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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी बरसी पर रामेश्वरम में स्मारक का उदाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके साथ ही कई अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।  आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का डिजाइन और इसका निमार्ण पी. करमबू में डीआरडीओ ने किया है। पीएम मोदी यहां ध्वजारोहण करेंगे और कलाम की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। फिर इसके बाद उन्हें श्रद्धांजलि देंगे और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे।    प्रधानमंत्री मोदी एक प्रदर्शनी बस कलाम संदेश वाहिनी को भी रवाना करेंगे। यह बस देश के अनेक राज्यों से होते हुए 15 अक्तूबर को राष्ट्रपति भवन पहुंचेगी। कलाम की जयंती 15 अक्तूबर को है। इसके बाद मोदी एक जनसभा के लिए पंडपम जाएंगे।साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। बिहार में महागठबंधन को तोडक़र बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के खिलाफ अब उनकी पार्टी जनता दल-युनाइटेड (जेडीयू) के भीतर ही बगावत शुरू हो गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव और सांसद अली अनवर अब नीतीश के खिलाफ खड़े हो गए है। नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह से किनारा करने वाले शरद यादव के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने की खबर भी है। वहीं, जेडीयू की केरल इकाई ने नीतीश कुमार द्वारा बीजेपी के साथ गठबंधन का विरोध किया और कहा कि वह उनके साथ अपना संबंध तोड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शरद यादव आज शाम अली अनवर और पार्टी के दूसरे असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात करने वाले है। शरद के आवास पर शाम पांच बजे होने वाली इस बैठक में आगे की रणनीति तय होने की उम्मीद है।    पूर्व जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को खुलकर मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर की। शरद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने सरकार बनाने का फैसला बहुत जल्दबाजी में लिया है। गठबंधन तोडक़र इतनी जल्दी बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने के फैसले का मैं विरोध करता हूं। जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने भी अंतरात्मा की आवाज दोहराते हुए कहा कि नीतीश ने तो अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दिया था, लेकिन मेरी अंतरात्मा नीतीश के इस फैसले के साथ नहीं है कि वे बीजेपी के साथ मिल गए। उन्होंने कहा, बीजेपी की जिन बातों से हमें परहेज था, बीजेपी अब उस तरफ और उग्रता के साथ बढ़ रही है। इधर, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने अनवर के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ है, जिससे इस फैसले को लेकर नाराजगी है, उसे पार्टी फोरम में बात उठानी चाहिए।    जदयू की केरल इकाई ने नीतीश से संबंध तोड़ा   इधर, जदयू की केरल इकाई ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन का विरोध किया और कहा कि वह उनके साथ अपना संबंध तोड़ रही है। जदयू की केरल इकाई के प्रमुख व राज्यसभा के सदस्य वीरेंद्र कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि वह फासीवादी शक्तियों के खिलाफ लड़ाई में उच्च सदन से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा, इसकी जो भी कीमत होगी, हम चुकाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हमें जदयू का राजग के साथ गठबंधन स्वीकार नहीं है और नीतीश कुमार के साथ हमारे संबंध समाप्त हो चुके हैं। यह चौंकाने वाला है कि नीतीश कुमार राजग में शामिल हो गए। हम सभी ने सोचा था कि वह फासीवादी प्रवृत्तियों के खिलाफ जंग करेंगे लेकिन वह अब इसका एक हिस्सा बन गए हैं।साभार-khaskhabar.com   

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बिजिंग। डोकलाम विवाद को लेेकर चीनी मीडिया लगातार भारत पर हमला बोल रहा है लेकिन अब चीनी मीडिया ने इस मामले में अमेरिका को आडे हाथों लिया। चीनी मीडिया ने डोकलाम विवाद में अमेरिका पर भारत को भडकाने का आरोप लगाया है। चीनी मीडिया का कहना है कि अमेरिका भारत को भडकाकर दक्षिण चीन सागर का फार्मूला अपना रहा है, हालांकि चीन और भारत युद्ध नहीं करना चाहते हैं। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के लेख में लिखा है कि पश्चिमी देश भारत और चीन को सैन्य संघर्ष के लिए उकसाकर रणनीतिक फायदा लेने की जुगत में है, लेकिन इससे अमेरिका को कोई फायदा होनेे वाला नहीं है। साथ ही लेख में लिखा है कि अमेरिका के दखल की वजह से अपने भूभाग की सुरक्षा करना नहीं छोड सकता। ग्लोबल टाइम्स के लेख में डोकलाम विवाद में अमेरिका के अलावा अन्य देशों पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया है।  ऑस्ट्रेलिया पर लगाया चीन ने यह आरोप: ग्लोबल टाइम्स के लेख में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री का इरादा भारत-चीन के बीच विवाद की प्रकृति बदलने और भारत को समर्थन दिखाने का है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि जो डोकलाम में हो रहा है, वह टेरिटोरियल विवाद नहीं है। इस इलाके की सीमा पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जुली बिशप ने कहा था कि भारत-चीन के बीच विवाद काफी पुराना है और इसको शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहता कि भारत-चीन के बीच विवाद बढे। चीन का कहना है कि अमेरिका का रवैया युद्ध को बढावा दे सकता है। चीन ने कहा है कि जहां भी विवाद होता है, अमेरिका वहां नजर आने लगता है और समस्या को निष्पक्ष रूप से हल करने की बात कहता है। अमेरिका का यह रवैया युद्ध को बढावा दे सकता है। साथ ही लेख में लिखा है कि अमेरिका दक्षिण चीन सागर विवाद को नजर में रखकर भारत को भडक़ा रहा है।    साथ ही लेख में लिखा है कि करीब आधी सदी पहले चीन-भारत सीमा विवाद के पीछे अमेरिका और रूस का हाथ रहा है। साथ ही लेख में धमकी देते हुए लिखा गया है कि भारत को इस बात को समझना चाहिए कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। चीन के साथ युद्ध करने से भारत का विकास प्रभावित होगा।   साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की परेशानियां और बढ गई है। वरिष्ठ वकील राम जठमलानी ने केजरीवाल के मानहानि से जुडे मुकदमे लडने से मना कर दिया है। साथ ही जेठमलानी ने केजरीवाल से अपनी फीस के बकाया 2 करोड रुपए भी मांगे हैं। टाइम्स आफ इंङ्क्षडया की रिपोर्ट के अनुसार रामजेठमलानी ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकी केजरीवाल ने की ओर से राम जेठमलानी को जेटली के खिलाफ कोर्ट में अपमानजनक भाषा का उपयोग करने के कथित निर्देश देने से इंकार कर दिया गया।    वहीं जेठमलानी ने केजरीवाल को इस संबंध में खत भी लिखा है। खत में जेठमलानी ने आरोप लगाए हैं कि निजी बैठकों में वह जेटली के खिलाफ और भी ज्यादा अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं।   क्या है मामला: ज्ञातव्य है कि 17 जुलाई को मानहानि केस की सुनवाई के दौरान रामजेठमलानी ने वित्त मंत्री अरूण जेटली के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अपराधी कहा था। इस पर जेटली ने रामजेठमलानी को पूछा कि क्या उन्होंने इन शब्दों का इस्तेमाल मुवक्किल के निर्देश पर किया है। इस पर रामजेठमलानी ने कहा कि हां, उन्होंने ऐसा मुवक्किल के निर्देश पर किया है। इसके बाद अरूण जेटली ने एक और 10 करोड के मानहानि का मुकदमा ठोक दिया। इस पर केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश अपने वकील को नहीं दिया था। अब जेठमलानी ने केजरीवाल के मानहानि केस लडने से इंकार कर दिया है और उनसे अपनी बकाया फीस के पैसे मांगे हैं। हांलांकि इस मामले में दिल्ली सीएम कार्यालस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पहले भाषण को लेकर आज संसद में हंगामा हो गया। राज्यसभा ने कांग्रेस ने राष्ट्रपति कोविंद की स्पीच पर आपत्ति उठाई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति कोविंद ने दीनदयाल उपाध्याय की तुलना महात्मा गांधी से की। साथ ही कांग्रेस ने भाषण में पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जिक्र ना करने का भी मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रपति कोविंद ने देश के पहले पीएम का जिक्र तक नहीं किया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार कांग्रेस के महान नेताओं के कद को छोटा करने में लगी है।    आनंद शर्मा ने ने कहा कि नेहरू आजादी के संग्राम के एक महान नायक थे, जो हिंदुस्तान के पहले प्रधानमंत्री थे। साथ ही उन्होंने कहा कि वे 14 साल अंग्रेजों की जेल में रहे थे। साथ ही आनंद शर्मा ने भाषण में इंदिरा गांधी का नाम ना लेने का भी मुद्दा उठाया। आनंद शर्मा बोले कि इंदिरा गांधी 17 साल प्रधानमंत्री रहीं और देश के लिए शहीद हुईं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से महान कांग्रेस नेताओं के कद को छोटा करना चाहती है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि कोई सदस्य कैसे राष्ट्रपति के भाषण पर सवाल खडा कर सकता है। अरूण जेटली ने आनंद शर्मा के बयान को हटाने की मांग की। साथ हिी उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रकार के मुद्दे टीवी पर आने के लिए उठाता है, जिस पर विपक्ष ने काफी हंगामा किया। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। इराक में लापता हुए भारतीयों के मामले में सुषमा स्वराज ने आज लोकसभा में बयान दिया। लोकसभा में बोलते हुए सुषमा ने ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है। सुषमा ने कहा कि पूरा देश इस मामले को सुनना चाहता है इसलिए इस बात को हंगामे के दौरान नहीं बोलूंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले में लोकसभा में बयान देना चाहती थी इसलिए अभी तक इस मामले पर राज्यसभा में कोई बयान नहीं दिया। सुषमा ने जवाब देते हुए कहा कि यह घटना हमारी सरकार आने के 20 दिन बाद की है। सुषमा ने कहा कि हरजीत ने बयान दिया था कि उसके सामने 39 लोगों को मार दिया गया था,    और वह भाग कर आ गया था, लेकिन हमें ना ही कहीं लाशें मिली, ना ही कोई सूची मिली। सुषमा ने कहा कि हरजीत के बयान में विरोधाभास है। सुषमा ने कहा कि हमने मोसुल के आस-पास तलाशी ली है। सुषमा ने कहा कि उन्होंने सदन को बार बार कहा था कि उनके पास लापता इराक में लापता हुए लोगों के जीवित होने का कोई सबूत नहीं है, ना ही उनके मारे जाने का कोई ठोस सबूत है। सुषमा ने कहा कि बिना ठोस सबूत के उनके मारे जाने की घोषणा भी नहीं की जा सकती। सुषमा ने कहा कि इस मुद्दे पर मैनें पीएम से भी बात की थी और टर्की से इस मामले में मदद मिल सकती थी तो मैं खुद टर्की गई थी बात करने। साथ ही सुषमा ने कहा कि मैं 12 बार पीडितों के परिवार से मिली हूं, मैंने हर बार कहा कि मेरे पास उनके जीवित रहने की कोई जानकारी नहीं है। सुषमा ने कहा कि उनकी फाइल तब तक बंद नहीं कर सकते हैं जब तक कोई सबूत ना हो।    साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। इसी के साथ रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बन गए हैं। देश के चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने रामनाथ कोविंद को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने से पहले रामनाथ कोविंद राजघाट पहुंचे। राजघाट पहुंचकर रामनाथ कोविंद ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। रामनाथ कोविंद के साथ उनकी पत्नी भी राजघाट पहुंची। शपथ लेने से पहले रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन की लाइब्रेरी में प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। दोनों के बीच बातचीत हुई और इसके बाद कोविंद शपथ लेने के लिए संसद भवन पहुंचे। रामनाथ कोविंद के साथ प्रणब मुखर्जी साथ में मौजूद थे। गेट नंबर पांच पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री ने दोनों की अगवानी की। शपथ लेने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। समारोह में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सांसदों को आमंत्रित किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री और कैबिनेट के सभी सदस्य नये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बधाई देंगे। समारोह के बाद प्रणव मुखर्जी नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति भवन तक छोडने जाएंगे। प्रेसिडेंट के सेरिमोंनियल गार्ड और बग्घी पर सवार होकर दोनों राष्ट्रपति भवन पहुचेंगे। एक बजे दोनों संसद से वापस राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना होंगे। प्रेसिडेंट बॉडी के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन के प्रांगण फॉर कोर्ट में भव्य गार्ड ऑफ ऑनर होगा। यहां पूरी केबिनेट नए राष्ट्रपति की अगवानी करेगी और 21 तोपो की सलामी दी जाएगी. यही पंर राष्ट्रपति अपना कार्यभार संभालेंगे।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में कल सोमवार को लोकसभा में विपक्ष ने काफी हंगामा किया। कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा में मॉब लिचिंग के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं कांग्रेसी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पर कागज भी उछाले। इस पर लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेसी सांसदों से कहा कि आपकी हरकत पूरा देश देख रहा है। साथ ही उन्होंने 6 कांग्रेसी सांसदों को 5 दिन के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया।    मंगलवार को सदन की शुरूआत से पहले विपक्ष ने संसद के बाहर महात्मा गांधी की मूर्ति के पास विरोध प्रदर्शन किया। माना जा रहा है कि विपक्ष आज भी संसद में मॉब लिचिंग के मुद्दे पर हंगामा कर सकता है। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इराक में लापता हुए 39 भारतीयों के मुद्दे पर संसद में जवाब दे सकती है। हालांकि अभी लोकसभा 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।   बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई:  मंगलवार को संसद सत्र शुरू होने से पहले बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई। इस संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने हिस्सा लिया। संसदीय दल की बैठक के बाद अनंत कुमार ने बताया कि बैठक में पीएम ने 70 साल की आजादी के वर्षगांठ के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही 15 से 30 अगस्त तक संकल्प पत्र की घोषणा की जाएगी। इसमें आने वाले 5 साल में हर क्षेत्र में जो भी कार्यक्रम किए जांएगे, उसके बारे में लोगों को बताया जाएगा।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने रामनाथ कोविंद को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने से पहले रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन की लाइब्रेरी में प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। दोनों के बीच बातचीत हुई और इसके बाद कोविंद शपथ लेने के लिए संसद भवन पहुंचे। गेट नंबर पांच पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री ने दोनों की अगवानी की। शपथ लेने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। रामनाथ कोविंद ने शपथ लेने के बाद अपने भाषण में पद के लिए देश का आभार जताया।    रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं देश के 125 करोड नागरिकों को नमन करता हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं छोटे से गांव से आया हूं, मिट्टी के घर में पला-बढा हूं। ये मेरी नहीं सभी की कहानी रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि यह भारत की सदी है, हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक नेतृत्व दे। उन्होंने कहा कि हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि विविधता ही हमारे देश की ताकत है।आज पूरे विश्व में भारत का महत्व, विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए हमारी ओर देख रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार देने वाला स्टार्टअप शुरू करने वाला युवा राष्ट्र निर्माता है। देश में अन्न उपजाने वाला किसान भी राष्ट्र निर्माता है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और हमें सुरक्षित रखने वाले राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम करते हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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बिजिंग। चीनी मीडिया के बाद अब चीनी सेना ने डोकलाम को लेकर भारत को धमकी दी है। ज्ञातव्य है कि सिक्किम के डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव चल रहा है। चीन और भारत ने वहां पर अपने सैनिकों की तैनाती कर रखी है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारत को धमकी देते हुए कहा है कि वह संप्रभुता की रक्षा किसी भी कीमत पर करेंगे। दरअसल 1 अगस्त को पीएलए की 90वीं वर्षगांठ हैं। इस वर्षगांठ से पहले एक विशेष ब्रीफिंग की गई। इस ब्रीफ्रिंग में पीएलए ने कहा है कि डोकलाम में सैनिकों की तैनाती बढाई जाएगी। साथ ही पीएलए ने कहा है कि एक आपातकालीन प्रतिक्रिया के तौर पर क्षेत्र में और अधिक चीनी सेना उतार सकती है।    वहीं चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल वू कियान ने कहा कि पिछले 90 वर्षों में पीएलए का इतिहास संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारे संकल्प, क्षमता को साबित करता है। पहाड़ को हिलाना तो मुमकिन है, पर चीन की सेना को नहीं। साथ ही उन्होंने कि भारत किसी भ्रम में न रहे। हम हर कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे।साथ ही उन्होंने डोकलाम पठार पर चीन के सडक निर्माण का पक्ष भी रखा। किआन ने कहा कि डोगलंग चीन का क्षेत्र है और चीनी सेना ने वहां सडक निर्माण की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह चीन की संप्रभुता का कार्य है और वैध है। किआन ने कहा कि भारत द्वारा चीन की सीमा में घुसना अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक गंभीर उल्लंघन है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे। साथ ही उन्होंने भारत को कहा कि वह अपने सैनिकों को अपनी सीमा रेखा में वापस बुलाए। उन्होंने कहा कि हम दृढता आग्रह करते हैं कि भारत अपनी गलतियों को सही करे और अपने उकसाने वाले कामों को समाप्त करे।    साभार-khaskhabar.com   

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बेंगलुरु। इसरो के पूर्व चीफ और प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रो यू आर राव का दिल की बीमारी की वजह से निधन हो गया। प्रो यू आर राव ने सोमवार तडके अपने घर पर अंतिम सांस ली। प्रो यू आर राव को दिल की बीमारी की वजह से इस वर्ष की शुरूआत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीएम मोदी ने भी प्रो राव के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम में राव का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। राव इसरो के कई सफल पक्षेपणों का हिस्सा रहे हैं। प्रो राव अंतरराष्ट्रीय स्तर के अंतरिक्ष वैज्ञानिक थे। ज्ञातव्य है कि प्रो यू आर राव के नेतृत्व ही 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट से लेकर 20 से अधिक उपग्रहों को डिजाइन किया गया और उन्हें सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।    इसके अलावा भी प्रो राव ने मंगल ग्रह मिशन से लेकर इसरो की कई परियोजनाओं पर काम किया है। राव ने भारत में प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी का विकास भी तेज किया, जिस वजह से 1992 में एएसएलवी का सफल प्रक्षेपण किया गया। राव को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए इस वर्ष जनवरी में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। वहीं अंतरिक्ष विज्ञान में अहम योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1976 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया था।प्रो राव का जन्म उडुपी के एक छोटे से गांव आदमपुर में हुआ था। प्रो राव 1984 से 1994 के बीच दस साल के लिए इसरो के अध्यक्ष रहे और अपनी सेवाएं दी। साथ ही अपनी मृत्यु से पहले तक वे तिरुवनंतपुरम में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति के पद पर तैनात थे।   साभार-khaskhabar.com   

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नई। संसद के मानसून सत्र के दौरान आज कांग्रेस ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया। मॉब लिंचिंग और किसानों के मुद्दे को लेकर हंगामा करने के दौरान कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पर कागज के टुकडे फेंके। इससे नाराज होकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि आपकी ये हरकत पूरा देश देख रहा है। वहीं सुमित्रा महाजन की ओर कागज उछालने वाले 6 कांग्रेस सांसदों को सस्पेंड कर दिया है। स्पीकर ने गौरव गोगोई, के सुरेश, अधीर रंजन, रंजीत रंजन और सुष्मिता देव को 5 दिनों के लिए सस्पेंड किया है। अनंत कुमार ने कांग्रेस सांसदों की इस हरकत को शर्मनाक बताया ।    कांग्रेस सांसद लगातार लोकसभा में हंगामा करते रहे। इस दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद रहे। कांग्रेस सांसदों के इस बर्ताव से स्पीकर सुमित्रा महाजन ने नाराज होते हुए कहा कि देखना चाहती हूं कि सांसद कितनी अनुशासन हीनता कर सकते हैं, देश भी इनके बर्ताव को देख रहा है। वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा कामामला उठाते हुए कहा कि भीड के हमले से हत्या की मामले लगातार बढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम ने तीन बार इस मुद्दे पर कहा है लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक एक्शन नहीं होगा, ये घटनाएं नहीं रुकेंगी।    साभार-khaskhabar.com    

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