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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्भया गैंगरेप और मर्डर के मामले में दोषियों की रिव्यू पिटिशन पर बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी है।
निर्भया गैंगरेप के दोषी मुकेश, विनय और पवन की फांसी की सजा बरकार रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इन तीनों दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ अपील की थी। चौथे दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी। चारों को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा दी थी।
इस दौरान निर्भया का परिवार भी कोर्ट में मौजूद था। आपको बता दें कि पिछले साल 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद इन दोषियों ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट के बाद अब इन चारों के पास क्यूरेटिव पिटिशन और फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका का विकल्प है।
निर्भया के माता-पिता ने फैसले से पहले कहा था कि निर्भया देश की बेटी थी। हम चाहते हैं कि मेरी बेटी के साथ ऐसी जघन्य हरकत करनेवालों को ऐसी सजा मिले जो सबके लिए मिसाल बने। हमें फांसी से कम कुछ भी और मंजूर नहीं है। चारों दोषियों को जब फांसी की सजा मिलेगी तभी हमारी बेटी को न्याय मिल सकेगा।
साभार-khaskhabar.com













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