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नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल का आज आखिरी दिन है। संसद के सेंट्रल हॉल में प्रणब मुखर्जी का औपचारिक विदाई समारोह रखा गया है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के मंत्री और दोनों सदनों के सांसद मौजूद रहेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले बीती रात प्रधानमंत्री मोदी ने प्रणब मुखर्जी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन रखा गया।   प्रणब मुखर्जी ने अपने 5 साल के कार्यकाल में राष्ट्रपति पद की गरिमा को नई ऊंचाईयों पर ले गए। एक शिक्षक से नेता और उसके बाद राष्ट्रपति तक का सफर तय करने वाले प्रणब मुखर्जी अपने शालीन व्यक्तिव और विद्वता के लिए जाने जाते हैं।   आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि राष्ट्रपति पद के रूप में प्रणब दा का कार्यकाल कभी विवादों में नहीं रहा। प्रणब दा ने अपने कार्यकाल का तीन साल मोदी सरकार के साथ गुजारा लेकिन कभी राष्ट्रपति और सरकार के बीच टकराव की स्थिति नहीं आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर प्रणब मुखर्जी की तारीफ करते दिखे। यहां तक की एक मौके पर नरेंद्र मोदी प्रणब मुखर्जी को पिता समान कहते-कहते भावुक हो गए थे।प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ। 1969 से वो लगातार पांच बार राज्यसभा के सांसद चुने गए। 1997 में वो सबसे उत्कृष्ट सांसद चुने गए। साल 2004 में उन्होंने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा और लोकसभा में चुनकर पहुंचे इसके बाद 2009 में भी लोकसभा सांसद चुने गए।   कांग्रेस में उनका कद काफी बड़ा था और वो गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे। राष्ट्रपति बनने से पहले तक प्रणब मुखर्जी केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे। वित्त मंत्री के अलावा प्रणब दा विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री जैसे अहम मंत्रालयों को भी संभाल चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले तक प्रणब मुखर्जी यूपीए सरकार के संकट मोचक कहे जाते थे। यूपीए 1 और यूपीए 2 सरकार में ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने बातचीत के जरिए सरकार को संकट से उबारा। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार शाम कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। नीतीश कुमार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के सम्मान में दी जा रही डिनर पार्टी में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। इससे पहले नीतीश ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के तुगलक लेन स्थित आवास पर राहुल गांधी से मुलाकात की।    दोनों नेताओं ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा की। जद (यू), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल बिहार के सत्तारूढ़ महागठबंधन में साझीदार हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी के कारण महागठबंधन में राजनीतिक संकट उत्पन्न हो हुआ है। जद (यू) ने अपनी भ्रष्टाचार मुक्त छवि पेश करने के लिए तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग की है, जिसे कांग्रेस और राजद ने ठुकरा दिया है। पिछले सप्ताह हुई नीतीश कुमार और तेजस्वी की मुलाकात के बाद भी इसका कोई हल निकलता नहीं दिखाई दिया।नीतीश कुमार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के सम्मान में दी जा रही डिनर पार्टी में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। नीतीश कुमार दिल्ली में चार दिनों तक रहेंगे। वह शनिवार शाम को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के लिए आयोजित विदाई भोज और साथ ही मंगलवार को नए राष्ट्रपति के शपथ-ग्रहण समारोह में सम्मिलित होंगे।   साभार-khaskhabar.com   

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बिजिंग। सीमा विवाद को लेकर चीन और भारत के बीच तनाव बरकरार है। वहीं चीनी मीडिया लगातार भारत पर सीमा विवाद को लेकर हमला बोल रहा है। चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स सीमा विवाद को लेकर भारत पर शब्दों के तीखे बाण चलाता रहता है। चीनी मीडिया ने भारत को एक बार फिर युद्ध की धमकी दी है। चीनी मीडिया ने भारत को धमकी देते हुए कहा है कि अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा खोना भी चीन को बर्दाश्त नहीं है। वहीं सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में चीन अपने सैनिकों को वापस बुलाने को राजी नहीं है। चीनी मीडिया ने इस संभावना को खारिज किया है कि डोकलाम इलाके से चीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीनी सेना) को वापस बुलाएगा। ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में लिखा है कि चीनी लोगों की अटूट इच्छा और अनुरोध है कि वह अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा भी नहीं खोना चाहते और चीन सरकार अपने लोगों की मूलभूत इच्छा का उल्लंघन नहीं कर सकती। साथ ही लेख में लिखा है कि पीएलए चीनी लोगों को नीचा नहीं दिखाएगी।    ज्ञातव्य है कि चीनी मीडिया ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसद में दिए बयान को झूठा करार दिया है। ज्ञातव्य है कि सुषमा स्वराज ने सिक्किम सेक्टर में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी को जायज ठहराया था। ग्लोबल टाइम्म्स में छपे लेख में कहा गया है कि सुषमा स्वराज संसद में झूठ बोल रही थी। ज्ञातव्य है कि सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था कि भारतीय सैनिकों ने चीनी क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की, बल्कि सभी देश भारत के रुख का समर्थन करते हैं। वहीं चीनी मीडिया का कहना है कि भारत ने चीन की सीमा में घुसपैठ की है। साथ ही चीनी मीडिया का कहना है कि भारत की सैन्य ताकत चीन से काफी कम है। ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में कहा गया है कि अगर भारत और चीन के बीच तनाव इस स्तर तक बढ जाए कि उसे सैन्य तरीके से ही हल करना पडे तो भारत यकीनन हार जाएगा। साथ ही लेख में लिखा है कि भविष्य में तनाव के गंभीर रूप से बढने पर भारत को सभी संभावनाओं को लेकर तैयार रहना चाहिए।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। बिहार के सीएम और जेडीयू चीफ नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों की बैठकों से दूरी बनाई लेकिन नीतीश कुमार पीएम मोदी के डिनलर कार्यक्रम में शामिल होंगे। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की विदाई के मौके पर पीएम मोदी की तरफ से एक डिनर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस डिनर कार्यक्रम में नीतीश कुमार शामिल होंगे। दइस डिनर कार्यक्रम में शामिल होने वाले नेताओं में नीतीश कुमार विपक्षी दलों के एक मात्र सीएम होंगे। ज्ञातव्य है कि अन्य विपक्षी दलों ने इस डिनर कार्यक्रम से दूरी बना रखी है।   इस डिनर कार्यक्रम में ये रहेंगे मौजूद: ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त होने पर उनके सम्मान में पीएम मोदी ने हैदराबाद हाउस में डिनर का एक कार्यक्रम रखा है। इस कार्यक्रम में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मोदी कैबिनेट के मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहेंगे। इनके साथ ही विपक्ष के नीतीश कुमार भी डिनर कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। ज्ञातव्य है कि नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति चुनावों में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन किया था।  नीतीश कर चुके हैं नोटबंदी और जीएसटी पर पीएम मोदी का समर्थन: ज्ञातव्य है कि यह पहला मौका नहीं था जब राष्ट्रपति चुनावों में नीतीश कुमार ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया है। इससे पहले वे नोटबंदी और जीएसटी को लेकर पीएम मोदी का समर्थन कर चुके हैं। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी और बीजेपी की नजदीकियां बढ रही हैं। वहीं बीजेपी नीतीश कुमार को महागठबंधन से अलग होने के बदले में बाहर से समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है। हालांकि नीतीश कुमार ने अभी तक बीजेपी के समर्थन के मामले पर चुप्पी साध रखी है।   राहुल गांधी से भी करेंगे मुलाकात:प्राप्त जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार इस दौरान दिल्ली में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। ज्ञातव्य है कि बिहार में आरजेडी और जेडीयू के बीच महागबंधन को लेकर तनाव चल रहा है। कांग्रेस इस तनाव को दूर करने और महागठबंधन को बचाने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि नीतीश और राहुल गांधी के बीच मुलाकात के दौरान महागठबंधन को लेकर बातचीत हो सकती है।   साभार-khaskhabar.com 

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जम्मू। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शनिवार सुबह पाकिस्तानी सेना ने जम्मू एवं कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा से सटे भारतीय इलाकों में संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की, जिसमें सेना के एक जवान घायल हो गए। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जवान नियंत्रण रेखा के लाम सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल हुआ। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना छोटे व स्वचालित हथियारों तथा मोर्टार का इस्तेमाल कर रही है।   सूत्र ने बताया कि भारतीय सेना प्रभावी तरीके से जवाब दे रही है। गोलीबारी अब भी जारी है। वहीं शुक्रवार को पाकिस्तानी रेंजर्स ने नौगाम, केरन और राजौरी सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया। शुक्रवार रात राजौरी के सुंदरबनी में हुई भीषण फायरिंग में राइफलमैन जयद्रथ सिंह शहीद हो गए। वहीं, एक अन्य जवान के घायल है। पाक ने नौगाम सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। साथ ही कुपवाडा के केरन सेक्टर में भी पाक सैनिकों ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इससे पहले बुधवार को नौगाम सेक्टर में हुई पाक फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हो गया था।   साभार-khaskhabar.com 

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर सीएम महबूबा मुफ्ती ने फारूख अब्दुल्ला पर निशाना साधा है। ज्ञातव्य है कि शुक्रवार को फारूख अब्दुल्ला ने कश्मीर मुद्दे पर कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर दोस्तों से बात करनी चाहिए। फारूख अब्दुल्ला का का इशारा चीन और अमेरिका की तरफ था। महबूबा मुफ्ती ने अब इस पर कहा है कि आज इराक-सीरिया और अफगानिस्तान में जो हालात हैं, क्या इस पर फारूख साहब अमेरिका से कुछ चाहते हैं। साथ ही महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अमेरिका और चीन अपना काम संभालें। उन्होंने कहा कि जब हमें आपस में मिलकर बात करनी है तो इसमें अमेरिका, ब्रिटेन क्या करेंगे। ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन ने रचानात्मक बातचीत करने की पेशकश भारत से की थी। भारत ने चीन के इस ऑफर को ठुकरा दिया था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए मध्यस्ता करना चाहते हैं।    क्या कहा फारूख अब्दुल्ला ने: मीडिया से बात करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान भी एक पक्ष है और उसके साथ बात कर यह मुद्दा सुलझाया जाना चाहिए, इसमें तीसरे पक्ष को भी शामिल किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि जब तक कश्मीर पर पाकिस्तान से बातचीत नहीं होगी, तब तक यह मुद्दा नहीं सुलझेगा। फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर में हालात खराब है और हालात के सामान्य होने के बजाय या सही वक्त का इंतजार करने के बजाय पाकिस्तान से इस मसले पर बातचीत करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा था कि सही वक्त का इंतजार करते-करते 70 साल बीत चुके हैं। अब और कितना इंतजार करना होगा। इस दौरान चार युद्ध हो चुके हैं। और कितने लोगों को मरवाएंगे। दोस्तों को इस्तेमाल कीजिए बातचीत करने के लिए।साभार-khaskhabar.com         

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को भारत के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर चुने जाने पर बधाई दी और उन्हें सफल और प्रेरणादायी कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविंद को बधाई देते हुए दो तस्वीरें ट्वीट कीं।   जिसमें से एक तस्वीर 20 साल पुरानी है और दूसरी वर्तमान की। इस दौरान मोदी ने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को भी उनके अभियान के लिए बधाई दी। मोदी ने ट्विटर पर कहा, रामनाथ कोविंद जी को भारत का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई। एक सफल व प्रेरणादायी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। उन्होंने कहा, सांसदों व कई राज्यों द्वारा कोविंद जी को मिले व्यापक समर्थन से खुश हूं। मैं निर्वाचक मंडल के सदस्यों को धन्यवाद देता हूं। मोदी ने यह भी कहा, मैं मीरा कुमार जी को उनके अभियान के लिए धन्यवाद देता हूं, जो लोकतांत्रिक भावना पर आधारित रही। हमें अपने मूल्यों पर गर्व है। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारत की विदेश कूटनीति का अब असर देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में निवेश को लेकर दुनिया भर के देश अपने फैसले पर पुर्नविचार कर रहे है। दक्षिण कोरिया की डायलिम इंडस्ट्रियल कंपनी लिमिटेड ने पीओके में अपने निवेश पर पुर्नविचार करना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि डायलिम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में झेलम के तट पर मुजफ्फराबाद में 500 मेगावॉट का चकोती हट्टियन हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों के संघ की प्रमुख कंपनी है।   आपको बता दें कि पीओके में निवेश के निर्णय को लेकर पुर्नविचार करने वालों में डायलिम अकेली कंपनी नहीं है। डायलिम के अलावा एशियन डेवलपमेंट बैंक, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन और एक्जिम बैंक ऑफ कोरिया ने भी पीओके में निवेश को लेकर असमर्थता जताई है। पीओके के सूचना मंत्री मुश्ताक अहमद मिन्हास ने इसकी पुष्टि की है। इसके अलावा एक और कोरियाई वित्त कंपनी भी पीओके में निवेश को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है। ऐसे में पीओके का कोहला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी स्थगित हो सकता है।एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान बहुत ही आक्रामक रूप से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और चीन, दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर पीओके में निवेश करने के लिए जोर दे रहा है। पाकिस्तान की कोशिश है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट पर दुनिया भर से निवेश पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में ले आया जाए। दोनों अविभाजित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा रहे हैं और भारत इन पर अपना हक जताता रहा है।   सेंटर फॉर चाइना एनालिस्ट और स्ट्रैटजी के प्रेसिडेंट जयदेव रानाडे ने इसे भारत के अच्छा बताया है। कैबिनेट सचिवालय में एडिशनल सेक्रेटरी रहे रानाडे ने कहा, इन चीजों को हमें फॉलो करना चाहिए। होना ये चाहिए कि हम साउथ कोरिया और उसकी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करें, उन क्षेत्रों में जहां हम कमजोर हैं। साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह 3 बजे से जोरदार बारिश हो रही है। इस बारिश से गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। वहीं मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव से लोगों को सडक़ों पर लंबे जाम का सामना करना पड रहा है। जाम का आलम यह है कि गाडियों की लम्बी कतारे से लेकर पैदल चलने वाले लोगों के लिए बहुत बडी समस्या देश को मिल रही है। आपको बता दें कि दिल्ली, गुडग़ांव, नोएडा और गाजियाबाद में भीषण ट्रैफिक जाम है। वहीं भारी बारिश से हवाई सेवाओं के भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। बारिश से लोगों दफ्तर जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।   ओडिशा के तटीय इलाकों में उठा दबाव अगले 4-5 दिनों में देश के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों तक जाएगा। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा असर ओडिशा पर पडेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ, तेलंगाना और उत्तरी तटीय आंध्र के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं पुरी और गोपालपुर के बीच भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते जनजीवन ठप सा हो गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते मध्यप्रदेश की बीहर बिछिया और टमस नदी उफान पर हैं वहीं उत्तराखंड में कोसी, सुयाल और टेहरी नदी खतरे के निशान पर बह रही हैं। वहीं, गुजरात, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हालात काफी बुरे हैं। पूर्वी राजस्थान, गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। वहीं उत्तर प्रदेश की कई नदियां भारी बारिश के कारण उफान पर हैं। साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। देश के उत्तर पश्चिमी और मध्य इलाकों में अगले दिनों में भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के चलते बाढ की आशंका भी जताई गई है। ओडिशा के तटीय इलाकों में उठा दबाव अगले 4-5 दिनों में देश के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों तक जाएगा। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा असर ओडिशा पर पडेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ, तेलंगाना और उत्तरी तटीय आंध्र के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं पुरी और गोपालपुर के बीच भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।    पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने एक ट्वीट कर कहा है कि देश के उत्तर पश्चिमी और मध्य इलाकों में अगले 8-10 दिनों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। वहीं सरकार की ओर से भी एक विज्ञप्ति जारी की गई है। इस विज्ञप्ति में चेतावनी दी गई है कि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ सकता है और बाढ की पूरी आशंका है। ज्ञातव्य है कि देश के पूर्वी राज्य तो पहले ही बाढ की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं उत्तराखंड के कई पहाडी जिलों में भी अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। ज्ञातव्य है कि देश के 90 फीसदी हिस्सों में मानसून के बादल छा चुके हैं। साभार-khaskhabar.com         

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। आज बुधवार को भी संसद में हंगामे के आसार हैं। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। पीएम मोदी भी आज सदन में ही मौजूद हैं। । आज कांग्रेस लोकसभा में मॉब लिचिंग और किसानों का मुद्दा उठा सकती है। वहीं राज्यसभा में मायावती के मुद्दे पर भी हंगामा हो सकता है।    बीजेपी संसदीय दल की बैठक बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद में ही बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में हुई पीएम मोदी कि विदेश यात्रा की तारीफ की, वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर अपनी बात रखी। साथ ही सुषमा ने कहा कि हाल ही में जो पीएम की यात्राएं रही हैं, वह ऐतिहासिक थी।बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद बीजेपी नेता अनंत कुमार ने कहा कि उम्मीद करते हैं विपक्ष सदन चलने देगा। इस दौरान उन्होंने जीएसटी की तारीफ की। साथ ही उन्होनें कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं अनंत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 75 लाख जीएसटी से जुड गए हैं, आने वाले दिनों में 1 करोड लोग और भी जुडेंगे।   साभार-khaskhabar.com       

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बिजिंग। भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर तनाव जारी है। यह तनाव अब बढता ही जा रहा है। ज्ञातव्य है कि डोकलाम को लेकर चीनी मीडिया भी भारत पर शब्दों के तीखे बाण छोड रहा है। इस बीच चीन ने दो सैन्य अभ्यासों के बहाने तिब्बत में अपने हजारों टन सैन्य साजोसामान पठारों की ओर भेजे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन सिर्फै सिक्किम सीमा के पास ही नहीं बल्कि पश्चिम में शिनजियांग प्रांत के पास उत्तरी तिब्बत में भी सैन्य तैनाती में इजाफा कर रहा है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने चीनी सेना के मुखपत्र पीएलए डेली के हवाले से लिखा है कि अशांत तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में पश्चिमी थिएटर कमांड ने उत्तरी तिब्बत में कुनलुन पर्वतों के दक्षिण में सैन्य साजोसामान भेजे हैं।    वहीं सैन्य टिप्पणीकार नी लेशियांग ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से बातचीत में कहा कि यह सैन्य मूवमेंट सीमा तनाव से जुडा हुआ और भारत को बातचीत की मेज पर लाने के लिए डिजाइन किया गया प्रतीत होता है।वहीं एक अन्य सैन्य टिप्पणीकार झू चेंमिंग का कहना है कि चीनी सेना यह दिखाना चाहती है कि वह अपने पडोसी भारत को आसानी से हरा सकता है। दक्षिण एशिया के रणनीतिक विशेषज्ञ वांग देहुआ ने भी अखबार के साथ बातचीत में कहा कि यह सैन्य ऑपेरशन पूरी तरह से साजोसामान को लेकर है और अभी तिब्बती इलाके में काफी बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मौजूद है।  साभार-khaskhabar.com       

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