जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार तडक़े हथियारबंद आतंकवादियों ने सेना के शिविर पर हमला किया। इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए है, जबकि दो अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमला तीन से पांच आतंकियों ने अंजाम दिया, जो कैंप के अंदर छिपे हुए हैं। इससे पहले एक हवलदार और उनकी बेटी समेत तीन लोगों के घायल होने की खबर आई थी। सेना ने आतंकियों को घेर लिया है। उधमपुर और सरसवा से पैरा स्पेशल फोर्स के कमांडो को मौके पर बुलाया गया है। पैरा स्पेशल फोर्स के कमांडो सुंजवां पहुंच चुके है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब ऑपरेशन आखिरी चरण में है। सुंजुवान आर्मी कैंप में सैनिकों के परिवार भी रहते हैं। ऐसे में माना जा रहा है आतंकी जवानों के साथ ही उनके परिवार को निशाना बनाने के मंसूबे के साथ कैंप में घुसे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों के एक समूह ने सुंजवान सैन्य शिविर में घुसने के लिए ग्रेनेड फेंके और स्वचालित हथियारों से हमला किया। उन्होंने बताया, क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सैन्य शिविर में तीन आतंकवादी घुस आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी हमलावर कैंप के अंदर छिपे हुए हैं और फायरिंग कर रहे है। वहीं, सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
इस हमले में एक हवलदार और उनकी बेटी समेत तीन घायल बताए जा रहे हैं। फिलहाल, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना ने आतंकियों को चारों ओर से घेर लिया है। आतंकियों के भागना अब मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, सेना का ऑपरेशन अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है। आपको बता दें कि आतंकवादियों ने 2006 में भी इसी सैन्य शिविर पर हमला किया था।
सबसे पहले संतरी ने देखी संदिग्ध हरकत
जम्मू के आईजी एसडी सिंह जमवाल ने बताया कि सुबह करीब 4 बजकर 55 मिनट पर एक संतरी ने संदिग्ध हरकत देखी। संतरी ने फायर किया, तो उधर से भी गोली चलने लगी। उन्होंने बताया कि इस हमले में कितने आतंकी हैं, यह पता नहीं है। सिंह ने बताया कि हमले में एक हवलदार और उनकी बेटी घायल हुई हैं। इस हमले में अभी तक कुल तीन घायल बताए जा रहे हैं।
आतंकी हमले के बाद जम्मू में अलर्ट
आतंकी हमले के बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है। जम्मू शहर में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इलाके की ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों की ओर से फायरिंग फिलहाल बंद है। सुरक्षाकर्मी कैंप के अंदर आतंकियों की तलाश में जुटे हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कैंप के आसपास के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
एजेंसियों ने पहले ही किया था आगाह
खुफिया एजेंसियों ने पहले ही आगाह कर दिया था कि अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने की बरसी पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सेना पर हमला कर सकते हैं। इसको लेकर घाटी में प्रतिबंध भी लगाया था।
साभार-khaskhabar.com
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