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नई दिल्ली। विपक्ष द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में रखे गए अविश्वास प्रस्ताव को स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया है। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जिसे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भारी हंगामें के बीच स्वीकार कर लिया। टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस, सीपीएम, एनसीपी और आरएसपी ने सहमति जताई है। आपको बता दें कि पिछले चार साल में पहली बार है जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, हम चर्चा के लिए तैयार हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए समय और तारीख आज बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में तय की जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव :- केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास पूर्ण बहुमत है। ऐसे में साफ है कि मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। मोदी सरकार को 312 सदस्यों का समर्थन हासिल है और खुद बीजेपी के पास जरूरी 268 सीटों से 4 सीट ज्यादा यानी 272 सीटें हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए उप चुनावों में हारने के बाद बीजेपी के 272 सदस्य हैं। इसके सहयोगी दलों के 40 सदस्यों को मिला दिया जाए तो यह संख्या 312 पर पहुंच जाती है। आपको बता दें कि मानसून सत्र से पहले बजट सत्र भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने समेत अन्य मुद्दों पर हंगामें की भेंट चढ़ गया था। आज भी जब मानसून सत्र की शुरुआत हुई तो विपक्षी दलों ने मॉब लिंचिंग और विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने को लेकर हंगामा किया। जिसके बाद दोपहर होते होते लोकसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। आंध्र प्रदेश को सत्तारूढ़ टीडीपी समेत अन्य सभी पार्टियां वाईएसआर कांग्रेस और कांग्रेस विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रही है।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । अभी राजस्थान विधानसभा से विधायकों के प्रश्नों का स्थगित होने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है, लेकिन क्या आपको पता है कि चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, वह चाहती ही नहीं है कि सदन की बैठक एक वर्ष में कम से कम 60 दिन हो। यानी की खुद राज्य सरकार जनता से जुड़े सवालों से भागती नजर आती है सिर्फ जरूरी विधेयकों और अपने मतलब के विधेयकों को पारित करवाकर इतिश्री कर लेती है। अगर वर्तमान वसुंधरा सरकार की बात करें तो चौदहवीं विधानसभा में पहला विधानसभा सत्र 21 जनवरी 2014 से से 21 फरवरी 2014 तक चला था। इस सत्र को मिलाकर अभी तक सिर्फ राजस्थान विधानसभा की कुल 136 बैठकें ही हुई है। इस दौरान सबसे छोटा सत्र सप्तम सत्र रहा। इस दौरान सिर्फ 1 सितंबर और 2 सितंबर 2016 को सिर्फ दो दिन सदन चला। सबसे ज्यादा सदन की बैठक चतुर्थ सत्र यानी कि 25 फरवरी 2015 से 9 अप्रैल 2015 तक चली, यानी की कुल 26 बैठक आयोजित हुई। वहीं अष्टम सत्र में सदन की कार्यवाही 23 फरवरी 2017 से 26 अप्रैल 2017 तक यानी कुल 25 दिन सदन की कार्यवाही चली।  राजस्थान विधानसभा के उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने खास खबर डॉट कॉम से बातचीत में कहा कि सदन कितने दिन चलेगा, यह सबकुछ राज्य सरकार पर निर्भर होता है। राज्य सरकार के पास कितना बिजनिस है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सदन के लिए बिजनेस तय करती है इसके बाद सदन की कार्यवाही चलती है। लेकिन छह महीने के अंदर सदन की बैठक बुलाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार वर्ष के शुरू में विधानसभा के लिए एक कैलेंडर बना दे, कि सभी विधायकों के लिए अच्छा कदम होगा, जिससे विधायक अपनी बात सदन में ज्यादा से ज्यादा रख सकेंगे। वहीं इससे पहले 13वीं विधानसभा के दौरान पूर्ववर्ती गहलोत सरकार भी सदन से भागती नजर आई। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के वक्त सदन की बैठकें 5 साल में सिर्फ 119 हुई। 13 वीं विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में विधानसभा का प्रथम सत्र 1 जनवरी 2009 से 10 जनवरी 2009 तक चला। 13 वीं विधानसभा का सबसे बड़ा सत्र चतुर्थ सत्र रहा। इस दौरान सदन की कार्यवाही 22 फरवरी 2010 से 2 अप्रैल 2010 तक चली। इस दौरान पांच सत्र ऐसे रहे, जिनकी बैठकों का समापन 5 दिन के अंदर ही हो गया। साभार-khaskhabar.com

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संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो चुका है। इस सत्र के लिए सरकार ने जहां सदन चलाने को विपक्षी दलों से सहयोग मांगा है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। इस सत्र में कई अहम बिल लंबित हैं। सत्र के दौरान 40 बिल तो ऐसे हैं जिन्हें मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आने के तुरंत बाद लेकर आयी थी, लेकिन अब भी उनके संसद से पारित होने का इंतजार है। मौजूदा माहौल में जब विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को सदन में घेरने की तैयारी कर रहा है, इन बिलों का पारित हो पाना मुश्किल लग रहा है।    मानसून सत्र LIVE UPDATES::::     - मोदी सरकार के खिलाफ इस पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कब होगी, इसका निर्णय आज दोपहर एक बजे किए जाने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इस बारे में बताएंगी।   - केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार किए जाने पर कहा कि सरकार शक्ति परीक्षण के लिए पूरी तरह से तैयार है।   - केंद्र में पिछले करीब चार साल से सत्तारूढ़ मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है।   - लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस और टीडीपी सहित अन्य विपक्षी दलों का अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया।   - एसपी और टीडीपी के सांसदों ने लोकसभा की वेल में जाकर किया मॉब लिंचिंग और अन्य मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन।   - लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मॉनसून सत्र की शुरुआत में सांसदों को खुशखबरी देते हुए बताया कि सदन में वाई-फाई की सुविधा शुरू कर दी गई है। सभी सदस्य रजिस्ट्रेशन के बाद इसका लाभ उठा सकेंगे। हालांकि सरकार का यह गिफ्ट विपक्षी सांसदों का दिल नहीं जीत सका और मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।   - विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही आज दोपहर 12 बजे तक स्थगित।   - लोकसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूछा अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ा सवाल।   - लोकसभा में अभी परमाणु विद्युत संयंत्र से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे हैं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह।   - लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसद लगा रहे हैं 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे।   - सोनल मानसिंह, राकेश सिन्हा और रघुनाथ महापात्रा ने राज्यसभा के सदस्य के तौर पर ली शपथ।   - लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने शुरू किया हंगामा।   - मॉनसून सत्र की शुरुआत में लोकसभा में भारत माता की जय के नारे लगे। - राज्यसभा में नए सांसद ले रहे हैं शपथ।   साभार-khaskhabar.com

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लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष एकजुट हो गया है। वहीं राजस्थान समेत तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव निकट हैं। प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस जी जान से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। प्रदेश की रीति के मुताबिक कांग्रेस आश्वस्त है। सत्ता परिवर्तन के इस ट्रेंड के बीच बसपा कांग्रेस की पार्टनर बनना चाहती है। यह बात कांग्रेस के सूत्रों से पता चली है। सूत्र बताते हैं कि बसपा चीफ मायावती ने कांग्रेस अध्यक्ष के सामने यह शर्त रखी है कि कांग्रेस-बसपा गठबंधन अगर होगा तो वह तीनों राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए होगा। नहीं तो किसी के लिए भी नहीं होगा।  बता दें कि कांग्रेस अपनी रोटियां सेंकना चाहती है। वह अपनी जरूरत के हिसाब से गठबंधन चाहती है, वहीं बसपा भी अपना स्वार्थ देख रही है। कांग्रेस के मध्यप्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बसपा के साथ गठबंधन चाहते हैं। इसके लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही हाल छत्तीसगढ में हैं। वहीं बसपा चीफ तीनों चुनावी राज्यों में मलाई का स्वाद चखना चाहती हैं। तीनों राज्यों में गठबंधन की बसपा प्रमुख की शर्त ने कांग्रेस चीफ को उलझन में डाल दिया है।  राजस्थान को छोड़ दोनों राज्यों में बीजेपी 15 साल से मजबूत स्थिति में है। इसलिए कांग्रेस इन दोनों राज्यों में तो गठबंधन चाहती है, लेकिन राजस्थान में नहीं। कांग्रेस का मानना है कि मप्र और छग में बसपा से हाथ मिलाने से दलित वोट पक्ष में हो जाएंगे और जीत भी। जबकि राजस्थान कांगेस इसके पक्ष में नहीं है। यहां कांगेस को अपनी बदौलत जीत की पूरी उम्मीद है।  अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व बसपा प्रमुख की शर्त को मानता है। या बहनजी अपनी शर्त वापस लेती हैं। अगर राजस्थान में गठबंधन होता है तो बीएसपी को कुछ सीटों से संतुष्ट किया जा सकता है। वैसे बसपा राजस्थान में पिछले 2013 के चुनाव में तीन सीटें जीती थी। इस लिहाल से एक-दो सीटें और बढ़ाकर उससे गठबंधन पर कांग्रेस विचार कर सकती है।   साभार-khaskhabar.com

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अक्सर विवादित सुर्खियों में रहने वाले स्वामी अग्निवेश की झारखंड के पाकुड़ जिले में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पिटाई कर दी। पहाडिय़ा महा सम्मेलन में भाग लेने आए स्वामी अग्निवेश के साथ पाकुड़ में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं व विद्यार्थी परिषद ने मारपीट की। बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के दौरे का विरोध कर रहे थे और अग्निवेश गो बैक के नारे लगा रहे थे। पुलिस ने 20 हमलावरों को हिरासत में लिया है। विरोध प्रदर्शन और काला झंडा दिखाने से शुरू हुआ मामला सिर्फ धक्का-मुक्की तक ही नहीं, बल्कि लात-जूतों तक पहुंच गया। स्वामी अग्निवेश को धकेल कर नीचे गिरा दिया। उनके कपड़े फाड़ दिए गए, पगड़ी खोल दी गई। इस दौरान बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश के खिलाफ नारे लगाए- जय श्री राम, अग्निवेश भारत छोड़ो, अग्निवेश पाकुड़ में नहीं रहना होगा। दरअसल स्वामी अग्निवेश मंगलवार को पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में पहाडिय़ा समुदाय की एक सभा को संबोधित करने वाले थे। यह सभा अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति दामिन दिवस के 195वें वर्षगांठ पर आयोजित की गयी थी। इस सभा के पहले उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया। इसमें उनके दिए बयानों से नाराज कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश के होटल से बाहर निकलते ही उनपर हमला कर दिया।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी विवाद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर इस पर सफाई दी है। राहुल गांधी ने खुद को कांग्रेस बताते हुए कहा कि मैं पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति और उपक्षितों के साथ हूं और धर्म-जाति मेरे लिए कोई मुद्दा नहीं है। मुस्लिमों की पार्टी वाले बयान पर बीजेपी के हमलावर होने पर राहुल ने ट्विटर पर जवाब देते हुए कहा, मैं कांग्रेस हूं। मैं कतार के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के साथ हूं। मैं उपक्षितों, हाशिये पर और सताये हुए लोगों के साथ खड़ा हूं। उसकी जाति, उसका धर्म मेरे लिए मुद्दा नहीं है। मैं लोगों के दर्द को बांटता हूं और उन्हें गले लगाता हूं। मैं नफरत और डर मिटा देता हूं। आपको बता दें कि कथित तौर पर राहुल गांधी के कांग्रेस की मुस्लिमों की पार्टी बताने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक कार्यक्रम के दौरान तंज कसा था। सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए इसे कांग्रेस का पाखंड करार दिया था। जावड़ेकर ने कहा था कि कांग्रेस एक घोर सांप्रदायिक पार्टी है। मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर यहीं नहीं रुके और कांग्रेस की सोच को तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए कहा, 1984 का नरसंहार हो, भागलपुर दंगे हो या शाहबानो केस जिसमें किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी ने एक सांप्रदायिक सोच के आगे आत्मसमर्पण कर संविधान ही बदल डाला था। ये सब दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी एक घोर सांप्रदायिक पार्टी है। जावड़ेकर ने मुस्लिमों को लेकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर भी हमला बोला था और कहा था अधिकृत तौर पर उन्होंने कहा था कि संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। यही कांग्रेस की सोच है।       साभार-khaskhabar.com

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मिदनापुर। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पंडाल का एक हिस्सा गिर गया। पंडाल का इस हिस्सा गिरने से 22 लोग घायल हो गए। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रैली खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडाल गिरने से घायल हुए सभी लोगों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने सभी से उनका हालचाल जाना। आपको बता दें कि बता दें कि जिस समय पंडाल गिरी थी उसी वक्त पीएम की सुरक्षा में तैनात डॉक्टरों की टीम घायलों की देखभाल में जुट गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को अस्पताल भेज दिया गया। पीएम वहां एक किसानों की रैली को संबोधित कर रहे हैं। किसानों के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ही किसानों के लिए सोचती है। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर जमकर हमला बोला। राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यहां सिंडिकेट चलता है। बिना सिंडिकेट के आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं। पीएम ने कहा, कॉलेज में बिना चढ़ावे के नामांकन नहीं मिलता है। अभी राज्य में लेफ्ट से बदतर हालात हो गए हैं।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। कांग्रेस के मुसलमानों की पार्टी होने के मुद्दे पर सियासी तकरार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस ने भले ही उस उर्दू अखबार की रिपोर्ट को नकारा हो जिसमें दावा किया गया था कि राहुल ने कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बताया था। अब उसी अखबार ने कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रमुख नदीम जावेद का इंटरव्यू छपा है। जिसमें कांग्रेस नेता ने एक तरह से यह पुष्टि की है कि राहुल ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी कहा था। वहीं बीजेपी भी इस मौके को भुनाते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।  बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस का इन आरोपों से इनकार करना उसका पाखंड है। जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस एक घोर सांप्रदायिक पार्टी है। बीजेपी नेता ने कांग्रेसी नेता शशि थरूर के उस बयान पर भी हमला बोला जिसमें थरूर ने हिंदू पाकिस्तान की बात कही थी। जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस के लोग इस देश की अवधारणा को समझते ही नहीं हैं और इसी कारण उनके नेता ऐसा बयान दे रहे हैं। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस ने रामायण के संदर्भ एक कार्यक्रम तय किया था। कांग्रेस महात्मा गांधी के राम राज्य की अवधारणा पर यह कार्यक्रम करने वाली थी लेकिन, इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया क्योंकि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। आखिर पीएम नरेंद्र मोदी कांग्रेस से क्या गलत पूछ लिया कि आप मुस्लिम महिलाओं की पार्टी हैं या नहीं। केवल आप पुरुषों की ही बात कहोगे। यह कैसी राजनीति है। जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस की सोच तुष्टिकरण की है। इस देश में 1984 में सिखों का नरसंहार हुआ था। भागलपुर में सांप्रदायिक दंगा था। शाह बानो केस एक सांप्रदायिक सोच का उदाहरण है। इसके सामने पूरी राजनीति और संविधान का समर्पण कर डाला गया। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने अधिकृत तौर पर कहा था कि संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। यह पूरी कांग्रेस की सोच है। उन्होंने कहा कि सुशील कुमार शिंदे ने राज्यों को पत्र लिखकर आतंकवाद के आरोप में पकड़े गए मुस्लिम युवाओं को छोडऩे की वकालत की थी। कांग्रेस की घृणित सोच ने ही इस देश का विभाजन किया था। इसी कारण देश में कई संकट पैदा हुए। साभार-khaskhabar.com  

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मिर्जापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बहुप्रतीक्षित बाणसागर नहर समेत कई परियोजनाओं का उद्धघाटन किया। बाणसागर परियोजना से सिंचाई को अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानंमत्री उत्तर प्रदेश के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रविवार को मिर्जापुर पहुंचे। बाणसागर नहर परियोजना से मिर्जापुर और इलाहाबाद दोनों के 1.70 लाख किसानों को फायदा पहुंचेगा, जिससे सिंचाई क्षेत्र को भारी बढ़ावा हासिल होगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार का संयुक्त प्रयास है। यह नहर 171 किलोमीटर लंबी है। मोदी ने मिर्जापुर में भीड़ को संबोधित करते हुए कहा,‘‘लगभग 3,500 करोड़ की बाणसागर परियोजना से सिर्फ मिजार्पुर ही नहीं बल्कि इलाहाबाद समेत इस पूरे क्षेत्र की 1.5 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलने जा रही है।’’ उन्होंने मिर्जापुर चिकित्सा कॉलेज की भी आधारशीला रखी और 100 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का उद्धघाटन किया। इसके अलावा मोदी ने गंगा नदी पर पुल का भी उद्धघाटन किया। रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो लोग आजकल किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहाते हैं, उनसे आपको पूछना चाहिए कि आखिर क्यों उन्हें अपने शासन काल में देश भर में फैली इस तरह की अधूरी सिंचाई परियोजनाएं नहीं दिखाई दीं? क्यों ऐसे कार्यों को अधूरा ही छोड़ दिया गया? पीएम ने कहा कि हमने किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। पीएम ने कहा कि बाण सागर परियोजना उस अपूर्ण सोच, सीमित इच्छाशक्ति का भी उदाहरण है जिसकी एक बहुत बड़ी कीमत आप सभी को चुकानी पड़ी है। देश को भी आर्थिक रूप से नुकसान सहना पड़ा। लगभग 300 करोड़ के बजट से शुरु हुई ये परियोजना लगभग 3,500 हज़ार करोड़ रुपए लगाने के बाद पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि लगभग 3,500 करोड़ की बाण सागर परियोजना से सिर्फ मिर्जापुर ही नहीं बल्कि इलाहाबाद समेत इस पूरे क्षेत्र की 1.5 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलने जा रही है। अगर ये प्रोजेक्ट पहले पूरा हो जाता, तो जो लाभ अब आपको मिलेगा, वो पहले से मिलने लगता। पीएम मोदी ने कहा, गरीब को दवाई, किसान को सिंचाई, बच्चों को पढ़ाई और युवाओं को कमाई जहां सुनिश्चित होगी, जहां सुविधाएं अपार होंगी और व्यवस्था ईमानदार होगी, ऐसे New India के संकल्प को सिद्ध करने में हम जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यहां बनने वाले नए मेडिकल कॉलेज से ना सिर्फ मिर्जापुर बल्कि सोनभद्र, भदोही, चंदौली और इलाहाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है। अब यहां का जिला अस्पताल 500 बेड का हो जाएगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आपको बहुत दूर नहीं भटकना पड़ेगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा आज यहां 100 जन औषधि केंद्रों का भी लोकार्पण किया गया है। ये जन औषधि केंद्र गरीब, निम्न मध्यम वर्ग का बहुत-बड़ा सहारा बन रहे हैं। इन केंद्रों में 700 से अधिक दवाइयां और डेढ़ सौ से अधिक सर्जरी के सामान सस्ते दाम पर उपलब्ध हैं।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर। दो दिन से परेशान हो रहे प्रदेशवासियों को आज राहत मिलेगी। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की लिखित परीक्षा का आज आखिरी दिन है। परीक्षा में नकल को रोकने के लिए प्रदेशभर में जो इंटरनेट बंद किया उससे हर खास और आम जन प्रभावित हुआ। प्रदेश में मानो साइबर आपातकाल लग गया हो। परीक्षा में न सिर्फ अाम जनता परेशान हुई, बल्कि अभ्यर्थियों को भी जिल्लत का सामना करना पड़ा। झुंझुनूं में नकल रोकने के नाम पर अ‍भ्‍यार्थियों के कपड़े तक उतरवा दिए गए। लड़कियों के कपड़ों की आस्‍तीने कैंची से काट दी गईं। अभ्यर्थियों की फुल आस्तीन के शर्ट, जूते, जेवर व अन्य सामान परीक्षा केन्द्र से बाहर लावारिस हालत में रखवा दिया गया। और तो और, बाली व कुंडल जब खुले नहीं तो उनको काटकर निकाला गया। इसके बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब किसी परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर 10 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद की गई हो। 10 घंटों तक इंटरनेट बंद रहने से नेट बैंकिंग, रेलवे, सभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ठप रहे, वहीं डिजिटल दुनिया से लोग कट गए। जबकि इंटरनेट बंद करने के बजाय एकमात्र समाधान सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जा सकते थे।    साभार-khaskhabar.com

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से दो दिनों के पूर्वांचल दौरे पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे बड़े 340 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे यानि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी। इलाके के लोगों को उम्मीद है कि इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद विकास की गंगा अपने आप बहने लगेगी।  UP LIVE UPDATE...   - कांग्रेस चाहती है तीन तलाक जारी रहे, मुस्लिम बेटियां मरती रहें : पीएम मोदी। - तीन तलाक पर इन दलों रवैये ने इनकी पोल खोल दी है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं ये दल मिलकर महिलाओं और विशेषकर मुस्लिम बहनों-बेटियों के जीवन को और संकट में डालने का काम कर रहे हैं : पीएम मोदी। - अपने स्वार्थ के लिए ये सब मिलकर आपके विकास को रोकना चाहते हैं, आपको सशक्त होने से रोकना चाहते हैं। उन्हें पता है कि अगर गरीब, किसान, दलित, पिछड़े सशक्त हो गए तो उनकी दुकान बंद हो जाएगी : पीएम मोदी। - जितने भी लोग जमानत पर हैं, जितने भी परिवाद वाले लोग हैं वो जनता के विकास को रोकना चाहते हैं : पीएम मोदी। - जो लोग कभी एक दूसरे को पसंद नहीं करते थे, वो अब एक साथ हो गए हैं : पीएम मोदी।  - बड़े-बड़े अपराधियों की स्थिति क्या है, ये सब जानते हैं : पीएम मोदी। - पिछले एक साल में योगी जी की कमान में जो काम किया गया है, वह अभूतपूर्व : पीएम मोदी।  - गंगा जी में बनारस से हल्दिया तक चलने वाले जहाज इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और आगे ले जाएंगे : पीएम मोदी।  - उत्तर प्रदेश के 12 एयरपोर्ट उड़ान योजना के तहत विकसित किए जा रहे हैं : पीएम मोदी। - उत्तर प्रदेश में वॉटरवे और एयरवे पर भी तेजी से काम चल रहा है : पीएम मोदी।  - युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे : पीएम मोदी। - इस क्षेत्र में जो हमारे महत्वपूर्ण पौराणिक स्थान हैं, भगवान राम से जुड़े, हमारे ऋषि मुनियों से जुड़े, उनका अब अधिक प्रचार-प्रसार हो पाएगा : पीएम मोदी। - पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से यूपी में एक और चीज़ बढ़ेगी और वो पर्यटन है : पीएम मोदी। - इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से पूर्वांचल के किसान भाई-बहनों का अनाज, फल, सब्जी, दूध, कम समय में दिल्ली की बड़ी मंडियों तक पहुंच पाएगा : पीएम मोदी। - यूपी का किसान हो, पशुपालक हो, बुनकर हो, मिट्टी के बर्तनों का काम करने वाला हो, हर किसी के जीवन को ये एक्सप्रेसवे नई दिशा देने वाला है : पीएम मोदी। - 2014 से पहले देश में जितनी लम्बाई के राष्ट्रीय राजमार्ग थे वो दोगुने हो चुके हैं : पीएम मोदी। - आजादी से पहले देश में जितना कार्य हुआ था उससे ज्यादा काम 4 साल में भाजपा सरकार ने करके दिखाया है : पीएम मोदी। - ऋषि मुनियों की तपोभूमि को मैं नमन करता हूं : पीएम मोदी। - पीएम मोदी ने 340 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे यानि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी।    पीएम मोदी के इस दौरे को सियासी संदर्भ में भी देखा जा रहा है। 2014 के आम चुनाव में पूर्वांचल में एकमात्र आजमगढ़ एक ऐसी सीट थी जिस पर बीजेपी अपना झंडा गाड़ने में कामयाब नहीं हुई थी। 2019 के आम चुनाव से पहले जिस तरह से विरोधी दल खेमेबंदी में जुटे हैं उसके असर को नाकाम करने के लिए बीजेपी पुरजोर कोशिश कर रही है।    जानकारों का कहना है कि इस तथ्य से कौन इनकार कर सकता है कि प्रदेश का पूर्वनी हिस्सा पिछड़ा नहीं है। देश की आजादी से लेकर जिन लोगों की सरकारें रहीं उन लोगों ने यहां के लोगों का दोहन किया। लेकिन उसके बदले में कुछ नहीं दिया। लेकिन केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार के बाद विकास के पंख को रफ्तार लगने की उम्मीद जताई जाती है।    आपको बता दें, एक सप्ताह के अंदर पीएम मोदी का उत्तर प्रदेश में दूसरा दौरा है। बीते सोमवार को प्रधानमंत्री ने नोएडा में सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। बताया जा रहा है कि सिर्फ वाराणसी में पीएम मोदी 1000 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।   साभार-khaskhabar.com

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कोलकाता। हिंदू पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक आलोचना के बाद अब कोलकाता की अदालत ने उनके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर को 14 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है। थरूर के खिलाफ यह नोटिस स्थानिय वकील सुमीत चौधरी की याचिका पर जारी किया गया है। चौधरी ने आरोप लगाया था कि थरूर के इस बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और संविधान का अपमान किया गया है। आपको बता दें, तिरूवनंतपुर में बुधवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा था कि अगर 2019 का चुनाव बीजेपी जीतती है तो देश हिन्दू पाकिस्तान बन जाएगा। साथ ही थरूर ने कहा था कि अगर बीजेपी जीतती हो तो वह नया संविधान लिखेगी, जिससे यह देश पाकिस्तान बनने की राह पर प्रशस्त होगा। जहां, अल्पसंख्यकों के अधिकारों का कोई सम्मान नहीं किया जाता है। बयान पर मचे सियासी बावल और बीजेपी के हमले के बाद के बाद कांग्रेस ने अपना रूख साफ किया था। कांग्रेस ने शशि थरूर के इस बयान से खुद को किनारा कर लिया है। जबकि, दूसरी तरफ, थरूर ने साफ कर दिया है अब भी वे अपने बयान पर कायम हैं। वहीं, थरूर के हिन्दू पाकिस्तान वाले बयान बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने थरूर के बयान पर कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग की है। साभार-khaskhabar.com

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