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पण्डित जी के विचारों के अनुसार हमें सबके साथ कार्य करने की भूमिका रखनी चाहिए- राज्यपाल
भारत की औद्योगिक नीति में सात एम होना जरूरी
सीएम ने 214 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास किया
मथुरा। प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पण्डित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान केन्द्र एवं गो-अनुसंधान विश्वविद्यालय में एकात्मक मानववाद के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा का अनावरण किया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संचेतना को जागृत करने वाले पण्डित जी की पुण्यतिथि है जो 11 फरवरी 1968 को लखनऊ से पटना की यात्रा के दौरान मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर जिस स्थिति में पाये गये, वे भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच नहीे हैं, लेकिन उनका विचार दर्शन इस बात के साक्षी हैं कि विचार कभी मरते नहीं है, बल्कि समय के अनुरूप वे अपना कार्य लेते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर इस वेटनरी विश्वविद्यालय में भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशन्नता है कि आज पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्मक मानववाद व अन्त्योदय के अभियान पर गांव-गांव तथा घर-घर कृत संकलित होकर कार्य हो रहे हैं। जब हम अन्त्योदय की बात करते हैं तो भारत की ग्राम आधरित व्यवस्था का दृश्य हम सबके सामने उभरकर आता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने भी ग्राम स्वराज्य की बात की थी। आजादी के बाद कुछ ही महापुरूष थे, जिन्होंने भारत को भारत की दृष्टि से देखने का प्रयास किया। पण्डित जी भारत को भारत की दृष्टि से देखने के पक्षधर थे। उनके अनुसार भारत के अन्दर कृषि नीति होनी चाहिए, जिसमें खेती, पशुपालन तथा बागवानी भी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे धर्मस्थल, उपासना के साथ सामाजिक संचेतना के आधार भी होने चाहिए। आपस में पारस्परिक सहकारिता के बारे में भी देश की आजादी के बाद मुखर स्वर उठाये थे। भारत के अन्दर राजनैतिक दलों का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जिससे प्रत्येक दल के अन्दर एक नया वैचारिक अधिष्ठान देने की क्षमता होनी चाहिए। इस भाव को आगे बढ़ाने का कार्य भी होना चाहिए। हमारा भाव तथा भावनाएं ऐसी होनी चाहिए जैसे आदिगुरू शंकराचार्य तथा चन्द्रगुप्त मौर्य, पंण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर विचार और चिंतन को मूर्त रूप देने के लिए प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी पर पूरा वांग्मय सभी विश्वविद्यालयों तथा लाइब्रेरी में उपलब्ध है। इसके साथ ही डा0 राममनोहर लोहिया का भी वांग्मय पढ़ना चाहिए, जो भारतीय संचेतना को एक नई गति देने के लिए सदैव सक्रिय रहे। पण्डित जी ने कहा था कि जो कमायेगा वह खिलायेगा भी। यदि कमाने वाला यह सोचे कि परिवार के अन्य सदस्य नहीं कमाते हैं तो वह परिवार नहीं रह पायेगा, इस दृष्टि को समझने का प्रयास किया था पण्डित जी ने। उन्होंने कहा कि भारत की एकता का आधार परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। इसी वजह से भारत, भारत बना हुआ है। पण्डित जी के विचारों के अनुसार भारत की औद्योगिक नीति में 07-एम होने चाहिए, जिसमंे मनुष्य, माल, मुद्रा, मशीनरी, मैनेजमेंट, मोटिवेशन तथा मार्केट को लेकर जो औद्योगिक नीति बनाई जायेगी वह समाज के लिए कल्याणकारी होगी, यदि इनमें से एक भी बिन्दु छूट गया तो वह औद्योगिक दृष्टिकोण शंकराचार्य जैसा होना चाहिए, जिन्होंने ऐसे परिवार से भिक्षा लेने से अस्वीकार कर दिया था, जिसके नजदीक ही एक अन्य परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय थी।
मुख्यमंत्री श्रीयोगी ने कहा कि 214 करोड़ की लागत की परियोजनाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न होने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयास से इतनी योजनाएं पूर्ण हुई हैं। उ0प्र0 ब्रजतीर्थ विकास परिषद मथुरा जनपद के प्रमुख स्थलों को विकसित करने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रातः कालीन सत्र में मा0 मदनमोहन मालवीय जी ने सन् 1935 में एक हजार एकड़ भूमि क्रय कर गोचर करायी थी, जिस पर महामना गौ-ग्राम का पूजन किया गया, जहां पर गौ आधारित व्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य किया जायेगा। हम लोगों ने संरक्षण किया है अब उसके संवर्धन करने की आवश्यकता है। उन्हांेने कहा कि वेटनरी विश्वविद्यालय अब पहला कार्य गौ-माता के दूध की क्षमता बढ़ाने का कार्य करने के साथ ही भारतीय नस्ल की अच्छी गाय हर गौ-पालक को दें, जो कृषि के साथ, गौपालन, बागवानी भी हो। गौ-अनुसंधान केन्द्र बनने चाहिए जहां भारतीय नस्ल की गाय पर शोध करके दूध की क्षमता 10 से 25 लीटर तक बढ़ाने का कार्य करें। इनके गोबर से गोबर गैस प्लाण्ट चले और मीथेन गैस का प्रयोग सिलैण्डर भरने में प्रयोग करने से गरीब लोगों को बाहर से गैस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। गोबर गैस प्लाण्ट से निकले गोबर को जैविक खेती के लिए उपयोग करें। उन्होंने कहा कि पहले ब्रज क्षेत्र में फिर पूरे प्रदेश में जो भी गौशाला बनाने के इच्छुक हों, उसके लिए पैसा दिया जायेगा, लेकिन चारा की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोंधित करते हुए राज्यपाल श्री रामनाईक ने कहा कि मूर्ति विचारों का अभिव्यक्ति होती है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मक मानववाद के प्रणेता थे, जिसके अनुसार गरीब से गरीब व्यक्ति जो आखिरी पायदान पर खड़ा है उसको सहायता देने की आवश्यकता है। हमें सबके साथ कार्य करने की भूमिका रखनी चाहिए और हमें अन्त्योदय कार्य करना है। इस विश्वविद्यालय का नाम पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर होने की वजह से इस विश्वविद्यालाय में पण्डित जी की मूर्ति होना जरूरी थी, इसलिए यह शुभ कार्य आज उनकी पुण्यतिथि पर संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी पण्डित जी की मूर्ति तीन माह पूर्व ही लगाई गई है। मुम्बई में उन्हें भी पण्डित जी से प्रेरणा लेने का सौभाग्य मिला।
राज्यपाल ने कहा कि देश व प्रदेश की तस्वीर बदल रही है । आज 214 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास से पण्डित जी के जन्म स्थली जनपद में विकास की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि पेट की भूख मिटाने को हर मनुष्य का अधिकार है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में जिन लोगों को कार्य नहीं मिलता है तो वह शहर की ओर पलायन करते हैं। इसलिए कृषि क्षेत्र में हर हाथ को काम, हर खेत को पानी मिलना चाहिए, जिसके लिए यह विश्वविद्यालय भी बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी सत्र से वेटनरी विश्वविद्यालय में डेयरी तथा फिशरीज के क्षेत्र में बीटेक पाठ्यक्रम भी शुरू हो जायेगा। इस अवसर पर पं0 दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रकाशित ‘‘समग्र दृष्टि‘‘ तथा विश्वविद्यालय की एनीमल हसवेन्डरी स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सांसद हेमा मालिनी, ऊर्जामंत्री श्रीकान्त शर्मा, लक्ष्मीनारायण चैधरी, एसपी सिंह बघेल, ब्रजतीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकान्त मिश्र, महापौर डा0 मुकेश आर्यबन्धु, विधायक पूरनप्रकाश व ठा0 कारिन्दा सिंह, डा0 डालचन्द्र वर्मा, पूर्व सांसद चैधरी तेजवीर सिंह, बीसी केएमएल पाठक, कमिश्नर के0 राममोहन राव, आईजी राजा श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी स्वप्निल ममगाई, सीडीओ पवन कुमार गंगवार तथा वीसी प्राधिकरण यशु रूस्तगी सहित समस्त अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी तथा समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।













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