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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य के उपराज्यपाल के आवास पर चल रहा अपना धरना खत्म कर दिया है। केजरीवाल का यह धरना नौ दिनों तक चला। धरना खत्म करने से पहले राज्य के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उन्हें हालात की जानकारी दी। इसके बाद केजरीवाल के धरना खत्म करने की जानकारी सामने आ गई। केजरीवाल दिल्ली के एलजी से मिलने को लेकर धरने पर बैठे थे, वह और उनके साथ मौजूद गोपाल राय एलजी से बिना मिले ही लौट आए।   डिप्टी सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी  इसी दौरान दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर अधिकारी काम पर लौट आए हैं। अधिकारियों ने मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। मनीष सिसोदिया ने दूसरे मंत्रियों के साथ मंगलवार को कामकाज संभाला था।   धरना नहीं एलजी साहब से मिलने का इंतजार कर रहे थे  हालांकि, मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने एलजी हाउस पर धरना नहीं दिया था, हम एलजी साहब से मिलने के लिए इंतजार कर रहे थे। राशन की बात अब हम जनता के बीच में जाकर ही करेंगे। मनीष सिसोदिया ने कहा कि कल सभी मंत्रियों की तरफ से कुछ रिव्यू बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा को एक कार्यक्रम में दिल्ली आना है, उस आयोजन के लिए कल एक बैठक बुलाई गई है।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों का एलजी के ऑफिस में धरना आज रविवार को भी जारी है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री एलजी आवास पर धरने पर हैं। वे आईएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म करने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अधिकारी मीटिंग में आने से मना कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बदतमीजी और मारपीट का डर है। अधिकारियों की ओर से बार-बार चीफ सेक्रटरी के साथ हुई कथित मारपीट की बात भी कही जा रही है। हालांकि, अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई थी।    केजरीवाल ने कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दिल्ली के लोगों की तरफ से गुहार की है कि नीति आयोग की मीटिंग से पहले दिल्ली के आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म करवाएं। पीएम चाहें तो हड़ताल एक मिनट में खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि मैं ऐसी कई मीटिंग में जाता हूं, जहां पीएम आते हैं लेकिन वह मुझसे बात ही नहीं करते, मेरी तरफ देखते तक नहीं। ऐसी अधिकतर बैठकों में दिल्ली के प्रतिनिधि को बोलने तक का मौका नहीं दिया जाता।   वहीं कपिल मिश्रा ने अनशन पर बैठे सत्येंद्र जैन के वजन बढऩे को लेकर तंज किया। मिश्रा ने दूसरी पार्टी के नेताओं से भी अनशन को समर्थन देने पर आड़े हाथों लिया। इधर सत्येंद्र जैन ने दावा किया कि पिछले चार दिनों में उनका वजन 3.7 किलो कम हो गया है। उन्होंने कहा कि मेरी रिपोर्ट किसी भी डॉक्टर से दिखाया जा सकता है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी रविवार को पीएम आवास का घेराव करने की तैयारी में है। वहीं इसके जवाब में बीजेपी ने रविवार से दिल्ली के हर इलाके में बिजली-पानी को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसको लेकर दिल्ली बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक बैठक अध्यक्ष और महामंत्रियों की उपस्थिति में शुक्रवार को हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 जून को सुबह 9 बजे से 12 बजे के मध्य दिल्ली के सभी 280 मंडलों के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन करेंगे। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, निगम पार्षद और पार्टी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शनों का नेतृत्व करेंगे।     साभार-khaskhabar.com      

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पानी की कमी से संबंधित झगड़े में तीन लोगों की मौत पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और रविवार को शहर के हालात के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा, ‘‘शहर में पानी के भीषण संकट के चलते भाजपा कार्यकर्ता रविवार को शहर के 280 वार्डों में विरोध प्रदर्शन करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता शहर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालयों के सामने भी प्रदर्शन करेंगे।   इस बीच, पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश सिंह साहेब वर्मा, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंदर गुप्ता, भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और निलंबित आप विधायक कपिल मिश्रा ने सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और केजरीवाल से अपना नाटक समाप्त करने की मांग कर शहर की पानी समस्या सुलझाने को कहा।    मिश्रा ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि दिल्ली में जीवन और खून पानी से ज्यादा सस्ता है।’’ दिल्ली में जल संकट से संबंधित झगड़े में तीन लोगों की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि ऐसा 25 से 30 वर्षों में पहली बार हुआ है, जब लोग भीषण पानी की कमी से मर रहे हैं। केजरीवाल पर तंज कसते हुए मिश्रा ने कहा, ‘‘एक केजरीवाल हैं, जो एयर कंडीशन कमरे में धरना दे रहे हैं, जबकि अधिकारी काम कर रहे हैं।’’ केजरीवाल जल मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की फाइलें न तो उपराज्यपाल के पास भेजी जा रही हैं और न ही केंद्र सरकार के पास। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि जल बोर्ड का अध्यक्ष काम छोडक़र चुपचाप धरने पर बैठा है।’’मिश्रा ने कहा, ‘‘वह क्या कर रहे हैं? उन्हें अपना धरना समाप्त कर देना चाहिए, क्योंकि वह लोगों के सामने बेनकाब हो चुके हैं।’’उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री से दिल्ली के मुद्दे पर बोलने का आग्रह किया। उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगियों का धरना प्रदर्शन शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा।     साभार-khaskhabar.com      

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श्रीनगर। कश्मीर में पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। वारदात के 20 घंटे के भीतर हुई इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए कश्मीर जोन के आईजी एसपी पाणी ने कहा कि घटना में शामिल होने की आशंका में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि उक्त शख्स को विडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जम्मू-कश्मीर में पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या में एक बड़ा खुलासा हुआ है। अभी तक इस मामले में तीन आतंकियों का नाम आ रहा था, लेकिन अब चौथा संदिग्ध भी सामने आया है। जिस जगह पर शुजात बुखारी को गोली मारी गई थी, वहां का एक वीडियो सामने आया है जिसमें चौथा संदिग्ध दिख रहा है। चौथा संदिग्ध शुजात बुखारी की बॉडी के पास ही खड़ा है और वहां पर तुरंत मौका देखते ही पिस्टल उठाकर भाग जाता है। वीडियो में ऐसा लग रहा है कि शुरू में तो चौथा संदिग्ध पहले मदद करने का नाटक कर रहा है और जैसे ही वहां पर भीड़ बढ़ जाती है तो वह मौका देखते ही पिस्टल उठाकर भागने की कोशिश करता दिख रहा है।  15 गोलियां दागी थी  पहले तीन आतंकियों का नाम आया था सामने पुलिस के मुताबिक, आतंकी शुजात बुखारी को मारने में कोई कोर-कसर नहीं छोडऩा चाहते थे और इसीलिए उन पर ताबड़तोड़ 15 गोलियां दागी गई थीं। शुजात बुखारी की हत्या के बाद सामने आए संदिग्ध बाइक सवार हमलावरों की पहचान कर ली गई थी। तीनों लश्कर के आतंकी हैं। उनकी पहचान अबू उसामा, नवीद जट और मेहराजुद्दीन बंगारू के रूप में हुई है।      बाइक पर बैठा दिख रहा है संदिग्ध इनमें से नवीद जट कुछ समय पहले कश्मीर हॉस्पिटल से फरार हो गया था। संदिग्धों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें नवीद जट बाइक पर बीच में बैठा दिख रहा है। पुलिस ने तीनों संदिग्धों की पहचान के लिए उनकी तस्वीरें जारी की थीं और स्थानीय लोगों की भी मदद ली गई।      दो सुरक्षाकर्मियों की भी हुई थी मौत  श्रीनगर में गुरुवार की शाम तीन बाइक सवार आतंकियों ने शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी। जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के मुताबिक, गुरुवार की शाम वह श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में स्थित अपने ऑफिस से एक इफ्तार पार्टी में शरीक होने के लिए निकले थे।      तभी उन पर यह जानलेवा हमला हुआ। हमले में उनकी सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई।      साभार-khaskhabar.com      

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कौशांबी। उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक संजय गुप्ता का एक ऑडियो टेप तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह बिजली अधिकारी को फटकार लगाते हुए आरोप लगा रहे हैं कि नब्बे फीसदी मुस्लिम बिजली चोरी करते हैं। कौशांबी के चायल सीट से बीजेपी विधायक संजय गुप्ता ऑडियो में बिजली विभाग के अधिकारियों को मुस्लिम बस्तियों में जाकर सख्ती से चेकिंग करने और कार्रवाई करने की हिदायत दे रहे हैं।       इस ऑडियो में संजय गुप्ता बिजली विभाग के अधिकारियों को धमकी भी दे रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि विधायक अपने किसी करीबी के खिलाफ बिजली अधिकारियों की कार्रवाई पर नाराज हो रहे थे। ऑडियो की शुरुआत में बिजली विभाग के इंजीनियर अविनाश कहते हैं, डॉ. ओम प्रकाश के अस्पताल के खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया है उसका बस मीटर बदलवा दिया गया है।       इसके बाद विधायक पूछते हैं कि एफआईआर किसके खिलाफ दर्ज की गई है? इस पर अविनाश कहते हैं, नरेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इस पर संजय गुप्ता पूछते हैं कि नरेंद्र कुमार कौन है जिस पर इंजनियर बताते हैं कि वह डॉ. के भाई है, जो मीटर वह इस्तेमाल कर रह रहे थे उसके बगल में केबल नहीं जुड़ा हुआ था। वह डायरेक्ट इस्तेमाल कर रहे थे।     साभार-khaskhabar.com  

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श्रीनगर। श्रीनगर में वरिष्ठ पत्रकार और अंग्रेजी दैनिक ‘राइजिंग कश्मीर’ के प्रधान संपादक शुजात बुखारी की गुरुवार को आतंकियों द्वारा हत्या की कई पत्रकार संगठनों ने निंदा की है। पत्रकार संगठनों ने बुखारी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।  आतंकियों ने श्रीनगर में रेजिडेंसी रोड स्थित प्रेस इंक्लेव इलाके में उनके दफ्तर के बाहर नजदीके से गोली मारकर उनकी और उनके ड्राइवर की हत्या कर दी। वारदात में उनका सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया।    हत्या की इस घटना को कायराना हमला करार देते हुए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि बुखारी धैर्य और साहस की आवाज और बड़े दिल वाले संपादक थे जिन्होंने कश्मीर में युवा पत्रकारों के एक बड़े वर्ग का मार्गदर्शन किया। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘‘गिल्ड जम्मू-कश्मीर की सरकार से दोषियों का जल्द नाम दर्ज करने और राज्य में मीडिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।’’   लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों पर शक:- सूत्रों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने शुजात बुखारी की हत्या की है। जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले की निंदा की है। शुजात बुखारी के भाई सईद बसारत बुखारी महबूबा मुफ्ती के मंत्रिमंडल में हॉर्टिकल्चलर मंत्री हैं। आतंकियों को शह देने वाले पाकिस्तान ने भी बुखारी की हत्या पर दुख जताया है। पुलिस ने जारी की संगदिग्ध हमलावरों की तस्वीर:-  चश्मदीदों के मुताबिक, शुजात बुखारी पर हुए हमले में दो आतंकी शामिल थे, जिन्होंने आईएनएसएएस रायफल से इस हमले को अंजाम दिया है। इससे पहले आतंकी हमले के लिए AK-47 का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने संगदिग्ध हमलावरों की तस्वीर भी जारी की है। इसमें बाइक पर दो लोग दिख रहे हैं। शक है कि इन्हीं बाइक सवारों ने पत्रकार बुखारी की कार पर गोलियां चलाईं।   साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। धर्म गुरु दाती महाराज पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली 25 वर्षीय युवती का बुधवार को दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने बयान दर्ज किया। उसके बाद से दाती महाराज गायब हो गए थे। पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया। इसके बाद गुरुवार को दाती महाराज सामने आए और मीडिया को बताया कि मैं जांच मं पूरा सहयोग करूंगा। दाती महाराज ने यह भी कहा है कि मैं सोमवार तक अपने आश्रम की सभी बच्चियों को व्यवस्थित कर पुलिस के पास जाऊंगा।   पीड़िता साल 2008 में मेरे आश्रम में आई...   एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान दाती महाराज ने कहा, ’मुझे सचिन जैन ने पीड़िता के नाम पर बर्बाद करने की धमकी दी थी। पीड़िता साल 2008 में मेरे आश्रम में आई थी और मैंने उसे पहले बीसीए करवाया फिर जोधपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भेजा। इतना ही नहीं पीड़िता को अजमेर में मैंने एमसीए भी करवाने भेजा था।’   2016 से पीड़िता और उसके परिवार से कोई संपर्क नहीं...   उन्होंने आगे कहा, पीड़िता मेरी बेटी है और अप्रेल 2016 के बाद मेरा उससे या उसके परिवार से कोई सम्पर्क नहीं हुआ है। पीड़िता ने जिन तारीख़ों के बारे में लिखा है, उन तारीखों के बारे में मैं मेरा कार्यक्रम बनाने वाले लोगों से पूछूंगा।’’   मेरे आर्थिक हालात ठीक नहीं...   जब दाती महाराज से पूछा गया कि आपके ऊपर संगीन आरोप लगे हैं। क्या आप अग्रिम ज़मानत या क़ानूनी मदद के लिए जाएंगे! इसके जवाब में उन्होंने कहा, ’मेरे आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं, लेकिन में कोशिश करूंगा।’   बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। दाती महाराज देश से भाग न जाए, इसके लिए लुक आउट सर्कुलर जारी करने की भी तैयारी हो रही है। पुलिस ने बताया कि महिला ने स्वयंभू बाबा दाती महाराज के खिलाफ रविवार को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि वह स्वयंभू बाबा की एक दशक से शिष्य रही है लेकिन दाती महाराज और उसके दो शिष्यों द्वारा उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किए जाने के बाद वह अपने गृह प्रदेश राजस्थान लौट गई। पुलिस ने बताया कि उसने मजिस्ट्रेट के सामने पीडि़ता का बयान दर्ज कराया। उसने कहा कि स्वयंभू बाबा देश छोडक़र फरार न हो जाए, यह सुनिश्चत करने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।    युवती ने पुलिस को बताया कि वह करीब एक दशक से महाराज की अनुयायी थी। लेकिन महाराज और चेलों द्वारा बार-बार बलात्कार किए जाने के बाद वह अपने घर राजस्थान लौट गई थी। युवती ने आरोप लगाया है कि बाबा की एक अन्य महिला अनुयायी उसे महाराज के कमरे में जबरन भेजती थी। मना करने पर धमकाती थी कि वह सभी से कहेगी कि पीडि़ता अन्य चेलों के साथ भी यौन संबंध बनाती है। वह करीब दो साल पहले आश्रम से भाग गई थी और लंबे समय से अवसाद में थी। अवसाद से उबरकर उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई और उनके साथ पुलिस को शिकायत दी है।     साभार-khaskhabar.com    

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मॉस्को। रूस में भारतीय मूल के एक शख्स को पुतिन की पार्टी में डेप्यूतात बनाया गया। डेब्यूतात का अर्थ विधायक से है। अभय कुमार सिंह पटना, बिहार के रहने वाले हैं और कुस्र्क नाम के रूसी प्रांत की सरकार में डेप्यूतात हैं। कुस्र्क वही प्रांत है जहां एडोल्फ हिटलर की सेना को हार का सामना करना पड़ा था।      अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में छाए  खास बात ये भी है कि अभय कुमार सिंह ने व्लादीमिर पुतिन की यूनाइटेड रशा पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता है। पटना में जन्मे अभय सिंह के मुताबिक, मैं राष्ट्रपति पुतिन से बहुत प्रभावित रहा और राजनीति में प्रवेश करने का फैसला लिया। मॉस्को के महंगे होटल में चाय पीते हुए उन्होंने कहा, भारतीय या अंतराष्ट्रीय मीडिया के साथ ये मेरा पहला इंटरव्यू है।      कुस्र्क विधानसभा से चुने गए  दरअसल, यूनाइटेड रशा रूस की सत्ताधारी पार्टी है जिसने हाल के आम चुनावों में देश की संसद (दूमा) में 75 फीसदी सांसद भेजे हैं, पिछले 18 वर्षों से पुतिन सत्ता में हैं। हालांकि पुतिन ने 2018 का चुनाव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ कर जीता लेकिन पार्टी का पूरा समर्थन उनके पीछे रहा है। अभय ने इस चुनाव के कुछ महीने पहले अक्तूबर, 2017 में व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर कुस्र्क विधानसभा का चुनाव जीत लिया था।     लगभग पटना लौट चुके थे लेकिन फिर अचानक... उन्होंने बताया, मेरा जन्म पटना में हुआ और मैंने लोयोला स्कूल से पढ़ाई की। 1991 में मैं कुछ दोस्तों के साथ मेडिकल की पढ़ाई करने रूस आया था। अभय के अनुसार काफी मेहनत से पढ़ाई पूरी कर मैं पटना वापस लौटा और प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिया, लेकिन लगता है कि ऊपर वाले ने मेरा करियर रूस में ही लिखा था। मैं भारत से वापस रूस आ गया कुछ लोगों के साथ मिल कर दवा का बिजनेस शुरू किया। वे अपने निजी या पारिवारिक जीवन के बारे में बात नहीं करना चाहते बस इतना ही कहते हैं कि बिहार से उनका रिश्ता बना हुआ है।     गोरा नहीं था इसलिये शुरुआत में हुई थी मुश्किल उन्हें याद है कि शुरुआत में बिजनेस करने में खासी मुश्किल होती थी क्योंकि मैं गोरा भी नहीं था, लेकिन हमने भी तय कर रखा था और कड़ी मेहनत के साथ अड़े रहेंगे। जैसे-जैसे अभय के पैर रूस में जमते गए व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई।      फार्मा के बाद अभय ने रियल एस्टेट में हाथ आजमाया और उनके मुताबिक आज हमारे पास कुछ शॉपिंग मॉल भी हैं।   साभार-khaskhabar.com      

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के चर्चित धार्मिक गुरु भय्यू महाराज ने मंगलवार (12 जून) को अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस बीच उनका एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। एक पन्ने का यह सुसाइट नोट अंग्रेजी में है जिसमें भय्यूजी ने लिखा है कि वह बहुत तनाव में दुनिया में छोड़ रहे हैं। उन्होंने इस सुसाइड नोट में लोगों से अपने परिवार की देखभाल करने की अपील की है।    सुसाइड नोट के मुताबिक भय्यूजी महाराज ने ने कहा, ‘मैं बहुत तनाव में दुनिया छोड़ रहा हूं। कोई मेरे परिवार की जिम्मेदारी ले। मैं तनाव से तंग आ चुका हूं।’ बता दें कि आध्यात्मिक गुरु ने मंगलवार को कथित रूप से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि घटना के बाद भय्यूजी को इंदौर के बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भय्यूजी महाराज को मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही राज्य मंत्री का दर्जा दिया था लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया था।    हाल ही में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने 49 वर्षीय भय्यू महाराज समेत पांच धर्म गुरुओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। धार्मिक क्षेत्र में नाम कमाने से पहले भय्यू महाराज मॉडलिंग करते थे। भय्यू महाराज ने हाल ही में पहली पत्नी के निधन के बाद दूसरी शादी की थी। भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख था। इंदौर के बापट चौक पर भय्यू महाराज का विशालकाय आश्रम है।   भय्यूजी महाराज को लोग उदय सिंह देशमुख से जानते है... अध्यात्म की दुनिया में आने से पहले भय्यूजी को लोग उदय सिंह देशमुख के नाम से जानते थे। भय्यूजी का जन्म 1968 में शाजापुर के शुजालपुर में एक जमींदार परिवार में हुआ था। भय्यूजी का अध्यात्म और दर्शन के प्रति लगाव बचपन से ही रहा और वह तलवारबाजी और घुड़सवारी का भी शौक रखते थे।   भय्यू जी महाराज ने तुड़वाया था पीएम मोदी का उपवास... भय्यू जी महाराज को मध्य प्रदेश का एक हाई प्रोफाइल संत माना जाता था और आम ही नहीं खास लोगों में भी उनकी पहचान थी। इस वजह से उनको हाई प्रोफाइल संत भी कहा जाता था। बॉलीवुड में लता मंगेशकर, आशा भोंसले समेत कई हस्तियां उनको फॉलो करती थीं तो राजनीति में भी भय्यू जी महाराज खासा दबदबा रखते थे। वह देश के कई दग्गिज नेताओं के संपर्क में रहते थे। भय्यू जी महाराज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी भी माना जाता था। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने से पहले जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री होते हुए सद्भावना उपवास पर बैठे थे, तब उसे तुड़वाने के लिए भय्यू जी महाराज को ही बुलाया गया था।   धार्मिक एवं परमार्थ ट्रस्ट की स्थापना की... भय्यूजी ने दुनियादारी छोडक़र इंदौर में सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं परमार्थ ट्रस्ट की स्थापना की और धार्मिक कार्यों में जुट गए। भय्यूजी की यह संस्था महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में सामाजिक कार्य करती है। संस्था ने भूमि सुधार, पेयजल और बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है। इसके अलावा भय्यूजी की कई बार राजनीतिक सक्रियता भी देखने को मिली। उन्होंने संगठनों और सरकार के बीच मध्यस्थता का भी काम किया है।   साभार-khaskhabar.com      

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मुंबई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मानहानि मामले में महाराष्ट्र की भिवंडी अदालत में पेश हुए। इस दौरान राहुल पर आरएसएस मामले में आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने आप को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में दोषी नहीं हूं। आपको बता दें कि इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण और अशोक गहलोत भी रहे। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत आरोप तय हुए हैं। सुनवाई में कहा कि इस मामले में धारा 499 के तहत ये अपमान है और धारा 500 के तहत ये दंडनीय भी है। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त को करेगी।    राहुल गांधी ने 2014 में कथित तौर पर महात्मा गांधी की हत्या के लिये आरएसएस के लोगों को जिम्मेदार ठहराया था जिसके बाद उनके खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था। राहुल इससे पहले भी इस मामले में पेश हो चुके हैं। आपको बता दें कि 2014 में भिवंडी में राहुल गांधी का भाषणा सुनने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। राहुल ने उस भाषण में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।    राहुल ने एक रैली में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस की विचारधारा जिम्मेदार है। हत्यारा नाथूराम गोडसे राष्ट्रपिता को गोली मारने के समय भले ही हिंदू महासभा का सदस्य था, लेकिन इससे पहले वह आरएसएस का सदस्य था और उसकी विचारधारा वही थी जो आरएसएस की है। बता दें कि आरएसएस मानहानि मामले में लिखित हलफनामा के बजाय बयान दर्ज करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की याचिका पर अदालत ने सुनवाई करन के बाद 12 जून की तारीख तय की थी। इसके साथ ही आज ही दिन बचाव पक्ष (राहुल गांधी) का बयान भी दर्ज किया जाएगा। हालांकि इस तरह के मामले में समरी ट्रायल यानी लिखित बयान के आधार पर सुनवाई की जाती है, लेकिन राहुल गांधी ने समंस ट्रायल (बयान दर्ज) का अनुरोध करते हुए पिछले महीने एक याचिका दायर की थी।   साभार-khaskhabar.com        

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इंदौर। संत और आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज (उदय राव देशमुख) ने मंगलवार को यहां अपने खंडवा रोड स्थित आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा शोक जताया। इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय कुमार शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "भय्यूजी महाराज का उपचार के दौरान अस्पताल में निधन हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।" इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला ने बॉम्बे अस्पताल से बाहर निकलते हुए संवाददाताओं से कहा, "हमारे सिर पर से संत और संरक्षक का साया उठ गया है, अब वे हमारे बीच नहीं रहे। वजह क्या थी, यह तो जांच में ही पता चलेगा।" मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी, "संत भय्यूजी महाराज को सादर श्रद्धांजलि। देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।" इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायण चारी मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "भय्यूजी महाराज ने अपने आवास पर खुद को गोली मार ली, उन्हें यहां के बॉम्बे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। खुद को गोली मारने का कारण क्या है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।" भय्यूजी महाराज के खुद को गोली मार लेने की खबर मिलते के बाद बॉम्बे हॉस्पिटल के बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि भय्यूजी महाराज ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर में गोली मारी। वह अपने खंडवा रोड स्थित सिल्वर स्प्रिंग इलाके के अपने मकान की पहली मंजिल पर थे। गोली की आवाज सुनने के बाद उनके आवास में मौजूद लोग उनके कमरे की ओर दौड़े। उन्होंने लहूलुहान भय्यूजी को बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, उपचार चला, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। साभार-khaskhabar.com  

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पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठतम नेता अटल बिहारी वाजपेयी को ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रुटीन चेकअप के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स लाया गया था, जहां पर उनका डायलिसिस हुआ।  आज उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि आज उनके डिस्चार्ज होने की संभावना कम है। मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए एम्स के डॉक्टर ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर है। उन्हें एंटी बायोटिक्स दिये जा रहे हैं और वे इलाज के दौरान प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जब तक इन्फेक्शन नियंत्रित नहीं कर लिया जाता तब तक वे अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे।  डायलिसिस होने के बाद यूरिन पास हुआ है, हालांकि अभी भी उन्हें आईसीयू में ही रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि आज भी अटल बिहारी वाजपेयी को एम्स से छुट्टी मिलने के आसार कम हैं। वहीं कृत्रिम श्वास सपोर्ट को फिलहाल हटा लिया गया है। MDMK चीफ वाइको ने मंगलवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जाना। एम्स अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि अटल जी ठीक हैं, चिंता की कोई बात नहीं है। एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की देखरेख में यहां उनका इलाज किया जा रहा है। सोमवार को अस्पताल में उनसे मिलने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सहित कई बड़े नेता पहुंचे। सोमवार रात को जारी हेल्थ बुलेटिन में कहा गया था कि पूर्व पीएम वाजपेयी को किडनी संबंधी शिकायत के बाद एम्स लाया गया था। जिसके बाद जांच में यूरिन इंफेक्शन का पता चला था। डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। साभार-khaskhabar.com  

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