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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

मुंबई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिसमें कहा जा रहा है कि पर्रिकर सहित कुछ केंद्रीय मंत्रियों को राज्यों में भेजे जाने के बाद एमपी के सीएम शिवराज जैसे वरिष्ठ नेताओं को केंद्र में बुलाया जा सकता है। शिवराज सिंह इंडिया टुडे से बातचीत में ऐसी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कोई भी मुख्यमंत्री दिल्ली नहीं जा रहा है। उनसे पूछा गया था कि आपके भोपाल से दिल्ली जाने की चर्चा चल रही है, आप मुख्यमंत्री पद को ज्यादा शक्तिशाली मानते हैं या फिर केंद्र में मंत्री पद को इस पर चौहान ने कहा, ‘बीजेपी शासित राज्यों का कोई भी मुख्यमंत्री के दिल्ली नहीं जा रहा है। मुझे पता नहीं चल रहा है कि आखिरकार कौन ऐसी अफवाहें उड़ा रहा है।’ इस दौरान चौहान ने केंद्र सरकार की ओर से गैर बीजेपी शासित राज्यों के साथ भेदभाव के आरोपों को भी सिरे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की योजनाओं पर गौर किया जाए, तो गैर बीजेपी शासित राज्यों के साथ भेदभाव के आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं। केंद्र सरकार की ओर से नीति आयोग समेत कई संगठनों की बैठक में सभी राज्यों को समान रूप से आमंत्रित किया जाता है। मुख्यमंत्री चौहान ने एक सवाल के जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि फिलहाल राज्यों से जुड़ी योजनाओं के केंद्रीय संगठन में कांग्रेस समेत सभी दल के मुख्यमंत्री हिस्सा लेते हैं, लेकिन भविष्य में पता नहीं कि वे इसमें हिस्सा लेने लायक रहते हैं या नहीं। दरअसल, चौहान से पूछा गया था कि केंद्रीय संगठनों की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेते हैं या नहीं? साभार-khaskhabar.com    

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अमृतसर। भारत-पाकिस्तान एक है और रहेगा, बंटवारा तो हर घर में होता हैं। दो मुल्क एक मंच पर मोहब्बत बांटेंगे। दर्द विभाजन का होगा तो पैगाम खुशियां को होगा। दोनों मुल्क अपनी-अपनी आजादी भले ही अलग-अलग दिन मनाते हैं लेकिन आजादी तो एक ही दिन मिली थी, उन अंग्रेजों से जो हमें 1947 के बाद आज भी लड़ाते रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि दोनों देशों के बीच मोहब्बत रहे और अपना पड़ोसी धर्म निभाए। यह कहना है कि पाकिस्तान की मशहूर अदाकारा व अजोका थियेटर की संचालिका मदीहा गौहर का। मदीहा गौहर अपने 26 कलाकारों के दल के साथ भारत आई हैं। अमृतसर के विरसा विहार व आर्ट गैलरी में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे इंडो-पाक थियेटर फार पीस फेस्टिवल का आगाज बुधवार को विरसा विहार में हुआ। मदीहा गौहर कहती हैं कि दोनों देशों की आवाम जंग नहीं चाहती बल्कि वह चाहती है कि दोनों देश मिलकर आगे बढ़े और प्यार से रहें। वीजा प्रणाली सरल हो और दोनों मुल्कों के बीच व्यापार बढ़े। नफरत की दीवार गिराने के लिए दोनों मुल्क के कलाकार एक मंच पर इक_ा हो रहे हैं। मकसद दोनों देशों में शांति बांटना, मोहब्बत का पैगाम बांटना है। शिरोमणि नाटककार केवल धालीवाल कहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच शांति का पाठ मंच से पढ़ाने के लिए दोनों मुल्कों के कलाकार एक मंच पर आ रहे हैं। लाहौर का अजोका थियेटर व अमृतसर के मंच रंगमंच ने आर्ट गैलरी व विरसा विहार के तत्वावधान में दोनों मुल्कों के बीच की दूरियां मंच से मिटाने का संकल्प लिया है। वाहे गुरूजी दोनों मुल्कों में शांति, उन्नति, खुशहाली बख्शे। आर्ट गैलरी के सर्वेसर्वा एवं पंजाब भाजपा के उपप्रधान राजिंदर मोहन सिंह छीना कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच वीजा प्रणाली सरल होगी, बार्डर पर ही वीजा मिलेगा। खासकर दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का पैगाम लेकर पाकिस्तान से कलाकार आए हैं, भारत से कलाकार पाकिस्तान जाएंगे। पाकिस्तान से प्यार व व्यापार बढ़ेगा तो दोनों पंजाब खुशहाल होगा। पहले दिन केवल धालीवाल के निर्देशन में नाटक पुल सिरत का मंचन किया गया। साभार-khaskhabar.com    

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यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस वर्ष साढे सात लाख के लगभग परीक्षार्थी कम हैं, बावजूद इसके परीक्षा केन्द्र में कोई कमी नहीं आईअमरीष मनीष शुक्ला, इलाहाबाद। देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। हिंदी के प्रश्नपत्र के साथ बोर्ड परीक्षा का शंखनाद हो गया है । यूपी बोर्ड ने इस बार 11413 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है। हालांकि इस बार करीब साढ़े सात लाख परीक्षार्थी पिछली बार की अपेक्षा घट गए हैं। इसके बाद भी परीक्षा केंद्रों की संख्या में उसके अनुरूप कमी नहीं आई है। ऐसे में इन परीक्षा केन्द्रों पर नकल विहीन परीक्षा कराना खासी चुनौती होगी। परीक्षा केंद्रों का आंकड़ा  यूपी बोर्ड ने इस बार 513 राजकीय कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया है। नकल विहीन परीक्षा कराने में यही कालेज सबसे उपयुक्त साबित होते हैं। जबकि अशासकीय सहायता प्राप्त कालेज की संख्या इस बार भी काफी अधिक है। कुल ऐसे 3692 स्कूल परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं और हर बार की तरह 6208 की संख्या के साथ वित्तविहीन कालेजों के परीक्षा केंद्र बनाये जाने की संख्या टाप पर है। 31 जिलों को संवेदनशील यूपी बोर्ड ने 31 जिलों को नकल के मामले में संवेदनशील घोषित किया है । जिसमे शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बदायूं, संभल, हरदोई, गोंडा, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, कुशीनगर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, आजमगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद, कौशांबी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, चित्रकूट, बलिया, देवरिया, भदोही व गाजीपुर शामिल है। उत्तर पुस्तिकाओं की कोडिंग परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने के लिए इस बार भी प्रदेश के 31 जिलों को संवेदनशील घोषित करने के साथ कड़े इंतजाम किये गये हैं। सभी संवेदनशील जिलों में उत्तर पुस्तिकाओं की कोडिंग कराई गई है। इससे कापियों की अदला-बदली रुकने की उम्मीद है।  सीसीटीवी बस दिखावा  बोर्ड सचिव शैल यादव का दावा है कि प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों पूरी तरह से नकल विहीन इम्तिहान कराने के इंतजाम पूरे हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि कुछ जिलों के गिने-चुने केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इस संबंध में शासन की ओर से निर्देश जारी न होने से यह कदम चंद स्कूलों से आगे नहीं बढ़ सका। परीक्षा की दिलचस्प बातयूपी बोर्ड की परीक्षा में हाईस्कूल के 34 लाख 4 हजार 471 व इंटरमीडिएट 26 लाख 24 हजार 681 के परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं। हाईस्कूल की परीक्षा 15 दिन चलेंगी । जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 25 दिन चलेंगी । पिछले वर्ष की अपेक्षा हाईस्कूल एवं इंटर में करीब सात लाख 63 हजार 882 परीक्षार्थी घट गए हैं। लेकिन परीक्षा केन्द्र की संख्या अमूमन वही है।  साभार-khaskhabar.com    

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बूंदी। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में विविध रंग-बिरंगे आयोजन लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर की जानी वाली तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं। राजस्थान दिवस के तहत 24 से 30 मार्च तक विविध आयोजन होंगे।    बैठक में जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विरासत दर्शन, विकास, संस्कृति और मनोरंजन आधारित कार्यक्रमों के जरिए इस दिवस को धूमधाम से मनाया जाए। उन्होंने आयोजनों को व्यापक जनभागीदारी के साथ और गरिमापूर्ण तरीके से मनाने का आव्हान भी किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समन्वित प्रयासों से इन आयोजनों को यादगार बनाया जाए। सांस्कृति कार्यक्रमों में नवीनता हो। साथ ही इनके जरिए विरासत दर्शन भी हो।    सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा आकर्षण  राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में 30 मार्च को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केन्द्र रहेगा। नवल सागर झील किनारे आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर के कलाकार रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। वहीं स्थानीय कलाकार भी इसमें अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों की शृंखला में 25 मार्च को भक्ति संगीत एवं चारभुजानाथ मंदिर में कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा परंपरागत खेल व मशाल रैली, विकास व फोटो प्रदर्शनी के आयोजन भी होंगे।    बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.सी.पवन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) ममता तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक समदर सिंह, उपखंड अधिकारी दिवांशु शर्मा, इंटेक सचिव विजयराज सिंह मालकपुरा, जिला खेल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) मनोहर सिंह भाटी, एडवोकेट राजकुमार दाधीच, पुरुषोत्तमलाल पारीक आदि उपस्थित रहे।   साभार-khaskhabar.com  

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चंडीगढ़। पंजाब के उपमुख्यमंत्री पद के लिए लगाई जा रही अटकलों के बाद कैप्टन की टीम में नवजोत सिंह सिद्धू तीसरे नंबर के बल्लेबाज रहे। इस दौरान सबसे पहले अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनके बाद दूसरे नंबर पर पटियाला देहात सीट से विधायक एवं पार्टी का हिंदू चेहरा ब्रह्म मोहिंद्रा ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। तीसरे नंबर पर अमृतसर ईस्ट से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। चुनाव से ठीक पहले सिद्धू कांग्रेस में आए थे। सिद्धू इससे पहले बीजेपी में थे और अमृतसर से सांसद थे, लेकिन अकाली दल से मतभेद की वजह से उन्होंने चुनाव से दो महीने पहले बीजेपी छोड़ दी और चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में आ गए। पहली बार सिद्धू ने अमृतसर ईस्ट से विधानसभा का चुनाव लड़ा और बड़ी जीत भी पा ली।साभार-khaskhabar.com    

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भरतपुर। ब्रिगेडियर घासीराम कॉलोनी के पास पिता के साथ घूम रही एक विवाहिता पर उसके पति व ननद ने तेजाब फैंक दिया। महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार नगला केवल निवासी दिव्या की शादी सांतरूक निवासी अनिल से करीब 3 साल पहले हुई थी। दिव्या के परिजनों ने बताया कि उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए आए दिन परेशान करते थे। उसका ससुर भी उस पर बुरी नियत रखता था। जिस पर दिव्या के परिजनों ने उद्योग नगर थाने में मामले दर्ज करा दिया था। जिसमें उसके ससुर व पति गिरफ्तार हो गए और सास जमानत पर है। पति पिछले दिनों ही जेल से छूटा था और ससुर अभी जेल में ही है। करीब ढाई साल से दिव्या अपने घर पर रह रही थी। मंगलवार रात को दिव्या अपने पिता के साथ सडक़ पर टहल रही थी। पिता उससे कुछ कदम पीछे ही थे, तभी बाइक पर सवार पति अनिल व ननद सुधा और रवि वहां आ गए। तीनों उसे जान से मारने की धमकी देने लगे और उसके ऊपर तेजाब फैंक दिया। जिस पर दिव्या ने दुप्पटे से मुंह को बचा लिया, लेकिन तेजाब उसके हाथों व पैरों पर गिर गया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। मौका पाकर तीनों आरोपी वंहा से भाग निकले। दिव्या के पिता ने उसे इलाज के लिए जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया।  साभार-khaskhabar.com    

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अम्बाला। हाईकोर्ट के निर्देश पर बुधवार को आज सुबह राज्य बाल संरक्षण आयोग हरियाणा की टीम ने स्कूली बसों का जांच अभियान चलाया। इसके तहत आयोग के सदस्य पी. एस. बड़ोला ने अम्बाला कैंट के कैपिटल चौक के पास नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली स्कूली बसों की जांच की। उनके साथ अंबाला कैंट के डीएसपी सुरेश कौशिक और आरटीए अंबाला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। जांच अभियान से पहले और सुबह सभी जांच टीमों के अधिकारी अपने दल-बल के साथ कैंट के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एकत्रित हुए और जांच अभियान की रूपरेखा तैयार की। इसके बाद यह जांच टीम कैंट के कैपिटल चौक के पास पहुंची और जांच अभियान शुरू किया। देखते ही देखते पुलिस के जवानों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली स्कूल बसों को एक-एक करके रोकना शुरू किया। इस दौरान कई स्कूली बसों के कागजों की जांच की गई और हाईकोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाली स्कूली बसों के चालान किए गए। जांच अभियान के दौरान कागजों में ज्यादा गड़बड़ी पाए जाने पर आरटीए अंबाला की टीम ने दो स्कूली बसों को इंपाउंड भी किया। इस मौके पर आयोग के सदस्य बड़ोला ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस और आरटीए के साथ मिलकर यह अभियान चलाया है। जिसमें स्कूली बच्चों के संरक्षण के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली स्कूली बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई बसों में महिला असिस्टेंट नहीं पाए जाने पर भी बसों के चालान किए गए। बड़ोला ने मीडिया को बताया कि वह इस तरह के अभियान अन्य जगह पर भी अभियान चलाएंगे और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अंबाला कैंट के डीएसपी सुरेश कौशिक ने बताया कि बड़ोला के निर्देश पर कैंट के तीनों थानों का जाप्ता भी जांच अभियान में लगा हुआ है। नियमों में कोताही बरतने वाले बस चालको और ऑटो रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साभार-khaskhabar.com  

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नोखा । नक्सली हमले में छत्तीसगढ़ में शहीद शहीद हुए जवान जगदीश बिश्नोई का आज पूरे राजकीय सम्मान से नोखा में अंतिम संस्कार कर दिया गया ।.उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने प्रशासन के अमले के साथ केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी शरीक हुए। हज़ारों लोगों ने तिरंगे में लिपटे हुए उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी ।  साभार-khaskhabar.com  

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मेरठ । शहर में सोमवार को होली के मौके पर इस रंग भरे त्योहार के कई रंग देखने को मिले। यहां पर लोगों ने जमकर होली खेली। थोड़ी सी खलबली मौसम ने जरुर डाली, लेकिन मौसम को शहरवासियों ने मात देते हुए जमकर होली खेली। शहरवासियों ने जमकर होली का धमाल मचाया। हालांकि बोर्ड की परीक्षा के कारण कुछ झिझक रही कि होली नहीं खेलें, लेकिन होली का जोश नौजवान था, सो कम न रहा और निकल पड़ी युवाओं की टोली। जैसे - जैसे दिन चढ़ता रहा वैसे - वैसे लोग घरों से बाहर निकले और हाेली के रंग बिखेरे। इससे पहले रविवार को लोगों ने होलिका की पूजा करके होलिका की परिक्रमा दी। इसके बाद हाेली का दहन किया। रविवार को लोगों ने होलिका की पूजा करके होलिका की परिक्रमा दी। इसके बाद हाेली का दहन किया।    साभार-khaskhabar.com  

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गोरखपुर । होली के मौके पर सोमवार को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में सदर सांसद योगी आदित्यनाथ का मुस्लिम समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। योगी की शोभायात्रा रेती के पुल पर पहुंची तो मुस्लिम समाज ने माला पहना कर गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया। बताते चलें कि होली के अवसर पर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली जाती है । यह शोभा यात्रा विगत कई वर्षो से निकाली जा रही है। जब यात्रा रेती के पुल पर पहुंची तो यहाँ पर वकील अहमद कुरैशी ने माला पहना कर उनका स्वागत करते हुए गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक नई बुनियाद रखते हुए योगी के मुख्यमंत्री बनने के दावे को और भी मजबूती प्रदान की। विभिन्न मोहल्लों से होता हुआ योगी का शोभायात्रा गुजरने के दौरान भक्तजनों ने फूल मालाओ, अबीर गुलाल आदि से योगी का स्वागत किया। यह यात्रा इस बार भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की खातिर और भी खास रही। गंगा जमुनी की तहजीब से सराबोर इस शोभा यात्रा के दौरान अपनी अपनी छतो से लोग योगी की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। इस अवसर पर बाजपा के नव निर्वाचित विधायक बिपिन सिंह के अलावा भाजपा कार्यकर्ता, योगी सेवक, तमाम हिन्दू जनमानस के साथ भारी भीड़ उमड़ी रही। बह रही गंगा जमुनी तहजीब में भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के शमशेर अली, बिस्मिल्ला कुरैशी, सादिक अली, वसीम अहमद, लतीफ कुरैशी, नेहाल अहमद, डाक्टर अब्दुल रशीद, इरसाद अहमद, मुहम्मद परवेज, मुहम्मद यासिर, डाक्टर नसीम अहमद आजाद व बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा थे। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । रायबरेली जनपद के रॉबिनहुड कहे जाने वाले पांच बार से विधायक रहे अखिलेश सिंह को उनकी बेटी ने लोकप्रियता के मामले में पीछे छोड़ दिया है। सिंह द्वारा एक लाख 15 हजार से अधिक मत प्राप्त कर खींची गई लक्ष्मण रेखा को वैसे तो जिले का कोई भी प्रत्याशी नहीं पार कर सका लेकिन उनकी बेटी ने एक लाख 28 हजार से अधिक मत प्राप्त कर एक नया रिकार्ड बना दिया है। अदिति सिंह ने शानदार पॉलिटिकल डेब्यू किया है। अमेरिका में लाखों की सैलरी छोड़ इंडिया अपने पिता की विरासत संभालने आई अदिति सिंह ने जीत का नया इतिहास रच दिया है। सदर विधान सभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहने वाले अखिलेश सिंह की लोकप्रियता के कारण हर बार सदर की सीट उन्हें मिलती रही है।  सदर सीट पर एकाधिकार स्थापित करने वाले अखिलेश ने इस बार यह सीट अपनी बेटी केलिए छोड़ दी। वर्ष 2002 में अखिलेश सिंह ने 115869 मत प्राप्त कर रिकार्ड बना दिया। इस बार उनकी बेटी अदिति सिंह ने 128319 मत हासिल कर पिता के रिकार्ड को तोड़कर अपना नया रिकार्ड कायम कर दिया। हालांकि अदिति को जीत में अपने पिता की इमेज का फायदा मिला। अदिति की एनर्जी वोटर्स को अट्रैक्ट कर गई। साभार-khaskhabar.com  

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श्रीगंगानगर । रंगों का त्यौहार होली ऐसा त्यौहार है जिसमें लोग आपसी गिले-शिकवे भूल कर अबीर-गुलाल और रंगों से रंग जाते हैं, लेकिन इस रंगों के त्यौहार में बिकने वाले नकली व मिलावटी रंग आपकी खुशियो के रंग में भंग डाल सकते हैं। श्रीगंगानगर में हर साल नकली रंग का कारोबार बढ़ता जा रहा है। नकली रंग बेचने वालों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रोक नहीं लगा पा रहे हैं, जिसके चलते जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। पिछले साल बड़ी मात्रा में नकली व मिलावटी रंग पकड़े जाने के बाद भी अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। अगर आपके शरीर पर लगे रंग-गुलाल से किसी प्रकार की तकलीफ होती है, तो जरा सावधान हो जाएं, यह रंग नकली हो सकता है। शहर में धड़ल्ले से बिक रहे नकली व मिलावटी रंगों पर किसी का ध्यान नही है, मगर ये रंग स्वास्थ्य को कितना नुकसान दे सकते है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। शहर में खुलेआम बिक रहे नकली रंगों से त्वचा पर एलर्जी या रंगों में मौजूद कैमिकल की वजह से बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। मुनाफा कमाने की की लालच में होली के मौके पर सजने वाले बाजारों में नकली और केमिकल युक्त रंग और गुलाल छा गए हैं। गुलाल पाउडर की तरह होता है। वह उडक़र सांस की नली में पहुंच जाता है। इससे सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। जाने-माने चर्म रोग चिकित्सक डॉ़ राजेन्द्र ज्याणी की मानें तो इन रंगों में ऐसे रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जो कपड़े रंगने के काम आते हैं। इन रंगों का दुष्प्रभाव आंख, कान, त्वचा समेत शरीर के कई हिस्सों पर पड़ता है। परेशानी की बात तो यह है कि बाजार में मौजूद ज्यादातर रंग कृत्रिम ही होते हैं। होली के दौरान अक्सर लोग उत्साह में सब भूल जाते हैं और बाद में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोग कृत्रिम रंग के प्रयोग से त्वचा और बालों संबंधी समस्याओं से ग्रसित हो सकते हैं। डॉक्टर ज्याणी कि मानें तो इस समय जो गुलाल बाजार में उपलब्ध हैं, उसमें एसिड, स्कारलेट और कई तरह के खतरनाक रासायन मिलाए जाते हैं। कई बार चेहरे पर रंग लगने से जलन होने लगती है और इन रंगों को धोने के बाद गाल की त्वचा पर लाल-लाल छाले निकल जाते हैं और इनमें खुजली होने लगती है। इन रंगों से आंखों को भी काफी नुकसान होने का डर बना रहता है। ऐसे में होली खेलने के पूर्व चेहरे, हाथों और शरीर के खुले हिस्सों पर तेल, मॉश्च्युराइजर क्रीम या सनस्क्रीन लोशन लगा लें, ताकि नकली रंगों से बचाव सकें। साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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हमारी बात

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राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

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