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नई दिल्ली। नोटबंदी लागू होने के एक साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी देशभर में कालाधन विरोधी दिवस मनाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को इसका ऐलान किया। जेटली ने कहा कि विपक्ष इस दिन काला दिवस मनाएगा, इसके जवाब में बीजेपी 8 नवंबर को नोटबंदी की सफलता का जश्न मनाएगी। यह जश्न पूरे देश में मनाया जाएगा और बीजेपी कालेधन के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगी। इस दौरान जेटली ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए जेटली ने कहा, कांग्रेस के पास सत्ता में रहने के पर्याप्त मौके थे, मुझे याद नहीं आता कि उन्होंने कालेधन के खिलाफ एक भी कदम उठाया हो। लेकिन, जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से लेकर अब तक सरकार ने कालेधन के खिलाफ लगातार एक्शन लिया है।
उन्होंने कहा कि कालेधन के खिलाफ एसआईटी का गठन सरकार बनने के तुरंत बाद कर दिया गया। कालेधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार ने कई कानून बदले और विदेशों में जमा कालेधन को वापस लाने के लिए कई देशों के साथ समझौते भी किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कालेधन की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से कालेधन पर तो अंकुश लगा ही, साथ ही आतंकवाद पर भी लगाम कसी गई। जेटली ने कहा कि नोटबंदी अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रही है और अब जीएसटी के माध्यम से एक नया फेज शुरू हुआ है।
मंगलवार को सरकार द्वारा बैंकों के लिए किए गए ऐलान पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का भी वित्त मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, जिन्होंने देश को बर्बाद किया, वह प्रवचन करेंगे? बैंकों को खोखला कर दिया गया था, बैंकों की बैलेंस शीट की वास्तविकता को छुपाया गया। उनकी नालायकी को सही करने में हमें थोड़ा समय लग गया। कांग्रेस ने बैंकों की जो हालत कर दी थी, उसकी उन्हें समझ नहीं है इसलिए इसका हल समझने में भी उन्हें कठिनाई आ रही है। जेटली ने कहा कि देशभर के बीजेपी नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, प्रमुख पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे और नोटबंदी की सफलता का जश्न मनाते हुए लोगों को इससे हुए फायदे की जानकारी देंगे। वहीं, विपक्षी दल एक साल पहले सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के विरोध में आठ नवम्बर को काला दिवस मनाएंगे। मंगलवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था सभी विपक्षी दल संयुक्त रूप से आठ नवम्बर को विमुद्रीकरण के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। आजाद ने याद दिलाया कि सरकार ने पिछले साल नोटबंदी करने के बाद किस तरह बार-बार नियमों में बदलाव किए। उन्होंने कहा, विमुद्रीकरण सरकार का एक गलत ढंग से और जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। यह शायद पूरी दुनिया में अभूतपूर्व है कि किसी सरकार को एक माह में 135 बार अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा।
साभार-khaskhabar.com












