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राफेल डील पर फिर संसद में हंगामे के आसार, राहुल गांधी ने दिया नोटिस

राफेल डील पर फिर संसद में हंगामे के आसार, राहुल गांधी ने दिया नोटिसनई दिल्ली। संसद सत्र आज भी हंगामेदार होने वाला है और राफेल सौदे का मुद्दा फिर से गरमा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील पर केंद्र सरकार को बख्शने के मूड में नहीं हैं। संसद के अंदर और बाहर नरेंद्र मोदी सरकार पर इस डील में घोटाले का आरोप लगाने वाले राहुल ने शुक्रवार को इस मसले पर लोकसभा में बोलने के लिए स्पीकर सुमित्रा महाजन को लिखित नोटिस दिया है। 

 

वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने शुक्रवार सुबह संसदीय दल की बैठक बुलाई। शुक्रवार सुबह हुई संसदीय दल की मीटिंग में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिवप्रताप शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में विपक्ष को करार जवाब देने का प्लान तैयार किया गया है। अमित शाह ने इस बैठक में राफेल के मुद्दे पर पार्टी के नेताओं से बातचीत की। 

 

आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील पर मोदी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल ने कहा कि यह सीधे तौर पर घोटाला है। यदि ऐसा नहीं है तो सरकार डील की रकम का खुलासा करने से क्यों बच रही है। इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस तरह के आरोप लगाकर वह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर समझौता कर रहे हैं। बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप रहे हैं, ऐसे में अब वह एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार तलाशने का प्रयास कर रही है। उन्हें कुछ नहीं मिला तो राफेल का मुद्दा उठा रहे हैं जेटली ने कहा कि राफेल डील की जानकारी राष्ट्रहित में जगजाहिर नहीं की जा सकती है, क्योंकि ऐसा करने से दुश्मन को उस हथियार का ब्योरा मिल जायेगा। किसी भी देश से जब ऐसा सौदा होता है, सुरक्षा समझौता में यह निहित होता है और अगर इसका ब्योरा देंगे तो हथियार प्रणाली की क्षमता जाहिर हो जायेगी। जेटली ने इस संदर्भ में कांग्रेस के जमाने में उनके मंत्रियों के दिए जवाबों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रणब मुखर्जी रक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर अमेरिका से हथियार खरीद की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। जेटली ने कहा कि एके एंटनी ने भी इजरायल से हथियार खरीद की जानकारी नहीं दी थी।

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

 

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