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बेंगलुरु। इसरो के पूर्व चीफ और प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रो यू आर राव का दिल की बीमारी की वजह से निधन हो गया। प्रो यू आर राव ने सोमवार तडके अपने घर पर अंतिम सांस ली। प्रो यू आर राव को दिल की बीमारी की वजह से इस वर्ष की शुरूआत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीएम मोदी ने भी प्रो राव के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम में राव का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। राव इसरो के कई सफल पक्षेपणों का हिस्सा रहे हैं। प्रो राव अंतरराष्ट्रीय स्तर के अंतरिक्ष वैज्ञानिक थे। ज्ञातव्य है कि प्रो यू आर राव के नेतृत्व ही 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट से लेकर 20 से अधिक उपग्रहों को डिजाइन किया गया और उन्हें सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।
इसके अलावा भी प्रो राव ने मंगल ग्रह मिशन से लेकर इसरो की कई परियोजनाओं पर काम किया है। राव ने भारत में प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी का विकास भी तेज किया, जिस वजह से 1992 में एएसएलवी का सफल प्रक्षेपण किया गया। राव को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए इस वर्ष जनवरी में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। वहीं अंतरिक्ष विज्ञान में अहम योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1976 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया था।प्रो राव का जन्म उडुपी के एक छोटे से गांव आदमपुर में हुआ था। प्रो राव 1984 से 1994 के बीच दस साल के लिए इसरो के अध्यक्ष रहे और अपनी सेवाएं दी। साथ ही अपनी मृत्यु से पहले तक वे तिरुवनंतपुरम में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति के पद पर तैनात थे।
साभार-khaskhabar.com













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