(मुकेश कुशवाह) बदमाशों की गोली लगने से स्वाॅट टीम का एसआई घायल फरार बदमाश के साथी को पुलिस ने पकड़ाःभारी मात्रा में कारतूस, अवैध रायफल बरामद पुलिस की गोली से इनामी बदमाश के घायल होने की संभावना मथुरा। थाना बरसाना क्षेत्र स्थित गांव जानू के पास जंगल में ट्यूवबैल पर 25 हजार के इनामी बदमाश और पुलिस की मुठभेड़ में स्वाॅट टीम के एसआई गोली लगने से घायल हो गए। इनामी बदमाश पुलिस को चकमा देने के बाद भागने में सफल रहा लेकिन पुलिस ने उसके एक साथी को दबोच लिया। हालांकि पुलिस की गोली से इनामी बदमाश के घायल होने की भी संभावना है। इस संबंध में एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि इनामी बदमाश को पकड़ने गई पुलिस टीम पर शातिरों ने फायरिंग की,जिसमें एक दरोगा गोली लगने से घायल हो गए,उनका कहना था कि इनामी बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया लेकिन उसका एक साथी पकड़ लिया गया है,उनका यह भी कहना था कि फरार हुए इनामी बदमाश को भी गोली लगने की आशंका है क्योंकि वहां कुछ खून के निशान मिले हैं। उनका यह भी कहना था कि पकड़े गए शातिर को पकड़ने के लिए सीओ गोवर्धन के नेतृत्व में थाना प्रभारी गोवर्धन,थाना प्रभारी बरसाना,थाना प्रभारी छाता के अलावा स्वाॅट टीम लगी हुई है। बताते चलें कि विगत रविवार की रात करीब 1 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि थाना बरसाना क्षेत्र स्थित गांव जानू के पास जंगल में 25 हजार का इनामी बदमाश जमशेद निवासी विशंभरा थाना शेरगढ अपने साथी के साथ छिपा हुआ है। जानकारी होते ही स्वाॅट टीम हरवेन्द्र मिश्रा टीम में एसआई प्रदीप कुमार,एसआई सुल्तान सिंह,एसआई विपिन भाटी आदि के साथ गांव जानू निवासी महेश शर्मा के खेत पर पहुंचे। वहां स्वाॅट टीम के साथ थाना प्रभारी बरसाना सुनील तोमर,थाना प्रभारी गोवर्धन संसार सिंह राठी और थाना प्रभारी छाता प्रमोद पंवार भी सीओ गोवर्धन जगवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पहुंच गए। स्वाॅट टीम और थानों के फोर्स ने खेत पर लगे ट्यूवबैल की दो मंजिला कोठरी की घेराबंदी की तो उसके अंदर छिपे 25 हजार के इनामी जमशेद और उसके साथी महेश शर्मा ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस टीम और बदमाशों के बीच करीब दो घंटे मुठभेड़ चली। दोनों ओर से करीब 50 राउंड फायर हुए। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की एक गोली स्वाॅट टीम के एसआई सुल्तान सिंह के सीने के ऊपरी हिस्से के चीरते हुए साइड से पार निकल गई। उसी दौरान मौका मिलते ही 25 हजार का इनामी जमशेद अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। हालांकि पुलिस टीम ने घेराबंदी करके भागे बदमाश के साथी महेश शर्मा निवासी गांव जानू को दबोच लिया। उसके पास से 20 जिंदा कारतूस और एक अवैध रायफल बरामद हुई है। घायल दरोगा सुल्तान सिंह को उपचार के लिए नयति हाॅस्पीटल में भर्ती कराया गया,जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी गई है। एसएसपी ने बताया कि संभवत फरार बदमाश भी पुलिस की गोली से घायल हुआ है,क्योंकि जिस स्थान से इनामी बदमाश गोलियां चला रहा था,वहां खून के धब्बे मिले हैं। उनका कहना था कि पुलिस टीम ने सुबह पांच बजे तक फरार बदमाश को पकड़ने के लिए जंगल में कांबिंग की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि फरार बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें हरियाणा और राजस्थान में दबिशें दे रहीं हैं। उनका यह भी कहना था कि फरार हुए शातिर बदमाश को जल्द पकड़ लिया जाएगा,अगर वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ सका तो उसके ऊपर इनामी राशि बढाई जाएगी। साहुन और हारून के वर्चस्व की लड़ाई में फरार जमशेद ने की थी दिनदहाड़े चार हत्या आजीवन कारावास की सजा के बाद 25 हजार का इनामी चल रहा है फरार स्वाॅट टीम के साथ ही तीन थानों की पुलिस फोर्स को चकमा देकर और एक दरोगा को घायल करके फरार हुआ 25 हजार का इनामी बदमाश जमशेद निवासी विशंभरा कुख्यात बदमाश हारून गैंग का सक्रिय सदस्य है। बताते चलें कि कुख्यात लुटेरे साहुन मेव और हारून मेव दोनों ही विशंभरा के रहने वाले हैं। जरायम की दुनियां में दोनों का ही गुरू सल्ली मेव निवासी नूंह मेवात हरियाणा था। हरियाणा से लेकर आंध्र प्रदेश तक साहुन और हारून ने जमकर लूटपाट और अपरहण की घटनाओं को अंजाम दिया था। साहुन के बढते प्रभाव को देखकर हारून उससे अलग हो गया और उसने साहुन से अलग अपना गैंग खड़ा कर लिया था। वर्चस्व की लड़ाई साहुन और हारून में ऐसी बढी कि दोनों की एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। अपना-अपना सिक्का जमाने के लिए हारून और साहुन के बीच कई बार गैंगवार हुई। हारून को भारी पड़ते देखकर साहुन ने हारून पक्ष के दो लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2014 के मार्च में हारून पक्ष के जमशेद समेत एक दर्जन लोगों ने साहुन पक्ष के चार लोगों की सरेआम हत्या कर दी थी,उस दौरान गैंगवार में हारून पक्ष के एक व्यक्ति भी मौत हो गई थी। चार हत्या होने के बाद साहुन ने हारून के मकान और खेत पर कब्जा कर लिया था। उसी दौरान अदालत ने हारून पक्ष के 11 लोगों को चार हत्या करने का दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। अदालत का फैसला आने के बाद हारून पक्ष के आठ लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं लेकिन जमशेद समेत तीन हत्यारे फरार चल रहे हैं। हालांकि साहुन मेव ने भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से सेटिंग करके सरेंडर कर दिया है लेकिन हारून मेव गैंग का जमशेद पुलिस की नजर से बचते हुए वारदात कर रहा है।
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