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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई बढऩे की आशंकाओं से प्रेरित होकर लगातार तीसरी बार प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। बुधवार को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के विवरण में कहा गया कि तेल कीमतों, मकान किराया भत्ते और बजट में राजकोषीय चूक के कारण महंगाई बढऩे का खतरा बना हुआ है। इस महीने आरबीआई ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को यथावत रखा।    रेपो रेट केंद्रीय बैंक की प्रमुख नीतिगत दर होती है जिसपर वह वाणिज्यिक बैंकों को लघु अवधि का ऋण मुहैया करवाता है। आरबीआई ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी व विविध घरेलू कारकों के चलते रेपो रेट को छह फीसदी पर स्थिर रखा।   आरबीआई की ओर से जारी बैठक के विवरण के मुताबिक, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का मामना था, आर्थिक सुधार भी आरंभिक चरण में है, इसलिए इस स्तर पर सावधानी के नजरिये की जरूरत है। इसलिए मैं रेपो रेट यथावत रखने के पक्ष में हूं।   केंद्रीय बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में महंगाई दर 5.1 फीसदी और आगामी वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में 5.1 फीसदी से 5.6 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जारी किया है।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में अरबों के घोटाले और राफेल विमान सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि देश मन की बात में इन मुद्दों पर सुनना चाहता है। राहुल गांधी ने बुधवार को पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वो भ्रष्टाचार का एक साधन है। शिलॉंग में राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि पीएम मोदी के जरिए भ्रष्टाचार होता है और वह करप्शन के एक इंस्ट्रूमंट हैं। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं हैं। वह भ्रष्टाचार के एक साधन हैं। इससे पहले राहुल ने पीएम मोदी की एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया। तस्वीर में मोदी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के लिए लोगों से अपने विचार साझा करने की अपील कर रहे हैं।    इसके साथ राहुल ने लिखा, मोदी जी, आपने पिछले महीने अपने एकालाप मन की बात के लिए मेरी सलाह को नजरंदाज कर दिया। लोगों की सलाह क्यों मांग रहे हैं जब आप अपने दिल में जानते हैं कि इस समय भारत का हर नागरिक नीरव मोदी की 22 हजार करोड़ रुपये की महालूट और 58 हजार करोड़ रुपये के राफेल घोटाले पर आपसे सुनना चाहता है। राहुल ने कहा, हम आपके उपदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को भी मेघालय में चुनावी रैली संबोधित करते हुए राहुल ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा था, मैं, इन (नरेंद्र) मोदी से हम सभी की तरफ से आग्रह करना चाहता हूं कि जब अपनी कई विदेश यात्राओं में से एक पर अगली बार जाएं तो साथ में दूसरे (नीरव) मोदी को वापस लेते आएं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, एक देश के तौर पर हम सभी अपने खून-पसीने की कमाई वापस पाकर बहुत खुश होंगे।   उन्होंने प्रधानमंत्री और नीरव मोदी की तुलना करते हुए कहा, नीरव मोदी हीरे बेचता था जो उसके दावे के अनुसार सपनों के बने होते हैं। बेशक, कह सकते हैं कि नीरव ने सरकार और कई लोगों को सपने बेचे। जब वह जनता की गाढ़ी कमाई लेकर जा रहा था तब सरकार आराम से सो रही थी। राहुल ने कहा, कुछ वर्षो पहले एक अन्य मोदी (प्रधानमंत्री) ने भी भारत के लोगों को सपने बेचे थे। उन्होंने अच्छे दिन, सभी बैंक खातों में 15 लाख रुपये, दो करोड़ रोजगार और जाने कितने सपने बेचे थे। बैंक घोटाला खुलने से ठीक पहले नीरव मोदी देश छोडक़र भाग गया। उस पर आरोप है कि उसने पीएनबी से धोखाधड़ी कर 11,300 करोड़ से ज्यादा रुपये का घोटाला किया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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कानपुर। रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती नजर आ रही है। कोठारी के खिलाफ लोन फ्रॉड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। पहले माना जा रहा था कि यह घोटाला 800 करोड़ रुपये का है, लेकिन केस दर्ज होने के बाद खुलासा हुआ कि कोठारी ने सरकारी बैंकों को 3,695 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। आपको बता दें कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद यह दूसरा बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है।   सीबीआई के मुताबिक रोटोमैक के मालिक ने 7 बैंकों से 2919 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। अब उन्हें ब्याज सहित 3,695 करोड़ रुपये बैंकों को चुकाना है। रोटोमैक ने बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को धोखा दिया और करोड़ों की चपत लगाई है। केस दर्ज करने के बाद सीबीआई टीम ने कानपुर में कोठारी के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई ने कोठारी, उनके बेटे और पत्नी से भी पूछताछ की है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल, सीबीआई जांच में जुटी हुई है। लेकिन, माना जा रहा है कि कोठारी की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।    आपको बता दें कि विक्रम के पिता कभी कानपुर में साइकल चलाकर पान मसाला बेचते थे। धीरे-धीरे पान पराग छा गया। कोठारी समूह का व्यापार चरम पर पहुंचा तो कोठारी परिवार में झगड़ा शुरू हो गया। वर्ष 2000 में कोठारी समूह में बंटवारा हो गया। मनसुख अपने छोटे बेटे दीपक के साथ एक तरफ थे, तो विक्रम दूसरी तरफ थे। विक्रम को ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए 1,250 करोड़ रुपये की डील हुई थी, जिसमें 750 करोड़ रुपये विक्रम को कैश दिए गए थे। परिवार से अलग होकर विक्रम ने रोटोमैक के विस्तार और मजबूती पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच उन्होंने दोस्तों की सलाह पर स्टॉक मार्केट के अलावा रियल एस्टेट में भारी-भरकम निवेश किया और अपनी अगल पहचान बनाई। लेकिन, अब घोटाले के आरोप में घिरने की बाद फंसते नजर आ रहे है।  साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। भारत में बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी अब सीनाजोरी पर उतर आया है। घोटाले पर पहली बार बयान देते हुए उसने कहा है कि पंजाब नैशनल बैंक द्वारा मामले को सार्वजनिक कर दिए जाने से अब बात बिगड़ गई है और बैंक ने उससे बकाया वसूलने के सारे रास्ते बंद कर लिए हैं। साथ ही मोदी का दावा है कि उसकी कंपनियों पर बकाया बैंक द्वारा बतायी जा रही राशि से बेहद कम है। मोदी ने 15/16 फरवरी को पत्र लिखकर बैंक प्रबंधन को अपने इरादों के बारे में बता दिया है। इसमें उसने कहा है कि उसके पास 5,000 करोड़ रुपये से भी कम का बकाया है।   इस पत्र में नीरव मोदी ने कहा है कि कर्ज की जानकारी मीडिया में आने के बाद मेरी कंपनियों के खिलाफ छापेमारी और संपत्ति जब्त करने का सिलसिला शुरू हो गया। इसने बैंकों का बकाया चुकाने की मेरी क्षमता खत्म कर दी है। नीरव ने लिखा है कि 13 फरवरी को मैंने बकाया चुकाने के सिलसिले में प्रस्ताव रखा था। लेकिन, पैसा तुरंत वसूलने की जल्दबाजी में आपने इसके अगले दिन ही सार्वजनिक एलान कर दिया। 15 फरवरी को मैंने फिर से प्रस्ताव रखा। इसके बावजूद आपकी कार्रवाइयों ने मेरे ब्रांड और कारोबार को चौपट कर दिया है। इसके साथ ही आपने बकाया वसूली की अपनी क्षमता भी खत्म कर ली है।    पत्र में नीरव ने बैंक अधिकारियों के साथ अपनी और अपने प्रतिनिधियों की बातचीत का हवाला भी दिया है। इसके अलावा विगत 13 और 15 फरवरी को भेजे अपने ई-मेल का भी जिक्र किया है।  उसने अपने भाई और पत्नी का नाम गलत तरीके से प्राथमिकी में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन लोगों को उसके कारोबार से कोई लेना-देना नहीं रहता है। उसने कहा है कि मेरी कंपनियों पर 11,400 करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात पूरी तरह से गलत है। बैंक द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद भी मैंने प्रस्ताव रखा था कि आप फायरस्टार ग्रुप या उसकी कीमती संपत्तियों को बेचकर बकाया वसूल लीजिए या फिर मुझे इजाजत दीजिए कि मैं अपने तीन फर्मों की संपत्तियों को बेचकर बकाया चुका दूं। उसने कहा है कि फायरस्टार इंटरनेशनल और फायस्टार डायमंड इंटरनेशनल किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं है और बैंकर पूरी तरह सुरक्षित हैं।   डिप्टी मैनेजर को थी पांचवें स्तर के पासवर्ड की जानकारी   पीएनबी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने अनधिकृत रूप से स्विफ्ट प्रणाली के पांचवें स्तर के पासवार्ड को प्राप्त कर लिया था, जिसका इस्तेमाल इस घोटाले में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग(एलओयू) और विदेशी साख पत्र (एफएलसी) के जरिए पैसा जारी करने के लिए किया गया। शेट्टी ने यह खुलासा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों द्वारा उनसे एलओयू के अंतर्गत दूसरे बैंकों को गारंटी और एफएलसी मुहैया कराने की कार्यप्रणाली के संबंध में पूछताछ के बाद किया। शेट्टी ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि उसने इस पासवर्ड को अन्य लोगों, जरूरी कर्मचारियों और नीरव मोदी की कंपनी के निदेशकों के साथ साझा किया था।   पांचवें स्तर का पासवर्ड वह जरिया था, जिसके तहत स्विफ्ट प्रणाली के जरिए नीरव मोदी और गीतांजलि समूह को कई बैंकों से पैसे जारी किए गए थे, जिस वजह से 11,300 करोड़ रुपये का पीएनबी धोखाधड़ी संभव हो सका। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संचार प्रणाली(स्विफ्ट) का मुख्यालय बेल्जियम में है, जो एक नेटवर्क मुहैया कराती है, जिसके अंतर्गत सुरक्षित और मानकीकृत तरीके से वित्तीय संस्थाओं को वित्तीय लेन-देन के लिए सूचनाएं प्राप्त की जाती हैं या भेजी जाती हैं।     साभार-khaskhabar.com     

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मैसूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय कर्नाटक दौरे पर पहुंच चुके है। पीएम मोदी यहां विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी रविवार देर रात मैसूर पहुंचे। पीएम मोदी जैन देवता गोमतेश्वर के अभिषेक समारोह में हिस्सा लेने के लिए आज एक हेलीकॉप्टर से मैसूर के करीब 85 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित श्रवणबेलगोला के लिए रवाना होंगे।  मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मैसूर हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगे।    इसके बाद सोमवार दोपहर में मोदी 140 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत बेंगलुरू-मैसूर रेल मार्ग का उद्घाटन करेंगे और मैसूर से राजस्थान के उदयपुर तक चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मोदी शाम को शहर के मध्य स्थित महाराजा मैदान में पार्टी की एक रैली को संबोधित करेंगे।   आपको बता दें कि यह पिछले दो सप्ताह में नरेंद्र मोदी की कर्नाटक की दूसरी यात्रा है। उन्होंने 90 दिवसीय नव कर्नाटक निर्माण परिवर्तन यत्रा के समापन पर आयोजित भाजपा की एक रैली को संबोधित करने के लिए चार फरवरी को बेंगलुरू की तीन घंटे की यात्रा की थी। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव अप्रैल के अंत या मई की प्रारंभ में होंने हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है। सूत्रों का कहना है कि अन्य बैंकों के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। जिन बैंकों की विदेशी शाखाओं से पीएनबी के धोखाधड़ी वाले साख पत्रों (एलओयू) के जरिये कर्ज दिया गया उनके अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गये हैं। सूत्रों की मानें तो करीब 200 कंपनियां जांच के रडार पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये 200 कंपनियां फर्जी हो सकती है। फिलहाल, अभी इस मामले की ईडी जांच कर रहा है। नीरव मोदी ने 200 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कथित धोखाधड़ी के हिस्से के रूप में धन को भेजने या हासिल करने में किया जाता था। अब ईडी और आयकर विभाग ने अपनी जांच को 200 डमी या मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है।   इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को देश के 15 शहरों की 45 जगहों की तलाशी ली। बेंगलुरु में 10 जगहों पर, दिल्ली में सात जगहों पर, कोलकाता और मुंबई में पांच-पांच जगहों पर, चंडीगढ़ और हैदराबाद में चार-चार जगहों पर, पटना और लखनऊ में तीन जगहों पर, अहमदाबाद में दो जगहों पर और चेन्नई व गुवाहाटी में एक-एक जगहों पर एजेंसी ने छापेमारी की। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि गोवा, जयपुर, श्रीनगर और जालंधर में भी इस मामले में छापेमारी की गई है।   दिल्ली में ईडी ने साकेत स्थित एमजीएफ मॉल में गीतांजलि के काउंटर, वसंत कुंज में एंबियंस मॉल, जनकपुरी में गीतांजलि काउंटर शॉपर्स स्टॉप, रजौरी गार्डेन में आरक्यूब, रीगल ज्वेलर्स और द्वारका सेक्टर-11 व रोहिणी में गीतांजलि स्टोर की तलाशी ली। इससे पहले, ईडी ने शुक्रवार और शनिवार को भी 11,300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में देशभर में क्रमश: 35 और 21 ठिकानों पर छापेमारी कर 5,694 करोड़ रुपये मूल्य का हीरा, सोना व जेवरात जब्त किए। अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मुंबई स्थित उसकी कंपनी डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोट्र्स और स्टेलर डायमंड्स के कथित फर्जीवाड़े के उजागर होने पर गुरुवार को ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत प्रथम जांच रपट (एफआईआर) दर्ज कर छापेमारी शुरू की।   यह कार्रवाई नीरव मोदी के खिलाफ 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बुधवार को दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। मुंबई के वाल्केश्वर स्थित गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेहुल चोकसी समेत गीतांजलि समूह की कंपनियों के 10 निदेशकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने के आरोप में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में बैंक के दो पूर्व कर्मियों के भी नाम हैं जिन्हें फर्जी तरीके से लेन-देन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल बताया गया है। इसके अलावा सीबीआई द्वारा 4,886.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में दर्ज एफआईआर में गीतांजलि समूह की तीन कंपनियों के भी नाम हैं।   साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि वह पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मसला जोरदार तरीके से संसद में उठाएगी और इस संबंध में विभिन्न विपक्षी दलों से भी सरकार पर दबाव डालने को कहेगी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, देश के लोगों के हित में कांग्रेस सभी समान मत वाले दलों से संसद में बात करेगी। हम उनको घोटाले के दस्तावेज के साथ साक्ष्य दिखाएंगे और संयुक्त रणनीति बनाएंगे।    उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े को पार्टी की संचालन समिति की ओर से सभी अन्य दलों से बातचीत करने और संसद में एक रणनीति बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।   सुरजेवाला ने कहा, जेपीसी की मांग या कुछ और को लेकर फैसला विपक्षी दलों द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, हम मुद्दे को तब तक जोरदार तरीके से और प्रमुखता से उठाएंगे जब तक मोदी सरकार संसद और देश की जनता को इस पर जवाब नहीं देगी। सुरजेवाला 14 जनवरी को पीएनबी बैंक में उजागर हुए घोटाले के संबंध में बोल रहे थे।   साभार-khaskhabar.com     

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अगरतला। पूर्वोत्तर के त्रिपुरा में कुल 60 सीटों में से 59 के लिए मतदान हो रहा है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा। फिलहाल, कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग चल रही है। एक ओर इस चुनाव में सीपीएम के मुख्यमंत्री माणिक सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर है तो वहीं केन्द्र की सत्ता पर काबिज बीजेपी अपनी जगह बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। पहली बार यहां बीजेपी लेफ्ट से सीधे टक्कर ले रही है।    वोटिंग के शुरू होते ही मतदान केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें देखी जा रही हैं. महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग सभी पूरे जोश के साथ मतदान केंद्रों पर जमा हो रहे हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। आपको बता दें कि त्रिपुरा में आज 60 में से 59 सीट पर वोटिंग हो रही है।    सीपीएम उम्मीदवार के निधन होने से चरिलम सीट पर चुनाव रद्द हो गया है। माणिक सरकार पिछली चार बार से राज्य के मुख्यमंत्री हैं। सरकार देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री के तौर पर मशहूर हैं।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। 120 साल से चले आ रहे कावेरी जल विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है। शीर्ष कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि नदी के पानी पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद ट्राइब्यूनल (सीडब्ल्यूडीटी) के फैसले के मुताबिक तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में कटौती की है तो बेंगलुरु की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में इजाफा किया है।    सीजेआई दीपक मिश्रा की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि तमिलनाडु को 177.25 टीएमसी पानी दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि फैसले को लागू कराना केंद्र सरकार का काम है। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु में तनाव का माहौल है।   तमिलनाडु ने कावेरी बेसिन से तमिलनाडु को 10 टीएमसी ग्राउंड वाटर अतिरिक्त इस्तेमाल की इजाजत भी दी। इससे पहले कर्नाटक ने तमिलनाडु को ये कहते हुए कावेरी का पानी देने से इंकार कर दिया था कि उनके अपने किसानों के लिए ही पानी पर्याप्त नहीं है। तमिलनाडु को इस फैसले से झटका लगा है। राज्य सरकार ने कहा है कि इस फैसले के अध्ययन के बाद वे आगे की कार्रवाई तय करेंगे। 137 साल पुराने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक-तमिलनाडु और केरल आमने-सामने हैं।    वहीं एआईएडीएमके ने इस फैसले पर नाखुशी जताई है। पार्टी इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकती है। इस फैसले के मद्देनजर कर्नाटक तमिलनाडु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। फैसले के बाद कर्नाटक से तमिलनाडु आने वाली बसों को बॉर्डर के बाहर ही रोक दिया गया।    प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने पिछले वर्ष 20 सितंबर को कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल की तरफ से दायर अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तीनों राज्यों ने कावेरी जल विवाद अधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) की तरफ से 2007 में जल बंटवारे पर दिए गए फैसले को चुनौती दी थी।   साभार-khaskhabar.com     

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श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला जिले में शुक्रवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हो रही है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के एक समूह के छिपे होने की खबर के बाद पल्हालन क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘जैसे ही क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया, छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी। यह मुठभेड़ जारी है।’ जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में सेना ने गुरुवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दो आतंकियों को मार गिराया। सेना के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी थी।सूत्रों ने बताया कि सतर्क जवानों ने गुरुवार तडक़े बालाकोट क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसके बाद सैनिकों और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें दो आतंकियों को मार गिराया गया। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। सूत्र ने कहा कि शाम करीब सात बजे छोटे व स्वचालित हथियारों और मोर्टार के इस्तेमाल से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। भारतीय पक्ष ने भी इसका करारा जवाब दिया। साभार-khaskhabar.com     

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन अपने राज्य से बाहर रखने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2018-2019 में पेश किए नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एनएचपीएस) को वित्तीय सहायता नहीं देने की घोषणा की। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना और विश्व की सबसे बड़ी कही जाने वाली हेल्थकेयर प्रोग्राम से बंगाल किनारा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।   ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य अपने मेहनत से अर्जित संसाधनों को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में योगदान कर व्यर्थ नहीं करेगा। इस योजना की 40 फीसदी रकम (हिस्सेदारी) राज्यों को देनी है। बंगाल के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, केंद्र ने ऐसा हेल्थ स्कीम तैयार किया है जिसमें राज्यों को 40 फीसदी रकम देनी होगी। लेकिन जब राज्य के पास पहले से इस तरह की स्कीम है तो दूसरी योजना पर क्यों खर्च करें। अगर हमारे पास संसाधन हैं तो हमारी अपनी योजनाएं हो। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम-- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते हुए नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की घोषणा की जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की हेल्थ स्कीम की तर्ज पर मोदी केयर बताया जा रहा है। सरकार ने घोषणा की थी कि इसके तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए हर साल 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। सरकार ने इसे विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बताई थी और इससे करीब 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाने का दावा किया गया था। सरकार ने इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था जबकि अर्थशास्त्रियों के अनुसार इस पर 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसलिए केंद्र सरकार ने राज्यों को 40 फीसदी रकम खर्च करने को कहा था।   साभार-khaskhabar.com     

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम कहर बरपा रहा है। मौसम में अचानक आया बदलाव किसानों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आया है। बताया जा रहा है कि भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिवनी, सागर, सीहोर और टीकमगढ़ के कई इलाकों में ओले गिरे। अब ये किसान अब सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं।   सीहोर में कैलाश पटेल नाम के एक किसान ने अपने 15 एकड़ खेत में गेहूं और धनिया की फसल लगाई थी, लेकिन ओलों की शक्ल में आसमान से गिरी आफत ने उनकी पूरी फसल चौपट कर दी। कैलाश पटेल का कहना है, मेरे ऊपर 35 लाख का कर्ज है। मेरा पुरा परिवार जमीन पर आश्रित है। मेरे बेटे की अगले माह शादी है. मै कैसे कर पाउंगा।     सीहोर की तरह रायसेन जिले में भी किसानों का बुरा हाल है। ओलावृष्टि के कारण रायसेन के 80 से ज्यादा गांवों में चना, मसूर और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों की फसल पक कर तैयार है, लेकिन बारिश के साथ जो ओले गिरे हैं, उससे फसल को काफी नुकसान हुआ है। तकरीबन 12 जिलों में 80 हजार हेक्टेयर का नुकसान हुआ है। वहीं, राज्य के करीब 500 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं।   वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार ने कई गांवों का निरीक्षण किया है और ये भरोसा दिया कि नुकसान का सर्वे कराने के बाद किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बुधवार को नसरुल्लागंज के गांवों में जाएंगे।   साभार-khaskhabar.com   

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