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बूंदी । उत्तर क्षेत्रीय राज्यों की लोककलाओं का यहां ऐतिहासिक चौरासी खंभों की छतरी पर पर ऐसा अनूठा संगम हुआ कि दर्शक इनके मोहपाश में बंध से गए। लोककलाकारों ने अपने हुनर का जादू बिखेरते हुए देर तक दर्शकों को आनंदित किया। यह मौका था भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला और जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित जनजातीय महोत्सव का। इस रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव का भव्य उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल एवं उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के अध्यक्ष वी.पी. सिंह ने किया। समारोह में स्वायत्त शासन मंत्री एवं बूंदी जिला प्रभारी मंत्री श्रीचंद कृपलानी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा, बूंदी विधायक अशोक डोगरा, जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल एवं जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र निदेशक फुरकान खान ने स्वागत भाषण दिया।
निराली वेशभूषा ने मोह लिया मन
कार्यक्रम में 9 राज्यों के 150 कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इनमें छत्तीसगढ़ के गौर माडिय़ा नृत्य ने विशेष प्रकार के वाद्यों और निराली वेशभूषा से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक का गोस्वारा कुनीथा नृत्य डमरू की मधुर ध्वनि के बीच शिव आराधना से साक्षत करा गया। उत्तराखंड की जोनसारी जनजाति हारूल नृत्य के जरिये युवक-युवतियों की ठिठोली ने आनंदित किया। उडीसा का संभलपुरी, मध्यप्रदेश का गुदुम बाजा, हिमाचल का किन्नौरी, गुजरात का डांगी, राजस्थान का गरासिया, आंध्र प्रदेश का लाम्बाड़ी एवं गुजरात के सिद्धि धमाल की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया।
विदेशी पावणों ने लिया लुत्फ
जनजातीय महोत्सव के दौरान अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को साक्षात कराती प्रस्तुतियों का विदेशी पावणों ने लुत्फ उठाया। बूंदी भ्रमण पर आए विदेशी पावणों के लिए प्रस्तुतियां रोमांचक रहीं।
जनजातीय उत्सव रविवार को केशोरायपाटन में
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा बूंदी में शुरू हुए जनजातीय महोत्सव की रंगारंग छटा रविवार को केशोरायपाटन के केशव रंगमंच पर बिखरेगी। जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने बताया कि उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला तथा जिला प्रशासन के तत्वावधान में दो दिवसीय जनजातीय उत्सव के दूसरे दिवस का कार्यक्रम केशव रंगमंच, केशवरायपाटन में आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर क्षेत्रीय राज्यों के करीब डेढ़ सौ कलाकार प्रस्तुतियों से मन मोहेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की है कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर जनजातीय कलाओं से साक्षात करें।
साभार-khaskhabar.com













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