देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। देशभर में मंगलवार को बड़ी धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। भगवान शिव के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आ रही है। इस बार महाशिवरात्रि मंगलवार और बुधवार को दो दिन मनाई जा रही है। दोनों ही दिन भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं। महाशिवरात्रि की रात हिंदू धर्मग्रंथों में बेहद महत्वपूर्ण है।
महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान शिव का देवी पार्वती के साथ विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। 13 जनवरी को पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और मध्यरात्रि में 11 बजकर 35 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग रही है। ऐसे में महाशिवरात्रि मंगलवार को भी मनाई जा रही है और बुधवार भी मनाई जाएगी।
आपको बता दें कि भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंग हैं। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन इन ज्योर्तिलिंगों के दर्शन बहुत भाग्यशाली और शुभ होता है। इस दिन शिवभक्त जल और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। जिसके बाद चंदन, फूल, बेलपत्र से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान शिव को सफेद फूल चढ़ाए जाते हैं, कहते हैं कि इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। शिवजी का जलाभिषेक केवल तांबे या पीतल के लोटे से ही करें। महाशिवरात्रि के अवसर पर कई जगहों पर तो आज के दिन भोलेनाथ की बारात निकालने की भी परंपरा है।
साभार-khaskhabar.com













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