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लखनऊ/रायबरेली। उत्तर प्रदेश में रायबरेली के ऊंचाहार स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) के संयंत्र में बॉयलर फटने से कम से कम अठारह लोगों की मौत हो गई है तथा 100 लोग झुलस गए हैं। जिला प्रशासन ने बुधवार देर रात 20 मौतों की पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों को जिला अस्पताल के साथ साथ इलाहाबाद के अस्पताल और लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत नाजुक है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त संयंत्र में लगभग 150 मजदूर काम कर रहे थे। जहां यह हादसा हुआ, वहां 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊंचाहार दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव (गृह) को बचाव और राहत कार्य के लिए हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से दो लाख रुपये, गम्भीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायलों को 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक है।    प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि एनडीआरएफ की एक टीम लखनऊ से ऊंचाहार भेजी गई है। रायबरेली के सीएमओ के.के. सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में आठ शव पहुंचे हैं। इस बीच दुर्घटना के बाद एनटीपीसी की तरफ से आधिकारिक बयान आया है। बयान में जिसमें कहा गया है कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। 500 मेगावाट की अंडर ट्रायल यूनिट में ये हादसा हुआ है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू अपरेशन जारी है। झुलसे लोगों में 22 की हालत नाजुक है। इनमें से 15 रायबरेली के अस्पताल में हैं। कुछ को इलाहाबाद व लखनऊ भेजा गया है। इधर, एनटीपीसी हादसा के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह ने पूरे मामले से जानकारी ली है। दुर्घटना को लेकर उन्होंने ट्वीट किया है कि एनटीपीसी हादसा दुखद है। मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव लगातार उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क में हैं। मारीशस दौरे पर गए सीएम आदित्यनाथ योगी ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव (गृह) को बचाव एवं राहत कार्य हेतु हरसंभव मदद उपलब्ध के निर्देश दिए हैं। रायबरेली के डीएम समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं। घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर एसजीपीजीआई में कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि घायलों के इलाज का खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी।उधर डीएम समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। कमिश्नर लखनऊ और आईजी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक सुधारों का असर अब साफ नजर आने लगा है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले से उम्मीद थी। वर्ल्ड बैंक की ओर मंगलवार को जारी रिपोर्ट में भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में लंबी छलांग लगाने के साथ ही 100वें नंबर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भारत 30 अंकों की छलांग लगाकर अब 100वें नंबर पर पहुंच गया है। पिछले साल भारत 130वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक ने भारत के प्रदर्शन की सराहना की है। जीएसटी और नोटबंदी जैसे आर्थिक सुधारों को लेकर विपक्ष की आलोचना झेल रही मोदी सरकार के लिए इसे राहत की खबर माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत बेहतर करने वाले टॉप 10 देशों में शामिल है।    उन्होंने बताया, छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के मामले में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है। बिजनेस के लिए क्रेडिट उपलब्ध कराने के मामले में भारत को 29वां स्थान मिला है, वहीं बिजनस के लिए इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन दिए जाने के मामले में भारत की रैंकिंग 29वीं है। जबकि टैक्स भरने में भारत की रैकिंग 119वें स्थान पर पहुंची है। उन्होंने कहा टैक्स देने में हम 172वें स्थान पर थे, टैक्स सुधारों के कारण अब हमने इसमें 53 अंकों की छलांग लगाई है। इन्सॉल्वंसी को निपटाने के मामले में 33 स्थान की छलांग लगाकर भारत 103वें नंबर पर पहुंचा है। कंस्ट्रक्शन परमिट के मामले में हम 181वें स्थान पर हैं, हमने 8 अंकों की छलांग लगाई है।    पीएम मोदी बोले-ऐतिहासिक छलांग टीम इंडिया   इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, कारोबार सुगमता वरीयता में ऐतिहासिक छलांग टीम इंडिया के चौतरफा और बहु-क्षेत्रीय सुधार कदमों का नतीजा है। अपने दूसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, पिछले तीन वर्षों में हमने कारोबार को सुगम बनाने की ओर राज्यों के बीच सकारात्मक स्पर्धा की भावना देखी है। प्रधानमंत्री ने विश्व बैंक रैंकिंग पर कहा, हम ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म’ के मंत्र के साथ रैंकिंग में और सुधार करने तथा अधिक आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।   वर्ल्ड बैंक ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ   वर्ल्ड बैंक ने भारत और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। दक्षिण एशिया के लिए वर्ल्ड बैंक की वॉइस प्रेसिडेंट एन्नेट डिक्सन ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि इस साल भारत दुनिया भर के टॉप-10 उन देशों में से है, जिन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में खुद की रैंकिंग को बढ़ाया है। वर्ल्ड बैंक ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी लीडरशिप आने वाले सालों में भारत को और तरक्की दिलाएगी जहां अर्थव्यवस्था की गिरावट के लिए मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वर्ल्ड बैंक की वॉइस प्रेसिडेंट ने कहा है कि अगर भविष्य में भी ऐसी ही लीडरशिप और को-ऑर्डिनेशन देखने को मिला तो हमें उम्मीद है कि भारत आने वाले सालों में भी अच्छी तरक्की करेगा।   इन 10 क्षेत्रों में सुधरा भारत का प्रदर्शन 1. नया बिजनेस शुरू करना: नया बिजनेस को शुरू करने मामले में भारत 156 स्थान पर पहुंच गया है। इसमें भारत की रैंकिंग में पहले के मुकाबले सुधार हुआ है।   2. कंस्ट्रक्शन परमिट: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार कंस्ट्रक्शन परमिट देने के मामले में भारत अभी 181वें स्थान पर हैं।    3. इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन: बिजनेस के लिए इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन देने के मामले में भारत 129वें नंबर पर है।   4. प्रॉपर्टी रजिस्ट्री: बिजनेस के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के मामले की रैंकिंग में भारत 29वें स्थान पर है।   5. क्रेडिट मिलने: बिजनेस के लिए क्रेडिट मिलने के मामले में भारत 29वें स्थान पर है।   6. छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा: छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा में भारत की रैंकिंग चौथे स्थान पर पहुंच गया है।   7. टैक्स चुकाना: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार टैक्स चुकाने के मामले में भारत अभी 119वें स्थान पर है।   8. सीमा पार व्यापार: ट्रेड अक्रॉस द बॉर्डर के मामले में भारत की रैंकिंग 146 है।   9. कॉन्ट्रैक्ट लागू करना: इस रिपोर्ट के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट लागू करने के मामले में भारत 164वें स्थान पर है।   10. रिजॉल्विंग इनसॉल्वंसी: इस मामले मे भारत 33 स्थान की छलांग लगाकर भारत 103 पर पहुंच गया है।   साभार-khaskhabar.com     

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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने एक बाद फिर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर भरोसा जताया है। बीजेपी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को एक रैली के दौरान ऐलान किया कि हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल ही बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे। इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी वीरभद्र सिंह को अपनी पार्टी का सीएम कैंडिडेट घोषित किया था।    बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल इस बार अपनी पारंपरिक सीट हमीरपुर के बजाए सुजानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। प्रेम कुमार धूमल हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है। वे राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में हिमाचल प्रदेश विधानसभा की हमीरपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रेम कुमार धूमल 10 अप्रैल 1944 को गांव समीरपुर जिला हमीरपुर में पैदा हुए।    इनकी प्रारंभिक शिक्षा मिडिल स्कूल भगवाड़ा में हुई और मैट्रिक डीएवी हाई स्कूल टौणी देवी, जिला हमीरपुर से की। 1970 में इन्होंने दोआबा कालेज जालंधर में एमए इंग्लिश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इन्होंने पंजाब, विश्वविद्यालय (जालंधर) में प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात दोआबा कालेज जालंधर चले गए। नौकरी करते हुए इन्होंने एलएलबी किया। 1984 में इन्होंने संसदीय चुनावों में भाग लिया और पराजित हुए, किंतु 1989 में विजयी हुए। 1991 में पुन: हमीरपुर की लोकसभा सीट से विजयी हुए तथा हिमाचल प्रदेश की बीजेपी इकाई के अध्यक्ष बने।    1996 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। फिर 1998 के विधानसभा चुनावों में बमसन क्षेत्र से जीतकर प्रदेश में भाजपा-हिविंका गठबंधन के मार्च 1998 से मार्च 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। दिसंबर 2007 से दिसंबर 2012 तक वह मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। साभार-khaskhabar.com     

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बीजिंग। डोकलाम विवाद में भारत के सामने झुकने को मजबूर होने के बाद चीन अब भारत को परेशान करने के नए तरीके खोज रहा है। ब्रह्मपुत्र को लेकर चीन ने नया प्लान तैयार किया है। चीनी इंजीनियरों ने ब्रह्मपुत्र का पानी डायवर्ट करने के लिए 1000 किलो मीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना तैयार की है। इस टनल के जरिए ब्रह्मपुत्र का पानी तिब्बत से जिनजियांग की तरफ मोडऩे की योजना है.। हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी है कि इस कदम से शिनजियांग के कैलीफोर्निया में तब्दील होने की उम्मीद है। इस कदम से पर्यावरणविदों में चिंता पैदा हो गई है क्योंकि इसका हिमालयी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह प्रस्तावित सुरंग चीन के सबसे बड़े प्रशासनिक क्षेत्र को पानी मुहैया कराने का काम करेगी।    दक्षिणी तिब्बत की यारलुंग सांगपो नदी के जलप्रवाह को शिनजियांग के ताकालाकान रेगिस्तान की तरफ मोड़ा जाएगा। ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन की ओर से कई बांध बनाए जाने को लेकर भारत बीजिंग को अपनी चिंताओं से अवगत करा चुका है। अगर चीनी इंजीनियरों का यह प्लान मंजूर कर लिया जाता है तो यह भारत और बांग्लादेश दोनों को प्रभावित करेगा। जानकारी के मुताबिक इंजीनियरों ने अपना प्लान इसी साल मार्च में चीनी सरकार को सौंपा था, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से इसे मंजूरी नहीं मिली है। टनल निर्माण की ड्राफ्टिंग कमेटी में शामिल रहे वांग वी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एक किलोमीटर पर एक बिलियन युआन का खर्च आएगा।  यानी पूरे टनल को बनाने में कुल 1 ट्रिलियन युआन खर्च होगा, जो कि चीन के मशहूर तीन जॉर्जेस बांध की लागत के बराबर होगा। चीनी सरकार अगर इस टनल निर्माण को मंजूरी दे देती है तो भारत और बांग्लादेश पर इसका व्यापस असर होने की आशंका जताई जा रही है। भारत इससे पहले 2010 में तिब्बत के जैंग्मू में बनाए गए बांध पर भी चिंता जाहिर कर चुका है। इसके बावजूद चीन जैंग्मू बांध के बाद तीन और डैम को ग्रीन सिग्नल दे चुका है। हालांकि, जिस नए प्रोजेक्ट का रोडमैप चीनी इंजीनियरों ने अपनी सरकार को सौंपा है, अगर वह बन जाता है तो भारत के लिए ज्यादा खतरा पैदा हो सकता है। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर निशाना साधने के लिए आड़े हाथ लेते हुए कहा कि लोग नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के साथ मजबूती से खड़े हैं और जीएसटी गत सात दशकों में कर प्रशासन के मामले में हुई सबसे अच्छी चीज है। भाजपा प्रवक्ता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने जीएसटी पर निशाना साधने के लिए राहुल पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि जब वह बौद्धिक बनने की कोशिश करते हैं तो यह मजाक बन जाता है।   उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड चुनाव में नोटबंदी को चुनावी मुद्दा बनाना चाह रही थी, तो प्रदेश की जनता ने पार्टी को जोरदार थप्पड़ रसीद किया था और अगर अब वह दोबारा ऐसा करना चाहती है तो लोग उसे माकूल जवाब देंगे। राव ने कांग्रेस पर अपने पूरे कार्यकाल में काले धन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके बावजूद भी वह मोदी के काले धन और कर चोरी के खिलाफ उठाए गए कदम का विरोध कर रही है।   सरकार के कदम को राष्ट्र हित में बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग मोदी के साथ सफाई करने के अभियान में मजबूती से जुड़े हैं। नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों द्वारा आठ नवम्बर को काला दिवस मनाए जाने पर उन्होंने कहा, कांग्रेस जितना नोटबंदी के खिलाफ हल्ला मचाएगी, लोगों के बीच उसकी कलई खुद ही खुलेगी। हम कांग्रेस द्वारा काले धन के इस बेशर्म समर्थन से खुश हैं। जीएसटी के मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने संसद में इसका समर्थन किया था और दावा किया था कि यह संप्रग के कार्यकाल में शुरू किया गया पहल था, जबकि उनकी राज्य सरकारों ने जीएसटी का इसके दरों और वस्तुओं को शामिल किए गए आधार पर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के लिए पाखंड की हद है, अगर वह दावा करे कि कांग्रेस का जीएसटी से कोई संबंध नहीं है। यह केवल वास्तविकता को स्वीकारने की अनिच्छा दर्शाता है। कांग्रसे इससे भाग नहीं सकती। हम उन्हें जवाबदेह बनाएंगे। कांग्रसे उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को नोटबंदी को बड़ी आपदा करार दिया था और कहा था कि जीएसटी एक टॉरपीडो है, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है।   साभार-khaskhabar.com   

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अहमदाबाद। गुजरात के सीएम विजय रूपाणी द्वारा कांग्रेस नेता अहमद पटेल पर लगाए गए आरोपों के बाद अब सरदार पटेल अस्पताल का एक ऐफिडेविट सामने आया है। यह ऐफिडेविट अस्पताल से अहमद पटेल के इस्तीफे के बाद जारी किया गया था। इस ऐफिडेविट में इस्तीफे के बाद बतौर ट्रस्टी अहमद पटेल का नाम हटाया गया। ज्ञातव्य है कि सीएम विजय रूपाणी ने आतंकी मोहम्मद कासिम स्टिंगरवाला के साथ कथित संबंधों की वजह से अहमद पटेल से राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे की मांग की थी। कासिम को गुजरात एटीएस ने सूरत से गिरफ्तार किया था। कासिम अहमदाबाद के सरदार पटेल अस्पताल में काम करता था।    विजय रूपाणी ने आरोप लगाया था कि इस अस्पताल के कर्ता धर्ता कांग्रेस नेता अहमद पटेल हैं। वहीं कांग्रेस और अहमद पटले ने कहा है आरोप निराधार है और उनका अस्पताल से कोई लेना देना नहीं है। अस्पताल भी कह चुका है कि अहमद पटेल या उसके परिवार का कोई भी सदस्य अस्पताल के ट्रस्टी में शामिल नहीं है। अहमद पटेल ने कहा था कि उन्होंने साल 2014 में अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था।    गुजरात चुनाव में हार से घबरा रही बीजेपी: कांग्रेस रूपाणी के आरोपों के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह गुजरात चुनाव में हार से बचने के लिए घबराहट में राज्यसभा सांसद अहमद पटेल पर आतंकवादियों से संबंध होने का बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी गुजरात में हार से डर रही है और इसलिए घबराहट में वह दूसरों पर मनगढंत आरोप लगा रही है।    साथ ही उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अस्पताल एक चैरिटेबल अस्पताल है, जिसमें 150-200 कर्मचारी काम करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि न ही अहमद पटेल और न ही उनके परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल के ट्रस्टी हैं। उन्होंने कहा कि अगर संदिग्ध आतंकवादी के खिलाफ सबूत है तो एटीएस इसकी जांच करे।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर कांग्रेस 8 नवंबर को काला दिवस मनाएगी। इसके लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज पार्टी महासचिवों और राज्य प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में राहुल गांधी नोटबंदी के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की रणनीति बनाएंगे। नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर कांग्रेस केन्द्र से हिसाब मांगने की तैयारी कर रही है।    वहीं कांग्रेस नेताओं का मानना है कि विधानसभा चुनावों में नोटबंदी का मुद्दा उनकी पार्टी को खासा फायदा दे सकता है। ज्ञातव्य है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी रैलियों में भी नोटबंदी के मुद्दे को उठाते रहे हैं। अब नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। ज्ञातव्य है कि हाल ही में कांग्रेस ने कहा था कि नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर 8 नवंबर को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि सभी विपक्षी दल एक साथ एक सा कार्यक्रम नहीं करेंगे। हर दल अपने हिसाब से अपने अपने कार्यक्रम करेंगे। ऐसे में राहुल गांधी की इस रणनीति को बीजेपी के जवाब की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।  साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। बीजेपी से नाराज चल रही शिवसेना ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर फीकी पड़ गई है। साथ ही शिवसेना ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ में कसीदें गढ़ते हुए कहा कि राहुल देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान कहा कि जीएसटी को लागू किए जाने के खिलाफ गुजरात के लोगों में रोष इस बात का संकेत है कि भाजपा को चुनाव में एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।    गुजरात में विधानसभा चुनाव दिसंबर में होने वाले है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं और उन्हें पप्पू कहना गलत है। इस कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावडे भी मौजूद थे। राउत ने बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति जनता है...मतदाता हैं, वो किसी को भी पप्पू बना सकते हैं।    साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को कर आतंक की सुनामी (सुनामी ऑफ टेक्स टेररिज्म) बताते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नोटबंदी और जीएसटी की तुलना अर्थव्यवस्था पर दो नाली की बंदूक से चली गोली से की जिसका उद्देश्य इसकी मौत सुनिश्चित करना था। इससे पहले राहुल जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बता चुके हैं। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें छोटे दिल का एक व्यक्ति बताया और कहा अर्थव्यवस्था आपदा की तरफ, मोदी मेड डिजास्टर की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा, जीएसटी, जैसा की इस सरकार ने इसे तैयार किया है, ने पहले ही कर आतंक की सुनामी ला दी है तथा अब स्थिति और खराब होने वाली है।   राहुल ने पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स के 112वें वार्षिक सत्र में कहा, मोदीजी और उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था के दिल पर दो नाली बंदूक से गोली चलाई। पहला नोटबंदी..बैंग, दूसरा जीएसटी..बैंग..इसने हमारी अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया। देश में रोजगार न मिलने की स्थिति बहुत चिंताजनक है। सरकार देश में बेरोजगारों की विशाल फौज खड़ी कर रही है, जोकि जहरीला और खतरनाक है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वे लोग नौकरी नहीं दे पा रहे हैं और समुदाय को एक-दूसरे के खिलाफ खूनी संघर्ष में धकेल रहे हैं। राहुल ने कहा कि अगले कुछ सप्ताह में, हम 500 और 1000 के नोट की पुण्यतिथि मनाएंगे। आठ नवंबर नोटबंदी की बरसी है। मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर 86 प्रतिशत नोट को देश की अर्थव्यवस्था से बाहर कर दिया था।   उन्होंने कहा, यह ऐसी पहल थी जो बिना किसी विचार, संपर्क या इसके प्रभाव के बारे में सोचे बिना लागू की गई। प्रधानमंत्री भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल आधार को समझ नहीं पाए। कांग्रेस नेता ने कहा, सभी नकद काला नहीं होता और सभी काला नकद नहीं होता। बिना मूल अवधारणा को समझे, प्रधानमंत्री ने अपने अथाह ताकत का प्रयोग भारत के नागरिकों को दो महीने तक कतारों में खड़ा करने के लिए किया। कई इस प्रक्रिया में मरे, लाखों लोगों ने नौकरियां गंवाई।   राहुल ने कहा, ऐसा करने के लिए, आपको कोई ऐसा चाहिए जिसका सीना चौड़ा हो लेकिन दिल छोटा हो। नोटबंदी से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग चौपट हो गए और असंगठित क्षेत्र बर्बाद हो गया, जिससे शहरी रोजगार छोडक़र मनरेगा की तलाश में अपने गांव जाना पड़ा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भारत में निवेश पिछले 15 वर्षो में सबसे कम रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा, 2014 में जो वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत थी, वह आज सरकार द्वारा प्रयोग किए जा रहे मानदंड के अनुसार 4.4 प्रतिशत हो गई है। बैंकों द्वारा दिया जाने वाला ऋण 60 वर्षो में सबसे कम है। बेरोजगारी आसमान छू रही है। राहुल ने कहा, हाल के रिसर्च से पता चला है कि भारत में असमानता पिछले 100 वर्षो के दौरान सबसे ज्यादा है। हम आपदा की ओर बढ़ रहे हैं। यह मानव जनित आपदा है और अगर मोदीजी के टर्मिनोलॉजी में कहे तो यह एमएमडी यानी मोदी मेड डिजास्टर है। उन्होंने कहा कि सरकार में लोगों का विश्वास मर चुका है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, कुछ वजहों से, प्रधानमंत्री और सरकार इस पर पूरी तरह सहमत हैं कि प्रत्येक आदमी चोर है। सरकार अपने नागरिकों पर विश्वास नहीं करती है।   उन्होंने कहा कि सुनकर हम विश्वास को बढ़ा सकते हैं और सरकार नहीं सुनती है। व्यापार विश्वासनीय माहौल के अनुसार फलता-फूलता है। प्रधानमंत्री के पहले संसद भाषण को याद करते हुए राहुल ने कहा कि भाषण के दौरान कई सारी टैगलाईन बोली गई थीं और इस पर आगे कोई ठोस काम नहीं किया गया। साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलुरु। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को टीपू सुल्तान की सराहना करते हुए कहा कि मैसूर के शासक अंग्रेजों से लड़ते हुए ‘ऐतिहासिक मृत्यु’ को प्राप्त हुए थे। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने टीपू को ‘क्रूर हत्यारा और सामूहिक दुष्कर्मी’ बताया था। कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा के भवन विधान सौध के हीरक जयंती (60 वर्ष पूरे होन पर) समारोह के अवसर पर कर्नाटक विधानसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए ऐतिहासिक मृत्यु को प्राप्त हुए थे। वह मैसूर रॉकेट के विकास के अग्रदूत थे।’’ राष्ट्रपति ने राज्य व देश के निर्माण में मैसूर और कर्नाटक के पूर्व शासकों, सैनिकों, राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों के योगदान को सराहा। इसी क्रम में कोविंद ने टीपू के बारे में जैसे ही बोला, पूरे सदन ने इसका जोरदार स्वागत किया।   राष्ट्रपति ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने टीपू सुल्तान को ‘क्रूर हत्यारा, नीच कट्टरपंथी और सामूहिक दुष्कर्मी’ बताया था। राज्य की कांग्रेस सरकार राज्य में 10 नवम्बर को टीपू जयंती मनाएगी। हेगड़े ने राज्य सरकार से इस समारोह में निमंत्रित लोगों की सूची में उन्हें शामिल नहीं करने के लिए कहा था। राष्ट्रपति द्वारा टीपू को सराहने का बयान भाजपा के गले नहीं उतरा है। भाजपा नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री के.एस. ईश्वरप्पा ने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति को ‘जबरदस्ती’ टीपू सुल्तान पर बोलने के लिए कहा है। ईश्वरप्पा ने संयुक्त सत्र के बाद कहा, ‘‘यह भाषण कांग्रेस सरकार द्वारा जानबूझकर राष्ट्रपति से टीपू सुल्तान की सराहना के लिए बुलवाया गया।’’कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दीनेश गुंडु राव ने कहा कि भाजपा राष्ट्रपति के भाषण की आलोचना कर उनका अपमान कर रही है। राव ने मीडिया से कहा, ‘‘वे (भाजपा) हमारे देश के राष्ट्रपति का (ऐसा कहकर) केवल अपमान कर रहे हैं।’’   सत्तारूढ़ कांग्रेस ने वर्ष 2015 में 10 नवम्बर को टीपू जयंती के रूप में मनाने का फैसला किया था, जिसके बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने मैसूर और राज्य में अन्य जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किए थे। भारतीय जनता पार्टी राज्य में टीपू को हिंदू-विरोधी और कन्नड़-विरोधी बताकर इस जयंती का विरोध करती रही है। टीपू सुल्तान ने अपने पिता हैदर अली के निधन के बाद वर्ष 1782-1799 तक मैसूर पर शासन किया था। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। नोटबंदी लागू होने के एक साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी देशभर में कालाधन विरोधी दिवस मनाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को इसका ऐलान किया। जेटली ने कहा कि विपक्ष इस दिन काला दिवस मनाएगा, इसके जवाब में बीजेपी 8 नवंबर को नोटबंदी की सफलता का जश्न मनाएगी। यह जश्न पूरे देश में मनाया जाएगा और बीजेपी कालेधन के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगी। इस दौरान जेटली ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए जेटली ने कहा, कांग्रेस के पास सत्ता में रहने के पर्याप्त मौके थे, मुझे याद नहीं आता कि उन्होंने कालेधन के खिलाफ एक भी कदम उठाया हो। लेकिन, जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से लेकर अब तक सरकार ने कालेधन के खिलाफ लगातार एक्शन लिया है।   उन्होंने कहा कि कालेधन के खिलाफ एसआईटी का गठन सरकार बनने के तुरंत बाद कर दिया गया। कालेधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार ने कई कानून बदले और विदेशों में जमा कालेधन को वापस लाने के लिए कई देशों के साथ समझौते भी किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कालेधन की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से कालेधन पर तो अंकुश लगा ही, साथ ही आतंकवाद पर भी लगाम कसी गई। जेटली ने कहा कि नोटबंदी अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रही है और अब जीएसटी के माध्यम से एक नया फेज शुरू हुआ है।   मंगलवार को सरकार द्वारा बैंकों के लिए किए गए ऐलान पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का भी वित्त मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, जिन्होंने देश को बर्बाद किया, वह प्रवचन करेंगे? बैंकों को खोखला कर दिया गया था, बैंकों की बैलेंस शीट की वास्तविकता को छुपाया गया। उनकी नालायकी को सही करने में हमें थोड़ा समय लग गया। कांग्रेस ने बैंकों की जो हालत कर दी थी, उसकी उन्हें समझ नहीं है इसलिए इसका हल समझने में भी उन्हें कठिनाई आ रही है। जेटली ने कहा कि देशभर के बीजेपी नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, प्रमुख पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे और नोटबंदी की सफलता का जश्न मनाते हुए लोगों को इससे हुए फायदे की जानकारी देंगे। वहीं, विपक्षी दल एक साल पहले सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के विरोध में आठ नवम्बर को काला दिवस मनाएंगे। मंगलवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था सभी विपक्षी दल संयुक्त रूप से आठ नवम्बर को विमुद्रीकरण के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। आजाद ने याद दिलाया कि सरकार ने पिछले साल नोटबंदी करने के बाद किस तरह बार-बार नियमों में बदलाव किए। उन्होंने कहा, विमुद्रीकरण सरकार का एक गलत ढंग से और जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। यह शायद पूरी दुनिया में अभूतपूर्व है कि किसी सरकार को एक माह में 135 बार अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा। साभार-khaskhabar.com     

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इंदौर/उज्जैन। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को जीएसटी और नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि ‘नया जूता भी तीन दिन काटता है, फिर सैटिल हो जाता है।’ मध्यप्रदेश के एक दिनी दौरे पर आए प्रधान ने इंदौर में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए यह माना कि नोटबंदी व जीएसटी से शुरुआत में लोगों को दिक्कत हुई और कहा, ‘‘जीएसटी हो या नोटबंदी, इसको लेकर रोजगार प्रभावित होने की जो हवा खड़ी की गई, वह ठीक नहीं है। आप भी जब नया जूता पहनते हैं, तो शुरू में तीन दिन वह काटता है और चौथे दिन सैटिल हो जाता है।’’   कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भगवान से प्रार्थना करूंगा कि उन्हें सदबुद्धि दे, उनकी सरकारों ने जीएसटी लाने की बहुत कोशिशें कीं, पिछले दिनों तक उन्हें यह परेशानी थी कि उनकीपार्टी को श्रेय क्यों नहीं दिया जा रहा, हमने तो उन्हें श्रेय दिया है।’’   राहुल गांधी का नाम लिए बिना प्रधान ने उनके पिछले बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘जो व्यक्ति अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री को नॉनसेंस कह दे, वह कुछ भी कह सकता है। वह इस तरह के शब्दों के प्रयोग के आदी हैं, भारत की जनता उन्हें समझ चुकी है।’’प्रधान इससे पहले, उज्जैन पहुंचे और अपनी पत्नी के साथ महाकाल के दरबार में पूजा-अर्चना की, पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराया और फूल चढ़ाए।यहां संवाददाताओं द्वारा जीएसटी को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग हताश, निराश हो जाते हैं, वे असभ्यता और गाली-गलौज की भाषा पर उतर आते हैं। उन्हें देश की राजनीति का ज्ञान नहीं है, समझ नहीं है, गुजरात की जनता उन्हें सबक सिखाएगी।’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘ये वे लोग हैं, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी शासन करके इस देश को बर्बाद किया है और अभी वे घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं। उन्हें जनता भली-भांति समझती है।’’   साभार-khaskhabar.com       

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