नई दिल्ली। बिहार में महागठबंधन को तोडक़र बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के खिलाफ अब उनकी पार्टी जनता दल-युनाइटेड (जेडीयू) के भीतर ही बगावत शुरू हो गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव और सांसद अली अनवर अब नीतीश के खिलाफ खड़े हो गए है। नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह से किनारा करने वाले शरद यादव के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने की खबर भी है। वहीं, जेडीयू की केरल इकाई ने नीतीश कुमार द्वारा बीजेपी के साथ गठबंधन का विरोध किया और कहा कि वह उनके साथ अपना संबंध तोड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शरद यादव आज शाम अली अनवर और पार्टी के दूसरे असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात करने वाले है। शरद के आवास पर शाम पांच बजे होने वाली इस बैठक में आगे की रणनीति तय होने की उम्मीद है।
पूर्व जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को खुलकर मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर की। शरद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने सरकार बनाने का फैसला बहुत जल्दबाजी में लिया है। गठबंधन तोडक़र इतनी जल्दी बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने के फैसले का मैं विरोध करता हूं। जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने भी अंतरात्मा की आवाज दोहराते हुए कहा कि नीतीश ने तो अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दिया था, लेकिन मेरी अंतरात्मा नीतीश के इस फैसले के साथ नहीं है कि वे बीजेपी के साथ मिल गए। उन्होंने कहा, बीजेपी की जिन बातों से हमें परहेज था, बीजेपी अब उस तरफ और उग्रता के साथ बढ़ रही है। इधर, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने अनवर के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ है, जिससे इस फैसले को लेकर नाराजगी है, उसे पार्टी फोरम में बात उठानी चाहिए।
जदयू की केरल इकाई ने नीतीश से संबंध तोड़ा
इधर, जदयू की केरल इकाई ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन का विरोध किया और कहा कि वह उनके साथ अपना संबंध तोड़ रही है। जदयू की केरल इकाई के प्रमुख व राज्यसभा के सदस्य वीरेंद्र कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि वह फासीवादी शक्तियों के खिलाफ लड़ाई में उच्च सदन से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा, इसकी जो भी कीमत होगी, हम चुकाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हमें जदयू का राजग के साथ गठबंधन स्वीकार नहीं है और नीतीश कुमार के साथ हमारे संबंध समाप्त हो चुके हैं। यह चौंकाने वाला है कि नीतीश कुमार राजग में शामिल हो गए। हम सभी ने सोचा था कि वह फासीवादी प्रवृत्तियों के खिलाफ जंग करेंगे लेकिन वह अब इसका एक हिस्सा बन गए हैं।साभार-khaskhabar.com
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