयोग की भावना के साथ स्प्रिंग मीटिंग 2018 तक शेयरधारिता समीक्षा को अंतिम रूप देने का आग्रह किया। जेटली ने ब्रिटेन और लंका के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इस दौरान आपसी रिश्ते प्रगाढ़ करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक पहलुओं पर चर्चा की गई।   साभार-khaskhabar.com       

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चंडीगढ। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट आज बलात्कार मामले में सजा काट रहे डोरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की अपील पर सुनवाई करेगा। राम रहीम ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा को चुनौती दी है।    वहीं दोनों पीडित साध्वियों ने डेरामुखी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराने के लिए हाईकोर्ट में पिटीशन लगाई है। दोनों ही याचिकाओं पर सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुधीर मित्तल की बेंच सुनवाई करेगी। राम रहीम ने अपनी सजा को खारिज करने की मांग की है।   राम रहीम की तरफ से कहा गया है कि सीबीआई कोर्ट ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह रेप कर सकता है या नहीं। जज ने पूर्वाग्रह के आधार पर ही सजा सुना दी। यही नहीं दो अलग अलग डेरों में अलग अलग समय पर हुए रेप के मामलों को एक साथ कर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया। इसमें भी विक्टिम एक साल तक कुछ नहीं बोली। अपने घर वालों को भी कुछ नहीं बताया। अगर बताया तो फिर वे एक साल तक चुप क्यों रहे।दूसरी तरफ साध्वियों ने राम रहीम की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की मांग करते हुए कहा गया कि यह मामला भावनाओं से खिलवाड़ का है। एक गुरु ने अपनी अनुयायी से रेप किया। उसे ज्यादा से ज्यादा सजा देकर एक एग्जाम्पल पेश करना चाहिए।   आपको बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम साथ्वियों से दुष्कर्म के मामले में रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे हैं। साभार-khaskhabar.com   

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वाशिंगटन। भारतीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारत को तेजी से विकास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी लागू होने से पैदा हुईं कठिनाइयों के बावजूद सरकार के सुधार पहल को जनता का समर्थन है। जेटली ने अमेरिका प्रस्थान करने से पहले बर्कले इंडिया सम्मेलन में वीडियो कॉन्फरेंस के माध्यम से अपने एक संबोधन में कहा, देश के सामने स्पष्ट चुनौतियां उभरेंगी और तेजी से उभरेंगी। हालिया अतीत की तुलना में ये चुनौतियां अपेक्षाकृत अधिक तेजी से बढ़ रही हैं। जेटली अमेरिका में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की आगामी वार्षिक बैठक में भाग लेने सोमवार तडक़े अमेरिका रवाना होंगे।   उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि भारत एक बार फिर अपनी विकास दर को हासिल करने और अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है, क्योंकि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पास सेवा करने के लिए न केवल बड़ी आबादी है, बल्कि हमारे पास सेवा करने के लिए एक बहुत ही युवा आबादी है। उन्होंने कहा, हमें एक तेज गति से आगे बढऩा होगा, उन्होंने कहा कि एक युवा और आकांक्षापूर्ण आबादी तेजी से परिवर्तन और सुधारों को बदलना चाहती है, और नतीजे देखने के लिए उत्सुक है। जेटली ने कहा, इसलिए समय हमारे विपरीत दिशा में चल रहा है।   सुस्त विनिर्माण के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान, विकास दर 5.7 फीसदी पर आ गई, जो नरेंद्र मोदी के शासनकाल में जीडीपी की सबसे कम दर है। वित्तमंत्री ने सुधारों पर कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने राष्ट्रीय कर संरचना का निर्माण किया है। उन्होंने कहा, तीन महीनों में, आपके राज्यों में सभी जांच नाके गायब हो गए हैं, आपके पास माल और सेवाओं का स्पष्ट प्रवाह है, जो पूरे देश में शुरू हुआ है। अनुपालन से संबंधित मुद्दों को स्वीकार करते हुए जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद ने इन चुनौतियों का उल्लेख किया है और उनसे निपटने के लिए कदम उठाए हैं।उन्होंने कहा कि जीएसटी एक उचित सुचारु परिवर्तन रहा है, लेकिन इसमें सुधार की भी संभावना है। जेटली ने कहा, मुझे लगता है कि जीएसटी परिषद के रूप में हम भारत की पहली संघीय संस्था बनाने में सफल हुए हैं। उच्च मूल्य की मुद्रा को बंद करने के विषय पर उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को उच्च नकदी अर्थव्यवस्था के साथ रहना था और करों का भुगतान नहीं करना था। उन्होंने कहा,आप एक संपत्ति खरीदते हैं, आप आंशिक रूप से नकदी लेकर चलते हैं, और व्यापार में आप दो खातों के सेट को बनाए रखते हैं।साभार-khaskhabar.com      उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जम्मू और कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में विद्रोही और आतंकवादी गतिविधियों में तेजी से गिरावट आई है। उन्होंने कहा, आप आतंकवादी घटनाएं कर रहे हैं, लेकिन तथ्य यह है कि आप पाएंगे कि आतंकवादी संगठन 5,000-10,000 लोगों को पत्थर फेंकने के लिए पैसे मुहैया करा रहे थे, ऐसा क्यों है कि पिछले आठ-10 महीनों में ऐसा नहीं हुआ है।   साभार-khaskhabar.com     

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वडनगर/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरे का दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने कल द्वारिका में द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के साथ दौरा शुरू किया था। उसके बाद पीएम मोदी ने ओखा-बेट द्वारका पूल सहित कई योजनाओं का शिलान्यास किया। अपने दौरे के दूसरे दिन आज पीएम मोदी अपने जन्मस्थान वडनगर जाएंगे। आपको बता दें कि मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार वडनगर जाएंगे। यहां मोदी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। वह अपने गांव जहां उनका बचपन बीता है वहां नई बनी रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग को वडनगर के लोगों को समर्पित करेंगे। मोदी वडनगर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे।   पीएम मोदी तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9.40 बजे राजभवन से वडनगर के लिए निकलेंगे और करीब 10 बजे तक वडनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे। उस दौरान मोदी अपने कुल देवता हाटकेश्वर मंदिर के दर्शन करेंगे और उसके बाद मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन का भी दौरा कर सकते हैं। बता दें कि वडनगर रेलवे स्टेशन पर ही पीएम मोदी के पिता की चाय की दुकान थी, जहां मोदी चाय बेचा करते थे।   वडनगर में मोदी जीएमईआरएस कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। वडनगर में कई ऐसे विकास कार्य किए जा रहे हैं, जो कि मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किए गए थे, जो कि अब पूरे हो चुके हैं। इस दौरान मोदी मिशन इंद्रधनुष का भी शुभारंभ करेंगे। मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद मोदी साढ़े 10 बजे के करीब एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। वडनगर में सभी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मोदी 12 बजे भरुच के लिए रवाना होंगे। जहां नर्मदा नदी बैराज की आधारशिला रखेंगे और सूरत के उडना से बिहार के जया नगर जाने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। उसके बाद दोपहर 1.30 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। उसके बाद मोदी 2.30 बजे दिल्ली के रवाना होंगे और शाम 4.40 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। पहले मोदी भरुच से वड़ोदरा जाएंगे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। साभार-khaskhabar.com       

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गंगटोक।डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने शनिवार को चीन भारत बॉर्डर पर नाथुला इलाके का दौरा किया। उन्होंने आईटीबीपी अधिकारियों से बातचीत की।इस दौरान रक्षा मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।उनका विवादित क्षेत्र डोकलाम जाने की भी प्लानिंग थी लेकिन खराब मौसम के चलते दौरा स्थगित कर दिया गया।      उसके बाद गंगटोक से सड़क मार्ग के जरिए रक्षा मंत्री नाथुला बॉर्डर पर पहुंची।इस दौरान चीनी सैनिकों ने भी रक्षा मंत्री का फोटो लेनी शुरू कर दी फिर रक्षा मंत्री ने बड़े उत्साह से हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।      इसके अलावा सीएम पवन चामलिंग से भी रक्षा मंत्री ने उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री चामलिंग ने पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में चल रहे आंदोलन के कारण सिक्किम वासियों को हो रही परेशानियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-10 अवरुद्ध होने के कारण उसे काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।सीएम ने केंद्र से नया हाईवे बनाने के काम में तेजी लाने का गुजारिश की है।   साभार-khaskhabar.com     

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भरूच/ वडनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को भरूच में नर्मदा नदी के तट पर बैराज बनाने की नींव रखी। साथ ही सूरत से जयनगर (बिहार) के बीच चलने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। मोदी ने बताया कि इस अंत्योदय एक्सप्रेस में कोई आरक्षण नहीं होता है। इससे गरीबों को लाभ होगा। आखिरी समय में भी वे इस ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुंबई से गोरखपुर के बीच पहली अंत्योदय एक्सप्रेस शुरू हुई है। कहा कि जो लोग नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र जाना चाहते हैं, अब उन्हें बनारस जाना काफी आसान हो जाएगा। वे महामना एक्सप्रेस से यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने लंबी दूरी की ट्रेनों पर बल दिया। मोदी ने कहा कि हम दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करेंगे। यहां पर पीएम मोदी ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।    उन्होंने कहा कि यूरिया में नीम कोटिंग से किसानों को लाभ हुआ है और चोरी रुकी है। पहले की सरकार ने 30 प्रतिशत यूरिया की नीम कोटिंग की पर हमने इसे 100 प्रतिशत कर दिया, जिससे इसका दूसरा इस्तेमाल बंद हो गया। उन्होंने बताया कि भरूच में ही किसानों को नीम की फली से 40 करोड़ की आय हुई है। कहा कि देश को लूटने वाले अब मोदी के खिलाफ षड्यंत्र करेंगे पर वे ईमानदारी को हरा नहीं पाएंगे। हमें यह विश्वास है। मोदी ने यूपी के सीएम का भी जिक्र किया। कहा कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेरे कहने पर पशु आरोग्य मेले के बारे में जानकारी जुटाने के लिए टीम गुजरात भेजी। इसके बाद उन्होंने बनारस में पहले पशु आरोग्य मेले का आयोजन किया।   इससे पहले मोदी का उनके गृहनगर वडनगर में हजारों लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत मोदी ने लोगों का आभार जताया और देश के लिए और भी कड़ी मेहनत करने का भरोसा दिलाया। मोदी ने यहां एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, किसी का गृहनगर में वापस आना और उसका इस तरह से शानदार स्वागत किया जाना विशेष बात है। मैं आपके आशीर्वाद के साथ वापस जाऊंगा और आपको भरोसा दिलाता हूं कि मैं देश के लिए और ज्यादा कड़ी मेहनत करूंगा। उन्होंने कहा, मैं जो भी आज हूं, वह आपके सबके बीच वडनगर में इस मिट्टी पर सीखे गए संस्कार की वजह से हूं। मोदी ने संपूर्ण टीकाकरण के काम में तेजी लाने के लिए इंटेंसीफाइड मिशन इंद्रधनुष लांच किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन करने का मौका मिला, विशेष रूप से इंटेंसीफाइड मिशन इंद्रधनुष का। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधा सुलभ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साल 2014 में प्रधानंमत्री बनने के बाद मोदी पहली बार वडनगर पहुंचे। मोदी ने 500 करोड़ रुपये की लागत से बने जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया और कक्षा में चिकित्सा छात्रों से संवाद भी किया। मोदी ने अपने स्कूल का भी दौरा किया, जहां घुटनों पर बैठकर उन्होंने वहां की मिट्टी को माथे पर लगाया। उन्होंने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मोदी यहां युवास्था के दौरान रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे।     साभार-khaskhabar.com     

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दिल्ली। पीएम मोदी ने शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक में लिए गए कई अहम फैसलों की तारीफ की है। जीएसटी काउंसिल की तरफ से छोटे व्यापारियों को राहत दिए जाने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर तारीफ की। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि गुड्स एंड सिंपल टैक्स (जीएसटी) अब और सरल हो चुका है। आज की सिफारिशों के बाद छोटे और मझोले कारोबारियों को बहुत बडी मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कंपोजिशन स्कीम को अब और ज्यादा आकर्षक बना दिया गया है।    इसके साथ ही अन्य फैसले से जीएसटी ज्यादा आसान बन गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैठक के बाद कहा कि प्रत्येक निर्यातकों को ई वॉलेट मिलेगा। ई वॉलेट की व्यवस्था अगले साल अप्रैल से शुरू की जाएगी। ज्ञातव्य है कि शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुल 27 आइटम्स की दरों में भी कटौती कर दी गई है।    शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल में लिए गए ये अहम फैसले: 1.छोटे कारोबारियों को अब जीएसटी टैक्स का प्रति माह भुगतान करना होगा लेकिन रिटर्न अब उन्हें तीन महीनों में भरना होगा। 2. कंपोजिशन स्कीम के तहत 75 लाख रुपये के टर्नओवर की सीमा को बढाकर 1 करोड रुपये कर दिया गया है। ऐसे कारोबारी अब 3 महीने पर कुल बिक्री का 1 फीसदी कर जमा कर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।   3.रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।   4. अब निर्यातकों के लिए टैक्स रिफंड की शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी।    5. 1.5 करोड रुपये से कम के टर्नओवर वाले छोटे और मझोले कारोबारियों को हर महीने की बजाए तीन महीने पर रिटर्न भरना होगा।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। डोकलाम में फिर से चीनी सेना की तैनाती और सडक बनाने की आ रही खबरों को भारतीय विदेश मंत्रालय ने खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने डोकलाम पर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 28 अगस्त के बाद से डोकलाम में विवादित भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध की जगह और इसके आसपास के इलाकों में कोई नया घटनाक्रम नहीं हुआ है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि इलाके में यथास्थिति बनी हुई है और इसके विपरीत कुछ भी कहना गलत है। ज्ञातव्य है कि मीडिया में खबरें आ रही थी कि डोकलाम में चीन ने अभी भी अपने सैनिक तैनात कर रखे हैं।    साथ ही मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि डोकलाम में चीन एक मौजूदा सडक को चौडा करने का काम भी शुरू कर दिया है। यह सडक टकराव वाले इलाके से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर है। ज्ञातव्य है कि वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने भी पहले संकेत दिए थे कि डोकलाम पठार के चुंबी घाटी में चीनी सैनिकों की मौजूदगी का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की सेना आमने-सामने नहीं हैं जैसा कि हमें लग रहा है, हालांकि चुंबी घाटी में चीन की सेना अब भी तैनात है, मैं उम्मीद करता हूं कि वह इलाके में सैन्य अभ्यास खत्म होने के बाद अपनी सेना वहां से हटा लेंगे। ज्ञातव्य है कि डोकलाम में 16 जून को सडक निर्माण को लेकर भारत और चीन के बीच गतिरोध शुरू हुआ था जो कि 28 अगस्त तक चला। ज्ञातव्य है कि चीनी सैनिक डोकलाम में सडक निर्माण कर रहे थे, भारतीय सैनिकों ने इसका विरोध किया था।    साभार-khaskhabar.com       

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