देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मुंबई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मानहानि मामले में महाराष्ट्र की भिवंडी अदालत में पेश हुए। इस दौरान राहुल पर आरएसएस मामले में आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने आप को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में दोषी नहीं हूं। आपको बता दें कि इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण और अशोक गहलोत भी रहे। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत आरोप तय हुए हैं। सुनवाई में कहा कि इस मामले में धारा 499 के तहत ये अपमान है और धारा 500 के तहत ये दंडनीय भी है। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त को करेगी।
राहुल गांधी ने 2014 में कथित तौर पर महात्मा गांधी की हत्या के लिये आरएसएस के लोगों को जिम्मेदार ठहराया था जिसके बाद उनके खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था। राहुल इससे पहले भी इस मामले में पेश हो चुके हैं। आपको बता दें कि 2014 में भिवंडी में राहुल गांधी का भाषणा सुनने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। राहुल ने उस भाषण में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।
राहुल ने एक रैली में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस की विचारधारा जिम्मेदार है। हत्यारा नाथूराम गोडसे राष्ट्रपिता को गोली मारने के समय भले ही हिंदू महासभा का सदस्य था, लेकिन इससे पहले वह आरएसएस का सदस्य था और उसकी विचारधारा वही थी जो आरएसएस की है। बता दें कि आरएसएस मानहानि मामले में लिखित हलफनामा के बजाय बयान दर्ज करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की याचिका पर अदालत ने सुनवाई करन के बाद 12 जून की तारीख तय की थी। इसके साथ ही आज ही दिन बचाव पक्ष (राहुल गांधी) का बयान भी दर्ज किया जाएगा।
हालांकि इस तरह के मामले में समरी ट्रायल यानी लिखित बयान के आधार पर सुनवाई की जाती है, लेकिन राहुल गांधी ने समंस ट्रायल (बयान दर्ज) का अनुरोध करते हुए पिछले महीने एक याचिका दायर की थी।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
रेणुका चौधरी पीएम मोदी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराएंगी
अब विकास पर मानहानि का केस करेंगी सपना चौधरी....
केजरी को और झटका,मानहानि मामले में कार्यवाही रोकने से इनकार