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लखनऊ। महाराष्ट्र में प्लास्टिक के इस्तेमाल करने पर बैन लग चुका है। अब उत्तरप्रदेश में भी जल्द ही प्लास्टिक पर प्रतिबंध होने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण को बचाने के लिए अहम कदम उठाते हुए प्रदेश में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में 15 जुलाई से प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 15 जुलाई से यूपी में प्लास्टिक बेचने या इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना लगेगा या फिर सजा का प्रावधान किया गया है।  माना जा रहा है कि प्रदेश की योगी सरकार ने यह फैसला पर्यावरण को बचाने और प्रदेश में अंधाधुंध हो रहे प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से उनके कार्यालय के ट्विटर अकाउंट के जरिए घोषणा की गई है ‘हमने 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है मैं आह्वान करता हूं कि 15 जुलाई के बाद प्लास्टिक के कप, गिलास, और पॉलीथीन का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर न हो। इसमें आप सभी की सहभागिता जरूरी होगी।’ योगी आदित्यनाथ का कहना है कि पॉलीथीन प्रदूषण का कारक है. इसलिए इस पर रोक लगाना जरूरी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में भी प्लास्टिक के सामान का इस्तेमाल करने पर बैन लग चुका है। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को मराठी नववर्ष ‘गुड़ी पर्व’ से कुछ प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। जिसके बाद 25 जून को पूरे महाराष्ट्र में प्लास्टिक बैन हो गया।   साभार-khaskhabar.com

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एक महीने से अधिक समय बाद पेट्रोल और डीजल कीमतों में बढ़ोतरी बनी हुई है। करीब 36 दिन के अंतराल के बाद लगातार दूसरे दिन भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में जहां 16 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल में 12 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वहीं शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई। खबरों के मुताबिक, पेट्रोल के दाम में 14 से 15 पैसे की वृद्धि हुई है, जबकी डीजल के दामों में 16 से 18 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है। बढ़ी हुई कीमत के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 75.71 रुपए प्रति लीटर है। वहीं महानगर मुंबई में 83.24 रुपए, कोलकता में 78.53 रुपए और चेन्नई में 78.72 रुपए प्रति लीटर की दर से पेट्रोल बिक रहा है। जबकी डीजल के दामों में 16 से 18 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है। बढ़ी हुई कीमतों के बाद दिल्ली में डीजल की कीमतें बढक़र 67.66 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं।  वहीं मुंबई में 71.79 रुपए, कोलकता में 70.05 रुपए और चेन्नई में 71.42 रुपए प्रति लीटर की दर से डीजल बिक रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार बीते कुछ दिनों से पेट्रोल की कीमत में लगातार राहत दे रही थी। जिसे देख कर आम लोगों को ऐसी उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें बड़ी राहत मिलेगी लेकिन बीते कुछ दिन पहले ही सरकार ने पेट्रोल की कम होती कीमत पर रोक लगा दी है।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार और एलजी के बीच जारी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। केजरीवाल और उपराज्यपाल के बीच शक्तियों के बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर घमासान मचा शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार जहां अब सर्विसेज को अपनी अधीन बता रही है, वहीं केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर इस पर केजरीवाल सरकार को जवाब दिया है। जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा कि इस फैसले को किसी को भी एक की जीत और दूसरे की हार के तौर पर नहीं देखना चाहिए। जिन मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई राय नहीं दी है उसे किसी पक्ष विशेष का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए। कहने का मतलब जेटली का सर्विसेज डिपार्टमेंट और ट्रांसफर पर केजरीवाल सरकार का जवाब माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने गुरुवार को ब्लॉग के जरिए फैसले के संवैधानिक पक्षों पर अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मुद्दों पर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है इसलिए इसे कोर्ट का किसी एक पक्ष के लिए विशेष झुकाव या समर्थन नहीं माना जाना चाहिए। जेटली ने लिखा कि दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में पुलिस नहीं है, इसलिए दिल्ली सरकार को किसी जांच एजेंसी को नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। दिल्ली सरकार ने ऐसा पहले किया है और यह गलत है। जेटली ने अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर इशारों-इशारों में केजरीवाल सरकार को जवाब देते हुए लिखा, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर अपने फैसले में कहा है कि दिल्ली की तुलना देश के अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती है। संघशासित काडर के तौर पर प्रशासन को दिल्ली सरकार के पक्ष में दिया गया फैसला बताना पूरी तरह से भ्रमित करने वाली व्याख्या है। वकील अरुण जेटली ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली एक पूर्ण राज्य नहीं है। उन्होंने लिखा, दिल्ली के उपराज्यपाल की भूमिका राज्यों के गवर्नर जैसी नहीं है। वह एक तरह से प्रशासनिक कार्यों के लिए नियुक्त प्रतिनिधि हैं। जेटली ने लिखा कि फैसले को दिल्ली सरकार के पक्ष में नहीं बताते हुए यह कहा जाना चाहिए कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार की शक्तियों को मान्यता देते हुए राष्ट्रीय राजधानी के हित में केंद्र सरकार को सर्वोपरि रखा गया है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को धमकी देने वाले शख्स को गुजरात से गिफ्तार कर लिया हैं। गुजरात के अहमदाबाद शहर से गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम गिरीश है। बता दे, बीते दिनों भगवान राम के नाम के एक ट्विटर यूजर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए उनकी बेटी से रेप करने की बात कही थी। इसके बाद प्रियंका ने इस उसे दो टूक जवाब देते हुए मुंबई पुलिस से कार्रवाई कर शख्स को गिरफ्तार करने की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस ने फर्जी ट्विटर अकाउंट चलाने वाले शख्स की पहचान गिरीश के रूप में की और उसे अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को बीते दिनों मंदसौर रेप मामले में अपनी बात रखने पर एक फर्जी यूजर ने उनकी बेटी का रेप करने की धमकी दी थी। प्रियंका चतुर्वेदी को ये धमकी मध्य प्रदेश के मंदसौर मामले में वायरल हो रहे एक फर्जी संदेश को लेकर मिली थी। इससे पहले इस मामले में गृह मंत्रालय ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीते मंगलवार को इस मामले में ट्विटर से ट्वीट करने वाले का ब्योरा मंगा था और मुंबई पुलिस से मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसले सुनाने का स्वागत किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उप राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बेहतर एवं मुक्त प्रशासनिक और शासी शक्तियों को लेकर उप राज्यपाल के साथ अदालती जंग लड़ रही थी।  केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी जीत। लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत।’’ आदेश को ऐतिहासिक फैसला करार देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अब शहर की सरकार सुचारु रूप से कार्य करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अब दिल्ली सरकार को मंजूरी के लिए उप राज्यपाल के पास अपनी फाइलें नहीं भेजनी पड़ेंगी, अब कार्य में बाधा नहीं आएगी। दिल्ली के लोगों के लिए यह बड़ी जीत है।’’ सिसोदिया ने कहा, ‘‘दिल्ली को शक्तियां फिर से मिल गईं। यह फैसला उपराज्यपाल की मनमानी के खिलाफ आया है। मैं सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देता हूं। लोकतंत्र के लिए यह बड़ी जीत है।’’ केजरीवाल कुछ अन्य मंत्रियों के साथ उपराज्यपाल के आवास पर 11 से 19 जून तक धरने पर बैठे थे। वह हड़ताल पर गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और शहर सरकार की राशन योजना को मंजूरी देने की मांग कर रहे थे।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। किसानों को बड़ी राहत देते हुए मोदी सरकार ने धान की फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने को ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के लिए इस बड़े फैसले पर मंजूरी दी गई। धान का समर्थन मूल्य अब 1,550 रुपये प्रति क्विंटल से 1,750 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए मंजूरी दी। इसमें धान (सामान्य) की एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,750 रुपये और ग्रेड-ए वैरायटी धान की एमएसपी को 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,750 रुपये की गई। इससे पहले धान (सामान्य) की एमएसपी 1,550 रुपये और धान (ग्रेड-ए) की एमएसपी 1,750 रुपये प्रति क्विंटल थी। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले देश भर में किसानों के उभरे गुस्से और आंदोलन के बीच सरकार ने खरीफ की फसलों पर एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र और कर्नाटक से आए 140 किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर एमएसपी बढ़ाने का आश्वासन दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की अगली बैठक में खरीफ फसलों का एमएसपी डेढ़ गुना करने को मंजूरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा था कि इससे किसानों की आमदनी दोगुनी करने में बड़ी मदद मिलेगी।   साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। मुंबई कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया। विपक्षी पार्टी ने कहा कि फड़णवीस ने नवी मुंबई में एक प्रमुख भूखंड एक बिल्डर को औने-पौने दाम में दे दिया। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया को बताया कि फड़णवीस सरकार ने लगभग 1,767 करोड़ रुपये कीमत की 24 एकड़ जमीन पैराडाइज बिल्डर्स को मात्र 3.60 करोड़ रुपये में दे दिया है।    दोनों नेताओं ने कहा कि यह भूखंड शहर एवं औद्योगिक विकास निगम (सिडको) का है। उन्होंने कहा कि यह जमीन कथित रूप से कोयना बांध परियोजना से प्रभावित लोगों और किसानों के पुनर्वास के लिए थी। इसे एक ‘महाघोटाला’ करार देते हुए निरूपम और सुरजेवाला ने बंबई उच्च न्यायालय के दो मौजूदा न्यायाधीशों से इसकी जांच कराने की मांग की।   निरूपम ने कहा, ‘‘सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाना और पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए गरीबों के साथ धोखा करना भाजपा का आंतरिक चरित्र है। केंद्र की सूट-बूट वाली सरकार और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों में अपने मु_ीभर पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने की होड़ मची हुई है।’’   निरूपम ने अपने आरोपों को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में पैराडाइज बिल्डर्स ने नवी मुंबई में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से लगी जमीन मांगी थी और अधिकारियों ने कथित तौर पर कोयना बांध परियोजना में विस्थापित हुए कुछ भोले-भाले किसानों की पहचान की, ताकि उन्हें सिडको की भूमि आवंटित कर बाद में उसे बिल्डर को स्थानांतरित कर दिया जाए।   उन्होंने कहा कि इस वर्ष फरवरी में रायगढ़ के कलेक्टर ने रंजपपाड़ा गांव में 24 एकड़ जमीन आठ विस्थापित किसान परिवारों को आवंटित कर दिया, जबकि पैराडाइज बिल्डर ने इस भूमि को 15 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से स्थानांतरित करने का एक करार किसानों के साथ पहले ही कर लिया था।   निरूपम ने कहा, ‘‘सिडको और फड़णवीस के नेतृत्व वाले शहरी विकास विभाग (यूडीडी) ने भूमि को डीनोटीफाई करने की मंजूरी दे दी, ताकि इसे बिल्डर को स्थानांतरित किया जा सके।’’   उन्होंने कहा कि सभी अन्य औपचारिकताएं तेजी से पूरी की गईं और बिल्डर को पिछले महीने भूमि का कब्जा दे दिया गया, मात्र 15 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से, जबकि सिडको ने इससे सटी जमीन 184,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की ऊंची दर से बेची थी।   कांग्रेस ने यह भी सवाल किया कि वे आठ किसान कौन थे, और उनकी पहचान क्यों की गई, उन्हें खेती की जमीन आवंटित करने के बदले कैसे सिडको की कीमती जमीन आवंटित की गई, बिल्डर ने कैसे किसानों के साथ जमीन बिक्री का करार कर लिया, जिसे किसानों आवंटन के तत्काल बाद मामूली कीमत में बेच दिया।   नेताओं ने सवाल किया है कि आखिर सिडको-यूडीडी और पैराडाइज बिल्डर्स के बीच क्या रिश्ता है, और उन्हें लगभग 1,767 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन मात्र 3.6 करोड़ रुपये में प्राप्त करने वाले इस सौदे के लिए फड़णवीस का आशीर्वाद क्यों प्राप्त है। उन्होंने इस सौदे में संबंधित सरकारी विभागों की तरफ से की गई कथित अनियमितता का आरोप लगाया है।   हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के प्रवक्ता माधव भंडारी ने सभी आरोपों तत्काल खारिज कर दिया और इसे झूठा व निराधार बताया। जबकि फड़णवीस के करीबी विश्वासपात्र और विधायक प्रसाद लाड ने कांग्रेस के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी।   साभार-khaskhabar.com      

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मुंबई। मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रेलवे पुल का एक हिस्सा गिर गया। इस घटना के बाद अंधेरी से विरार के बीच रेल सेवा को फिलहाल रोक दिया गया है। मौके पर 4 फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां पहुंच गई हैं। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 7.30 बजे अचानक से ये ब्रिज गिर गया। इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। 10 से 15 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।   मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के अनुसार, ये ब्रिज अंधेरी ईस्ट को अंधेरी वेस्ट से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द बचाव कार्य चला रहे हैं। इस ब्रिज का नाम गोखले ब्रिज है। फुटओवर ब्रिज का मलबा गिरने से रेलवे ट्रैक पर ओएसई प्रभावित हुई है, जिसके कारण यातायात पर फर्क पड़ा है। अंधेरी से विले पार्ले जाने वाली सभी 4 लाइनें बंद कर दी गई हैं। ब्रिज के दूसरी तरफ ही दो स्कूल हैं, पास में ही रेलवे स्टेशन है। यही कारण है कि ये ब्रिज काफी इस्तेमाल में आता है, हालांकि क्योंकि ये हादसा काफी सुबह हुआ इसलिए ब्रिज पर अधिक संख्या में लोग नहीं थे। हादसे के बाद मुंबई पुलिस ने भी इस बारे में ट्वीट किया। पुलिस ने बताया कि ब्रिज गिरने के बाद मौके पर सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों को किया जा रहा है। मौके पर पुलिस पहुंच गई है, अभी ट्रैफिक रोका गया है।   साभार-khaskhabar.com    

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच बढ़ती नजदीकीयों और अगले लोकसभा चुनाव में होने जा रहे गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शीर्ष नेतृत्व भी सजग हो गया है। इस सिलसिले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चार जुलाई को वाराणसी और मिर्जापुर में प्रवास के दौरान पूर्वांचल में पार्टी की संभावित रणनीति पर पदाधिकारियों के साथ मंथन करेंगे।    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मिर्जापुर में चार जुलाई के दौरे के समय एक तरफ जहां पूर्वांचल में पार्टी की संभावित रणनीति पर मंथन होगा वहीं दूसरी ओर आजमगढ़ में प्रधानमंत्री की 15 जुलाई को होने वाली रैली को लेकर भी चर्चा होगी। वह इस दौरान पूर्वांचल के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठकर उनकी रैली को लेकर रणनीति तैयार करेंगे।    भाजपा सूत्रों की मानें तो इस दौरे में शाह पूर्वांचल के मतदाताओं की मनोभावना समझकर उसके मुताबिक पार्टी को रणनीति तैयार करने की सलाह देंगे। 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल में बसपा ने सीट भले ही नहीं जीती थी, पर उसके प्रत्याशियों को सपा से भी ज्यादा वोट मिले थे।   ऐसे में गठबंधन के बाद हालात बहुत अनुकूल नहीं हैं। मुलायम सिंह यादव द्वारा आजमगढ़ सीट छोडऩे के बाद भाजपा ने यहां अपनी नजर गड़ा दी है।    चार जुलाई के दौरे में यह भी तय हो जाएगा कि मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में पूर्वांचल को कैसे महत्व दिया जाए। जमीनी हकीकत की पड़ताल और फीडबैक के बाद मंथन कर तालमेल बढ़ाने पर फैसला किया जाएगा।   गोरखपुर-बस्ती मंडल की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई है, जबकि वाराणसी और मिर्जापुर की कमान फिलहाल अमित शाह ने खुद संभाल ली है।   सूत्रों के मुताबिक, चुनाव से पहले तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह के पूर्वांचल दौरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव जैसा परचम 2019 के लोकसभा चुनाव में भी फहरा सके।    भाजपा के प्रदेश महासचिव और विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चार जुलाई को बनारस और मिर्जापुर के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर विचार-विमर्श करेंगे।      साभार-khaskhabar.com    

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श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा पर जा रहे तीन यात्रियों की मंगलवार को यहां अलग-अलग कारणों से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उत्तर कश्मीर के बलटाल शिविर में आंध्र प्रदेश की थोटा रधनाम (75) की हृदयाघात से मौत हो गई।   बलटाल से ट्रैकिंग कर पवित्र गुफा जाते समय एक पत्थर से टकराने के बाद उत्तराखंड निवासी पुष्कर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को अस्पताल में उनकी मौत हो गई।  पुलिस ने बताया कि बलटाल से ट्रैकिंग कर जा रहे आंध्र प्रदेश के राधाकृष्ण शास्त्री (65) की भी हृदयाघात से मौत हो गई।   इससे पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कर्मी, एक स्थानीय सहायक और दूसरे राज्य के एक स्वयंसेवी की भी यात्रा के दौरान प्राकृतिक कारणों से मौत हो चुकी है। मंगलवार को तीन लोगों की मौत होने के साथ अमरनाथ यात्रा के दौरान जान गंवाने वालों की संख्या छह हो गई है।     साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत मामले में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच को इस मामले की जांच सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच को भाटिया परिवार के घर से कुछ हाथों से लिखे ऐसे नोट्स मिले हैं जो इशारा कर रहे है कि पूरे परिवार की मौत तंत्र मंत्र के चक्कर में हुई है। दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक घर की तलाशी में कुछ हाथ से लिखे नोट्स मिले हैं जिससे पता चलता है कि पूरा परिवार किसी विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक तंत्र मंत्र में जुटा हुआ था। खासबात यह है कि हाथ से लिखे जो नोट्स मिले हैं उसमें जिस तरह से मुंह और आंखों पर पट्टी बंधे होने का जिक्र है ठीक वैसा ही परिवार के लटकते शवों में भी पाया गया था। ज्यादातर शवों के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी। जिन हालात में सभी लोगों की मौत हुई है और हैंड रिटेन नोट्स मिले हैं उसे देखते हुए पुलिस किसी तांत्रिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके लिए पुलिस सभी मृतकों के कॉल डिटेल को खंगाल रही है। हालांकि इस बारे में अभी तक पुलिस को कोई सबूत अभी तक नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुराड़ी मामले में घर के अंदर जो नोट्स मिले हैं उसमें लिखा हुआ है- अगर आप स्टूल का इस्तेमाल करेंगे, आंखें बंद करेंगे और हाथ बांध लेंगे तो आपको मोक्ष की प्राप्ति होगी। हालांकि पुलिस इसके अलावा परिवार की हत्या के नजरिए से भी जांच कर रही है। पुलिस ने परिवार की सबसे वृद्ध महिला की मौत को हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।   बुराड़ी के संतनगर में रविवार को उस वक्त हडक़ंप मच गया जब एक घर में पड़ोसी ने एक साथ कई शवों को लटका देखा। संदिग्ध परिस्थितियों में एक ही परिवार के 11 सदस्यों को मरा पाया। इनमें से कुछ की आंखों पर पट्टियां बंधी थीं और वे फंदे पर लटके हुए थे। घटना की जानकारी पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस जब घर के अंदर गई तो दो मंजिला घर के आंगन में चार पुरुषों और सात महिलाओं के शवों को देखा। मृतकों में तीन किशोर भी शामिल थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश खुराना ने कहा, मरने वालों में से कुछ बरामदे में लगे रोशनदान की छड़ों में लगे फंदे से लटके पाए गए, जबकि अन्य फर्श पर पड़े पाए गए। इनकी आंखों पर पट्टियां बंधी थी और हाथ-पैर भी बंधे हुए थे।     साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) का अध्यक्ष चुन लिया गया है। रजत शर्मा को 54.40 प्रतिशत वोट मिले। उन्हें कुल 1521 वोट मिले। इसके अलावा, राकेश कुमार बंसल को डीडीसीए का नया उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। राकेश को डीडीसीए के चुनाव में कुल 1364 यानी 48.87 प्रतिशत वोट मिले। रजत शर्मा ने अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व क्रिकेटर मदन लाल को हराया। मदन लाल को कुल 1004 वोट मिले। सचिव पद के लिए मंजीत सिंह ने विनोद कुमार तिहारा को अच्छी टक्कर दी। मंजीत को कुल 998 वोट मिले जबकि तिहारा को 1374 मत मिले।   डीडीसीए कार्यकारिणी के लिए 30 जून को चुनाव हुए थे। राजन मनचंदा संयुक्त सचिव चुने गए हैं। उन्हें कुल 1402 (50.23 प्रतिशत) वोट मिले। डीडीसीए के कोषाध्यक्ष के रूप में ओ.पी. शर्मा का चयन किया गया है। शर्मा को कुल 1365 (48.91 प्रतिशत) वोट मिले।    1241 वोटों के साथ संजय भारद्वाज को डीडीसीए के प्रथम श्रेणी क्रिकेटर निदेशक चुना गया। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट खिलाड़ी सुरेंद्र खन्ना को इस पद के चुनाव में 479 वोट मिले। उनसे अधिक वोट इस पद के लिए अंजली शर्मा को मिले। अंजली को 891 वोट मिले। ऐसे में सबसे अधिक वोटों के साथ भारद्वाज ने इस पद को हासिल किया।   डीडीसीए की महिला निदेशक के रूप में रेनू खन्ना का चयन हुआ है। उन्होंने इस पद पर 1342 वोटों के साथ जीत हासिल की है। एसोसिएशन के पांच निदेशकों के रूप में आलोक मित्तल, अपूर्व जैन, नितिन गुप्ता, शिव नंदन शर्मा और सुधीर कुमार अग्रवाल को निर्वाचित किया गया। आलोक को 1325, अपूर्व को 1286, नितिन को 1291, शिव को 972 और सुधीर को 1095 वोट मिले। डीडीसीए चुनाव पांच साल बाद आयोजित हुए। इससे पहले, साल 2013 में डीडीसीए के चुनाव हुए थे।      साभार-khaskhabar.com    

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