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गूगल डूडल ने सावित्रीबाई फुले को दी श्रद्धांजलि

गूगल डूडल ने सावित्रीबाई फुले को दी श्रद्धांजलिमुंबई । गूगल ने डूडल के जरिए 19वीं सदी की समाज सुधारक सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले को उनकी 186वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। वह भारत की पहली नारीवादी मानी जाती हैं जिन्होंने महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज बुलंद की।सावित्रीबाई के. पाटिल का जन्म 3 जनवरी 1831 को एक अमीर और प्रभावशाली किसान परिवार में हुआ था। नौ साल की आयु में उनकी शादी 13 साल के ज्योतिराव फुले से हो गई। सावित्रीबाई को उनके पति ने पढऩा-लिखना सीखाया और जब वह 17 साल की हुईं इस दंपति ने लड़कियों और महिलाओं के लिए पुणे के भीडेवाड़ा में पहला स्कूल खोला। रूढिवादी भारतीय समाज में इस कदम को ऐतिहासिक माना गया। भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान बाल विवाह, सती प्रथा, सामाजिक भेदभाव जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ उन्होनें आवाज उठाई। महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया । रंगीन डूडल में सावित्रीबाई व्यापक शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज की सभी वर्गो की महिलाओं को अपने पल्लू में समेटे हुए हैं। लगभग 18 दशक बाद महाराष्ट्र सरकार ने सावित्रीबाई फुले के सम्मान में पुणे विश्वविद्यालय का नाम सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय कर दिया।  

साभार-khaskhabar.com

 

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