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बूंदी । उत्तर क्षेत्रीय राज्यों की लोककलाओं का यहां ऐतिहासिक चौरासी खंभों की छतरी पर पर ऐसा अनूठा संगम हुआ कि दर्शक इनके मोहपाश में बंध से गए। लोककलाकारों ने अपने हुनर का जादू बिखेरते हुए देर तक दर्शकों को आनंदित किया। यह मौका था भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला और जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित जनजातीय महोत्सव का। इस रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव का भव्य उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल एवं उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के अध्यक्ष वी.पी. सिंह ने किया। समारोह में स्वायत्त शासन मंत्री एवं बूंदी जिला प्रभारी मंत्री श्रीचंद कृपलानी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा, बूंदी विधायक अशोक डोगरा, जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल एवं जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र निदेशक फुरकान खान ने स्वागत भाषण दिया।  निराली वेशभूषा ने मोह लिया मन कार्यक्रम में 9 राज्यों के 150 कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इनमें छत्तीसगढ़ के गौर माडिय़ा नृत्य ने विशेष प्रकार के वाद्यों और निराली वेशभूषा से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक का गोस्वारा कुनीथा नृत्य डमरू की मधुर ध्वनि के बीच शिव आराधना से साक्षत करा गया। उत्तराखंड की जोनसारी जनजाति हारूल नृत्य के जरिये युवक-युवतियों की ठिठोली ने आनंदित किया। उडीसा का संभलपुरी, मध्यप्रदेश का गुदुम बाजा, हिमाचल का किन्नौरी, गुजरात का डांगी, राजस्थान का गरासिया, आंध्र प्रदेश का लाम्बाड़ी एवं गुजरात के सिद्धि धमाल की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। विदेशी पावणों ने लिया लुत्फ  जनजातीय महोत्सव के दौरान अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को साक्षात कराती प्रस्तुतियों का विदेशी पावणों ने लुत्फ उठाया। बूंदी भ्रमण पर आए विदेशी पावणों के लिए प्रस्तुतियां रोमांचक रहीं।  जनजातीय उत्सव रविवार को केशोरायपाटन में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा बूंदी में शुरू हुए जनजातीय महोत्सव की रंगारंग छटा रविवार को केशोरायपाटन के केशव रंगमंच पर बिखरेगी। जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने बताया कि उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला तथा जिला प्रशासन के तत्वावधान में दो दिवसीय जनजातीय उत्सव के दूसरे दिवस का कार्यक्रम केशव रंगमंच, केशवरायपाटन में आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर क्षेत्रीय राज्यों के करीब डेढ़ सौ कलाकार प्रस्तुतियों से मन मोहेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की है कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर जनजातीय कलाओं से साक्षात करें।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ/मथुरा । विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया का कहना है कि राम मंदिर निर्माण का निर्णय एक सप्ताह में लिया जा सकता है। प्रवीण तोगडिया वृन्दावन के परिक्रमा मार्ग स्थित धाम में विहिप के प्रचार-प्रसार विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आए थे। उन्होंने भाजपा के एजेंडे में संवैधानिक तरीके से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण किए जाने के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए केवल एक सप्ताह का ही समय चाहिए। उन्होंने कहा कि आप जानना चाहेंगे, कैसे। सीधा सा रास्ता है यह निर्णय संसद में कानून बनाकर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार को सिर्फ एक घण्टे का समय चाहिए। तोगडिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा, कि जब डोनाल्ड ट्रंप ऐसा कर सकते हैं तो भारत सरकार क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने तो एक सप्ताह में ही सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। फिर उनका आदेश अदालत में टिका या नहीं टिका, सवाल इस बात का नहीं है।  राजग सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत न होने के सवाल पर उन्होंने कहा, कि सरकार यदि चाहे तो सब कुछ कर सकती है। हमारे यहां लोकसभा व राज्यसभा को एक साथ बिठाकर कानून बनाने की परंपरा रही है। ऐसा करके सरकार इस मसले का हल आसानी से निकाल सकती है। विहिप अध्यक्ष ने किसानों की आत्महत्या पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय देश में किसानों की समस्या सबसे बडी समस्या है। किसान लगातार घाटे में जा रहे हैं और सरकार ने गेहूं खरीद के लिए जो दाम तय किए हैं उससे भी कम दामों में विदेश से गेहूं आयात किया जा रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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बारां । वर्तमान में फाग महीना चल रहा है तथा फाग उत्सव का लुत्फ उठाने के सखी क्लब बारां के तत्वाधान में सखिया संग फागोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्लब अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला जैन भाया व सचिव मंजू गर्ग ने बताया कि क्लब सदस्य मधु शर्मा के निवास स्थान पर सभी सखियों ने मिलकर फागोत्सव की शुभकामनाएं व बधाई देते हुए फूलों की होली खेली। इस अवसर पर क्लब सदस्याएं गुलाल व तिलक लगाकर एक-दूसरे से गले मिली। इस दौरान कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। क्लब में नए सदस्य अनिता भार्गव का स्वागत सम्मान किया गया।  श्रीमती भाया ने बताया कि हैप्पी फागोत्सव में श्वेता अरोड़ा विजयी रही तो वहीं जोे जीता, वहीं सिकन्दर में मृदुला सोनी प्रथम एवं मंजू गर्ग द्वितीय तथा त्रिशला जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मंजू गर्ग ने बताया कि तंबोला गेम का बंपर प्राइज रेखा जैन एवं उर्मिला जैन के नाम रहा। इस अवसर पर प्रेमलता गोयल, आषा गोयल, भानुप्रिया गर्ग, विमला जैन, गायत्री गर्ग आदि सदस्याएं उपस्थित रही।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । नारियल जूस और पाइनैपल जूस की लड़ाई में अब राजद सप्रीमो लालू प्रसाद भी ने मोर्चा संभालते हुए पीएम मोदी तीखे तंज कसे हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, Pineapple को हिंदी में क्या कहते है, मित्रों?  भला इसका मतलब नरयल, नरयल होता है क्या? होता है क्या...या? आप भी गजब हो मितरों....मतरो...। लालू प्रसाद ने एक और ट्वीट करते हुए कहा, ‘पहले नोटबंदी की लठैती, फिर कैशलैस की बकैती और डिजिटल डकैती हो रही है। उन्होंने एटीएम का मतलब ‘ऑल टाइम मुनाफा फॉर मोदी एंड पूंजीपति गैंग’ बताया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी सभा में राहुल गांधी पर तंज कसा था कि राहुल गांधी ने नारियल से जूस निकालने की बात कही है जबकि नारियल का जूस नहीं होता पानी होता है। कांग्रेस ने मोदी की इस बात का खंडन करते हुए कहा था कि राहुल गांधी ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं था। राहुल ने कहा था, ‘आप नींबू उगाते हो, नारंगी उगाते हो, पाइनैपल उगाते हो। मैं चाहता हूं कि एक ऐसा दिन आए कि कोई लंदन में पाइनैपल जूस पीए और डिब्बे पर देखे मेड इन मणिपुर।’ हालांकि इस मुद्दे को लेकर दोनों पार्टियां एक दूसरे पर हमले कर रही हैं।   साभार-khaskhabar.com  

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जौनपुर । भारतीय क्रिक्रेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा कि प्रदेश की जनता ने अगर इस बार गलती की तो अंजाम पांच साल तक भुगतना पड़ेगा, इतना ही नही विकास का रथ भी रुक जायेगा। अजहरुद्दीन शनिवार को मल्हनी विधान सभा के रन्नो गांव में सपा-कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पारसनाथ यादव के पक्ष में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए थे। अजहरुद्दीन ने कहा कि जैसे पांच साल हम क्रिक्रेट खेलना छोड़ दे तो निश्चित रूप से खेल पर असर पड़ जाएगा। उन्होंने मल्हनी की जनता से पारस को पुनः मत देने की अपील की। जनपद के कांग्रेस के साथ पहुंचे क्रिकेटर ने कहा कि अगर गठबंधन की सरकार बनती है तो पिछड़े इस क्षेत्र के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए कुछ अलग प्रयास किया जायेगा। उन्होंने बूथ पर पहले मतदान करने की बात कहते हुए मौजूद महिलाओं से कहा कि जब तक वोट न पड़ जाए नास्ता न दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा-कांगेस गठबंधन की हवा बह रही है ऐसे में मतों का बिखराव विपक्ष को मदद करेगा। इस दौरान प्रत्याशी पारसनाथ यादव, सिराजमेहदी, प्रधान इरफान खान, देवराज पाण्डेय, राजेश सिंह, जयशंकर दूबे, संघर्ष यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।   साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा । भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने के अपने पर सफाई दी है। साक्षी महाराज शुक्रवार को वृन्दावन पहुंचे जहां उन्होंने बुर्का पर दिए बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने पर कोई विवादित बयान नहीं दिया है। उनका कहना था कि जैसे साधू भेष में कई लोग अपराध करते हैं वैसे ही बुर्का पहनने वालों की भी जांच होनी चाहिए। उनकी कई पुरुषों से मुलाकात हुई है जिसमे उन्होंने कहा है कि पुरुष बुर्का पहनकर वोट डाल कर आए है। उन्होने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने पर मैंने कोई विवादित बयान नहीं दिया है। मैंने कहा कि जैसे साधु भेष का लोग दुरुपयोग करते हैं। कोई चोर डकैत भी बाबाजी बनकर चोरी अपरहण, बलात्कार कर देता है, फिर लोग कहते हैं कि बाबाजी ने किया है। उन्होंने कब्रिस्तान पर दिए बयान पर कहा कि हमारे साधू-संतों की संख्या देश में करीब 3 करोड़ है। हमको भी दफनाया या समाधी दी जाती है। इस तरह से तो कुछ जमीन समाधी में कुछ कब्रिस्तान में तो कुछ श्मशान में ही चली जाएगी। हिंदुस्तान बहुत बड़ा देश है जहां जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। मैंने ये बहस के लिए अपने विचार रखे हैं। विदेशों में कई जगह जलाने की परम्परा शुरू हो गई है।   साभार-khaskhabar.com  

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तिरुमाला । तिरुपति मंदिर प्रशासन ने नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को पुराने नोटों में मिले चढ़ावे को लेकर पत्र लिखा है। नोटबंदी से देशभर की जनता ने बैंकों और एटीएम के सामने लाइनों में घंटों खड़े रहकर बहुत-सी परेशानियां झेलीं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले ने जनसाधारण ही नहीं, भगवान के लिए भी एक अनूठी समस्या पैदा कर दी है। विश्व प्रसिद्ध आंध्र प्रदेश में भगवान वेंकटेश्वर के तिरुपति स्थित मंदिर के सामने बहुत विचित्र स्थिति खड़ी हो गई है, क्योंकि पिछले दो महीनों में भक्तों-श्रद्धालुओं ने यहां हुंडियों में लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोट दान किए हैं। मंदिर में ये नोट पुराने नोटों को बदलवाने के लिए तय अंतिम तारीख 30 दिसंबर के बाद दान किए गए। मंदिर के लिए यह समस्या इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि सरकार एक कानून को अधिसूचित कर चुकी है, जिसके तहत 10 से ज्यादा संख्या में बंद किए जा चुके नोटों को रखना अपराध है, जिसके लिए कम से कम जुर्माना 10,000 रुपये निर्धारित किया गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारी डी संबाशिवा राव ने बताया कि पुरानी मुद्रा में चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंदिर में चढ़ाई गई है। मंदिर प्रशासन ने सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को इस बाबत पत्र लिखा है।     साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । रंगों का त्योहार होली इस बार गरीब परिवारों को लिए कुछ फीकी रहेगी, ऐसा इसलिए होगा क्योंकि आचार संहिता के चलते इस बार राशन कार्ड धारकों को होली पर मिलने वाली अतरिक्त चीनी के वितरण पर खाद्य आयुक्त ने रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि त्योहार में अतिरिक्त चीनी का वितरण करना चुनाव को प्रभावित कर सकता है। इस बार खाद्यान्न वितरण पांच से शुरू होना है, लेकिन अभी तक दुकानों पर अनाज नहीं पहुंच सका है। ऐसे में होली पर लोगों को अनाज मिल पाएगा कि नहीं इस पर भी आशंका है।  वहीं जिलापूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने होली तक सभी कार्ड धारकों को हर हाल में अनाज मिल जाने की बात कही है।खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रगृहस्ती कारण धारक यानी तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार जिसमें घर की महिला के नाम राशन कार्ड जारी किए गए है, उसमें प्रतिकार्ड नौ सो ग्राम के हिसाब से चीनी का वितरण किया जाता है। होली व दीपावली के पर्व पर उन कार्ड धारकों को सौ ग्राम चीनी अतरिक्त दी जाती है। इसी तरह अन्त्योदय कार्ड धारक जो की गरीबी रेखा से भी नीचे का जीवन यापन करने करते हैं, उनके कार्ड धारको को प्रतिकार्ड दो किलो चीनी मिलती है, जबकि त्योहार के समय इस श्रेणी के कार्ड धारकों को आधा किलो अतरिक्त चीनी दी जाती है। कार्ड धारकों के वितरण के लिए दुकानों पर अतरिक्त चीनी पहुंच भी रही है, लेकिन मिलेगी नहीं। जिलापूर्ति अधिकारी ने आचार संहिता में अतरिक्त वितरण को लेकर खाद्य आयुक्त अजय सिंह चौहान से मार्ग दर्शन मांगा था, जिसमें आयुक्त ने आचार संहिता हटने के बाद ही अतरिक्त वितरण किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि सामान्य वितरण की चीनी व गेहू, चावल होली से पहले मिल जाएगा,लेकिन अतरिक्त चीनी अगले आदेश के बाद ही मिलेगी। वितरण रूकने से कोटेदार भी परेशान : आचार संहिता के दौरान कार्ड पर अतरिक्त चीनी व अनाज का वितरण रोके जाने से कोटेदार भी परेशान हैं, क्योंकि उन्होंने अतरिक्त स्टाक का पैसा पहले ही जमा कर दिया है। ऐसे में अतरिक्त चीनी व अनाज न मिलने से कोटेदारों का पैसा फस गया है। उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मेहरोत्रा का कहना है कि इस मामले में खाद्य आयुक्त से मिलकर कार्ड धारकों का पक्ष रखेगे। उधर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर गुरुवार को भी अनाज नहीं पहुंच सका। जिलापूर्ति अधिकारी का कहना है कि अधिकतर दुकानों पर खाद्यान्न पहुंच गया है, जिन दुकानों पर नहीं पहुंचा है उनमें एक दो दिनों में खाद्यान्न पहुंच जाएगा और होली पर सभी कार्डधारकों को अनाज मिलेगा। गोदाम से कम मिल रहा अनाज: उतर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मेहरोत्रा ने जिलापूर्ति अधिकारी को पत्र देकर आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों से मिलने वाले अनाज में घटतौली की शिकायत की गयी है। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड पर खाद्यान्न वितरण के लिए एफसीआई के गोदामों से अनाज निकल कर आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों में जाता है, इसके बाद वहां से कोटेदारों को भेजा जाता है। उन्होंने खाली ट्रक का वजन कराकर उसकी पर्ची ट्रक पर चस्पा करने की मांग की है।     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । बीएसएफ जवान तेजबहादुर यादव का एक और वीडियो सामने आया है। तेजबहादुर ने इस वीडियो में उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। जारी वीडियो में तेज बहादुर ने उनके फेसबुक पेज पर पाकिस्तानी दोस्तों के अकाउंट्स का मिलना उनके खिलाफ रची गयी साजिश का हिस्सा है। यादव का नया वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते नजर आते हैं कि क्या भ्रष्टाचार का खुलासा करने की वजह से उन्हें सजा दी जा रही है। अपने फेसबुक अकाउंट से जुड़े उनके ताजा आरोप उन मीडिया रिपोर्ट्स की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है, जिनमें आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि जांच में यादव के फेसबुक दोस्तों में 17 फीसदी लोग पाकिस्तान के हैं। यादव के खिलाफ बीएसएफ की जांच अब भी जारी है। वहीं, गृह मंत्रालय के सूत्रों ने इस बात के भी संकेत दिये हैं कि तेज बहादुर के खिलाफ बार-बार झूठा आरोप लगाने के मामले में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अभी कुछ दिन पहले ही तेज बहादुर के परिवार ने आरोप लगाया था कि जवान को धमकाकर उन्हें मानसिक यातना दी जा रही है। वहीं, उनकी पत्नी ने भी यह आरोप लगाया था कि उन्हें उनके पति से मिलने नहीं दिया जा रहा। हाई कोर्ट के 10 फरवरी के निर्देश के बाद बीएसएफ ने तेज बहादुर की पत्नी को उनसे मिलने और दो दिनों तक उनके साथ रहने की मंजूरी दी थी। कुछ दिन पहले उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि उनकी पति से मुलाकात हुई है और अब वह उनकी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हैं। जवान की पत्नी ने अदालत को बताया कि उनकी मुलाकात जम्मू-कश्मीर के सांबा क्षेत्र में हुई, जहां वह तैनात हैं। आपको बता दें कि तेज बहादुर ने जनवरी में सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने बीएसएफ जवानों को दिये जाने वाले घटिया गुणवत्ता भोजन की शिकायत थी और कुछ अधिकारियों पर भोजन सामग्री बेचने का आरोप भी लगाया था। हालांकि, उन्होंने किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया था। तेज बहादुर का वीडियो वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना का ब्योरा मांगा था।     साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को झटका देते हुए मथुरा के जवाहरबाग कांड में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में सीबीआई को दो महीने में अपनी जांच प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि मथुरा का जवाहरबाग कांड सिर्फ हिंसा का मामला नहीं था बल्कि यह जमीन कब्जे की एक बड़ी साजिश थी, जिसे रामवृक्ष यादव और उनके साथियों ने रची थी। गौरतलब है कि मथुरा के जवाहरबाग कांड में सीबीआई जांच के लिए अलग-अलग 9 याचिका दाखिल की गई थी। इसमें अश्वनी उपाध्याय की लीडिंग याचिका थी। इसके अलावा मथुरा हिंसा के दौरान शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी और प्रफुल्ल द्विवेदी ने भी याचिका दायर की थी। सभी याचिकाओं में एक बात जो प्रमुखता से कही गई थी, वह यह कि उन्हें सिविल पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इस मामले में कोर्ट ने 20 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि मथुरा कांड में राज्य सरकार सीबीआई जांच से कन्नी काट रही थी। अभी तक पुलिस ने इस मामले में 101 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की है। साभार-khaskhabar.com      

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नई दिल्ली। बैंकों से लेन-देन अब महंगा हो गया है। कैशलेस व्यवस्था को बढावा देने के लिए एक मार्च से बैंकिंग नियमों में कई बड़े बदलाव हुए हैं। निजी बैंकों एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस ने कैश ट्रांजेक्शन पर शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। एक महीने में चार मुफ्त लेन-देन के बाद हर बार 150 रुपये न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा। यह नियम एक मार्च से सेविंग और सैलरी खातों पर लागू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि कैश ट्रांजेक्शन में कमी और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक में 1 अप्रैल से माह में एटीएम से तीन बार ही कैश ट्रांजेक्शन फ्री में कर पाएंगे। इससे ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन करते हैं तो हर ट्रांजेक्शन पर 50 रुपए और सर्विस चार्ज देना होगा। भारतीय स्टेट बैंक ने 1 अप्रैल 2017 से यह नियम लागू करने का फैसला किया है। साथ ही बैंक ने व्यावसायिक प्रतिनिधि और पीओएस से नकदी निकालने पर निर्धारित सीमा के बाद शुल्क लगेगा। एटीएम निकासी की सीमा को भी सीमित करने के लिए फिर से रिजर्व बैंक के नियम लागू हो जाएंगे। एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक ने नए नियम लागू करने का फैसला किया है। एचडीएफसी: प्राइवेट सेक्टर के अगुआ बैंक एचडीएफसी ने अपने एक सर्कुलर में कहा है कि पहले चार ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे, इसके बाद हर बार 150 रुपये फाइन के अलावा टैक्स और सेस वसूल किया जाएगा। थर्ड पार्टी कैश ट्रांजेक्शन पर भी नॉन होम ब्रांच से एक दिन में 25,000 रुपये की निकासी सीमा तय कर दी गई है। इससे अधिक रकम पर प्रति हजार निकासी पर 5 रूपये या न्यूनतम चार्ज 150 रुपये अदा करने होंगे। इस ट्रांजैक्शन पर भी आपको टैक्स और सेस अलग से अदा करना होगा। एचडीएफसी के मुताबिक, बैंक के सीनियर सिटिजन ग्राहकों और नाबालिग बैंक खाताधारकों के लिए प्रति दिन निकासी सीमा 25,000 रुपये रहेगी, हालांकि इन खाताधारकों पर कोई चार्ज अथवा टैक्स नहीं लगेगा। इसके साथ ही नोटबंदी के बाद बैंक द्वारा लगाया गया कैश हैंडलिंग चार्ज तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। एक्सिस में 5 फ्री ट्रांजैक्शन निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने अपने ग्राहकों को एक महीने में पहले 5 कैश ट्रांजैक्शन या फिर 10 लाख रुपये तक नकदी जमा या निकासी फ्री दिए हैं। एक्सिस बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक, उसके ग्राहक 5 फ्री ट्रांजैक्शन के साथ एक महीने में 10 लाख रुपये तक की निकासी बिना किसी भुगतान के कर सकते हैं। इसके ऊपर किए गए कैश ट्रांजैक्शन पर बैंक 5 रुपये प्रति हजार या 150 रुपये देने होंगे (जो भी अधिक हों)। आईसीआईसी बैंक आईसीआईसी बैंक 8 नवंबर को हुई नोटबंदी की घोषणा से पहले के समान शुल्क वसूल कर रहा है। बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, महीने में पहले चार ट्रांजेक्शन फ्री रहेंगे। इसके बाद प्रति हजार 5 रुपये का शुल्क लिया जाएगा जो महीने में न्यूनतम 150 रुपये हो सकता है। थर्ड पार्टी लिमिट प्रतिदिन 50 हजार रुपये रखी गई है। नॉन होम ब्रांच से महीने में एक बार कैश निकासी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन उसके बाद प्रति हजार 5 रुपये देने होंगे, जोकि न्यूनतम डेढ़ सौ रुपये होगा। कैश डिपॉजिट पर बैंक प्रति हजार पांच रुपये चार्ज करेगा। कैश डिपॉजिट मशीने से भी महीने में एक बार ही मुफ्त में रुपये जमा कराए जा सकते हैं। इसके बाद यहां भी 5 रुपये प्रति हजार देने होंगे। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि क्या सरकारी बैंकों ने भी इस तरह का शुल्क लेना शुरू कर दिया है या नहीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से इस तरह के किसी चार्ज को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है। साभार-khaskhabar.com    

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लखनऊ। यूपी में 6 वें चरण का मतदान शनिवार को होना है लेकिन अभी से मायावती को खुश करने की कवायद शुरू हो गई है। दरअसल बहन जी के राज में बने इन पार्को की अखिलेश सरकार ने कोई सुध नहीं ली है। लेकिन अब करोड़ों रुपए खर्च कर फिर से पार्कों को चमकाया जा रहा है। आपको बता दें मायावती के बनाए कई स्मारकों में गेट लगाए गए थे, इनमें से कई टूटे पड़े थे,इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं आया लेकिन अब अचानक इनकी भी मरम्मत होनी शुरू हो गयी है। मायावती राज आएगा की नहीं इस सवाल का जवाब तो 11 मार्च को मिलेगा, लेकिन अधिकारियों को न जाने क्यूं डर सताने लगा है और चार साल से बेसुध पड़ेेे स्मारकों का खयाल उन्हें अचानक से आ गया। पानी के लिए एक करोड़ की प्लम्बरिंग का सामान आ चुका। गेट और प्लंबरिंग का काम स्मारक समिति की ओर से किया जा रहा है। इन सभी कामों को 11 मार्च से पहले पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. आला अधिकारी जल्दी काम पूरा करने का दबाव बनाए हुए हैं। हालांकि वहीं सम्बंधित अधिकारियों का कहना है कि ये रूटीन का कार्य है,बजट जारी करने में देरी हुई थी, जिसके चलते काम देर में शुरू हुआ है।  खैर जो भी हो लेकिन अचानक अधिकारियों की चहलकदमी ये साफ दिखाती है कि अधिकारी कोई चांस लेने के मूड में नहीं हैं। साभार-khaskhabar.com  

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