देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली। इराक में लापता हुए भारतीयों के मामले में सुषमा स्वराज ने आज लोकसभा में बयान दिया। लोकसभा में बोलते हुए सुषमा ने ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है। सुषमा ने कहा कि पूरा देश इस मामले को सुनना चाहता है इसलिए इस बात को हंगामे के दौरान नहीं बोलूंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले में लोकसभा में बयान देना चाहती थी इसलिए अभी तक इस मामले पर राज्यसभा में कोई बयान नहीं दिया। सुषमा ने जवाब देते हुए कहा कि यह घटना हमारी सरकार आने के 20 दिन बाद की है। सुषमा ने कहा कि हरजीत ने बयान दिया था कि उसके सामने 39 लोगों को मार दिया गया था,
और वह भाग कर आ गया था, लेकिन हमें ना ही कहीं लाशें मिली, ना ही कोई सूची मिली। सुषमा ने कहा कि हरजीत के बयान में विरोधाभास है। सुषमा ने कहा कि हमने मोसुल के आस-पास तलाशी ली है। सुषमा ने कहा कि उन्होंने सदन को बार बार कहा था कि उनके पास लापता इराक में लापता हुए लोगों के जीवित होने का कोई सबूत नहीं है, ना ही उनके मारे जाने का कोई ठोस सबूत है। सुषमा ने कहा कि बिना ठोस सबूत के उनके मारे जाने की घोषणा भी नहीं की जा सकती। सुषमा ने कहा कि इस मुद्दे पर मैनें पीएम से भी बात की थी और टर्की से इस मामले में मदद मिल सकती थी तो मैं खुद टर्की गई थी बात करने। साथ ही सुषमा ने कहा कि मैं 12 बार पीडितों के परिवार से मिली हूं, मैंने हर बार कहा कि मेरे पास उनके जीवित रहने की कोई जानकारी नहीं है। सुषमा ने कहा कि उनकी फाइल तब तक बंद नहीं कर सकते हैं जब तक कोई सबूत ना हो।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
वायु प्रदूषण पर संसद में गंभीर बहस: राहुल गांधी बोले—“बच्चों का भविष्य खतरे में”, सरकार ने कहा—“हर सुझाव पर चर्चा को तैयार”
NHM कर्मचारियों के वेतन पर संसद में घमासान : सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सरकार के जवाब पर उठाए सवाल
मनीष तिवारी व इंडिया ब्लॉक के 20 राज्यसभा सांसदों ने संसद सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए दिया नोटिस