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चंडीगढ़। 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार अब सीधे आम लोगों से जुड़ रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पंजाब के मुक्तसर में एक बड़ी किसान रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत पंजाबी भाषा में की। मुक्तसर में कृषि कल्याण रैली से पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 70 सालों में किसानों ने जिस पार्टी पर सबसे ज़्यादा भरोसा किया उस पार्टी ने इस भरोसे का सम्मान नहीं किया। उन्होंने हमलों को और तीखा करते हुए कहा कि किसानों से सिर्फ वादे किए गए और उस पार्टी ने सिर्फ एक परिवार की भलाई के लिए काम किया। अपनी सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जब से इस सरकार ने एमएसपी बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला किया तब से किसानों को राहत मिली है और उनकी एक बड़ी चिंता समाप्त हो गई है। अब किसनों को अपने उत्पाद पर ज़्यादा भरोसा है। कांग्रेस पर किसानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाने के अलावा पीएम मोदी ने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील की और कहा कि इससे प्रदूषण फैलता है। उन्होंने भरोस दिलाया कि पराली जलाने की समस्या पर केन्द्र गंभीरतापूर्वक काम कर रहा है। रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसान की फसल बर्बाद से बचाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना चला रही है। इसी तरह देश भर में नए गोदाम बनाए जा रहे हैं, फूड पार्क बनाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार पूरी सप्लाई चेन को सुधार में लगी है और कोशिश है कि फसल की बर्बादी रुके। अपनी सरकार की यूरिया नीति का बखान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक जमाना था जब यूरिया के लिए किसानों को लाठियां खानी पड़ती थी, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। आज किसानों को 100त्न नीम कोटिंग यूरिया पर्याप्त मात्र में उपलब्ध है।   साभार-khaskhabar.com  

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देहरादून। उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से मानसून काफी सक्रिय है। देश के कई राज्यों में भारी बारिश से कोहराम मचा हुआ है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बारिश से आमजन की हालत काफी खराब हो गई है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बारिश के कारण अभी तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने देहरादून में बुधवार को भी भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए देहरादून में सभी सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषण कर दी है।  उत्तराखंड के चमौली, पौड़ी और रूद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश की आंशका को देखते हुए आपदा राहत टीम अलर्ट पर है। प्रदेश में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट को देखते हुए अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए है। देहरादून में आज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर और पिथौरागढ़ के नचानी में पुल टूटकर नदी में बह रहा है। टिहरी में फकोट और भिन्नू के पास चट्टान खिसकने से चंबा-ऋषिकेश एनएच-94 बंद हो गए, रास्ता खोलने का काम जारी है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में हालात खराब, प्रशासन अलर्ट पर है।    साभार-khaskhabar.com  

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मायानगरी मुंबई में लगातार हो रही बारिश आमजनजीवन को काफी प्रभावित कर रही है। मुंबई में सोमवार रातभर रुक-रुक कर बारिश हुई। भारी बारिश के चलते शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सडक़ें, गलियां, सोसाइटी सब जगह बारिश का पानी भरा हुआ है। भारी बारिश के चलते मंगलवार को भी स्कूल बंद रखने को ऐलान किया गया है।  मौसम विभाग ने अपने पांच दिन और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के बाद मुंबई की सडक़ें समंदर बन गई हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली तुलसी लेक कल ओवरफ्लो हो गई। इतना ही नहीं बोरिवली पूर्व में भारी बारिश की वजह से तीन घर पूरी तरह धाराशायी हो गए हैं।   LIVE अपडेट :::::::     - मुंबईः बारिश से फंसी वडोदरा एक्सप्रेस, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश   - पानी निकालने के लिए 150 अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। हम निगरानी रख रहे हैं और स्थिति को संभाल रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की तारीख बढ़ाने पर भी विचार करेंगे: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस।   - मुंबई की सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं।   - पानी पानी मुंबई। पानी से बाइक भी खराब। बारिश से बेहाल मायानगरी।   - बारिश से कमर तक पानी में डूबी मुंबई   - आपदा प्रबंधन ने बताया है कि मुंबई में जलभराव की कोई स्थिति नहीं है। संबंधित अथॉरिटी स्थिति नियंत्रण में रखे हुए हैं। चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि आपदा प्रबंधन किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है: विनोद तावड़े, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री।   - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, इंडियन नेवी, आपदा प्रबंधन और सभी संबंधित विभाग मुंबई के लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।   - भायंदर डिवीजन के सहायक पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी ने बताया कि पानी ज्यादा भर जाने के कारण हमने घोड़बंदर नाके पर गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें।   - मीरा-भायंदर के घोड़बंदर नाके पर 3 फीट तक पानी भर गया है, जिसके कारण गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। घोड़बंदर नाका मुम्बई, ठाणे, भिवंडी, पालघर को एकमात्र सड़क मार्ग से जोड़ता है। मुम्बई और अहमदाबाद भी इसी घोड़बंदर नाके से जुड़ते हैं।   - मुंबई को गुजरात से जोड़ने वाले एकमात्र सड़क मार्ग को पानी भर जाने के कारण पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।   - पालघर पुलिस ने बाढ़ की वजह से होटल में फंसे 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक महिला का रेस्क्यू बोट पर इलाज किया।    - वसई: मिठाघर और राजवली में रेस्क्यू के लिए 43 लोगों की एनडीआरएफ टीम 6 नावों के साथ पहुंची।   - मुंबई में भारी बारिश के कारण सड़कों के साथ-साथ सोसायटी में भी जलभराव हो गया है। वसई की एवरशाइन सोसायटी में भरे पानी में एक व्यक्ति नाव चलाने लगा।   - मुंबई जहां बारिश से बेहाल है और जलभराव से ट्रेनें थमी हुई हैं, वहीं नेताओं के कुछ दूसरे ही बयान आ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावडे ने दावा किया कि मुंबई में जलभराव की कोई समस्या नहीं है।   - भारी बारिश के कारण ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर किंग्स सर्कल पर जलभराव।   - भारी बारिश के कारण ट्रैक पर पानी का स्तर बढ़ गया है, खासकर विरार-नालासोपारा के बीच। वसई रोड के बीच विरार की ओर ट्रेनें अब निलंबित कर दी गई हैं। हालांकि, उपनगरीय सेवाएं चर्चगेट से वसई के बीच 5-10 मिनट की देरी से सामान्य तरीके से चल रही हैं: सीपीआरओ, वेस्टर्न रेलवे।   - अभी ताजा अपडेट यह है कि भायंदर और विरार के बीच लोकल को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि अच्छी बात यह है कि भायंदर और चर्चगेट के बीच सभी लाइनों पर ट्रेनें चल रही हैं।   - भारी बारिश ने मुंबई को बांधकर रख दिया है। ट्रैक पर पानी भरने के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनों को कैंसल किया है। वेस्टर्न रेलवे ने रद्द की गई ट्रेनों की लिस्ट जारी की है।   - विरार-नालासोपारा-वसई के बीच जलभराव के कारण टर्मिनेट/रिवर्स्ड, रद्द की गईं टेनें।   - मुंबई: समुद्र में शुरू हुआ हाई टाइड खत्म। अब दोपहर 3:30 बजे तक लो टाइड। बीएमसी कुछ देर में पम्पिंग के गेट खोलेगी, जिसके बाद तेजी से पानी निकल जाएगा।    - मुंबई-अहमदाबाद के बीच रेल सेवा पूरी तरह बंद है।    - मुंबई-अहमदाबाद रोड पर ट्रैफिक धीमी गति से चल रहा है। पालघर, बोइसर, सातीवली के अधिकांश अंदरूनी रास्ते पानी भरने की वजह से बंद हैं।   - EMU कंट्रोल के मुताबिक, विरार से बोरीवली के बीच विरार व नालासोपारा में मूसलाधार बारिश से जलभराव के कारण लोकल व मेल एक्सप्रेस गाड़ियों की आवाजाही लगभग ठप है। बोरीवली से चर्चगेट के बीच गाड़ियां देरी से चल रही हैं।    - मुंबई के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।    - भारी बारिश के कारण अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को खाना, स्नैक्स और पानी आदि दिए जा रहे हैं।   - माटुंगा और सायन के बीच जलभराव के कारण ट्रेनें सतर्कता से चलाई जा रही हैं। इस सेक्शन पर लोकल 15-20 मिनट तक की देरी से चल रही हैं।   - यात्रियों की जानकारी के लिए वेस्टर्न रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सूरत के लिए 02612401791, मुंबई सेंट्रल के लिए 23077292 और बांद्रा टर्मिनस के लिए हेल्पलाइन नंबर 26425756 है।   - नालासोपारा में रेल पटरियों पर जलस्तर 200 मिमी से बढ़कर 460 मिमी हो गया है।   - मुंबई एयरपोर्ट: फ्लाइट्स की उड़ान में 30 मिनट तक की देरी। 72 फ्लाइट्स की उड़ानें प्रभावित।   साभार-khaskhabar.com  

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 नई दिल्ली। देश में सस्ता हवाई सफर कराने वाली प्राइवेट एयरलाइन इंडिगो ने नया ऑफर शुरू किया है। इस ऑफर के तहत इंडिगो अपने 12 लाख सीटों के दाम सस्ते करने जा रही है। दरअसल कंपनी ने यह ऑफर अपनी 12वीं एनिवर्सरी के मौके पर दे रही है। 10 जुलाई से 13 जुलाई तक चलने वाली इस सेल में इंडिगो की सीटें 1212 रुपये से शुरू हो रही हैं। बाकी टिकटों पर भी 25 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। ये 12 लाख सीटें 57 शहरों में ट्रैवल के लिए हैं। इस मौके पर खरीदे गए टिकटों पर 25 जुलाई 2018 से 30 मार्च 2019 के बीच यात्रा की जा सकती है। इस ऑफर के बारे में बताते हुए इंडिगो के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर विलियम बूल्टर ने कहा, इंडिगो 4 अगस्त 2018 को अपने 12 साल पूरे करने जा रहा है। इस मौके पर हम 57 शहरों के लिए देश की सबसे बड़ी सेल लेकर आए हैं। इसके जरिए हम अपने ग्राहकों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। हमारे ग्राहकों ने ही हमें इस मुकाम तक पहुंचाया है। कंपनी ने सिर्फ टिकटों के दाम ही सस्ते नहीं किए बल्कि एक अन्य ऑफर भी दे रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से कम से कम 3000 रुपये तक का टिकट खरीदने पर लोगों को 5 फीसदी कैशबैक (अधिकतम 500 रुपये) का भी फायदा मिल सकता है।   साभार-khaskhabar.com  

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 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्भया गैंगरेप और मर्डर के मामले में दोषियों की रिव्यू पिटिशन पर बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी है।  निर्भया गैंगरेप के दोषी मुकेश, विनय और पवन की फांसी की सजा बरकार रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इन तीनों दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ अपील की थी। चौथे दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी। चारों को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा दी थी। इस दौरान निर्भया का परिवार भी कोर्ट में मौजूद था। आपको बता दें कि पिछले साल 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इन दोषियों ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट के बाद अब इन चारों के पास क्यूरेटिव पिटिशन और फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका का विकल्प है। निर्भया के माता-पिता ने फैसले से पहले कहा था कि निर्भया देश की बेटी थी। हम चाहते हैं कि मेरी बेटी के साथ ऐसी जघन्य हरकत करनेवालों को ऐसी सजा मिले जो सबके लिए मिसाल बने। हमें फांसी से कम कुछ भी और मंजूर नहीं है। चारों दोषियों को जब फांसी की सजा मिलेगी तभी हमारी बेटी को न्याय मिल सकेगा।   साभार-khaskhabar.com  

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 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्भया गैंगरेप और मर्डर के मामले में दोषियों की रिव्यू पिटिशन पर बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी है।  निर्भया गैंगरेप के दोषी मुकेश, विनय और पवन की फांसी की सजा बरकार रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इन तीनों दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ अपील की थी। चौथे दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी। चारों को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा दी थी। इस दौरान निर्भया का परिवार भी कोर्ट में मौजूद था। आपको बता दें कि पिछले साल 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इन दोषियों ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट के बाद अब इन चारों के पास क्यूरेटिव पिटिशन और फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका का विकल्प है। निर्भया के माता-पिता ने फैसले से पहले कहा था कि निर्भया देश की बेटी थी। हम चाहते हैं कि मेरी बेटी के साथ ऐसी जघन्य हरकत करनेवालों को ऐसी सजा मिले जो सबके लिए मिसाल बने। हमें फांसी से कम कुछ भी और मंजूर नहीं है। चारों दोषियों को जब फांसी की सजा मिलेगी तभी हमारी बेटी को न्याय मिल सकेगा।   साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा में डॉक्टर हंसराज हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आजाद का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार दिल का दौरा पडऩे के बाद उन्हें मुंबई के एक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। वहीं उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। आपको बता दें कि कवि कुमार ने तारक मेहता की शुरुआत से ही सीरियल में डॉक्टर हाथी का यादगार किरदार निभाया था। कवि कुमार के निधन की खबर आते ही शो की शूटिंग को कैंसिंल कर दिया गया है। कवि कुमार ने आज सुबह की शो को प्रोड्यूसर को तबियत खराब होने के चलते शो के सेट पर ना आ पाने की जानकारी दी थी। पहले भी कई बार वह तबियत खराब होने की वजह से शो की शूटिंग में हिस्सा नहीं ले पाते थे। टीवी सीरियल के अलावा कवि कुमार ने बॉलीवुड फिल्म में भी काम किया है। कवि कुमार साल 2000 में मेला फिल्म में आमिर खान के साथ नजऱ आए थे। लेकिन कवि कुमार को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में असली पहचान डॉक्टर हाथी के किरदार से ही मिली थी।   साभार-khaskhabar.com  

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समाजवादी पार्टी (सपा) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने रविवार को लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के विचार का समर्थन किया। सपा के राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत 2019 से होनी चाहिए। विधि आयोग द्वारा आहूत बैठक में यादव ने कहा, ‘‘सपा लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के समर्थन में है। एक साथ चुनाव कराने की इस प्रक्रिया को 2019 चुनाव से लागू किया जाना चाहिए।’’ यादव ने कहा, ‘‘अगर एक पार्टी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में पूर्ण बहुमत नहीं पाती है और कुछ पार्टियां गठबंधन सरकार बनाने के लिए लोकसभा / विधासभा सदस्यों की सूची के साथ राष्ट्रपति या राज्यपाल से संपर्क करती हैं, तो राष्ट्रपति / राज्यपाल को चाहिए कि वह उस गठबंधन की सभी पार्टियों को शपथ पत्र देने के लिए कहें, जिसमें उस अवधि के लिए एक साथ काम करने की शर्त लिखी हो।’’ सपा की ओर से प्रसारित किए गए एक पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर गठबंधन सरकार में से एक पार्टी खुद को अलग करती है, तब कानून सदन अध्यक्ष को सशक्त बनाए कि वह उस पार्टी और सभी सदस्यों की संबद्धता को समाप्त कर सकें।’’ पत्र में कहा गया है, ‘‘ऐसा पाया गया है कि कोई किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाता है और उस पर अध्यक्ष महीनों कोई कार्रवाई नहीं करते। इसीलिए कानून में यह प्रावधान होना चाहिए कि अध्यक्ष को पार्टी बदलने वाले व्यक्ति के संबंध में एक महीने के भीतर निर्णय लेना ही होगा।’’  पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर कोई चुनी सरकार तीन वर्षों के भीतर गिर जाती है और वहां नई सरकार बनाने की कोई संभावना नहीं है, तो वहां चुनाव दो साल के लिए होने चाहिए ताकि चुनाव समय पर हो सकें।’’ टीआरएस के बी. विनोद कुमार ने कहा, ‘‘हमारे पार्टी अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि हम लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव साथ कराने का दृढ़ता से समर्थन करते हैं ताकि केंद्र और राज्य स्तर पर निर्वाचित सरकार पांच साल की अवधि तक सही तरीके से काम कर सकें और देश भर में चुनाव पर फिजूल का वक्त खर्च न हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे बहुत से पैसे, समय और बिना वजह के व्यय को बचाया जा सकता है...मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बिना किसी परेशानी के पांच साल की अवधि तक काम कर सकते हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने शनिवार को प्रस्ताव का विरोध किया और कहा था कि यह संविधान के खिलाफ है और क्षेत्रीय हितों पर इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।   साभार-khaskhabar.com

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समाजवादी पार्टी (सपा) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने रविवार को लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के विचार का समर्थन किया। सपा के राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत 2019 से होनी चाहिए। विधि आयोग द्वारा आहूत बैठक में यादव ने कहा, ‘‘सपा लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के समर्थन में है। एक साथ चुनाव कराने की इस प्रक्रिया को 2019 चुनाव से लागू किया जाना चाहिए।’’ यादव ने कहा, ‘‘अगर एक पार्टी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में पूर्ण बहुमत नहीं पाती है और कुछ पार्टियां गठबंधन सरकार बनाने के लिए लोकसभा / विधासभा सदस्यों की सूची के साथ राष्ट्रपति या राज्यपाल से संपर्क करती हैं, तो राष्ट्रपति / राज्यपाल को चाहिए कि वह उस गठबंधन की सभी पार्टियों को शपथ पत्र देने के लिए कहें, जिसमें उस अवधि के लिए एक साथ काम करने की शर्त लिखी हो।’’ सपा की ओर से प्रसारित किए गए एक पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर गठबंधन सरकार में से एक पार्टी खुद को अलग करती है, तब कानून सदन अध्यक्ष को सशक्त बनाए कि वह उस पार्टी और सभी सदस्यों की संबद्धता को समाप्त कर सकें।’’ पत्र में कहा गया है, ‘‘ऐसा पाया गया है कि कोई किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाता है और उस पर अध्यक्ष महीनों कोई कार्रवाई नहीं करते। इसीलिए कानून में यह प्रावधान होना चाहिए कि अध्यक्ष को पार्टी बदलने वाले व्यक्ति के संबंध में एक महीने के भीतर निर्णय लेना ही होगा।’’  पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर कोई चुनी सरकार तीन वर्षों के भीतर गिर जाती है और वहां नई सरकार बनाने की कोई संभावना नहीं है, तो वहां चुनाव दो साल के लिए होने चाहिए ताकि चुनाव समय पर हो सकें।’’ टीआरएस के बी. विनोद कुमार ने कहा, ‘‘हमारे पार्टी अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि हम लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव साथ कराने का दृढ़ता से समर्थन करते हैं ताकि केंद्र और राज्य स्तर पर निर्वाचित सरकार पांच साल की अवधि तक सही तरीके से काम कर सकें और देश भर में चुनाव पर फिजूल का वक्त खर्च न हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे बहुत से पैसे, समय और बिना वजह के व्यय को बचाया जा सकता है...मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बिना किसी परेशानी के पांच साल की अवधि तक काम कर सकते हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने शनिवार को प्रस्ताव का विरोध किया और कहा था कि यह संविधान के खिलाफ है और क्षेत्रीय हितों पर इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।   साभार-khaskhabar.com

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 बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब समाप्त होती नजर आ रही है। रविवार को नई दिल्ली में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई। सूत्रों के मुताबिक जेडीयू ने ऐलान किया है कि 2019 में बीजेपी के साथ उसका गठबंधन जारी रहेगा और दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कुछ मामलों को लेकर जेडीयू ने नाराजगी भी जाहिर की है। बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को चेतावनी देते हुए नीतीश कुमार ने कहा, सबसे खराब स्थिति में भी जेडीयू को 17 फीसदी वोट मिला था। जो हमें राजनीति में इग्नोर करने की कोशिश करेगा वो खुद राजनीति से इग्नोर जाएगा। नीतीश कुमार का यह बयान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह के साथ होने वाली बैठक के ठीक पहले आया है। वहीं महागठबंधन में कांग्रेस द्वारा मिले आमंत्रण पर जेडीयू नेता के सी त्यागी ने साफ किया कि जब तक कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर अपने स्टैंड को साफ नहीं करती है तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। के सी त्यागी ने कहा, जब तक कांग्रेस आरजेडी जैसी भ्रष्ट पार्टी पर अपना स्टैंड साफ नहीं करती है, हम नहीं जानते कि किस तरीके से आगे बात की जाय। एक राष्ट्र एक चुनाव के मुद्दे पर के सी त्यागी ने कहा, हम एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में हैं लेकिन हमें नहीं लगता है कि यह आसानी से करवाया जा सकता है। हालांकि हम इसका विरोध नहीं कर सकते क्योंकि यह कम खर्च में चुनाव करवाने, काला धन को रोकने और बेहतर गवर्नेंस की तरफ एक कदम है।   साभार-khaskhabar.com

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य दिग्गज कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग बैलगाड़ी पर सवार है। मोदी ने कहा कि बैलगाड़ी नहीं ' बेल ' गाड़ी पर सवार है।  जयपुर में प्रधानमंत्री-लाभार्थी जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लोग जमानत पर है, और इन लोगों को मोदी और वसुंधरा का नाम सुनकर बुखार आ जाता है। मोदी ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण अब तक एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 5 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हो चुके है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम मुद्दों को लटकाते, अटकाते और भटकाते नहीं है, सिर्फ विकास करते है और योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाते है। प्रधानमंत्री-लाभार्थी जन संवाद रैली की खास बातें।    - कांग्रेस को आजकल कुछ लोग बैलगाड़ी, नहीं बेल गाड़ी बोलने लगे हैं। आखिर कांग्रेस के दिग्गज कहे जाने वाले कई नेता आजकल बेल पर यानि जमानत पर हैं : पीएम मोदी।   - न्यू इंडिया का निर्माण राजस्थान निर्माण के बिना संभव नहीं है।   - सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर सभी के विकास और सभी को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने 7000 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है : पीएम मोदी।   - गांवों में विकास के लिए हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है : पीएम मोदी   - हमारा एकमात्र एजेंडा है विकास, विकास, विकास : पीएम मोदी।   - उज्जवला योजना ने महिलाओं के जीवन को बदलकर धुएं से बाहर लाने का कार्य किया है : पीएम मोदी।   - मुद्रा योजना के तहत राजस्थान के 44 लाख उद्यमियों को लोन दिया है : पीएम मोदी। - प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को खुद के घर सपना साकार हुआ है : पीएम मोदी।   - स्वच्छ भारत योजना के तहत 80 लाख शौचालयों का निर्माण हुआ है : पीएम मोदी। - तूर दाल, उड़द, सोयाबीन और धान समेत कई पैदावारों में लागत का डेढ़ गुना मूल्य सुनिश्चित किया है : पीएम मोदी। - - तीन वर्ष पहले सॉयल हैल्थ कार्ड का शुभारंभ सूरतगढ़ से हुआ। इसके बाद 14 करोड़ 50 लाख से ज्यादा किसानों को सॉयल हैल्थ कार्ड मिल चुके हैं : पीएम मोदी। - मुझ 2100 की योजनाओं का शिलान्यास करने का अवसर मिला : पीएम मोदी।   -विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है राजस्थान : पीएम मोदी। -राजस्थान में सम्मान, अपनापन मिलता है : पीएम मोदी। - पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा राजस्थान अपनी परंपरा के अनुरूप,अपनी संस्कृति के अनुरूप किस प्रकार सादर-सत्कार देता है इसकी साफ-साफ झलक मैं आज अनुभव कर रहा है। मैं राजस्थान के जनमत को इस विशाल मैदान में देख रहा हूं।   साभार-khaskhabar.com  

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महाराष्ट्र का नागपुर भारी बारिश के बाद पानी में डूब गया है। शुक्रवार को हुई 9 घंटे की बारिश ने नागपुर को पानी पानी कर दिया। शहर की सडक़े तालाब बन गई और घरों में पानी घुस गया। फिलहाल बारिश रुकी हुई है और पानी उतर रहा है। एयरपोर्ट से उड़ाने भी शुरू हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे भारी बारिश का अनुमान जताया है। बारिश की आशंका से शनिवार को भी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे।   विकास के दावों की खुली पोल... बारिश की वजह से विकास के दावों की पोल खुल गई हैं। नागपुर में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं लेकिन एक दिन की बारिश में पूरा शहर पानी में डूब गया। बड़ी बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर के रहने वाले हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी यहीं के हैं और आरएसएस का मुख्यालय भी यहीं पर है। विपक्ष पूछ रहा है कि जो सीएम अपना शहर नहीं संभाल पा रहा वो सूबे को क्या संभालेगा।   ये हैं पानी भरने का कारण...  आसपास बनाई जा रही सीमेंट रोड के पास ड्रेनेज सिस्टम नहीं बना है। जिसके कारण विधानभवन के ड्रेनेज सिस्टम में सीमेंट के ब्लॉक बने होने से निकासी अवरुद्ध हुई। वहीं विधानभवन के पास स्थित एक नाले पर अतिक्रमण की वजह से निकासी नहीं हो रही। ऐसा भी बताया जा रहा है कि सीमेंट रोड विधानभवन की सतह से तुलना में ऊंची है। ऐसे में पानी भवन में घुस गया।   खतरे में पड़ गई 500 बच्चों की जिंदगी... बारिश के चलते कल नागपुर के पिपला इलाके आदर्स संस्कार स्कूल के 500 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। 500 के करीब बच्चे स्कूल में ही फंस गए। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तबतक तो हालात सामान्य थे लेकिन धीरे धीरे पानी इतना बढ़ गया कि स्कूल के अंदर तक पहुंच गया। स्कूल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने बच्चों को नाव और ट्रकों के सहारे निकालना शुरू किया। अगले 48 घंटे में भी भारी बारिश की चेतावनी की वजह से स्कूलों को शनिवार को बंद रखा गया है।   विधानसभा का कामकाज ठप... बारिश की वजह से साल 1971 के बाद पहली बार नागपुर में हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र पर बारिश की ऐसी मार पड़ी कि विधानसभा का कामकाज ठप हो गया जबकि विधान परिषद को चंद मिनटों में ही सोमवार 9 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया। ड्रेनेज लाइन के चोक होने से बिजली आपूर्ति करने वाले स्विचिंग रूप में पानी भर गया। बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी और एहतियातन कामकाज को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस घटना से शहर में मानसून सत्र की तैयारी की पोल खुल गई। पावर स्टेशन में पानी भरने की वजह से बिजली की सप्लाई ठप हो गई और महाराष्ट्र के मंत्री विनोद तावड़े सहित कई विधायक मोमबत्ती जलाकर अपने कमरे में बैठे नजर आए। बताया जा रहा है कि विधानसभा के पास के नालों की सफाई ही नहीं हुई थी और इसी वजह से पानी विधानसभा में भर गया।   1961 में भी ठप हुआ था कामकाज... वर्ष 1961 में नागपुर में हुआ मानसून सत्र ऐसे ही संकट से रूबरू हुआ था। 23 अगस्त को जिला काउंसिल बिल पर चर्चा के दौरान विधानसभा की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इसके चलते कामकाज को आठ मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा था। आपूर्ति बहाल होने के बाद कामकाज पुन: आरंभ हुआ। लेकिन आपूर्ति पुन: बाधित हुई। ऐसे में तत्कालीन उपाध्यक्ष ने कामकाज को पूरे दिन के लिए स्थगित कर अगली बैठक 28 अगस्त को कराने की घोषणा की। साभार-khaskhabar.com  

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