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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में बुधवार सुबह घने कोहरे की वजह से 67 रेलगाडिय़ां देरी से चल रही हैं, जबकि छह रद्द हो गई हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि रद्द हुई छह रेलगाडिय़ों में से चार बुधवार को रवाना होनी थी जबकि दो गुरुवार को रवाना होनी थी। अधिकारी ने बताया कि बुधवार को 15 रेलगाडिय़ों के समय में फेरबदल किया गया है। जिन रेलगाडिय़ों को बुधवार को रद्द किया गया है उनमें वाराणसी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ, देहरादून-हावड़ा उपासना एक्सप्रेस और नई दिल्ली-राजेंद्र नगर राजधानी एक्सप्रेस हैं। दिल्ली जंक्शन-माल्दा टाउन फराक्का एक्सप्रेस और नई दिल्ली-पुरी एक्सप्रेस को गुरुवार को रद्द कर दिया गया। बिहार में सुबह धुंध छाई, तापमान में गिरावट   पटना। बिहार में राजधानी पटना तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह कोहरे और चल रही ठंडी हवा के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। पटना का बुधवार को न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले एक-दो दिनों तक सुबह कोहरा रहेगा और दिन चढऩे के बाद गुनगुनी धूप रहेगी। पछुआ हवा चलने से ठंड में वृद्धि होगी।  केंद्र के अनुसार, गया में बुधवार को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, भागलपुर का 14.1 डिग्री तथा पूर्णिया का 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना का बुधवार को अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है।   साभार-khaskhabar.com  

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इलाहाबाद । स्वरूपानंद सरस्वती या फिर वासुदेवानंद सरस्वती ? आखिर कौन होगा बद्रिकाश्रम का शंकराचार्य ? यह सवाल कई महीनों से धर्माचार्य व मठाधीशों के बीच गूंज रहा है। स्वरूपानंद सरस्वती और वासुदेवानंद सरस्वती में से वैध शंकराचार्य कौन होगा इसका जवाब हमें जल्द ही मिल जाएगा। क्योंकि इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुये इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और जल्द ही फैसला सुनाने की तिथि भी मुकर्रर होगी। मालूम हो कि देश की चार धर्मपीठों में से ज्योतिषपीठ बद्रिकाश्रम का महत्व विश्वविख्यात है। परन्तु इस पीठ के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद चल रहा है। वैध शंकराचार्य को लेकर लोवर कोर्ट से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले की रोज सुनवाई कर रहा था और इसी मामले पर महीनों से बहस भी चल रही थी। जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुये फैसला सुरक्षित कर लिया है। गौरतलब है कि लोवर कोर्ट ने स्वामी वासुदेवानंद को शंकराचार्य न मानते हुए क्षत्र, चंवर व सिंहासन आदि को धारण करने पर भी रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट तथा बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वामी वासुदेवानंद को लोवर कोर्ट के आदेश के खिलाफ अंतरिम आदेश देने पर रोक लगा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ज्योतिषपीठ बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य को तय करने के लिए हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने अवकाश छोड़कर हर रोज सुनवाई की। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति केजे ठाकुर की खंडपीठ कर रही है। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में मची कलह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। मंगलवार को कई बैठकें और मुलाकातों के बाद भी पिता-बेटे के बीच कोई सुलह नहीं हो पाई। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान बुधवार को एक बार फिर अंतिम बार अखिलेश-मुलायम के बीच सुलह कराने का प्रयास करेंगे। आजम खान ने कहा था कि इस विवाद को खत्म करने के लिए जो भी करना पड़ेगा करेंगे, जिसके हाथ जोडऩे पड़ेंगे जोड़ लेंगे। जल्द ये तकरार खत्म हो जाएगी। आजम खान वैसे तो किसी के आगे जल्दी झुकते नहीं हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी में जारी तकरार को खत्म करने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार हैं। पार्टी में जारी घमासान को सुलझाने के लिए आजम खान ने मुलायम सिंह से मुलाकात की है और आज फिर से मुलाकातों का दौर चलने वाला है। मुलायम से मिलने आजम कल दिल्ली गए थे, लेकिन मुलायम तब तक लखनऊ पहुंच गए। आजम खान हालांकि बुधवार को लखनऊ पहुंच गए हैं और मुख्यमंत्री को लेकर उनके पिता मुलायम सिंह यादव के पास जाएंगे। आजम ने कहा, ‘सुलह की एक और कोशिश करूंगा। हालांकि मुझे अपनी हद के बारे में पता है। मैं उतनी ही चादर फैलाने का प्रयास करूंगा जितना मेरे पास है। एक सीमा तक ही मैं इस मामले में दखल दे सकता हूं उसके बाद नहीं।’ उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अखिलेश व मुलायम सिंह यादव के बीच करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई थी। लेकिन अखिलेश अब भी अपनी शर्तों पर कायम हैं, जिसके चलते कल सुलह की कोशिश के बाद भी रास्ता नहीं निकल पाया है। सपा सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने जो शर्तें रखी हैं उसके अनुसार, सपा के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को पार्टी से बाहर करना, शिवपाल यादव को राष्ट्रीय स्तर पर भेजना और स्वयं मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश में विधानसभा टिकट के बंटवारे का अधिकार देना शामिल है। लेकिन मुलायम सिंह यादव अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकालने के लिए राजी नहीं हैं। उन्होंने भी अखिलेश से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटने और रामगोपाल को पार्टी से बाहर रखने की बात कही है, लेकिन अखिलेश इस पर तैयार नहीं हैं। साभार-khaskhabar.com  

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उत्तर प्रदेश । उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में 4 जनवरी से आचारसंहिता लग सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव आयोग 4 जनवरी को प्रेस कॉन्फ़्रेन्स कर चुनावों का ऐलान कर सकता है। पहले चरण का मतदान 4 फरवरी से शुरू हो सकता है। उत्तर प्रदेश में 7 चरणो में चुनाव हो सकते है। वही इसी सम्बंध में मुख्य चुनाव आयुक्त पाँच राज्यों के मुख्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ बैठक करेंगे। हर राजनीतिक दल को 4 जनवरी का बेसब्री से इंतज़ार है। साभार-khaskhabar.com  

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कानपुर । गत वर्ष मई को लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई भवन निर्माण मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर ही 10 रुपये में भोजन मुहैया कराने की योजना अब कानपुर में भी चार जनवरी से शुरू हो जाएगी। इस योजना का शुभारंभ करने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री शाहिद मंजूर आएंगे। इसके तहत भवन निर्माण मजदूरों को 10 रुपये का एक कूपन लेना होगा जिसके तहत उसे कार्यस्थल पर ही भोजन पहुंचाया जाएगा। योजना का लाभ उसी कार्यस्थल पर दिया जाएगा जहां 50 या उससे अधिक भवन निर्माण मजदूर काम कर रहे हों। अधिकारियों ने सिग्नेचर सिटी विकास नगर, पनकी के जवाहरपुरम एवं शताब्दी नगर सहित शहर के 15 कार्यस्थल चिन्हित किए थे किंतु पहले चरण में सिग्नेचर सिटी, विकास नगर को ही लिया गया है। जिसके तहत यहां पर पहले दिन 250 मजदूरों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराया जाएगा फिर जरूरत के मुताबिक अन्य जगहों पर भी आपूर्ति की जाएगी। इस प्रकार रहेगा मेन्यू पहले मेन्यू में 6 रोटी, दो प्रकार की सब्जी, 20 ग्राम गुड़, 40 ग्राम सलाद, अचार और 2 हरी मिर्च दी जाएंगी। जबकि दूसरे मेन्यू में 400 ग्राम चावल, 2 सब्जियां, 250 ग्राम दाल, 20 ग्राम गुड़, 40 ग्राम सलाद, अचार और 2 हरी मिर्च मिलेगी। योजना के तहत आपूर्ति संस्था की यह भी जिम्मेदारी होगी कि वह दोपहर 12 बजे तक मजदूरों को कार्यस्थल पर भोजन उपलब्ध करा दें। गौरतलब है कि इस योजना का शुभारंभ सीएम अखिलेश यादव ने 1 मई 2016 को राजधानी लखनऊ में भवन निर्माण मजदूरों के साथ भोजन करके किया था।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । गूगल ने डूडल के जरिए 19वीं सदी की समाज सुधारक सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले को उनकी 186वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। वह भारत की पहली नारीवादी मानी जाती हैं जिन्होंने महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज बुलंद की।सावित्रीबाई के. पाटिल का जन्म 3 जनवरी 1831 को एक अमीर और प्रभावशाली किसान परिवार में हुआ था। नौ साल की आयु में उनकी शादी 13 साल के ज्योतिराव फुले से हो गई। सावित्रीबाई को उनके पति ने पढऩा-लिखना सीखाया और जब वह 17 साल की हुईं इस दंपति ने लड़कियों और महिलाओं के लिए पुणे के भीडेवाड़ा में पहला स्कूल खोला। रूढिवादी भारतीय समाज में इस कदम को ऐतिहासिक माना गया। भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान बाल विवाह, सती प्रथा, सामाजिक भेदभाव जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ उन्होनें आवाज उठाई। महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया । रंगीन डूडल में सावित्रीबाई व्यापक शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज की सभी वर्गो की महिलाओं को अपने पल्लू में समेटे हुए हैं। लगभग 18 दशक बाद महाराष्ट्र सरकार ने सावित्रीबाई फुले के सम्मान में पुणे विश्वविद्यालय का नाम सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय कर दिया।   साभार-khaskhabar.com  

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वाराणसी । जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। ठंड का आलम यह हैं कि नए साल पर लोगों को सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए हैं। बाबतपुर स्थित मौसम कार्यालय के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में वृद्धि जरूर हुई है पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बहुत अंतर न होने के चलते कपड़ों में लदे लोग दिन भर ठंड से ठिठुरते रहे। दिन ढलने के बाद ठंडी हवा की बयार चलने लगी जिसके चलते सिहरन और बढ़ गई, ऐसे में सड़कों पर भी जल्द ही सन्नाटा छा गया। हालांकि रविवार के चलते बाजार बंद थे लेकिन नए साल के जश्न में डूबे लोगों ने भी घरों में दुबके रहने में ही अपनी भलाई समझी।  लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी तो ठंड के चलते स्कूलों और कॉलेजों में लगातार छुट्टी करते जा रहे हैं लेकिन अलाव पर न जिला प्रशासन की नजर है न ही नगर निगम प्रशासन की। राहगीर हों या रिक्शा ट्रॉली चालक शहर में किसी के लिए भी इस ठंड से बचाव को कोई रास्ता नहीं है। नगर निगम चाहे जो दावा करे पर अलाव कहीं दिख नहीं रहे हैं। जहां कहीं कुछ लकड़ियां डाली भी गई है वो गीली होने के कारण जल नहीं पा रही है। अस्पतालों में ठण्ड से पीड़ित मरीजों की संख्या भी निरन्तर बढ़ती जा रही है। पुरवा और पछुआ के सम्मिलित योग से ठण्ड का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। साथ ही मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी बारिश के कोई आसार नहीं है।  साभार-khaskhabar.com  

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बीकानेर । यहां गंगाशहर में बस स्टेण्ड के पीछे स्थित होटल मिलेनियम के प्रेक्षागृह में आयोजित तीन दिवसीय बाबा रामदेव की अमृतमयी 24 पर्चों की कथा व जीवन का संगीतमय कार्यक्रम बाबा की आरती व जोत के बाद संपन्न हुआ। जोत व आरती कथा के आयोजक रामदेव अग्रवाल रंगवाला व उनकी पत्नी श्रीमती सरलादेवी अग्रवाल, मधुसुदन, नरेश, संगीता, रितीका, मंजू अग्रवाल आदि ने कराई। इस मौके पर बीकानेर में नए वर्ष पर उन्नति व प्रगति की कामना की गई। लोकदेवता बाबा रामदेव की दिव्य तीन दिवसीय संगीतमय अमृत कथा के अंतिम दिन कोलकाता के पं. जय प्रकाश महाराज ने बाबा रामदेवजी के बाबा के विवाह के प्रसंगों को लोकगीत ‘विनायक, बाजै रे बाजै नोबत बाजै, आज आंगणै पधारो, बिरद, बधाओं, तोरण, घोड़ी, बनावो’ सुनाएं तब उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने भी स्वर-में स्वर मिलाकर तथा नृत्य कर भक्ति वातावरण को बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि ‘म्हैतो कोरा राम पीर कहावा, थैतो पीरा रा पीर कहावो, थानै हिन्दू मुस्लिम धावै।’ उन्होंने चार पीर की कथा के माध्यम से कहा कि बाबा रामदेव ने साम्प्रदायिक सौहाद्र्र व आपसी भाईचारे तथा अछूत-छूत का भेद मिटाकर समानता व समता का संदेश दिया। छह शताब्दी से उनके संदेश आज भी प्रासंगिक हंै, इसलिए बाबा देव के रूणिचा व अन्य धाम पर भादवा व माघ मेले में ही नहीं पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। सच्चे मन से बाबा की स्तुति वंदना व पूजा अर्चना करने वालों के बाबा कार्य सिद्ध करते हंै। कार्यक्रम में सूरत के पूर्व विधायक धीरू भाई गजेरा भी शामिल हुए।  साभार-khaskhabar.com  

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पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत और राजद प्रमुख लालू यादव के दोनों बेटों से गरीब हैं। एक जनवरी को मुख्यमंत्री समेत उनके मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की है, जिससे यह खुलासा हुआ है। बिहार के मुख्यमंत्री के पास कुल 56 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है। इसमें दिल्ली में 1000 वर्गफुट में बना एक फ्लैट है, जिसकी वर्तमान कीमत 40 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त वह 10 गायों और पांच बछड़ों के भी मालिक हैं। दूसरी तरफ उनके एकमात्र बेटे निशांत के पास एक करोड़ 11 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है। मुख्यमंत्री के तीन बैंक खातों में लगभग 78 हजार रुपये जमा हैं और वह दो कार- एक इको स्पोर्ट्स और एक हुंडई की आई-10 के मालिक हैं। मुख्यमंत्री के नाम पर न तो कहीं खेतिहर जमीन है और न ही पटना में उनके नाम पर कोई आवासीय भूखंड है। उधर, राजद प्रमुख के बेटे व राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव अपने बड़े भाई तेजप्रताप से गरीब हैं। तेजस्वी के पास करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है, जबकि तेजप्रताप के पास उनसे दोगुना करीब तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति है। तेजप्रताप गाडिय़ों के भी शौकीन हैं, जबकि तेजस्वी के पास कोई वाहन नहीं है। तेजप्रताप के पास एक बीएमडब्लयू कार और 15 लाख रुपये की कीमत की एक मोटरसाइकिल भी है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई सालों से साल की शुरुआत में बिहार के मुख्यमंत्री और उनके सभी मंत्री अपनी संपत्ति की घोषणा करते आ रहे हैं। इसकी शुरुआत 2010 में हुई थी, जब नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा राज्य सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसे कोई भी व्यक्ति देख सकता है।  साभार-khaskhabar.com  

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बीकानेर । शराब बंदी आंदोलन की अगुवा पूजा छाबड़ा के आह्वान पर पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी नववर्ष शराब से नहीं दूध से मनाया जाएगा। जन क्रांति मंच (शहीद गुरुशरण छाबड़ा) की ओर से हजारों ग्रामीण व शहरी स्थानों पर अनूठे आयोजन होंगे। कई जागरूक संगठनों और व्यक्तियों ने इस बार स्वेच्छा से इस अभियान को शुरू करने का फैसला किया है। जन क्रांति मंच (शहीद गुरुशरण छाबड़ा) के अलावा कई अन्य संगठन इस वर्ष निजी तौर पर ‘दारू नहीं दूध’, ‘शराब छोडि़ए और दूध पीजिए’, ‘शराब छोड़ो दूध से नाता जोड़ो’, ‘दूध को हां और शराब को न’ जैसे स्लोगन के साथ इस तरह का आयोजन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार यह पूजा छाबड़ा की क्रांतिकारी सोच का नतीजा है जो ठीक एक वर्ष पूर्व उन्होंने अथक प्रयास से धरातल पर लाई थी। जन क्रांति मंच (शहीद गुरुशरण छाबड़ा) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीदेव शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पूरे राजस्थान में हजारों स्थान पर इस तरह के आयोजन 31 दिसम्बर को सायंकाल से मध्यरात्रि तक किए जाएंगे। जयपुर अलवर, बूंदी सीकर, भरतपुर, जोधपुर बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, बाड़मेर, बहरोड़, कोटपूतली, अजमेर, सहित लगभग सभी जिलों में स्थानीय कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा आयोजन किया जाएगा। मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा भी कई आयोजनों में भाग लेंगी।    साभार-khaskhabar.com  

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शिमला । हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय स्थलों में नववर्ष के मौके पर पर्यटकों को बर्फबारी का नजारा देखने का मौका मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में नववर्ष पर बर्फबारी का अनुमान जताया है। राज्य के मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने आईएएनएस को बताया, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण निर्जन स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने तीन जनवरी से राज्य में बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। शिमला, कुफरी, नारकंडा, मनाली, कल्पा और डलहौजी में तीन से छह जनवरी के बीच बर्फबारी की संभावना है।कोलकाता से अपने दोस्तों के साथ शिमला आईं एक पर्यटक जूही चौधरी ने कहा, हम पिछले तीन दिनों से बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। अगर बर्फबारी हुई तो हम पहली बार यह नजारा देखेंगे। राज्य में अभी तक कहीं भी बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन 25 दिसंबर से राज्य के तापमान में गिरावट आई है। लाहौल एवं स्पीति जिले में केलांग राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शिमला से 250 किलोमीटर दूर कल्पा में रात का तापमान शून्य से 1.4 डिग्री कम रहा, जबकि मनाली में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री और धर्मशाला में 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला का न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शिमला में 1990, 1995, 2000 और 2002 में नववर्ष की पूर्व संध्या पर बर्फबारी हुई थी।     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । नोटबंदी से परेशान लोगों को नववर्ष में थोडी राहत मिलेगी। 1 जनवरी से एटीएम से नगदी निकासी सीमा को बढा दिया गया है। अब 1 जनवरी से आए एटीएम से रोजाना 4500 रुपए निकाल सकते हैं। गौरतलब है कि अभी तक एटीएम से कैश निकालने की सीमा 2500 रुपए प्रतिदिन है। हांलांकि एक हफ्ते में नगदी निकासी सीमा अभी भी 24000 हजार रुपए ही है।  गौरतलब है कि बैंकों से नगदी निकासी की सीमा 24000 रूपए प्रति सप्ताह है, इस सीमा का फिलहाल नहीं बढाया गया है। आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात की समीक्षा के बाद एटीएम से रोज कैश निकालने की लिमिट को बढाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है। नयी लिमिट 1 जनवरी 2017 से लागू होगी।  लेकिन एक सप्ताह में एटीएम से 24000 रुपए ही निकाल सकते हैं, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोट ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही है। गौरतलब है कि कल वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा था कि आरबीआई के पास पर्याप्त करेंसी है और कैश सप्लाई में काफी सुधार आया है। एटीएम से प्रतिदिन नगदी निकासी सीमा बढाने के बाद कैश की किल्लत से जूझ रहे लोगों को थोडी राहत मिलेगी। वहीं एटीएम की लाइनें भी कम होंगी। गौरतलब है कि नोटबंदी की डेडलाइन कल खत्म हो गई। अब बैंकों में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा नहीं हो सकेंगे। कुछ शर्तों के साथ पुराने नोट आरबीआई में जमा करा सकते हैं।      साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

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