BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

समय से पहले लोकसभा चुनाव की संभावना नहीं, लेकिन बीजेपी तैयार...

समय से पहले लोकसभा चुनाव की संभावना नहीं, लेकिन बीजेपी तैयार...नई दिल्ली। राजनीतिक गलियारों में हाल के दिनों में लोकसभा चुनाव जल्द कराने की सुगबुगाहट तेज हो रही थी, लेकिन अब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन संभावनाओं को खारिज कर दिया है। अरुण जेटली ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव समय से पहले नहीं होंगे। हालांकि, अपनी पार्टी को चुनाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का विजन डॉक्यूमेंट जारी करने पहुंचे जेटली ने एक बात कही। जेटली ने कहा कि हम चुनाव के लिए तैयार हैं लेकिन लोकसभा चुनाव समय से पहले कराने की कोई संभावना नहीं है। पीएम मोदी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए आम राय बनाने की कोशिश में है, ऐसे में विपक्ष को आशंका है कि 2019 में होने वाले आम चुनाव वक्त से पहले हो सकते हैं। 

 

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विजन डॉक्यूमेंट जारी करने के बाद कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किस राज्य में किस पार्टी की सरकार है, इसर विचार किए बगर वित्त आयोग के प्रस्तावों और निर्धारित नियमों के आधार पर राज्यों को धन मुहैया करवा रही है। इसमें किसी व्यक्ति की इच्छा नहीं होती है। वाम दल शासित त्रिपुरा समेत कई राज्यों द्वारा केंद्र पर राज्यों को उनके हिस्से का पैसा नहीं देने और विभिन्न केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता में कटौती के आरोपों को खारिज करते हुए जेटली ने कहा कि मौजूदा सरकार राज्य के राजनीतिक हालात पर ध्यान दिए बगैर धन प्रदान कर रही है।

 

त्रिपुरा में 18 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के लिए भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणापत्र विजन डॉक्यूमेंट जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत में जेटली ने कहा, मोदी सरकार त्रिपुरा समेत सभी प्रदेशों का पूर्ण विकास चाहती है। विकास की राजनीति को अवश्य आगे बढ़ाना चाहिए। केंद्र सरकार हमेशा वित्त आयोग की सिफारिशों, निर्धारित नियमों व मानकों और तय प्रक्रिया के आधार पर कार्य करती है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर के राज्यों और जम्मू-कश्मीर समेत अन्य तीन पर्वतीय प्रदेशों में किसी परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच केंद्र और राज्यों के बीच 90:10 के तर्ज पर धन मुहैया करने की परिपाटी पर अमल किया जा रहा है।

 

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More