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वृन्दावन(जहीर आलम)। श्री बांके बिहारी व्यापारिक एसोसिएशन का 1 वर्षीय चुनाव शुक्रवार को बिहारी पुरा स्थित शक्ति धाम पर आयोजित हुआ। जिसमें अध्यक्ष पद के लिए शिवा गौतम एवं माधव चौहान के मध्य मुकाबला हुआ। एसोसिएशन के 171 वे कार्यकारिणी सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में शिवा गौतम ने 128 मत और माधव चौहान ने 42 मत प्राप्त किए।  चुनाव में अध्यक्ष पद पर शिवा गौतम ने 86 मतों से विजय श्री हासिल की। चुनाव प्रक्रिया सुबह 12:00 बजे से प्रारंभ होकर शाम 4:00 बजे तक चली। जिस में बाँके बिहारी क्षेत्र के व्यापारियों ने अपने मत का प्रयोग किया। चुनाव अधिकारी गोविंद खंडेलवाल सह चुनाव अधिकारी विष्णु शर्मा चुनाव पर्यवेक्षक गौतम की देखरेख में मतदान संपन्न हुआ।  इसके बाद अशोक शर्मा के निर्देशन में मतगणना हुई। नवनियुक्त अध्यक्ष शिवा गौतम ने कहा कि बांके बिहारी व्यापारिक एसोसिएशन का अध्यक्ष होने की जिम्मेदारी निभाने के लिए वह पूरी तरह समर्पित रहेंगे। व्यापारियों की हर छोटी-बड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया  जाएगा । व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार रहेंगे। व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस अवसर पर प्रेम बल्लभ शर्मा, पुनीत बल्लभ गौतम,  रवि खंडेलवाल , पूर्व अध्यक्ष अमित गौतम, नीरज गौतम, गिरधारी थोकदार, योगेश थोकदार, गोपाल खंडेलवाल , प्रिंस खंडेलवाल, उदयन शर्मा श्रीवल्लभ गौतम आदि उपस्थित थे.

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वृन्दावन(जहीर आलम)। नगर के रेतिया बाजार स्थित शाहजी मंदिर क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गयी। जब कार सवार कुछ गुंडों ने एक व्यापारी पर तलवार और हथियारों से  हमला बोल दिया। घटना में व्यापारी घायल ही गया।  दुकानदार व उसके पुत्र ने जैसे तैसे भाग कर अपनी जान बचाई। हमले की ये पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी। घटना को लेकर पीड़ित ने तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने बदमासो का 151 चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। तीर्थ नगरी वृन्दावन में बदमाशों के हैशले बुलंद है। गुंडे वृन्दावन की सड़कों पर खुलेआम हाथों में तलवार और हथियार लेकर दहसत फैला रहे हैं। इसकी बानगी बीती रात उस समय देखने को मिली, जब शाहजी मंदिर के गेट पर केशव कॉफी हाउस के ऑनर रमेश चंद्र शर्मा रात लगभग 10 बजे अपने प्रतिश्ठान को बंद कर घर जाने को खड़े थे। तभी कार में आये हमलावर चार पांच गुंडों ने उन पर तलवार से हमला कर दिया। वहां मौजूद व्यापारी के पुत्र ने अपने पिता की जान बचाने की कोशिश की ।  बदमासो ने पिता पुत्र के साथ जमकर मारपीट की। जिसमे पिता पुत्र घायल हो गये। दोनो ने जैसे तैसे भाग कर जान बचाई। बताया जा रहा है कि कार सवार बदमाशों ने पहले वहाँ मौजूद सफाई कर्मियों के साथ मारपीट की थी। उसके बाद उनपर हमला किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को कार सहित दबोच लिया और थाने ले आयी। इधर व्यापारी पर हुए हमले के बाद आसपास के व्यापारी कोतवाली में पहुंच गए। और हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करने लगे।  लेकिन पुलिस ने चारों बदमासों का 151 शांतिभंग में चालान कर अपने कार्य की इतिश्री मात्र की। पुलिस कार्यवाही को लेकर व्यापारियो में रोष व्याप्त है।

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वृन्दावन(जहीर आलम)। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर विभिन्न संस्कृत प्रतियोगिताओ का आयोजन बड़ा खटला स्थित श्री हयग्रीव रामानंद संस्कृत उत्तर माध्यमिक महाविद्यालय में किया जाएगा।  जिला विद्यालय निरीक्षक कृष्ण पाल सिंह ने जनपद के समस्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर यह जानकारी दी।   उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा निर्धारित संस्कृत भाषण, संस्कृत गीत प्रतियोगिता , श्लोकानत्याक्षरी प्रतियोगिता ,प्रतिभा प्रदर्शन आदि का आयोजन 9 अक्टूबर को बड़ा खटला स्थित श्री हयग्रीव रामानुज संस्कृत महाविद्यालय  में किया जाएगा। जिसमें सभी माध्यमिक संस्कृत महाविद्यालय स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकते हैं।    प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र छात्राओ की सूची 8 अक्टूबर को शाम चार बजे तक व्याकरण विभाग के प्रवक्ता ओम प्रकाश चतुर्वेदी  के पास जमा करा दें। बैठक में प्राचार्य संजय कुमार दुबे, राकेश कुमार पालीवाल, ओम प्रकाश चतुर्वेदी, पवन कुमार मिश्रा, नरेश शर्मा, अरविंद पांडे, सर सरदेन्दु त्रिपाठी, नितिन शर्मा, सुखदेव शर्मा, यतेंद्र कुमार दुबे, सदाशिव उपाध्याय,  ज्योति प्रसाद गैरोला उपस्थित रहे.

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सौंख(अनिल कुमार)। कस्बा के बेटी निधि वर्मा ने अपनी कामयबी के पंखों से परिवार समेत सूबे का नाम रोशन किया। पिछले दिनों आयरलैण्ड में होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय काॅफ्रेंस में माइक्रो बायेलोजी सोसाइटी द्वारा आयोजित प्रजेटेंशन में भारत की सबसे छोटी उम्र की निधि वर्मा ने 5 मिनट तक सम्बोधित किया। दस दौरान विश्व भर से आये प्रतिनिधियों ने प्रजेंटेशन से संबधित प्रश्न किये तो निधि वर्मा ने प्रश्नों के सार्थक जबाब किये। करीब 25 प्रोफेसर साइटिस्टों की टीम को सम्बोधित करते हुए विश्व भर की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार वर्तमान में देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विवि नई दिल्ली में पीएचडी की पढाई कर शोध कर रही है। देहरादून के एचएनबी गढवाल विवि से इन्डस्ट्रियल बायोटैक्नोलोजी विषय से एमएससी में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी दौरान देश के साथ-साथ विश्व के किसानों की फसल में जिंक व आयरन की कमी में गुणवत्त को बढ़़ाने के लिए तैयारी की गई रिपोर्ट केे बारे में आयरलैण्ड में विश्व के साइंटिस्टों को अवगत कराया। इसे लेकर जेएनयू में पिछले वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में जेएनयू की पीएचडी की छात्रा निधि वर्मा को एसबीसी सोसाइटी के अध्यक्ष डा. उमेश वाष्र्णेय द्वारा यंग संाइटिस्ट अवार्ड से सम्मनित किया गया। आयरलैण्ड से गुरूवार की देर रात्रि को भारत वापस लौटी। इसके बाद कस्बावासियों द्वारा निधि वर्मा को बधाई दी। निधि वर्मा नेे बताया कि फसलों में जिंक और आयरन की कमी से विश्व भर में करीब 2 बिलियन लोग प्रभावित है। और आयरलैण्ड में हुए अन्तर्राष्ट्रीय काॅफ्रेंस में माइक्रो बायेलोजी सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 5 मिनट प्रजेटेंशन दी। निधि वर्मा के पिता रोहिताश्व वर्मा व मां बीना वर्मा का कहना है कि बेटी निधि वर्मा द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को विदेश के साइटिस्टों को बताया और उनके द्वारा किये प्रश्नों के सार्थक जबाब दिये। हमें अपनी बेटी पर नाज है। अब निधि वर्मा हमारी नही बल्कि देश की बेटी है।      विदेश से लौटी निधि वर्मा को मिली ढेरों बधाईयां   सौंख। आयरलैण्ड में 1 अक्टबर को होने वाले माइक्रो बायेलोजी सोसाइटी द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय काॅफ्रेंस में सम्बोधित करने के बाद लौटने के बाद निधि वर्मा को इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवशंकर वर्मा, भाजपा के वरिष्ठ नेता चैधरी सुधीर बाबू अग्रवाल, छेदालाल सिंघल, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश अग्रवाल, पूर्व सभासद विजय सिंह, जगदीश कुन्तल, हेमराज कुन्तल, बलजीत सिंह, संजय सिंह, प्रेमसिंह माहौर, पूर्व डायरेक्ट धीरज वर्मा, लक्ष्मण चैधरी, प्रहलाद सिंह, भूपेन्द्र चैधरी आदि ने सम्मनित किया और बधाई दी।

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सुनील शर्मा   दुर्गा पूजा महोत्सव हिन्दू देवी माता दुर्गा की पूजा पर आधारित होता है जिन्हें उनके चार बच्चों कार्तिक, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती के साथ 10 भुजाओं वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ भगवती दुर्गा को 10 भुजाओं के साथ सिंह पर सवार होकर महिसासुर का वध करते हुए दर्शाया जाता है और इसी रूप की पूजा पूरे भारत वर्ष के अलावा विदेशों तक में की जाती है। दुर्गा पूजा परिजनों से मिलने का और बंगाली समाज के लोगों की सांस्कृतिक विरासत को सराहने और उसे समझने का भी समय होता है। दुर्गा पूजा का उत्सव अश्विन मास में मनाया जाता है। बांगला पंचांग के अनुसार यह सितंबर या अक्टूबर महीने में पड़ता है। दुर्गा पूजा के लिए चुनी गयी तिथियां उस समय पर आधारित होती हैं जब रामजी ने माता दुर्गा का आह्वान किया था, और इसके बाद श्रीराम ने युद्ध में रावण और उसके दुष्ट राक्षसों का अंत किया था। इतिहास में पहली बार दुर्गा पूजा का विवरण लगभग 16वीं ईसवी के दौरान बंगाल में मिलता है। इसके बाद से यह शारदीय नवरात्र में वार्षिक उत्सव के रूप में सारे विश्व में दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। 1911 में जब दिल्ली को ब्रिटिश शासन ने भारत की नयी राजधानी बनाया था तब हजारों बंगाली अधिकारी काम करने के लिए दिल्ली चले आये थे और इस प्रकार यह उत्सव कलकत्ता से दिल्ली में भी मनाया जाने लगा। इसी प्रकार, यह उत्सव मुम्बई और देश के अन्य शहरों में भी आरम्भ हो गया। जहाँ बंगालियों ने प्रस्थान किया वहां-वहां दुर्गा पूजा की स्थापना होती चली गई। आज विश्व के अन्य देशों में रहने वाले बंगालियों ने भी इस उत्सव को वहां भी मनाना शुरू कर दिया। जैसे अमेरिका, यूरोप, जापान, चीन, कनाडा, हांगकांग आदि देशों में बडे़ धूमधाम से दुर्गा पुजा का उत्सव मनाया जाता है। जहां-जहां बंगाली समाज के लोग एकत्रित होते गये दुर्गा पूजा के पंड़ाल सजते चले गये और दुर्गा की प्रतिमाओं की श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा होती चली आ रही है। हालाँकि, आज भी सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में कलकत्ता की नगरपालिका में आयोजित की जाती है। दुर्गा पूजा के उत्सव में भक्त 10 दिनों का उपवास, भोग प्रसाद का आनन्द लेते हैं और माता दुर्गा की विधि विधान से पूजा में शामिल होते है। हालाँकि उत्सव के अंतिम पांच दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जिन्हें मुख्य रूप से मनाया जाता है। जिसमें ‘षष्ठी‘ के दिन से दशमी तक को माना जाता है। कहा जाता है कि माता दुर्गा अपने चार बच्चों के साथ धरती पर आती हैं। यह केवल तभी होता है जब उनके आगमन को पुजारियों के द्वारा जाग्रत किया जाता है।  नवरात्र की शुरूआत के दिन ही माता की प्रतिमाओं में आँखें बनाई जाती है। षष्ठी के दिन घट स्थापित किया जाता है और दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरूआत हो जाती है ‘सप्तमी’ के दिन, माना जाता है कि जटिल अनुष्ठानों के साथ माता को आमंत्रित करने पर माता प्रतिमाओं में प्राण प्रतिष्ठा के उपरान्त प्रवेश करती हैं। वारी-वारी से माँ दुर्गा और उनके साथ आये बच्चे कार्तिक, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती की प्रतिमाओं में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान किया जाता है। गणेश जी के साथ उनकी पत्नी केला को भी स्थापित करने की परम्परा निभाई जाती है। सप्तमी की पूजा के साथ-साथ चण्डी पाठ का भी पाठ निरन्तर किया जाता है। माँ भगवती के सभी रूपों का वर्णन किया जाता है। ‘अष्टमी‘ के दिन, माना जाता है माता दुर्गा ने महिषासुर के दो राक्षसों (चंड और मुंड) का वध इस दिन किया था। माना जाता है जब अष्टमी और नवमी के मध्य का काल के (समय) को अतिमहत्वपूर्ण माना जाता है इसी समय में माता भगवती ने दोनों राक्षसों का वध कर इस संसार को दुष्टों के आतंक से मुक्त किया था। इस समय लगभग 52 मिनट में विशेष पूजा अर्चना और आरती का आयोजन किया जाता है भक्त नर-नारी उपवास रख कर इस पूजा को अवश्य देखते हैं और माँ दुर्गा का आर्शीवाद प्राप्त करने के लिए पूरे वर्ष भर प्रतीक्षा करते हैं। ‘नवमी‘ के दिन महाआरती का आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन माता दुर्गा ने युद्ध में महिषासुर का वध किया था। लोग अपने नये-नये वस्त्र धारण करके पूजा पंडालों में आते हैं और तीनों दिन प्रसाद ग्रहण करते हैं। दुर्गा माँ को प्रत्येक दिन नियम से भोग प्रसाद चढ़ाया जाता है। माता और बहनें अष्टमी और नवमी के दिन अपनी श्रद्धानुसार फल, फूल, मिठाई, वस्त्र इत्यादि से अपने अपने गौत्र का उच्चारण करके अपने परिवार व अपने लिये विशेष पूजा करके माँ का आर्शीवाद प्राप्त करते हैं। अंत में हवन यज्ञ भी किया जाता है। देश, दुनिया और समाज तथा हर प्राणि के कल्याण के लिए माँ भगवती के समक्ष आहुति दी जाती हैं। तथा प्रार्थना की जाती है कि हे माँ इस जगत में सबका भला करना सबका कल्याण करना और सबको धन-धान्य से पूर्ण कर देना। इस उत्सव के अंतिम दिन ‘दशमी‘ को दुर्गा माता की प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाती है। चारों तरफ नाच-गाना होता है। प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए नदियों या अन्य जलीय स्थानों पर ले जाया जाता है और जलाशयों में प्रतिमाओं का विर्सजन किया जाता है। इसके बाद भक्तगण दोस्तों और परिजनों से मिलने जाते हैं, बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं, मिठाइयों और स्वादिष्ट पकवानों का आनंद उठाते हैं, और पारंपरिक परिधान धारण करते हैं। भारत के प्रत्येक प्रान्त में तथा जनपदों में दुर्गा पूजा से जुड़े समारोहों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जिसमें अक्सर देशी विदेशी पर्यटक भी हिस्सा लेते हैं,  यह उत्सव कोलकाता, पश्चिम बंगाल का मुख्य उत्सव है। पश्चिम बंगाल में इस उत्सव के कारण कई दिनों की छुटिटयां घोषित हैं जिसके कारण पूरा पश्चिम बंगाल इस उत्सव में तन, मन, धन से जुट जाता है और हर कोई भरपूर आनन्द उठाता है। यहाँ आपको पूजा पंडालों में नृत्य, नाटक आदि के प्रदर्शन देखने को मिलेंगे, आजकल पूजा पंडालों में मुम्बई, दिल्ली के सिनेमा के कलाकारों को या अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को बुलाकर भव्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक छटा विखेरी जाती है।  बंगाली व्यंजन और सड़कों पर जगह-जगह स्टॉल मिलेंगे जहाँ आप बंगाल की सांस्कृतिक चीजें खरीद सकते हैं। या व्यंजनों आनन्द ले सकते हैं। यहाँ माता दुर्गा के हजारों विशाल ‘पंडाल’ जगह-जगह देखने को मिलते हैं। आज दुर्गा पूजा पंडालों में और दुर्गा प्रतिमाओं तथा उनको वर्तमान परिस्थितियों व राजनैतिक परिदुश्यों के साथ- साथ आधुनिकता का समावेश देखने को मिलता है। निकट स्थित उत्तरी कोलकाता के कुमारटुली में, जहाँ दुर्गा माँ की ज्यादातर प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। उनमें से कई का निर्माण मिट्टी से किया जाता है, और दुर्गा पूजा के दौरान यहीं पर माता दुर्गा की प्रतिमाओं पर आँखों को अन्तिम समय में तैयार किया जाता है जो आकर्षण का केन्द्र होता है। मथुरा में सर्वप्रथम दुर्गा पूजा का आयोजन वृन्दावन के राधावाग स्थित कात्यायनी मंदिर से शुरू होने का प्रमाण मिलता है। केशवानन्द जी महाराज ने सर्वप्रथम मिटटी की मूर्ति बनवा कर इस स्थान पर दुर्गा देवी की पूजा की थी। यह स्थान सिद्ध स्थान कहलाता है तथा पुराणों में वर्णित स्थान है यहां सती भगवती देवी के केश गिरे थे। ऐसा कहा जाता है कि राधारानी और ब्रजांगनाओं ने स्वयं माँ दुर्गा की पूजा की थी। इस स्थान को पुनर्रूद्धार केशवानन्द जी महाराज ने किया था। जब कलकत्ता से अष्टधातु की मूर्ति बन कर वृन्दावन आ गयी और 1 फरवरी 1923 को विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा बंगाल के तथा भारत अन्य जगहों के विद्वान ब्राम्हणों पंडितों के द्वारा कराया गया। इसके वाद कात्यायनी मंदिर से माँ भगवती का आर्शीवाद लेकर वृन्दावन के धनी मानी लोगों ने फौजदार कुंज में मिटटी की प्रतिमा बनाकर पूजा शुरू की गयी। लगभग 1925 के आसपास वृन्दावन में दुर्गा पूजा की शुरूआत की गयी। आज वृन्दावन में छोटे बड़े मिलाकर 18 दुर्गा पूजा पंडाल सजाये जाते हैं। मथुरा में भी दुर्गा पूजा लगभग 1930 के आसपास शुरू हो गयी थी इसके प्रमाण मिलते है की उस समय मथुरा के तत्कालीन तीन बंगाली प्रसिद्ध डाक्टरों डा0 नगेन्द्र नाथ चौधरी, डा0 हीरालाल गांगुली, और डा0 प्रमथ नाथ गोस्वामी ने दुर्गा पूजा का आयोजन लाल दरवाजा से किया था। आज मथुरा में दो स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन निरन्तर किया जा रहा है। एक लाल दरवाजा और दूसरी रेलवे ग्राउन्ड में दुर्गा पूजा विशाल रूप ले चुकीं हैं। अमर नाथ स्कूल के अलावा रिफाइनरी टाउनशिप में भी दुर्गापूजा के आयोजन होते हैं। दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में भी दिल्ली शहर का सबसे पुराना दुर्गा पूजा उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसे अक्सर “छोटे कोलकाता” के रूप में जाना जाता है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरा बंगाल दिल्ली में आ गया हो। मुम्बई में, सन् 1950 से बंगाल क्लब शिवाजी पार्क में दुर्गा पूजा आयोजित कर रहा है। इसके अलावा, लोखंडवाला गार्डन में एक अन्य दुर्गा पूजा आयोजित की जाती है जिसमें आमतौर पर बड़ी हस्तियां शामिल होती हैं। इनके अलावा भी सैकड़ों दुर्गा पूजा पंड़ाल बनते हैं। दुर्गा पूजा के त्योहार के दौरान बंगाली सभ्यता और संस्कृति के बारे में काफी नजदीक से देखा व कुछ-कुछ सीखा भी जा सकता है। यह उत्सव मन में उमंग, रंगारंग और लोगों में उत्साह और श्रृद्धा भक्ति से भरा होता है।  

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वृन्दावन(जहीर आलम)। वृंदावन में मोती झील स्थित एक भवन में राष्ट्रीय विप्र स्वाभिमान महासंघ के तत्वाधान में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें 17 फरवरी 2018 को थाना हाइवे के मोहनपुर गांव में पुलिस की गोली से बालक माधव की मौत के महीनों गुजरने के बाद भी कार्यवाही न होने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। मृतक के पिता अमरनाथ शर्मा एवं उनके भाई राष्ट्रीय विप्र स्वाभिमान महासंघ के पदाधिकारियों से मिले और उन्हें जांच की लचर व्यवस्था से अवगत कराया।  आचार्य बद्रीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस गुंडागर्दी पर उतारू है । पुलिस खुलेआम सड़कों पर निरंकुश हो कर गुंडागर्दी कर रही है। जिसका प्रमाण मथुरा में माधव की हत्या एवं लखनऊ में विवेक तिवारी की हत्या है। विप्र स्वाभिमान संघ के पदाधिकारियों ने घटना की निंदा करते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही पुलिस पर निष्पक्ष जांच ना करा कर मामले में लीपापोती करने का आरोप भी लगाया गया। विप्रो ने चेतावनी दी है कि अगर इस संबंध में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो विप्र स्वाभिमान महासंघ आंदोलन करने को बाध्य होगा । इस संबंध में नागेंद्र महाराज ने कहा कि पीड़ित को न्याय  दिलाने लिए हम सीएम योगी से मुलाकात पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयाश करेंगे। विप्र नेता सौरभ गौड़ ने कहा कि पुलिस की गुंडा गर्दी किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही की जाएगी। वहीं मृतक माधव के पिता अमरनाथ शर्मा ने बताया कि किस पुलिस ने उनके हस्ते खेलते पुत्र की पुलिस जान ले ली। पीड़ित ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इस अबसर पर अनिल कृष्ण, कुलदीप दुबे, रामदत्त मिश्र, पवन शाश्त्री, अशोक शर्मा , भूषण शर्मा आदि मौजूद रहे.

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मथुरा(सतपाल सिंह)। दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल किसानों के साथ जोर जबरदस्ती व लाठी चार्ज किये जाने की खबर मिलते ही मथुरा में भी किसानों में आक्रोष फैल गया।  जनपद में जगह-जहग केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्र्ाी का पुतला दहन किया गया। बलदेव में किसानों ने नरेंद्र मोदी सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए पुतला दहन कर आक्रोश जताया। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक उपाध्यक्ष  बलदेव खुशी पहलवान ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों को लेकर संजीदा नहीं। राया में भी किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया। पुतला दहन के दौरान मनोज सिंह ,रामेश्वर तोमर,  गजेंद्र सिकरवार, एपी  तोमर ,केके पंडित, भारत सिंह,  भूरा सिंह, योगेंद्र सिंह, अमित सिंह, बंसी वाले ,रतनवीर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, लाला सिंह, सलमान भेदजीत सिंह, जगवीर सिंह, गजन तोमर, बीपी सिंह, भूरा सेठ ,कन्हैया सेठ,  दीवान सिंह मुखिया आदि ने आक्रोश जताया है। । 

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  मथुरा(ब्यूरो)। गोवर्धन अपराधियों के धर-पकड़ अभियान में गोवर्धन पुलिस अवैध शराब के तस्कर पकड़े हैं। पुलिस ने 130 देशी शराब की पेटी बरामद की हैं। पुलिस की लगातार दूसरी सफलता है। पुलिस उपाधीक्षक गोवर्धन जगदीश कालीरमन ने बताया कि थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार के निर्देशन में उपनिरीक्षक प्रवीन कुमार मय फोर्स वाहन चैकिंग कर रहे थे। तभी इंटेलीजैंस विंग प्रभारी उप निरीक्षक सत्यवीर सिंह ने सूचना दी कि आगरा की ओर से एक संदिग्ध कैंटर गोवर्धन की ओर आ रहा है। इस पर गोवर्धन की ओर आ रहे आयशर कैंटर को रोकने की कोशिश की गई तो कैंटर को रोककर चालक भागने लगा। कैंटर से भागते हुए दो व्यक्तियों को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया। एक व्यक्ति मौके पर का फायदा उठाकर भाग गया। कैंटर की तलाशी ली गई तो मस्ताना ब्रांड की देशी शराब की 130 पेटियां रखी मिली। पकड़े गये व्यक्तियों ने अपने नाम सिंहपाल उर्फ चन्द्रपाल पुत्र राम चरन निवासी ग्राम सांखी थाना बरसाना, रोहताश पुत्र हरभान निवासी ग्राम पाई थाना जुरैरा जिला भरतपुर बताया है। पुलिस की गिरफत से भागा गया व्यक्ति शराब का तस्कर है जिसका नाम ओमपाल पुत्र हरीचंद निवासी फुलवारी सदर पलवल हरियाणा है। उक्त शराब को हरियाणा बाॅर्डर से आगरा मंडी तक पहुंचाते हैं। गोवर्धन पुलिस की अवैध शराब को लेकर यह दूसरी सफलता है। विगत दिनों अंग्रेजी शराब पकड़ी थी।     

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  मथुरा(सतपाल सिंह)। गोवर्धन दसविसा स्थित वृंदावन गैस्ट हाउस में 51 वें गजेन्द्र मुखी गिरिराज जी के प्राकट्योत्सव का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। दिव्य आनंदमयी श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर प्रवचन करते हुए आचार्य मनीष पूर्णानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात् कृष्ण का स्वरूप है। कलियुग में भव सागर से पार उतरने का एक मात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा है। इसके श्रवण करने से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। भगवान की लीलाओं से साक्षात्कार करना है तो भागवत कथा का श्रवण अवश्य करें। महोत्सव के शुभारंभ पर मानसी गंगा गिरिराज जी मंदिर में पूजा अर्चना कर कलश शोभायात्रा दसविसा, गिरिराज दानघाटी मंदिर, बड़ा बाजार, मोदी खाना, हाथी दरवाजा, चक्लेश्वर होकर निकाली गई। इस अवसर पर कृष्ण चंद कैशोरैया, युवा मोर्चा के विधानसभा प्रभारी सुशील अग्रवाल, गणेश पहलवान, राजेश पाठक, प्रीतम प्रजापति आदि थे।     

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मथुरा। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को आम जनमानस से जोड़ने के लिए एक बृहद रैली का आयोजन कलेक्टेªट से वेटनरी काॅलेज तक किया गया। रैली का शुभारम्भ सांसद हेमा मालिनी तथा आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष राजलक्ष्मी ने संयुक्त रूप से हरी झण्ड़ी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि बेटियां स्वावलम्बी बने, निर्भीक बने और साहसी बने, जिससे किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए आज वातावरण बदल चुका है। आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। बेटियां हमेशा मां-बाप का ख्याल रखती हैं। बेटियों को बचाना, संभालना घर परिवार में सिखाना चाहिए। महिला आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी की पत्नी  राजलक्ष्मी मिश्र ने अपने संदेश में कहा कि बेटे तथा बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए, क्योंकि आज के समय में बेटी, बेटों से काफी आगे है जो देश दुनिया में अपना परचम फहरा रही हैं। अर्थात किसी भी स्तर पर कम नहीं है।  उन्होंने कहा कि बेटी दो परिवार को चलाती हैं अर्थात शादी के पश्चात दूसरे परिवार की जिम्मेदारी होते हुए भी मां-बाप का ख्याल जरूर रखती है। उन्होंने कहा कि बेटियों का मनोबल कम न होने दें और बेटी के जन्म पर दुगुनी खुशी मनानी चाहिए। सांसद हेमा मालिनी, विधायक पूरन प्रकाष, कारिंदा सिंह के अलावा जिलाधिकारी सवज्ञराम मिश्र आदि ने गांधी जी और षास्त्र्ाी जी के चित्र्ाों पर माल्र्यापर्ण किया।   इन्होंने लिया रैली में भाग   बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ रैली में महिला कल्याण विभाग द्वारा महिला हेल्प लाइन 181 महिला समाख्या की ओर से विभिन्न महिलाएं नारे लिखी पटिटकाएं लेकर चल रही थीं। केआर गल्र्स, महाराजा अग्रसेन, प्रेमदेवी अग्रवाल, चमेली देवी, लक्ष्मण प्रसाद, ब्लैक स्टोन कन्या, जानकी बाई कन्या इण्टर काॅलेज के अतिरिक्त पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीनगर, धौली प्याऊ सहित कई विद्यालयों की छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त बाल विकास पुष्टाहार विभाग से 400 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, चिकित्सा विभाग के ओर से 200 आशा बहू तथा महिला समाख्या की ओर से 150 महिला सहयोगी सहित लगभग 2000 की संख्या में प्रतिभाग करते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओे के लिए जागरूक करते हुए वेटनरी काॅलेज पहुॅची, जहां पर रैली का समापन किया गया।       

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मथुरा। बरसाना श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयन्ती व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती को विद्यालय में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई,शासन के द्वारा निर्देशित सभी कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न कराये गए। सभी शिक्षकों कर्मचारियों व छात्रों द्वारा प्रभात फेरी स्वच्छता जागरूकता के रूप में निकाली गई प्रधानाचार्य व आगंतुक महानुभावो द्वारा ध्वजारोहण किया गया महात्मा गाँधी जी व स्व लालबहादुर शास्त्री जी के छवि चित्रो पर माल्यार्पण किया गया।शिक्षको द्वारा गाँधी जी व शास्त्री जी के जीवन, चरित्र व स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान पर विस्तृत जानकारी छात्रों को दी गयी।छात्रों ने  भाषण ,चर्चा  परिचर्चा में बढचढ कर भाग लिया गया।छात्रों द्वारा स्वच्छता कार्यक्रम में श्रमदान किया गया गांधी जी के विचारों का आधुनिक समय मे महत्त्व विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।उपरोक्त सभी कार्यक्रमों के सफल आयोजन में  प्रधानाचार्य शिक्षको व कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य कमल कुमार गौड़ ने की तथा संचालन शेलेन्द्र कुमार मिश्र व हरिकेश कुमार यादव द्वारा किया गया।   गणवेष का किया गया वितरण श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज में गांधी जयंती के पावन दिवस पर शासन के निर्देशानुसार कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को विद्यालय में गणवेश(ड्रेस) वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कमल कुमार गौड़, शिक्षक यमुनेश गोयल,हरिकेश यादव ,सुमनेश मिश्र, मुख्य अतिथि संजय गोस्वामी एडवोकेट, विशिष्ट अतिथि शिक्षक अभिभावक संघ अध्यक्ष जगदीश बाबूजी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रासबिहारी गोस्वामी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भगवान सिंह, रमेश यादव एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

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वृन्दावन(जहीर आलम)। बदलते वक्त के साथ इंसानों के अंदर से मानवीय संवेदनाएं खत्म हो रही हैं। अब रिश्ते नाते पैसो और जायदात के आगे बेमानी साबित हो रहे हैं। नजर इस  बात पर टिकी रहती है कि कब कोई अनहोनी हो और उसका फायदा उठाया जाये। सोमवार को प्रकाश में आये एक मामले को देखकर तो ऐसा ही लगता है। बताते चलेंकि की सोमवार को विद्यापीठ चौराहा के समीप एक नेत्रहीन महिला अपने दो बच्चों के साथ ठोकरें खाती दिखाई दी। दुकानदारों ने लावारिश अवस्था मे घूम रही महिला की सूचना समाज सेविका डॉ. लक्ष्मी गौतम को दी। जब महिला से उसकी हालत के बारे में पूछा तो उसका दर्द छलक पड़ा। रोते हुए बताया कि वह सुरीर के नगला लोहई की रहने वाली 32 वर्षीय प्रीति पत्नी स्व. रामवीर है।   समाज सेविका लक्ष्मी गौतम ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व पति की मौत के बाद लालच की पट्टी आंखों पर बांधे देवर व देवरानी ने अपनी नेत्रहीन भाबी व दो मासूम बच्चों को घर से बाहर निकाल दर दर की ठोकरें खाने को छोड़ दिया। पीड़ित महिला जन्म से नेत्रहीन नही थी बल्कि बेटी के जन्म के बाद इसने अपनी आंखें खोई थी। पीड़ित विधवा महिला अपने 6 वर्षीय पुत्र एवं 3 वर्षीय पुत्री के साथ वृन्दावन की सड़कों पर पिछले एक महीने से ठोकरें खा रही है। कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा.लक्ष्मी गौतम ने  महिला की सूचना पुलिस को दी और पुलिस के सहयोग से महिला व उसके दोनों बच्चों को राधिका अपना घर के लिए रवाना किया।

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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पुरानी कहावत और नया भारत

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