देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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जोधपुर। सोजत से भटकते हुए घणामगरा के खेतों में पहुंचे पैंथर के रविवार को माइक्रो चिप लगा दी गई। क्षेत्र में कई दिनों से इस पैंथर की लोगों में दहशत थी। 24 फरवरी को सोजत से घणामगरा गांव में पहुंचा यह पैंथर तीन दिन बाद पकड़ में आया था। जयपुर से पहुंचे चिकित्सा दल में शामिल डा. अरविंद माथुर, डा. राजकुमार माथुर और जोधपुर रेस्क्यू सेंटर के डा. श्रवण सिंह राठौड़ की टीम ने माचिया पार्क में पैंथर के माइक्रो चिप लगाई। पैंथर की सर्जरी करी पौन घंटे चली। इस दौरान पैंथर की सभी जांचें कर सैंपल भी लिए गए। डॉ. राठौड़ ने बताया कि पैंथर का घाव ठीक होने पर दो दिन बाद इसे फिर से वन्य क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। डॉ. माथुर ने बताया कि चिप की डिटेल मुख्यालय भेज दी गई है, जहां से उसे यूनिक कोड दिया जाएगा। पैंथर की लंबाई, चौड़ाई और दांतों की डिटेल ली गई है वहीं नाखून, ब्लड, टूल्स, बाल, सलाइवा और डीएनए सैंपल लेकर टेस्ट के लिए हैदराबाद भेजे जाएंगे। अब यह पकड़ा जाएगा तो चिप कोड से इसकी पूरी डिटेल प्राप्त हो जाएगी।













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