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नई दिल्ली। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने रामनाथ कोविंद को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने से पहले रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन की लाइब्रेरी में प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। दोनों के बीच बातचीत हुई और इसके बाद कोविंद शपथ लेने के लिए संसद भवन पहुंचे। गेट नंबर पांच पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री ने दोनों की अगवानी की। शपथ लेने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। रामनाथ कोविंद ने शपथ लेने के बाद अपने भाषण में पद के लिए देश का आभार जताया।
रामनाथ कोविंद ने कहा कि मैं देश के 125 करोड नागरिकों को नमन करता हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं छोटे से गांव से आया हूं, मिट्टी के घर में पला-बढा हूं। ये मेरी नहीं सभी की कहानी रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि यह भारत की सदी है, हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक नेतृत्व दे। उन्होंने कहा कि हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि विविधता ही हमारे देश की ताकत है।आज पूरे विश्व में भारत का महत्व, विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए हमारी ओर देख रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार देने वाला स्टार्टअप शुरू करने वाला युवा राष्ट्र निर्माता है। देश में अन्न उपजाने वाला किसान भी राष्ट्र निर्माता है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और हमें सुरक्षित रखने वाले राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम करते हैं।
साभार-khaskhabar.com













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