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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिए लडऩे की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर ‘सेना’ तैयार करने की क्षमता है। मोहन भागवत के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने भागवत के बयान को सेना का अपमान बताया है। साथ ही भागवत के बयान की निंदा करते हुए माफी मांगने की मां की है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भागवत के बयान पर बीजेपी को आड़े हाथ लिया है।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट किया, अगर ये बयान किसी दूसरी पार्टी के नेता ने दिया होता तो, भाजपाई अब तक उसे पाकिस्तान भेज देते। मीडिया तो फांसी की सजा की मांग कर देता, लेकिन बात भागवत की है। हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते है तो चर्चा नही होती। कांग्रेस नेता सुष्मिाता देव ने भी भागवत के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भागवत ने इस तरह का बयान देकर सेना का अपमान किया है। उन्हें अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
आपको बता दें कि रविवार को भागवत ने कहा था कि यदि जरूरत हुई तो उनका संगठन देश के दुश्मनों से सीमा पर लडऩे के लिए तैयार है। बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में आरएसएस के एक समारोह के दौरान भागवत ने कहा था राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कोई सैन्य संगठन नहीं है, लेकिन हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है। यदि देश की आश्यकता है और देश का संविधान इजाजत देता है तो आएसएस सीमा पर शत्रुओं के खिलाफ लडऩे के लिए तैयार है। देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखती है।
साभार-khaskhabar.com













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